फैशन और ब्यूटी

Isha Ambani’s Stunning Schiaparelli Couture Look

ईशा अंबानी का नया हाई-फैशन लुक चर्चा में, Schiaparelli के हाउट कूचर आउटफिट में दिखीं बेहद स्टाइलिश

surbhi जुलाई 7, 2026 0
Isha Ambani stuns in a custom Schiaparelli Spring Summer 2026 Haute Couture ensemble with dramatic blue tulle accents
Isha Ambani in Schiaparelli Haute Couture 2026

Spring/Summer 2026 Haute Couture कलेक्शन से चुना खास लुक

Isha Ambani ने एक बार फिर अपने फैशन स्टेटमेंट से सुर्खियां बटोरी हैं। हाल ही में उन्होंने लग्जरी फैशन हाउस Schiaparelli के Spring/Summer 2026 Haute Couture कलेक्शन The Agony and the Ecstasy से तैयार किया गया एक कस्टम आउटफिट पहना, जिसने फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

ब्लैक लेस जैकेट और ब्लू ट्यूल डिटेलिंग ने बनाया लुक खास

इस कूचर लुक में ब्लैक क्रिन और लेस से बनी एक स्ट्रक्चर्ड जैकेट शामिल थी, जिसमें स्कल्प्टेड शोल्डर्स, पेपलम-स्टाइल हेम और प्रिंसेस सीम्स के जरिए कॉर्सेट जैसी फिटिंग दी गई थी। जैकेट के कंधों पर ब्लू ओम्ब्रे ट्यूल की परतें जोड़ी गई थीं, जिसने पूरे आउटफिट को नाटकीय और आधुनिक अंदाज दिया।

इस डिजाइन में ब्लैक और ब्लू रंगों का सहज मेल पुनर्जागरण काल की प्रसिद्ध Sfumato तकनीक से प्रेरित माना जा रहा है, जिसका इस्तेमाल Leonardo da Vinci अपनी पेंटिंग्स में करते थे।

एलिगेंट एक्सेसरीज़ ने पूरा किया लुक

ईशा अंबानी ने इस जैकेट के साथ मैचिंग मिडी पेंसिल स्कर्ट पहनी, जिसमें ओवरसाइज्ड स्कैलप्ड हेम डिजाइन दिया गया था। उनके इस लुक को स्टाइलिस्ट Dani Michelle ने स्टाइल किया।

एक्सेसरीज़ में ड्रॉप डायमंड ईयररिंग्स, स्टेटमेंट डायमंड रिंग, Schiaparelli के Keyhole Pumps और Chanel का पारदर्शी Plexiglass क्लच शामिल था। मेकअप में सॉफ्ट ग्लॉसी पिंक लिप्स, ब्लश्ड चीक्स और डिफाइंड आईलैशेज रखे गए, जबकि बालों को स्लीक बन में स्टाइल किया गया।

Schiaparelli के साथ पहले भी कर चुकी हैं खास सहयोग

ईशा अंबानी लंबे समय से Schiaparelli की कूचर डिजाइनों को प्रमोट करती रही हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने फैशन हाउस के क्रिएटिव डायरेक्टर Daniel Roseberry के साथ मिलकर ब्रांड की पहली कस्टम साड़ी पहनी थी। इलेक्ट्रिक ब्लू रंग की उस साड़ी में सिल्वर स्कल्प्चरल ब्लाउज दिया गया था, जिसने भारतीय परिधान को अंतरराष्ट्रीय कूचर अंदाज से जोड़ा था।

इसके अलावा, वह बीते वर्षों में कई प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में दुर्लभ विंटेज और कस्टम डिजाइनों में नजर आ चुकी हैं, जिससे उनकी पहचान ग्लोबल फैशन आइकन के रूप में और मजबूत हुई है।

फैशन एक्सपर्ट की राय

फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि लेस हमेशा से रोमांटिक और क्लासिक फैब्रिक माना जाता है, लेकिन इसे आधुनिक अंदाज में पेश करना चुनौतीपूर्ण होता है। ईशा अंबानी के इस लुक में ब्लू ऑर्गेंज़ा और ट्यूल की डिटेलिंग ने पारंपरिक लेस को एक फ्रेश और फ्यूचरिस्टिक टच दिया है। यही वजह है कि उनका यह आउटफिट सोशल मीडिया और फैशन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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क्या सुबह सिर्फ पानी से चेहरा धोना काफी है? स्किन एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका

