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Sensex Crashes 1400 Points Amid Global Panic

Stock Market Crash: ट्रंप की धमकी से मचा वैश्विक हड़कंप, सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

surbhi मार्च 23, 2026 0
Stock market crash screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid global tensions and oil surge
Stock Market Crash Sensex Nifty Fall

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये कुछ ही मिनटों में स्वाहा हो गए। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली।

सोमवार सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1,474.56 अंक यानी करीब 2% की गिरावट के साथ 73,058.40 पर आ गया। वहीं Nifty 50 भी 433.70 अंक (1.88%) टूटकर 22,680.80 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार पूरी तरह लाल निशान में डूबा नजर आया।

क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट?

इस भारी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी मानी जा रही है। ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलने को कहा है, अन्यथा ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दी है।

इस घटनाक्रम से वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है-WTI Crude Oil $100 के करीब पहुंच गया, जबकि Brent Crude Oil $112.17 के पार चला गया। तेल की कीमतों में इस तेजी ने बाजार की घबराहट और बढ़ा दी।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट?

बाजार में आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बड़े और दिग्गज शेयरों पर पड़ा। Hindalco Industries, Tata Steel, State Bank of India, Mahindra & Mahindra और HDFC Bank जैसे प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि गिरावट के इस माहौल में Max Healthcare और ONGC जैसे कुछ शेयरों में मामूली बढ़त देखने को मिली।

हर सेक्टर पर पड़ा असर

इस गिरावट से कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहा। ऑटो, बैंकिंग, मेटल, मीडिया और PSU बैंक समेत सभी सेक्टोरल इंडेक्स 2% तक टूट गए।
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में व्यापक कमजोरी का संकेत मिला।

एशियाई बाजारों में भी ‘ब्लैक मंडे’ जैसा माहौल

भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.57% और जापान का Nikkei 4% से ज्यादा टूट गया।
International Energy Agency के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया कई दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर हो सकता है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Gold and silver jewellery displayed in a jewellery shop as precious metal prices rise for the third straight day
Aaj Ka Sona Chandi Bhav 22 May 2026: लगातार तीसरे दिन बढ़े सोने-चांदी के दाम, जानें आज का ताजा रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 22 मई 2026 को लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने से बाजार में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि रुपये में हल्की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में कीमतों में बहुत बड़ी छलांग नहीं देखने को मिली है। आज 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली बढ़त हुई है, जबकि चांदी भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव जारी रहने पर आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के दाम और ऊपर जा सकते हैं। आज कितना महंगा हुआ सोना? भारतीय बाजार में आज 24 कैरेट सोने का भाव 15,994 रुपये प्रति ग्राम पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने में भी 1 रुपये प्रति ग्राम की बढ़त दर्ज की गई है। आज का गोल्ड रेट सोने का प्रकार आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट ₹15,994 प्रति ग्राम ₹15,993 +₹1 22 कैरेट ₹14,661 प्रति ग्राम ₹14,660 +₹1 18 कैरेट ₹11,996 प्रति ग्राम ₹11,995 +₹1 प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव लखनऊ ₹16,024 ₹16,023 +₹1 पटना ₹16,014 ₹16,013 +₹1 रांची ₹15,994 ₹15,993 +₹1 New Delhi ₹16,024 ₹16,023 +₹1 Mumbai ₹15,994 ₹15,993 +₹1 Kolkata ₹15,994 ₹15,993 +₹1 गौरतलब है कि इस महीने 14 मई को सोने ने 16,233 रुपये प्रति ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था। मौजूदा कीमतें उस रिकॉर्ड स्तर से थोड़ी नीचे बनी हुई हैं। चांदी में भी जारी है तेजी सोने की तरह चांदी के बाजार में भी मजबूती बनी हुई है। आज चांदी की कीमत में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की गई है। इसके बाद देश में 1 किलो चांदी का भाव 2,85,100 रुपये पहुंच गया है। आज का सिल्वर रेट चांदी आज का रेट कल का रेट बदलाव 1 ग्राम ₹285.10 ₹285.00 +₹0.10 10 ग्राम ₹2,851 ₹2,850 +₹1 1 किलो ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 शहरवार चांदी का रेट (1 किलो) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव लखनऊ ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 पटना ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 रांची ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 New Delhi ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 Mumbai ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 Chennai ₹2,90,100 ₹2,90,000 +₹100 बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि सोना और चांदी लगातार मजबूती दिखा रहे हैं।  

surbhi मई 22, 2026 0
Petrol and diesel price board displaying stable fuel rates across major Indian cities on 22 May 2026.

