स्पोर्ट्स

IPL में RCB का नया कीर्तिमान, 300 मिलियन डॉलर ब्रांड वैल्यू पार करने वाली पहली फ्रेंचाइज़ी बनी

abhishek singh जुलाई 30, 2026 0
RCB Brand Value
RCB Brand Value 300 Million Dollar

आईपीएल इतिहास में पहली बार किसी टीम ने पार किया 300 मिलियन डॉलर का आंकड़ा

 

नई दिल्ली, एजेंसियां। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने मैदान के बाहर एक बड़ा इतिहास रच दिया है। आईपीएल ब्रांड वैल्यूएशन स्टडी 2026 के अनुसार, RCB 300 मिलियन डॉलर (करीब 312 मिलियन डॉलर) की ब्रांड वैल्यू पार करने वाली आईपीएल की पहली फ्रेंचाइज़ी बन गई है। इस उपलब्धि के साथ RCB ने सभी अन्य टीमों को पीछे छोड़ते हुए सबसे मूल्यवान आईपीएल टीम का स्थान हासिल कर लिया है।

 

आईपीएल का कुल कारोबार भी रिकॉर्ड स्तर पर

 

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का कुल बिजनेस वैल्यूएशन बढ़कर 20.6 अरब डॉलर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 11.4% अधिक है। लीग की बढ़ती लोकप्रियता, डिजिटल व्यूअरशिप, स्पॉन्सरशिप और मीडिया अधिकारों से यह वृद्धि दर्ज की गई है।

 

खिताबी जीत का मिला बड़ा फायदा

 

विशेषज्ञों का मानना है कि RCB की हालिया आईपीएल सफलता, मजबूत फैन बेस, विराट कोहली की वैश्विक लोकप्रियता और बढ़ते कमर्शियल सौदों ने फ्रेंचाइज़ी की ब्रांड वैल्यू में बड़ी छलांग लगाने में अहम भूमिका निभाई है। RCB अब केवल क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे मजबूत स्पोर्ट्स ब्रांड्स में शामिल होती जा रही है।

 

ब्रांड वैल्यू में नई ऊंचाई

 

विश्लेषकों का कहना है कि RCB की यह उपलब्धि आईपीएल के व्यावसायिक विस्तार का बड़ा संकेत है। आने वाले वर्षों में फ्रेंचाइज़ियों के बीच ब्रांड वैल्यू और वैश्विक निवेश को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

स्पोर्ट्स

View more
Indian Men's Hockey Team
एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम घोषित, हरमनप्रीत सिंह को फिर मिली कप्तानी

राज कुमार पाल की टीम में वापसी, गोल्ड बचाने के इरादे से उतरेगा भारत   नई दिल्ली, एजेंसियां। हॉकी इंडिया ने एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया, जापान) के लिए 20 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत सिंह को सौंपी गई है, जबकि अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह टीम में अपनी अहम भूमिका निभाते रहेंगे। भारत इस बार एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगा।   राज कुमार पाल की हुई वापसी   घोषित टीम में सबसे बड़ा बदलाव राज कुमार पाल की वापसी है। उन्हें अंतिम 20 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं ने अनुभव और युवा खिलाड़ियों के संतुलन के साथ टीम तैयार की है, ताकि भारत लगातार दूसरा एशियाई स्वर्ण जीत सके।   20 सितंबर से शुरू होगा अभियान   भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ करेगी। भारत को पूल-ए में रखा गया है और टीम का लक्ष्य न सिर्फ एशियाई खिताब बचाना है, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का रास्ता भी मजबूत करना होगा। एशियन गेम्स का हॉकी विजेता सीधे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेगा।   कोच को टीम से बड़ी उम्मीदें   मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि टीम का चयन खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म और फिटनेस को ध्यान में रखकर किया गया है। उनका मानना है कि यह टीम एशियन गेम्स में भारत की स्वर्णिम परंपरा को आगे बढ़ाने में सक्षम है।

abhishek singh जुलाई 30, 2026 0
Neymar Retirement

नेमार ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, 16 साल के शानदार करियर का हुआ अंत

Smriti Mandhana

'द हंड्रेड' में स्मृति मंधाना का धमाका, 88 रन ठोक टीम को दिलाई शानदार जीत

RCB Brand Value

IPL में RCB का नया कीर्तिमान, 300 मिलियन डॉलर ब्रांड वैल्यू पार करने वाली पहली फ्रेंचाइज़ी बनी

