लातेहार

Fire breaks out at a cotton shop in Latehar after a welding spark ignites stored cotton
लातेहार में वेल्डिंग की चिंगारी से रूई दुकान में लगी भीषण आग, ढाई लाख की संपत्ति राख

लातेहार: सदर थाना क्षेत्र के अमवाटिकर रोड स्थित पिंटू रूई दुकान में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गयी. बताया जा रहा है कि पास की दुकान में चल रहे वेल्डिंग कार्य के दौरान निकली चिंगारी रूई की दुकान में जा गिरी, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. इस घटना में दुकान में रखी रूई समेत करीब ढाई लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गयी. वेल्डिंग की चिंगारी से लगी आग दुकान संचालक पिंटू के अनुसार, उनकी दुकान के बगल में स्थित प्रकाश फर्नीचर में वेल्डिंग का काम चल रहा था. इसी दौरान वेल्डिंग से निकली चिंगारी दुकान के अंदर गिर गयी. दुकान में बड़ी मात्रा में रूई रखी होने के कारण चिंगारी के संपर्क में आते ही आग तेजी से फैल गयी. कुछ ही देर में दुकान से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जुट गये. स्थानीय लोगों ने शुरू किया आग बुझाने का प्रयास आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. रूई के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. बाद में अग्निशमन विभाग की दमकल मौके पर पहुंची. स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. समय रहते आग बुझा लिये जाने से आसपास स्थित अन्य दुकानों को भी इसकी चपेट में आने से बचा लिया गया. ढाई लाख रुपये के नुकसान का अनुमान दुकान संचालक ने बताया कि आग से दुकान में रखी रूई और अन्य सामान जलकर बर्बाद हो गया है. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 2.5 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. घटना के बाद दुकानदार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गयी है. दुकान संचालक ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है. वहीं, घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.  

kalpana अगस्त 18, 2026 0
लातेहार में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के लिए e-KYC कराते लोग
Ayushman Bharat Health Account: लातेहार बना झारखंड में अव्वल, 20 हजार से ज्यादा लोगों की e-KYC पूरी

लातेहार। स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में चुनौतियों के बावजूद लातेहार जिला स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर लागू करने में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानी आभा कार्ड बनाने के मामले में लातेहार पूरे झारखंड में पहले स्थान पर पहुंच गया है।   10 अगस्त तक 20 हजार से ज्यादा लोगों की e-KYC   जिले में 1 जुलाई से 10 अगस्त तक 20 हजार से अधिक लोगों की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट योजना के तहत e-KYC पूरी की जा चुकी है। वहीं, अब तक की ओवरऑल उपलब्धि देखें तो लातेहार में करीब 65 प्रतिशत लोगों का आभा कार्ड बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय से योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में जुटे हैं।   जन वितरण दुकानदारों को भी अभियान से जोड़ा गया   सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने बताया कि जुलाई से अब तक आभा कार्ड बनाने के मामले में लातेहार राज्य में सबसे आगे है। उपायुक्त के निर्देशन में लक्ष्य पूरा करने के लिए जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि मरीजों को सुविधा देने वाली स्कैन एंड शेयर योजना में भी लातेहार पूरे राज्य में तीसरे स्थान पर है। जिले में 95 प्रतिशत से अधिक मरीजों का पर्चा डिजिटल तरीके से बनाया जा रहा है।   क्या है आभा कार्ड?   आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानी आभा कार्ड एक डिजिटल हेल्थ अकाउंट है, जिसमें व्यक्ति से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जा सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना लातेहार के नोडल पदाधिकारी डॉ. रूद्र बर्मन और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर मिनी रानी के अनुसार, आभा कार्ड से मरीज की पुरानी मेडिकल रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है। इससे इलाज के दौरान पुरानी रिपोर्ट आसानी से उपलब्ध हो जाती है और कई बार दोबारा जांच कराने की जरूरत भी कम हो सकती है।   सिविल सर्जन ने लोगों से की अपील   सिविल सर्जन ने जिले के लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक अपना आभा कार्ड नहीं बनवाया है, वे इसे जल्द बनवा लें। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से जोड़ना है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
लातेहार में 7 साल की मासूम से दुष्कर्म की कोशिश का आरोपी गिरफ्तार
लातेहार में 7 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