Petrol Diesel Price Today 22 May 2026: दिल्ली से पटना तक स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, कुछ शहरों में मामूली बदलाव

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Stock Market: उतार-चढ़ाव के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार ,135 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी में मामूली गिरावट

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Stock Market: हरे निशान पर बंद हुआ  शेयर बाजार

Indian rupee falling against US dollar with currency notes and forex market trading screen display
डॉलर के सामने कमजोर पड़ा रुपया, रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची भारतीय करेंसी

United States Dollar के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार दबाव में बना हुआ है। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही रुपया डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 96.85 तक पहुंच गया। ट्रेडिंग के दौरान यह और गिरकर 96.93 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। लगातार 13वें कारोबारी दिन रुपये में कमजोरी देखने के बाद बाजार में चिंता बढ़ गई है। पिछले सप्ताह रुपया पहली बार 96 प्रति डॉलर के पार गया था और अब गिरावट का सिलसिला जारी है। जानकारों का मानना है कि मजबूत डॉलर, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। डॉलर इतना मजबूत क्यों हो रहा है? अमेरिका में बॉन्ड यील्ड तेजी से बढ़ रही है, जिससे डॉलर को मजबूती मिल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार 30 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.18% तक पहुंच गई है, जो 2007 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद सबसे ऊंचे स्तरों में से एक मानी जा रही है। वहीं 10 साल की बॉन्ड यील्ड भी करीब 4.66% तक पहुंच गई। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो वैश्विक निवेशक वहां निवेश को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। इसका असर यह होता है कि उभरते बाजारों से पैसा निकलने लगता है और डॉलर मजबूत हो जाता है। इसी वजह से भारतीय रुपये जैसी मुद्राओं पर दबाव बढ़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें भी बनी बड़ी वजह भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर असर डालती है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। तेल महंगा होने पर भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, जिससे डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर पड़ता है। महंगे तेल का असर सिर्फ करेंसी तक सीमित नहीं रहता। इससे: ट्रांसपोर्ट महंगा हो सकता है रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है RBI क्या कर रहा है? Reserve Bank of India रुपये की गिरावट को नियंत्रित करने के लिए बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI डॉलर बेचकर रुपये को सपोर्ट देने की कोशिश कर रहा है, ताकि गिरावट बहुत ज्यादा तेज न हो। हालांकि मौजूदा वैश्विक हालात भारतीय मुद्रा के लिए चुनौती बने हुए हैं। अगर: डॉलर मजबूत बना रहता है तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं वैश्विक तनाव बढ़ता है तो आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव जारी रह सकता है। आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर? रुपये की कमजोरी का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है। इससे: विदेश यात्रा महंगी हो सकती है आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स के दाम बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है विदेशी शिक्षा और ऑनलाइन सेवाएं महंगी पड़ सकती हैं हालांकि निर्यात करने वाली कंपनियों को कमजोर रुपये से कुछ फायदा भी हो सकता है, क्योंकि उन्हें डॉलर में ज्यादा कमाई होती है।  

surbhi मई 20, 2026 0
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Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid strong buying in Indian equity markets.
बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 23,750 के पार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। सोमवार को शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजार ने जिस तरह वापसी की थी, उसी तेजी को आज भी जारी रखा गया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 400 अंकों की मजबूती के साथ 75,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि NIFTY 50 100 अंकों की तेजी के साथ 23,750 के पार पहुंच गया। बाजार में चौतरफा खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखा। आईटी शेयरों में लगातार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मजबूती आईटी सेक्टर में देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी जारी रही। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशक आईटी कंपनियों के लंबे समय के ग्रोथ आउटलुक को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इसी वजह से इस सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। हालांकि दूसरी तरफ Nifty Private Bank इंडेक्स पर दबाव बना रहा। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। Hang Seng Index में 0.24% की बढ़त दर्ज की गई। Nikkei 225 में 0.64% की गिरावट रही। KOSPI में 3% से ज्यादा की बड़ी कमजोरी देखने को मिली। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती बनाए रखी। अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार बीती रात अमेरिकी बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average 160 अंक चढ़कर बंद हुआ। Nasdaq Composite में गिरावट रही। S&P 500 लगभग सपाट बंद हुआ। टेक शेयरों में दबाव और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता अमेरिकी बाजारों पर असर डालती दिखी। विदेशी निवेशकों की वापसी बनी बड़ा सहारा भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत विदेशी निवेशकों की वापसी मानी जा रही है। काफी समय से लगातार बिकवाली कर रहे Foreign Institutional Investors (FII/FPI) सोमवार को खरीदारी करते नजर आए। निवेशकों की स्थिति कैटेगरी सोमवार की स्थिति FII/FPI ₹1,329 करोड़ की खरीदारी DII ₹1,959 करोड़ की बिकवाली हालांकि पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशक अब भी बिकवाल बने हुए हैं, लेकिन हालिया खरीदारी ने बाजार को बड़ा समर्थन दिया है। निवेशकों की नजर अब किस पर? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: वैश्विक बाजारों का रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत विदेशी निवेशकों का फ्लो आईटी और बैंकिंग सेक्टर की चाल भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में लौटती मजबूती ने निवेशकों का भरोसा जरूर बढ़ाया है।  

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