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Bellamkonda Sai Sreenivas Ties Knot Today

तिरुपति में आज शादी के बंधन में बंधेंगे Bellamkonda Sai Sreenivas, रेड अटायर में दिखे रॉयल लुक में

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Bellamkonda Sai Sreenivas in royal red wedding attire spotted at airport before Tirupati wedding
Bellamkonda Sai Sreenivas Wedding Look

टॉलीवुड के चर्चित अभिनेता Bellamkonda Sai Sreenivas आज 29 अप्रैल 2026 को अपनी मंगेतर Kavya Reddy के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शादी आंध्र प्रदेश के पवित्र तीर्थ स्थल तिरुमला में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी।

एयरपोर्ट पर दिखा दूल्हे का रॉयल अंदाज

शादी से कुछ घंटे पहले Bellamkonda Sai Sreenivas को हैदराबाद एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया, जहां उनका अंदाज पूरी तरह दूल्हे जैसा नजर आया। आमतौर पर कैजुअल लुक में दिखने वाले अभिनेता इस बार लाल रंग के शाही परिधान में दिखाई दिए, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। चेहरे पर मुस्कान और आत्मविश्वास के साथ वह तिरुपति के लिए रवाना हुए।

सादगी भरी होगी शादी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शादी बेहद निजी और पारंपरिक तरीके से आयोजित की जा रही है, जिसमें सिर्फ परिवार के करीबी सदस्य ही शामिल होंगे। बड़े भव्य समारोह से दूर रहकर कपल ने एक शांत और आध्यात्मिक माहौल में विवाह करने का फैसला लिया है।

रात 11:13 बजे है शुभ मुहूर्त

जानकारी के अनुसार, शादी का शुभ मुहूर्त आज रात 11:13 बजे तय किया गया है। कपल इस खास मौके पर डिजाइनर श्रवण कुमार द्वारा तैयार किए गए कस्टम आउटफिट्स पहनेंगे, जिनमें पारंपरिक भारतीय संस्कृति और आधुनिक स्टाइल का खास मेल देखने को मिलेगा।

इमोशनल नोट से किया था रिश्ते का ऐलान

मार्च में Bellamkonda Sai Sreenivas ने Kavya Reddy के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया था। उन्होंने अपनी होने वाली पत्नी को ‘Kavyaamma’ कहकर संबोधित करते हुए उनके साथ जीवनभर साथ निभाने का वादा किया था।

हैदराबाद में होगा ग्रैंड रिसेप्शन

हालांकि शादी निजी रखी गई है, लेकिन 1 मई को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों के शामिल होने की संभावना है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के गंभीर आरोप
श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी का बड़ा आरोप, बोले- 'हर आदमी के साथ अफेयर था'

मुंबई, एजेंसियां। टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके पूर्व पति राजा चौधरी ने एक हालिया इंटरव्यू में दावा किया कि श्वेता के "कई लोगों के साथ रिश्ते थे" और उन्होंने यहां तक कहा कि "हर आदमी के साथ अफेयर था।" हालांकि, ये आरोप राजा चौधरी के व्यक्तिगत दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले पर फिलहाल श्वेता तिवारी की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।   सीजेन खान का भी लिया नाम   राजा चौधरी ने इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें श्वेता और उनके पूर्व सह-कलाकार सीजेन खान के रिश्ते को लेकर भी संदेह था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने सीजेन से बात भी की थी और कुछ घटनाओं के बाद उनका भरोसा टूट गया। दूसरी ओर, श्वेता और सीजेन खान पहले ऐसे रिश्तों की खबरों से इनकार कर चुके हैं।   सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस   राजा चौधरी के बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग उनके आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि वर्षों पुराने निजी विवादों को सार्वजनिक रूप से दोहराना उचित नहीं है।   श्वेता की ओर से नहीं आया नया जवाब   फिलहाल श्वेता तिवारी ने राजा चौधरी के ताजा आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे पहले भी वह इस तरह की अफवाहों और आरोपों को खारिज कर चुकी हैं। ऐसे में यह मामला फिलहाल केवल पूर्व पति के आरोपों तक सीमित है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।  

