राशि

Aaj Ka Singh Rashifal: सिंह राशि वालों के लिए आज नौकरी और व्यापार में बन रहे लाभ के मजबूत योग, विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन, ये है लकी नंबर

Rahul Singh अप्रैल 15, 2026
Aaj Ka Singh Rashifal: सिंह राशि वालों के लिए आज नौकरी और व्यापार में बन रहे लाभ के मजबूत योग, विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन, ये है लकी नंबर
Aaj Ka Singh Rashifal: सिंह राशि वालों के लिए आज नौकरी और व्यापार में बन रहे लाभ के मजबूत योग, विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन, ये है लकी नंबर
Aaj Ka Singh Rashifal 15 April 2026: ज्योतिषाचार्य डॉ बसंत सोनी ने कहा कि आज (बुधवार) सिंह राशि के जातकों को नशे से दूरी बनाकर रखना चाहिए. लंबी यात्रा करने से बचना अच्छा रहेगा. ईष्ट देवताओं और पूर्वजों का स्मरण करना लाभकारी होगा. जरूरतमंदों को दान करने से भी सकारात्मक फल मिलने के संकेत हैं.

Astrology

View more
Samrat Choudhary Prediction: सम्राट चौधरी का शपथ ग्रहण बेहद खास, सूर्य-केतु ने पहुंचाया सत्ता के शिखर पर, लेकिन बिहार के नए सीएम के लिए चुनौतियां भी कम नहीं
Samrat Choudhary Prediction: सम्राट चौधरी का शपथ ग्रहण बेहद खास, सूर्य-केतु ने पहुंचाया सत्ता के शिखर पर, लेकिन बिहार के नए सीएम के लिए चुनौतियां भी कम नहीं

Samrat Choudhary Astrology Prediction: सम्राट चौधरी बिहार के नए सीएम के तौर पर आज शपथ लिया. उनका शपथ ग्रहण दो शुभ संयोग में हुआ है. सूर्य-केतु ने सम्राट चौधरी को सत्ता के शिखर पर पहुंचाया है, लेकिन शनि-मंगल और चन्द्रमा-राहु उनको परेशान कर सकते हैं. ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना से जानते हैं कैसा रहेगा सम्राट चौधरी का भविष्य?

Kartikey Tiwari अप्रैल 15, 2026
कर्क राशि विक्रम संवत 2083 राशिफल: रिश्तों में मिठास, धन लाभ के योग, लेकिन मानसिक तनाव कर सकता है परेशान
कर्क राशि विक्रम संवत 2083 राशिफल: रिश्तों में मिठास, धन लाभ के योग, लेकिन मानसिक तनाव कर सकता है परेशान

Kark Rashi: कर्क राशि के लिए विक्रम संवत 2083 तरक्की और रिश्तों में सुधार का साल है. करियर और धन लाभ के मौके मिलेंगे, लेकिन सेहत और भावनाओं पर कंट्रोल जरूरी रहेगा.

Keerti Rajpoot अप्रैल 15, 2026
Vaishakh Amavasya 2026 Date: वैशाख अमावस्या कब है, 16 या 17 अप्रैल? जानें तारीख, मुहूर्त, पितरों के ​लिए क्यों है महत्वपूर्ण
Vaishakh Amavasya 2026 Date: वैशाख अमावस्या कब है, 16 या 17 अप्रैल? जानें तारीख, मुहूर्त, पितरों के ​लिए क्यों है महत्वपूर्ण

Vaishakh Amavasya 2026 Date: वैशाख अमावस्या इस बार 16 अप्रैल को है या फिर 17 अप्रैल को? सवाल इसलिए है क्योंकि 16 और 17 दोनों दिन अमावस्या तिथि है. आइए जानते हैं वैशाख अमावस्या की सही तारीख और मुहूर्त. वैशाख अमावस्या पितरों के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?

Kartikey Tiwari अप्रैल 15, 2026
छोटी सी लापरवाही, बड़ा नुकसान! बाथरूम का खुला दरवाजा कैसे प्रभावित करता है आपके ग्रह और भाग्य, एक्सपर्ट से जानें समाधान
छोटी सी लापरवाही, बड़ा नुकसान! बाथरूम का खुला दरवाजा कैसे प्रभावित करता है आपके ग्रह और भाग्य, एक्सपर्ट से जानें समाधान

Bathroom Vastu Tips: छोटी आदतें ही बड़े बदलाव लाती हैं. अगर आप अपने जीवन में संतुलन, शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो बाथरूम का दरवाजा बंद रखने जैसी साधारण आदत को अपनाना एक अच्छा कदम हो सकता है. ज्योतिष और वास्तु के अनुसार यह छोटा बदलाव आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है.