Shubman Gill
ICC वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल का दबदबा, फिर बने दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज

डैरिल मिचेल को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान पर पहुंचे भारतीय कप्तान   दुबई, एजेंसियां। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर आईसीसी पुरुष वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। गिल ने न्यूजीलैंड के डैरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए छह महीने बाद फिर से शीर्ष रैंकिंग अपने नाम की। हालिया शानदार प्रदर्शन का उन्हें सीधा फायदा मिला है।   भारत का टॉप-5 में दबदबा   ताजा आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में भारत का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। शुभमन गिल पहले स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा भी शीर्ष-5 बल्लेबाजों में शामिल हैं। इससे वनडे क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती एक बार फिर साबित हुई है।   लगातार शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम   इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी और कप्तानी के दम पर गिल ने रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें फिर से दुनिया का नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बना दिया।   भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि   शुभमन गिल के नंबर-1 बनने को भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह आने वाले प्रमुख टूर्नामेंटों में भी इसी लय को बरकरार रखेंगे और भारत को बड़ी सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

abhishek singh जुलाई 30, 2026 0
रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में डूरंड कप का मुकाबला देखते दर्शक

रांची के मोरहाबादी में डूरंड कप का उत्साह, फुटबॉल प्रेमियों में दिखा जबरदस्त जुनून

Ryan ten Doeschate

KKR में रयान टेन डोएशेट की नई जिम्मेदारी, बने 'हेड ऑफ क्रिकेट स्ट्रैटेजी'

Litton Das

बांग्लादेश क्रिकेट में बड़ा बदलाव, लिटन दास बने नए वनडे कप्तान; मेहदी हसन मिराज की हुई छुट्टी

WTC 2025-27 points table
WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर, पाकिस्तान सबसे नीचे; भारत पांचवें स्थान पर खिसका

दुबई, एजेंसियां। आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) की ताज़ा अंक तालिका में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 90 रन की हार के बाद पाकिस्तान अंक तालिका में नौवें और अंतिम स्थान पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि भारत फिलहाल पांचवें स्थान पर है।   पाकिस्तान की लगातार खराब फॉर्म का असर   पाकिस्तान ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 5 टेस्ट खेले हैं, जिनमें उसे केवल 1 जीत मिली है। टीम का पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) 6.66 पर आ गया है, जो सभी नौ टीमों में सबसे कम है। यह पाकिस्तान की लगातार आठवीं विदेशी टेस्ट हार भी है, जिससे उसकी WTC फाइनल की राह बेहद मुश्किल हो गई है।   भारत पांचवें स्थान पर, ऑस्ट्रेलिया नंबर-1   ताज़ा अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर है। उसके बाद साउथ अफ्रीका, न्यूज़ीलैण्ड  और बांग्लादेश क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। भारत फिलहाल पांचवें स्थान पर है और श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में उसके पास अंक तालिका में ऊपर चढ़ने का मौका होगा।   हर टेस्ट अब होगा बेहद अहम   WTC 2025-27 का मुकाबला अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन हर जीत और हर हार अंक तालिका पर बड़ा असर डाल रही है। आने वाले महीनों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और अन्य टीमों के बीच शीर्ष दो स्थानों के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है, जबकि पाकिस्तान के लिए अब वापसी करना बड़ी चुनौती होगी।

anjali kumari जुलाई 30, 2026 0
Murali Sri Shankar

मुरली श्रीशंकर ने जीता सिल्वर मेडल, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को लंबी कूद में बड़ी सफलता

Ajinkya Rahane Retirement

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, खत्म हुआ भारतीय क्रिकेट का एक शानदार अध्याय

ICC Rankings 2026

ICC Rankings: वैभव सूर्यवंशी ने लगाई 230 स्थान की छलांग, टी20 के टॉप-50 बल्लेबाजों में बनाई जगह

0 Comments

Top week

Mojtaba Khamenei delivering a statement on Iran, Hezbollah, and the Middle East conflict
दुनिया

US-Iran War: मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान, बोले- 'अब जिहाद और प्रतिरोध ही एकमात्र रास्ता'

kalpana जुलाई 27, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?