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'बंटवारा 1947' ट्रेलर लॉन्च   मुंबई, एजेंसियां। फिल्म 'बंटवारा 1947' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अभिनेता बॉबी देओल के साथ काम करने की इच्छा जताई। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने धर्मेंद्र और सनी देओल के साथ काम किया है, अब "बॉबी को भी बोलो, अब तैयार हो जाए।" उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद कलाकारों और दर्शकों ने तालियां बजाईं।   देओल परिवार से जुड़ा खास रिश्ता   शबाना आजमी ने कहा कि देओल परिवार के साथ उनका लंबे समय से अच्छा रिश्ता रहा है। उन्होंने धर्मेंद्र और सनी देओल के साथ काम करने के अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि अब वह बॉबी देओल के साथ भी स्क्रीन साझा करना चाहती हैं। उनके इस बयान ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट का माहौल हल्का-फुल्का और यादगार बना दिया।   'बंटवारा 1947' में निभाया अहम किरदार   राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी 'बंटवारा 1947' भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म है। इसमें सनी देओल, शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, करण देओल और अली फजल अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 1947 के विभाजन के मानवीय और भावनात्मक पहलुओं को बड़े पर्दे पर दिखाएगी।   ट्रेलर को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स   फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। दर्शक शबाना आजमी और सनी देओल के अभिनय की सराहना कर रहे हैं, वहीं फिल्म की भावनात्मक कहानी और दमदार प्रस्तुति ने रिलीज से पहले ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

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Ayushmaan Sethi Google Trends में क्यों छाए? अर्चना पूरन सिंह के बेटे का वीडियो और फैमिली व्लॉग बना चर्चा का कारण

मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता-निर्देशक परमीत सेठी और अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह के बेटे आयुष्मान सेठी (Ayushmaan Sethi) इन दिनों Google Trends में चर्चा में हैं। उनके नाम को लेकर अचानक सर्च बढ़ने की वजह उनकी कोई बड़ी फिल्म रिलीज नहीं, बल्कि उनके परिवार से जुड़े वीडियो, व्लॉग और सोशल मीडिया गतिविधियां बताई जा रही हैं।   परिवार के व्लॉग से बढ़ी लोकप्रियता   आयुष्मान सेठी अपनी मां अर्चना पूरन सिंह और परिवार के साथ जुड़े व्लॉग्स में नजर आते रहे हैं। उनके परिवार के वीडियो में निजी जिंदगी, यात्रा और रोजमर्रा की गतिविधियों को दिखाया जाता है, जिससे दर्शकों के बीच उनकी पहचान बढ़ी है। हाल के दिनों में उनके नाम को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की रुचि बढ़ी और इसी वजह से वह ट्रेंड में दिखाई दिए।   गर्लफ्रेंड और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा   आयुष्मान सेठी की निजी जिंदगी भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार उनके परिवार से जुड़े एक व्लॉग में उनकी कथित पार्टनर समीक्षा शेट्टी के साथ उनकी मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। हालांकि दोनों की ओर से रिश्ते को लेकर कोई बड़ी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।   एक्टिंग और डायरेक्शन में बना रहे पहचान   आयुष्मान सेठी सिर्फ परिवार की पहचान के कारण ही नहीं, बल्कि अपने काम को लेकर भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क में एक्टिंग की ट्रेनिंग ली है और अभिनय के साथ-साथ निर्देशन में भी रुचि दिखाई है। उन्होंने म्यूजिक वीडियो और शॉर्ट फिल्म प्रोजेक्ट्स में काम किया है।   उन्होंने डायरेक्शन के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया है और अपने प्रोजेक्ट्स के जरिए फिल्म निर्माण की दुनिया में पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।   सोशल मीडिया पर बढ़ती फैन फॉलोइंग   फिल्मी परिवार से आने के बावजूद आयुष्मान सेठी अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी पढ़ाई, एक्टिंग करियर और परिवार के साथ जुड़े कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स लगातार दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी वजह से समय-समय पर उनका नाम Google Trends में दिखाई देता है।  

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