Keerti Rajpoot अप्रैल 15, 2026
Malavya Rajyog 2026: अक्षय तृतीया पर बन रहा मालव्य राजयोग, शुक्र इन 3 राशिवालों को कर देंगे धनवान, करियर में भी होगी उन्नति!
Malavya Rajyog 2026: अक्षय तृतीया पर बन रहा मालव्य राजयोग, शुक्र इन 3 राशिवालों को कर देंगे धनवान, करियर में भी होगी उन्नति!

Malavya Rajyog 2026 Lucky Zodiac Signs: वृषभ राशि में शुक्र के गोचर से मालव्य राजयोग बनने वाला है. 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन मालव्य राजयोग बनेगा, जो 14 मई तक रहेगा. मालव्य राजयोग से 3 राशिवालों के धन और करियर में उन्नति होगी. लव लाइफ भी शानदार रहेगी.

Kartikey Tiwari अप्रैल 15, 2026
Aaj Ka Singh Rashifal: सिंह राशि वालों के लिए आज नौकरी और व्यापार में बन रहे लाभ के मजबूत योग, विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन, ये है लकी नंबर
Aaj Ka Singh Rashifal: सिंह राशि वालों के लिए आज नौकरी और व्यापार में बन रहे लाभ के मजबूत योग, विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन, ये है लकी नंबर

Aaj Ka Singh Rashifal 15 April 2026: ज्योतिषाचार्य डॉ बसंत सोनी ने कहा कि आज (बुधवार) सिंह राशि के जातकों को नशे से दूरी बनाकर रखना चाहिए. लंबी यात्रा करने से बचना अच्छा रहेगा. ईष्ट देवताओं और पूर्वजों का स्मरण करना लाभकारी होगा. जरूरतमंदों को दान करने से भी सकारात्मक फल मिलने के संकेत हैं.

Rahul Singh अप्रैल 15, 2026
घर के पास पीपल का पेड़ होना क्यों माना जाता है शुभ? जानिए इसके बड़े फायदे जो शायद ही हो आपको मालूम
घर के पास पीपल का पेड़ होना क्यों माना जाता है शुभ? जानिए इसके बड़े फायदे जो शायद ही हो आपको मालूम

घर के आसपास पीपल का पेड़ होना कई मायनों में लाभकारी माना जाता है. यह न सिर्फ पर्यावरण को शुद्ध करता है, बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है.

Vivek Kumar अप्रैल 15, 2026
Aaj Ka Kumbh Rashifal 15 April 2026: कुंभ राशि वालों के लिए शुभ संकेतों से भरपूर दिन, करियर में मिलेंगे नए मौके, धन प्राप्ति के योग
Aaj Ka Kumbh Rashifal 15 April 2026: कुंभ राशि वालों के लिए शुभ संकेतों से भरपूर दिन, करियर में मिलेंगे नए मौके, धन प्राप्ति के योग

Kumbh Ka Aaj Ka Rashifal: कुंभ राशि के जातक आज के दिन (बुधवार) गायों को हरा चारा खिलाएं और बच्चों को चॉकलेट दें. भगवान गणेश के मंदिर में लड्डू चढ़ाने से सफलता और वृद्धि के रास्ते खुल सकते हैं.

Rahul Singh अप्रैल 15, 2026
धनु राशि वाले व्यापार में ना लगाएं पैसा, जॉब वालों की बढ़ेगी टेंशन, आज इस उपाय से मिलेगी राहत
धनु राशि वाले व्यापार में ना लगाएं पैसा, जॉब वालों की बढ़ेगी टेंशन, आज इस उपाय से मिलेगी राहत

15 अप्रैल को धनु राशि के जातकों को मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैय व्यापार में निवेश, विशेषकर साझेदारी से बचें. कार्यस्थल पर अड़चनें आ सकती हैं. हालांकि, प्रेम जीवन में सुकून मिलेगा. राहत के लिए भगवान शिव की पूजा और मंत्र जाप करने की सलाह दी गई है.

Prashun Singh अप्रैल 15, 2026
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?