सुबह उठते ही अधिकांश लोग सिर्फ पानी से चेहरा धो लेते हैं और मानते हैं कि रात में अच्छी तरह चेहरा साफ करने के बाद सुबह दोबारा फेसवॉश की जरूरत नहीं होती। लेकिन स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। रातभर त्वचा पर पसीना, अतिरिक्त तेल (सीबम), स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेष और धूल-मिट्टी के सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं, जिन्हें केवल पानी से हटाया नहीं जा सकता। फेशियलिस्ट क्रिस्टीना गालमिशे के अनुसार, सुबह त्वचा की सही तरीके से सफाई करना स्वस्थ और दमकती त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ त्वचा साफ रहती है, बल्कि बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन भी बेहतर तरीके से काम करते हैं। क्या रातभर में त्वचा गंदी हो जाती है? भले ही सुबह उठने पर चेहरे पर गंदगी दिखाई न दे, लेकिन रातभर के दौरान त्वचा पर कई तरह के अवशेष जमा हो जाते हैं, जैसे— पसीना अतिरिक्त सीबम (तेल) नाइट क्रीम या सीरम के अवशेष बालों से आने वाला तेल मृत त्वचा कोशिकाएं यदि इन्हें साफ नहीं किया जाए तो रोमछिद्र (पोर्स) बंद हो सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स, मुंहासे और त्वचा की चमक कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। सुबह फेस क्लींजिंग करने के फायदे नियमित रूप से सुबह फेसवॉश करने से कई लाभ मिलते हैं— त्वचा से पसीना, तेल और रातभर के अवशेष हटते हैं। ब्लैकहेड्स और मुंहासों का खतरा कम होता है। त्वचा में ऑक्सीजन का प्रवाह और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। स्किन टेक्सचर और प्राकृतिक निखार में सुधार आता है। विटामिन C, हायलूरोनिक एसिड और अन्य एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बेहतर तरीके से काम करते हैं। त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (स्किन बैरियर) मजबूत होती है। सुबह चेहरा धोने का सही तरीका 1. अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस क्लींजर चुनें ऑयली या कॉम्बिनेशन स्किन: नियासिनामाइड या सैलिसिलिक एसिड युक्त जेल या फोम क्लींजर चुनें। ड्राई या सेंसिटिव स्किन: सल्फेट-फ्री या क्रीम-बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। 2. हाथों से करें मसाज कॉटन पैड की बजाय अपनी उंगलियों से लगभग 30 सेकंड तक हल्के गोलाकार (सर्कुलर) मोशन में चेहरे की मसाज करें। इससे त्वचा अच्छी तरह साफ होती है और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। 3. गुनगुने पानी से धोएं बहुत गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक नमी और लिपिड बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि बहुत ठंडा पानी क्लींजर को पूरी तरह हटाने में प्रभावी नहीं होता। 4. साफ तौलिये से हल्के हाथों से सुखाएं चेहरे को रगड़ने की बजाय हल्के-हल्के थपथपाकर सुखाएं। बेहतर होगा कि रोजाना साफ तौलिये का इस्तेमाल करें। सिर्फ पानी से चेहरा धोना क्यों पर्याप्त नहीं है? सिर्फ पानी त्वचा पर मौजूद तेल, पसीना और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के अवशेषों को पूरी तरह नहीं हटा पाता। ऐसे में बाद में लगाए जाने वाले सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन त्वचा में सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि साफ त्वचा ही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के लिए सबसे बेहतर आधार होती है। इसलिए सुबह फेस क्लींजर और पानी दोनों का इस्तेमाल करना त्वचा को स्वस्थ, साफ और चमकदार बनाए रखने का आसान लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कदम है।  

