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NIDM Internship 2026 with Stipend

सरकारी संस्थान में इंटर्नशिप का मौका: NIDM देगा ₹15,000 तक स्टाइपेंड, जानें पूरी डिटेल

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Students working on disaster management research during NIDM internship program at a government institute
NIDM Internship 2026 with Stipend

अगर आप पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी संस्थान में काम करने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो National Institute of Disaster Management (NIDM) आपके लिए शानदार अवसर लेकर आया है। वर्ष 2026 के लिए NIDM ने अपना इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें स्टूडेंट्स को हर महीने ₹15,000 तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

यह संस्थान Ministry of Home Affairs के अंतर्गत काम करता है और देश में आपदा प्रबंधन (Disaster Management) के क्षेत्र में रिसर्च और ट्रेनिंग का प्रमुख केंद्र है।

क्या है NIDM इंटर्नशिप प्रोग्राम?

NIDM इंटर्नशिप एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां छात्रों को:

  • आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने का अनुभव मिलता है
  • देश के विशेषज्ञों के साथ काम करने का मौका मिलता है
  • सरकारी सिस्टम और रिसर्च कार्यों को करीब से समझने का अवसर मिलता है

कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)

इस इंटर्नशिप के लिए सीमित पात्रता तय की गई है:

  • पोस्ट-ग्रेजुएशन (Master’s) या PhD कर रहे छात्र
  • इन विषयों के स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं:
    • Disaster Management
    • Social Work
    • Environmental Science
    • Engineering
    • Town Planning
    • Geography
    • Social Sciences
  • न्यूनतम 60% अंक आवश्यक

 

स्टाइपेंड और अवधि

NIDM इंटर्नशिप की अवधि और लाभ इस प्रकार हैं:

  • अवधि: 1 से 3 महीने
  • UG छात्रों के लिए: ₹12,000 प्रति माह
  • PG छात्रों के लिए: ₹15,000 प्रति माह
  • इंटर्नशिप पूरी करने पर सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा

इसके अलावा, एक नॉन-स्टाइपेंड इंटर्नशिप ऑप्शन भी उपलब्ध है, जो पूरे साल खुला रहता है।

आवेदन कैसे करें?

इंटर्नशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया आसान है:

  • NIDM की आधिकारिक वेबसाइट nidm.gov.in पर जाएं
  • ‘Announcements’ या ‘Vacancies’ सेक्शन में इंटर्नशिप लिंक खोलें
  • आवेदन फॉर्म भरें
  • जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें (मार्कशीट, ID प्रूफ, NOC)
  • फॉर्म सबमिट करें

आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026

क्यों खास है यह इंटर्नशिप?

  • सरकारी संस्थान में काम करने का अनुभव
  • करियर में वैल्यू एडिशन
  • सामाजिक क्षेत्र में योगदान का अवसर
  • प्रोफेशनल नेटवर्किंग और स्किल डेवलपमेंट
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 जून 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उन्हें अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।   इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई प्रमाणपत्र होना चाहिए। जिन उम्मीदवारों ने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री हासिल की है, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं।   आयु सीमा और आरक्षण का लाभ भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।   ऑनलाइन माध्यम से करें आवेदन इच्छुक उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए सबसे पहले पोर्टल पर जाकर नया अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद लॉगिन कर आवेदन पत्र भरना, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना और निर्धारित शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है।   आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 500 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा। वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। रेलवे की ओर से सीबीटी-1 परीक्षा में शामिल होने के बाद सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 400 रुपये तथा एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों को पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।   रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ग्रुप A, B और C के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 26 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती प्रतिनियुक्ति (Deputation) और अल्पकालिक अनुबंध (Short-Term Contract) के आधार पर की जाएगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए FSSAI के आधिकारिक करियर पोर्टल का उपयोग करना होगा।   इस भर्ती अभियान के तहत कुल 15 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें जॉइंट डायरेक्टर के 3 पद, मैनेजर (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के 2 पद और जूनियर असिस्टेंट ग्रेड-II के 10 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। कुछ वरिष्ठ पदों पर मासिक वेतन 2.08 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।   महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2026 निर्धारित की गई है। पात्रता की गणना भी इसी तिथि के आधार पर की जाएगी।   शैक्षणिक योग्यता जॉइंट डायरेक्टर पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक डिग्री आवश्यक है। इसके साथ एमबीए, विधि, फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पब्लिक हेल्थ, कृषि या अन्य संबंधित विषयों की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। मैनेजर (आईटी) पद के लिए बीटेक, एमटेक, एमसीए या संबंधित क्षेत्र में डिग्री अनिवार्य है। वहीं जूनियर असिस्टेंट ग्रेड-II पद के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है। कंप्यूटर संचालन, टाइपिंग और कार्यालयी कार्य का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सकती है।   आयु सीमा और चयन प्रक्रिया प्रतिनियुक्ति के आधार पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 56 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति एक से तीन वर्ष की अवधि के लिए की जा सकती है, जिसे आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।

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बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक State Bank of India (SBI) ने अप्रेंटिस के 7150 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 जून 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन अब इसे एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया गया है। ऐसे उम्मीदवार जो किसी कारणवश समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। 7150 पदों पर होगी भर्ती SBI द्वारा जारी भर्ती अभियान के तहत विभिन्न श्रेणियों में कुल 7150 पद भरे जाएंगे। श्रेणी पदों की संख्या सामान्य (UR) 3086 ओबीसी (OBC) 1672 एससी (SC) 1107 ईडब्ल्यूएस (EWS) 699 एसटी (ST) 586 कुल पद 7150 शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। कितना मिलेगा स्टाइपेंड? यह भर्ती स्थायी नौकरी के लिए नहीं बल्कि एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए है। चयनित उम्मीदवारों को बैंकिंग कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। ट्रेनिंग अवधि के दौरान हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार निम्नलिखित आसान स्टेप्स को फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं— SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। SBI Careers Portal होमपेज पर मौजूद Careers सेक्शन पर क्लिक करें। Engagement of Apprentices in SBI (Advertisement No. CRPD/APPR/2026) लिंक खोलें। Apply Online पर क्लिक कर नया रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन करके आवेदन फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। निर्धारित आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें। आवेदन फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। युवाओं के लिए बड़ा अवसर SBI की अप्रेंटिसशिप भर्ती बैंकिंग क्षेत्र में करियर शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए उम्मीदवारों को बैंकिंग संचालन, ग्राहक सेवा और वित्तीय प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जो भविष्य में रोजगार के नए अवसर खोल सकता है।  

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