लातेहार। जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है. यहां एक 20 वर्षीय युवक ने 7 वर्षीय मासूम बच्ची को अगवा कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने का प्रयास किया. मामले की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. डीएसपी पूजा कुमारी ने इसकी पुष्टि की है।   पुलिस को मिली सूचना पर पकड़ा गया आरोपी   दरअसल, महुआडांड़ थाना क्षेत्र का रहने वाला एक युवक ने 7 वर्षीय मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. आरोप है कि युवक ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया. इधर, बच्ची को घर में नहीं पाकर परिवार वाले आसपास उसे ढूंढने लगे. लेकिन बच्ची का कुछ भी पता नहीं चल पाया. इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने बच्ची के परिजनों को बताया कि बच्ची को एक युवक के साथ जाते देखा गया है. इसके बाद परिजन थाने में इसकी शिकायत की।   शिकायत मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और बच्ची की खोजबीन शुरू की. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि उक्त बच्ची को एक व्यक्ति के साथ नेतरहाट थाना क्षेत्र के इलाके में देखा गया है। इसके बाद पुलिस टीम छापेमारी अभियान चलाकर बच्ची को बरामद कर लिया. वहीं, आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. आरोपी महुआडांड़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है. इधर, पुलिस ने बच्ची को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।   डीएसपी ने अभिभावकों के की अपील   इस संबंध में डीएसपी पूजा कुमारी ने बताया कि मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही. आरोपी के खिलाफ पॉक्सो समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की घटना या गलत कार्य होने की आशंका पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें. साथ ही अभिभावकों से अपील की कि अपने बच्चों पर निगरानी रखें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ नहीं जाने दें।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 29, 2026 0
Latehar PLFI
लातेहार में PLFI के दो उग्रवादी हथियार के साथ गिरफ्तार, हिंसक वारदात की साजिश नाकाम

लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित पीएलएफआई (PLFI) के दो उग्रवादियों को हथियार और चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, दोनों उग्रवादी बालूमाथ क्षेत्र में दहशत फैलाने और हिंसक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते की गई कार्रवाई से उनकी योजना विफल हो गई।   गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी   लातेहार एसपी कुमार गौरव को सूचना मिली थी कि पीएलएफआई के कुछ उग्रवादी बाइक से चंदवा से बालूमाथ की ओर जा रहे हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर डीएसपी उमेश कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर छापेमारी अभियान चलाया गया।   पुलिस को देखकर भागने लगे दोनों आरोपी   बालूमाथ थाना क्षेत्र के मकइयाटांड़ पुलिस पिकेट के पास पुलिस ने बाइक सवार दो संदिग्धों को रोका। पुलिस को देखते ही दोनों भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन जवानों ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और चोरी की एक बाइक बरामद हुई।   पूछताछ में PLFI से जुड़े होने की बात कबूली   गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय सिंह और मोहम्मद शहजाद के रूप में हुई है, जो लोहरदगा जिले के निवासी हैं। पूछताछ में दोनों ने खुद को पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य बताया। पुलिस के अनुसार, वे संगठन के कमांडर बादल के निर्देश पर बालूमाथ और बरियातू क्षेत्र में दहशत फैलाकर लेवी वसूलने की योजना बना रहे थे।   हथियार और चोरी की बाइक बरामद   पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, जिंदा गोलियां और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।   कई पुलिस अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका   इस कार्रवाई में डीएसपी उमेश कुमार सिंह के अलावा बालूमाथ थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार, बरियातू थाना प्रभारी रंजन पासवान, सब-इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, अभिमन्यु कुमार तथा अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ कर संगठन के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

anjali kumari जुलाई 24, 2026 0
Maduakhad Primary School
लातेहार में 5 दिनों से बंद पड़ा प्राथमिक विद्यालय, बच्चों की पढ़ाई और मिड-डे मील योजना ठप

लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले के सदर प्रखंड स्थित मदुआखाड़ प्राथमिक विद्यालय पिछले पांच दिनों से बंद होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में पदस्थापित एकमात्र सहायक शिक्षक लगातार अनुपस्थित हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। स्कूल बंद रहने के कारण मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना भी ठप पड़ी है।   ग्रामीणों ने लगाया शिक्षक की लापरवाही का आरोप   ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई होती है, लेकिन नियुक्त शिक्षक नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। उनका कहना है कि पिछले पांच दिनों से स्कूल में ताला लगा है, जिससे बच्चों को शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।   निरीक्षण में खुली स्कूल बंद रहने की पोल   ग्रामीणों की शिकायत पर जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव विद्यालय पहुंचे, जहां स्कूल में ताला लटका मिला और बच्चे बाहर खेलते हुए दिखाई दिए। विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष और रसोइया ने भी पुष्टि की कि शिक्षक कई दिनों से स्कूल नहीं पहुंचे हैं, जिसके कारण मिड-डे मील का संचालन भी बंद है।   शिक्षक ने बताई नदी में पानी भरने की वजह   आरोपों पर सफाई देते हुए शिक्षक भोलानाथ सिंह ने कहा कि नदी में पानी बढ़ जाने के कारण वह विद्यालय नहीं पहुंच सके। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि शिक्षक कई दिनों से नियमित रूप से अनुपस्थित हैं और अक्सर अलग-अलग कारण बताते रहे हैं।   जिला शिक्षा अधीक्षक ने दिए जांच के निर्देश   जिला शिक्षा अधीक्षक ऋषिकेश कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षक की उपस्थिति की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

abhishek singh जुलाई 22, 2026 0
Betla National Park Closure
1 जुलाई से बेतला नेशनल पार्क में नो एंट्री, तीन महीने बंद रहेगी जंगल सफारी

लातेहार। झारखंड के प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जाएगा। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के निर्देशानुसार इस अवधि में जंगल सफारी, वाहनों की आवाजाही और पार्क के भीतर होने वाली सभी इको-टूरिज्म गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। वन विभाग के अनुसार यह निर्णय मानसून और वन्यजीवों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पर्यटक अब 1 अक्टूबर से दोबारा जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।   पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण पर रहेगा फोकस वन अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के मौसम में अधिकांश जंगली जानवरों का प्रजनन काल होता है। ऐसे समय में मानवीय गतिविधियों से उनकी प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। साथ ही मानसून के दौरान जंगल के कच्चे रास्ते कीचड़ से भर जाते हैं, जिससे सफारी वाहनों के फंसने और हाथी समेत अन्य वन्यजीवों के हमले का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तीन महीने तक केवल वन विभाग के अधिकारी और पेट्रोलिंग टीम को ही जंगल में प्रवेश की अनुमति रहेगी। पार्क बंद रहने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी भी पहले से अधिक सख्त की जाएगी तथा वॉच टावरों पर वनकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाएगी।   रेस्ट हाउस खुले रहेंगे, आसपास के पर्यटन स्थलों का उठा सकेंगे आनंद हालांकि पार्क के भीतर प्रवेश और सफारी बंद रहेगी, लेकिन पर्यटकों के लिए वन विभाग के रेस्ट हाउस, कैंटीन और अन्य सुविधाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी। बेतला आने वाले सैलानी आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे केचकी संगम, पलामू किला, मंडल डैम, सतनदिया, ततहा झरना, मिर्चईया फॉल, कोयल व्यू, सुग्गा बांध और लोध फॉल का भ्रमण कर सकेंगे। बेतला रेंज के रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि पार्क बंद रखने के आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा और इस दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा तथा अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Latehar
लातेहारः पानी भरे गड्ढे में डूब कर 3 सगे भाई-बहनों की मौत

लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में बड़ी घटना घटी है। यहां पानी से भरे एक पुराने गड्ढे में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई। मृतक बच्चों की पहचान आरा गांव निवासी द्वारिका गंझु की पुत्रियां दीपिका कुमारी, माही कुमारी और पुत्र आर्यन कुमार के रूप में हुई है। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। सबसे दुखद बात यह है कि तीनों बच्चे द्वारिका गंझु की इकलौती संतान थे, जिससे परिवार का पूरा चिराग बुझ गया। जानकारी के अनुसार तीनों बच्चे घर से खेलने के लिए निकले थे। इसी दौरान वे गांव के पास स्थित एक पुराने और पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। गड्ढे में पानी अधिक होने के कारण तीनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके और डूब गए।  बच्चों की खोजबीन में निकले परिजन काफी देर तक जब बच्चे घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान तीनों बच्चों को गड्ढे के पानी में डूबा हुआ पाया गया। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से बच्चों को बाहर निकालकर तत्काल बालूमाथ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।   मौत की खबर से गांव में मातम अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दयानंद ने बताया कि अस्पताल पहुंचने तक तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि दीपिका सबसे बड़ी थी, जबकि माही उससे छोटी और आर्यन परिवार का सबसे छोटा सदस्य था। एक साथ तीन बच्चों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों के शव देखकर गांव के लोग भी भावुक हो गए और हर आंख नम दिखाई दी।

abhishek singh जून 20, 2026 0
tragic accident Jharkhand
लातेहार में कार-बाइक की भीषण टक्कर, दो युवकों की मौके पर मौत

लातेहार। लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना खुटगड़ी गांव के पास मुख्य सड़क पर उस समय हुई, जब विपरीत दिशा से आ रही एक कार और मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। मृतकों की पहचान चंदवा थाना क्षेत्र के मूर्तिया गांव निवासी बीरेंद्र लोहरा और सुरेंद्र लोहरा के रूप में हुई है।   टक्कर इतनी भीषण कि मौके पर चली गई जान जानकारी के अनुसार, दोनों युवक मोटरसाइकिल से सरयू की ओर से लातेहार आ रहे थे। इसी दौरान खुटगड़ी गांव के समीप मोड़ पर सामने से आ रही कार से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना में कार सवार कुछ लोगों को भी चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।   स्थानीय लोगों ने चलाया राहत अभियान हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कार के नीचे फंसी मोटरसाइकिल और दोनों युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटनाग्रस्त कार और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया तथा शवों को पोस्टमार्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेज दिया।   हेलमेट नहीं पहनने से बढ़ा हादसे का असर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक हेलमेट नहीं पहने हुए थे। आशंका है कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे और दुर्घटना स्थल पर सड़क में मोड़ होने के कारण हादसा और भी गंभीर हो गया। पुलिस मामले की जांच कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की गई है।

anjali kumari जून 13, 2026 0
Accident in Latehar
लातेहार में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से एक व्यक्ति की मौत

लातेहार। लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में अधेड़ व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान काठो गांव निवासी दुर्गा मांझी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह तालाब में नहाने गया था, लेकिन इस बार गहरे पानी में जाने के कारण हादसे का शिकार हो गया।   बच्चों के सामने तैरने गए, बीच तालाब में डूबे घटना के दौरान तालाब में कुछ बच्चे किनारे पर नहा रहे थे। उन्हें देखकर दुर्गा मांझी ने मजाक में गहरे पानी में तैरना शुरू किया। लेकिन तालाब के बीच पहुंचते ही वह थक गए और डूबने लगे। बच्चों और आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर जुटे, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।   26 घंटे बाद गोताखोरों ने निकाला शव शुक्रवार शाम तक काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद शनिवार को प्रशासन की टीम और गोताखोर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब 26 घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला गया।   प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। वहीं, पंचायत की मुखिया ने लोगों से अपील की है कि तालाब या नदी में नहाते समय गहरे पानी में जाने से बचें। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पानी में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

Unknown मई 2, 2026 0
Water crisis Banpur Latehar
लातेहार के बानपुर में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग

