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ब्लू जेट हेल्थकेयर ने ₹800 करोड़ का QIP लॉन्च किया, ₹531.70 प्रति शेयर तय किया फ्लोर प्राइस

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Blue Jet Healthcare
Blue Jet Healthcare QIP

मुंबई, एजेंसियां। दवा निर्माण कंपनी ब्लू जेट हेल्थकेयर लिमिटेड ने पूंजी जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) जारी करने की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने इस इश्यू के लिए ₹531.70 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। कंपनी इस QIP के जरिए करीब ₹800 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। 

 

संस्थागत निवेशकों को जारी होंगे शेयर

 

कंपनी ने बताया कि QIP के तहत केवल योग्य संस्थागत निवेशकों को शेयर जारी किए जाएंगे। नियामकीय मंजूरी के अनुसार कंपनी फ्लोर प्राइस पर अधिकतम 5% तक की छूट भी दे सकती है। 

 

विस्तार योजनाओं में होगा फंड का इस्तेमाल

 

ब्लू जेट हेल्थकेयर ने कहा कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास (R&D), कार्यशील पूंजी की जरूरतों और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति और मजबूत करना है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

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टाटा ग्रुप में नई पीढ़ी की एंट्री, माया टाटा को मिली वेस्टसाइड ई-कॉमर्स की कमान

मुंबई, एजेंसियां। टाटा समूह ने नेतृत्व परिवर्तन और डिजिटल विस्तार की रणनीति के तहत नई पीढ़ी को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने की दिशा में अहम कदम उठाया है। समूह की फैशन रिटेल कंपनी ट्रेंट की प्रमुख ब्रांड ‘वेस्टसाइड’ के ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग की कमान अब नोएल टाटा की बेटी माया टाटा संभालेंगी। हालांकि कंपनी की ओर से इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन इसे टाटा समूह की दीर्घकालिक उत्तराधिकार योजना और डिजिटल कारोबार को मजबूत करने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।   डिजिटल कारोबार को मिलेगी नई दिशा 37 वर्षीय माया टाटा ने अपने करियर की शुरुआत टाटा कैपिटल से की थी। इसके बाद उन्होंने टाटा डिजिटल में काम करते हुए ई-कॉमर्स, ऑनलाइन रिटेल, ग्राहक अधिग्रहण और डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालन का व्यापक अनुभव हासिल किया। टाटा नियो, बिगबास्केट, क्रोमा और टाटा 1एमजी जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने का अनुभव उन्हें वेस्टसाइड की ओमनीचैनल और ई-कॉमर्स रणनीति का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त बनाता है। उनका मुख्य लक्ष्य वेस्टसाइड की ऑनलाइन मौजूदगी को मजबूत करना और ब्रांड का वैश्विक विस्तार करना होगा।   नई पीढ़ी को मिल रही बड़ी जिम्मेदारियां नोएल टाटा वर्तमान में ट्रेंट के चेयरमैन हैं और नवंबर 2026 में इस पद से हटने की संभावना है। माना जा रहा है कि वे माया के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे। वहीं उनके बेटे नेविल टाटा पहले से ट्रेंट के स्टार बाजार हाइपरमार्केट डिवीजन की कमान संभाल रहे हैं, जबकि बेटी लिआ टाटा इंडियन होटल्स कंपनी (ताज) में वाइस प्रेसिडेंट हैं। तीनों भाई-बहन टाटा ट्रस्ट्स से जुड़ी संस्थाओं के बोर्ड का भी हिस्सा हैं।   वेस्टसाइड का तेजी से विस्तार ट्रेंट की कुल आय में लगभग 40 प्रतिशत योगदान वेस्टसाइड का है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व करीब 19,700 करोड़ रुपये रहा। कंपनी हर साल लगभग 50 नए स्टोर खोलने की योजना पर काम कर रही है और उसके स्टोरों की संख्या बढ़कर 321 शहरों में 1,286 हो चुकी है। माया टाटा की नियुक्ति से संकेत मिलते हैं कि टाटा समूह आने वाले वर्षों में ई-कॉमर्स, डिजिटल इंटीग्रेशन और भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाने पर विशेष जोर देगा।

abhishek singh जुलाई 7, 2026 0
Share Market

गिरावट के साथ  बंद हुआ शेयर बाजार

Indian and Indonesian leaders during the BrahMos missile defence agreement announcement.

भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल समझौता, रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती

Trent Ltd stock price falls sharply after Q1 business update amid weak revenue growth concerns.

Trent के शेयरों में 10% तक की बड़ी गिरावट, Q1 बिजनेस अपडेट से निवेशक क्यों हुए निराश?

IT sector stocks surge on Indian stock market ahead of Q1 earnings with Nifty IT Index gaining sharply.
Q1 नतीजों की उम्मीद से IT शेयरों में जोरदार तेजी, Nifty IT इंडेक्स 2% उछला

पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों से पहले आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में Nifty IT Index करीब 2% की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। इस तेजी की अगुवाई TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसे दिग्गज आईटी शेयरों ने की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति से सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद है, जिसके चलते आईटी सेक्टर में खरीदारी बढ़ी है। इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी शुरुआती कारोबार में प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में 2% से 4% तक की बढ़त दर्ज की गई। तेजी वाले प्रमुख शेयर: TCS Infosys HCLTech Tech Mahindra Wipro Coforge LTIMindtree Newgen Software हालांकि, Fractal Analytics और Zensar Technologies के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली। Q1 रिजल्ट से पहले क्यों बढ़ा उत्साह? विश्लेषकों के अनुसार, जून तिमाही के नतीजों से पहले बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों की नजर खास तौर पर इन बिंदुओं पर रहेगी: वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए कंपनियों का आउटलुक ग्राहकों की आईटी खर्च (Client Spending) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति मार्जिन और नए ऑर्डर यही संकेत आगे आईटी शेयरों की दिशा तय कर सकते हैं। कमजोर रह सकती है जून तिमाही की कमाई हालांकि, कई ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि आईटी कंपनियों के लिए जून तिमाही बहुत मजबूत नहीं रहने वाली है। विश्लेषकों के मुताबिक इसके पीछे प्रमुख कारण हैं: वैश्विक स्तर पर कमजोर आईटी खर्च ग्राहकों द्वारा निवेश संबंधी फैसलों में देरी आर्थिक अनिश्चितता वेतन वृद्धि और पुनर्गठन (Restructuring) की लागत AI में बढ़ता निवेश इन कारणों से कंपनियों की आय और मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। किन कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद? ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी आईटी कंपनियों में Infosys और Tech Mahindra के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं मिड-कैप आईटी कंपनियों में Hexaware से अच्छे नतीजों की संभावना बताई गई है। शेयर बाजार में भी लगातार पांचवें दिन तेजी आईटी शेयरों में खरीदारी के साथ घरेलू शेयर बाजार में भी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में Nifty 50 और Sensex दोनों ही हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। स्थिर कच्चे तेल की कीमतों और बेहतर बाजार धारणा ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।  

surbhi जुलाई 7, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार ने की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़ा, निफ्टी 24,450 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़कर 78,450 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,450 का स्तर पार कर लिया। बाजार में यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है, जब प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।   विदेशी निवेश और मजबूत तिमाही अपडेट से बाजार को सहारा   विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों  की लगातार खरीदारी, कंपनियों के मजबूत पहली तिमाही कारोबारी अपडेट और कच्चे तेल की स्थिर कीमतों ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा है। शुरुआती कारोबार में अधिकांश सेकोरों में खरीदारी देखने को मिली।   रिलायंस, टाइटन और बैंकिंग शेयरों में तेजी   कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, प्रमुख बैंकिंग शेयरों और चुनिंदा मिडकैप कंपनियों में अच्छी खरीदारी देखी गई। हालांकि, ट्रेंट के शेयर कमजोर तिमाही राजस्व वृद्धि के कारण दबाव में रहे।   पहली तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर   बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों की नजर अब आईटी, बैंकिंग और उपभोक्ता क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के आगामी परिणामों पर रहेगी।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
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