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Skincare serum containing Volufiline applied around lips and under-eye area for a plumping effect
Volufiline बना नया ब्यूटी ट्रेंड! क्या सच में बिना इंजेक्शन के मिल सकते हैं भरे हुए होंठ और फुलर अंडर-आईज़?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक स्किनकेयर इंग्रीडिएंट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसका दावा है कि यह बिना किसी इंजेक्शन या कॉस्मेटिक प्रक्रिया के चेहरे को भरा-भरा और युवा दिखा सकता है। इस इंग्रीडिएंट का नाम है Volufiline। TikTok, Instagram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों यूजर्स इसे अंडर-आई एरिया, गालों और होंठों के आसपास लगाकर अपने पहले और बाद के परिणाम साझा कर रहे हैं। कई लोग इसे "बॉटल में फिलर" तक कह रहे हैं। लेकिन क्या वास्तव में Volufiline फिलर्स का विकल्प बन सकता है? या फिर यह सिर्फ एक और वायरल ब्यूटी ट्रेंड है? आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय और इसके पीछे की सच्चाई। क्या है Volufiline? Volufiline एक ट्रेडमार्क्ड कॉस्मेटिक इंग्रीडिएंट है, जिसे Hydrogenated Polyisobutene और Anemarrhena Asphodeloides Root Extract के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इसका मुख्य सक्रिय तत्व Sarsasapogenin माना जाता है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह फैट सेल्स को परिपक्व होने और उनमें लिपिड स्टोर करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। सरल भाषा में कहें तो इसका उद्देश्य त्वचा के नीचे मौजूद फैट सेल्स को बड़ा दिखाना है, जिससे चेहरे पर अतिरिक्त वॉल्यूम दिखाई दे सके। क्या वैज्ञानिक रिसर्च इसके दावों का समर्थन करती है? कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जैश्री शरद के अनुसार, Volufiline को लेकर उपलब्ध अधिकांश रिसर्च प्रयोगशाला में अलग किए गए फैट सेल्स पर की गई है, न कि बड़े पैमाने पर इंसानों पर किए गए क्लीनिकल ट्रायल्स पर। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है जो यह साबित करता हो कि Volufiline लंबे समय तक चेहरे की वॉल्यूम बढ़ाने में सक्षम है, खासकर तब जब इसका उपयोग बंद कर दिया जाए। क्यों मुश्किल है चेहरे के फैट तक पहुंचना? त्वचा के नीचे मौजूद फैट लेयर डर्मिस से भी नीचे स्थित होती है। अधिकांश स्किनकेयर प्रोडक्ट्स त्वचा की ऊपरी परतों तक ही सीमित रहते हैं। डॉ. शरद बताती हैं कि जब तक किसी प्रोडक्ट में अत्याधुनिक डिलीवरी टेक्नोलॉजी न हो, तब तक किसी क्रीम या सीरम का चेहरे के फैट सेल्स तक गहराई से पहुंचना और उन्हें बड़ा करना बेहद मुश्किल है। यही कारण है कि वैज्ञानिक समुदाय अभी तक Volufiline को वास्तविक वॉल्यूम बढ़ाने वाला समाधान नहीं मानता। फिर लोगों को रिजल्ट क्यों दिखाई देते हैं? सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे कई "पहले और बाद" की तस्वीरों का सबसे बड़ा कारण हाइड्रेशन हो सकता है। Volufiline युक्त अधिकांश प्रोडक्ट्स में समृद्ध मॉइस्चराइजिंग तत्व मौजूद होते हैं, जो— त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करते हैं डिहाइड्रेशन लाइन्स को कम करते हैं त्वचा को स्मूद और सॉफ्ट बनाते हैं चेहरे को अस्थायी रूप से भरा-भरा दिखाते हैं विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रभाव वास्तविक फैट बढ़ने के बजाय त्वचा की बेहतर नमी और कंडीशनिंग का परिणाम होता है। क्या Volufiline फिलर या Botox का विकल्प है? सीधा जवाब है—नहीं। फिलर्स कैसे काम करते हैं? डर्मल फिलर्स त्वचा के नीचे इंजेक्ट किए जाते हैं और सीधे वॉल्यूम को बढ़ाते या पुनर्स्थापित करते हैं। Botox कैसे काम करता है? Botox मांसपेशियों की गतिविधि को अस्थायी रूप से कम करता है, जिससे झुर्रियां कम दिखाई देती हैं। Volufiline क्या करता है? Volufiline केवल एक टॉपिकल कॉस्मेटिक इंग्रीडिएंट है, जो मुख्य रूप से त्वचा की नमी और अस्थायी प्लंपिंग में मदद कर सकता है। फिलहाल ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो इसे Botox या फिलर्स के बराबर प्रभावी साबित करता हो। किन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है? Volufiline उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो— त्वचा को अधिक हाइड्रेटेड दिखाना चाहते हैं हल्का प्लंपिंग इफेक्ट चाहते हैं इंजेक्शन या कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं से बचना चाहते हैं स्किनकेयर रूटीन में अतिरिक्त मॉइस्चराइजिंग चाहते हैं हालांकि, ऑयली या एक्ने-प्रोन त्वचा वाले लोगों को हल्के और नॉन-कॉमेडोजेनिक फॉर्मूले चुनने की सलाह दी जाती है।  

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