लातेहार। झारखंड के लातेहार जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वार्ड नंबर 2 के बानपुर मोहल्ला स्थित खरवार टोला में लोग पीने के पानी के लिए गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इलाके में पानी की पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन न तो किसी घर में कनेक्शन दिया गया है और न ही सार्वजनिक सप्लाई नल लगाए गए हैं। नतीजतन, लोग मजबूरी में खेतों में बने कुओं के गंदे पानी पर निर्भर हैं।   आदिवासी और दलित परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित बानपुर का यह इलाका बड़का बांध से सटा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी और दलित समुदाय के लोग रहते हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां के लोगों को आज भी पानी जैसी आवश्यक जरूरत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खरवार टोला के किसी भी घर में पेयजल कनेक्शन नहीं दिया गया है।   बरसात में और बढ़ जाती है परेशानी स्थानीय निवासी दीपक कुमार सिंह के अनुसार, पूरे इलाके में पानी की भारी किल्लत है। पाइपलाइन मौजूद होने के बावजूद किसी के घर तक पानी नहीं पहुंच रहा। वहीं मंजू देवी और कांति देवी जैसी महिलाओं ने बताया कि अभी गर्मी के मौसम में किसी तरह खेत के कुएं का पानी इस्तेमाल कर लिया जाता है, लेकिन बरसात में यही पानी गंदा और अनुपयोगी हो जाता है, तब हालात और भी खराब हो जाते हैं।   चापाकल भी खराब, मोहल्ले में बढ़ी परेशानी इलाके में लगा एकमात्र चापाकल भी कई दिनों से खराब पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मोहल्ले के प्रमुख स्थानों पर सरकारी सप्लाई नल लगा दिए जाएं, तो कम से कम पीने के पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।   नगर पंचायत अध्यक्ष ने दिया कार्रवाई का भरोसा मामले पर लातेहार नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेश सिंह ने इसे गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के सभी लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेकर जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, बानपुर के लोगों को राहत का इंतजार है।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
Vipul Gupta from Latehar Jharkhand celebrates UPSC 2025 success with family after securing AIR 103
Latehar के बिपुल गुप्ता बने IAS, UPSC में 103वीं रैंक

  झारखंड के Latehar जिले के महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर गांव के रहने वाले Vipul Gupta ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने 103वीं ऑल इंडिया रैंक प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह बनाई है और अपने जिले का नाम रोशन किया है।   संघर्ष और मेहनत से मिली सफलता बिपुल गुप्ता की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। पिछले साल भी उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की थी, लेकिन 368वीं रैंक आने के कारण उनका चयन आईएएस में नहीं हो पाया था। हालांकि उसी वर्ष उन्होंने Indian Forest Service (IFS) की परीक्षा में देशभर में 12वीं रैंक हासिल की थी और फिलहाल वन विभाग में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा से आईएएस बनकर समाज की सेवा करना था, जिसे उन्होंने इस बार हासिल कर लिया।   परिवार और गांव में खुशी बिपुल गुप्ता के पिता पवन कुमार गुप्ता और माता दीपा गुप्ता हैं। जैसे ही यूपीएससी परिणाम में उनके 103वीं रैंक हासिल करने की खबर मिली, पूरे परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके दादा जयप्रकाश गुप्ता सहित परिवार के सभी लोगों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। परिजनों ने कहा कि बिपुल ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपना सपना पूरा किया, बल्कि पूरे जिले और समाज को गौरवान्वित किया है।   युवाओं के लिए प्रेरणा ग्रामीणों का कहना है कि बिपुल की सफलता गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और लगातार प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। रिजल्ट आने के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
Drone Survey Dispute in Latehar as Villagers Detain Police Team
लातेहार: ड्रोन सर्वे को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मियों को बनाया बंधक

  झारखंड के Latehar जिले में ड्रोन सर्वे को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। Kaima village, Latehar में नाराज ग्रामीणों ने सदर थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को कई घंटों तक बंधक बना लिया। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत करने की कोशिश की जा रही है। जानकारी के अनुसार, गांव के आसपास एक निजी कंपनी द्वारा ड्रोन कैमरे से जमीन का सर्वे किया जा रहा था। इस सर्वे का स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया और ड्रोन कैमरा अपने कब्जे में ले लिया। कंपनी की शिकायत के बाद पुलिस गांव पहुंची और कुछ युवकों को हिरासत में लेने की कोशिश की। इसी दौरान ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने सदर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिन्हा समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को घेरकर बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने गांव के कुछ लोगों के साथ मारपीट की थी, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा। Kumar Gaurav (एसपी, लातेहार) ने बताया कि ग्रामीणों की कुछ मांगें हैं, जिन्हें लेकर लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।    

kalpana मार्च 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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