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CWG 2026 Day 8: Neeraj Chopra Leads India’s Action

CWG 2026 Day 8: आज नीरज चोपड़ा पर रहेंगी नजरें, एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में भारत की मेडल पर निगाह

surbhi जुलाई 30, 2026 0
Neeraj Chopra headlines India’s Day 8 schedule at Commonwealth Games 2026 with major athletics and weightlifting medal events
CWG 2026 Day 8: Neeraj Chopra and India’s Medal Hopes

Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 8वां दिन भारत के लिए बेहद अहम रहने वाला है। गुरुवार, 30 जुलाई को भारतीय स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। वह पुरुषों के जैवलिन थ्रो क्वालिफिकेशन में उतरेंगे। हालांकि, आज नीरज का मेडल इवेंट नहीं है। जैवलिन थ्रो का फाइनल 31 जुलाई को होगा।

नीरज चोपड़ा के अलावा भारत की नजरें एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग में होने वाले कई मेडल इवेंट पर रहेंगी। शॉट पुट में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल, महिला 5000 मीटर में पारुल चौधरी और वेटलिफ्टिंग में मार्टिना देवी मैबाम तथा लवप्रीत सिंह पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे।

नीरज चोपड़ा की होगी एंट्री

भारत के लिए दिन का सबसे बड़ा आकर्षण नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यश वीर सिंह का पुरुष जैवलिन थ्रो क्वालिफिकेशन होगा। यह मुकाबला दोपहर 2:55 बजे शुरू होगा।

नीरज का आज का लक्ष्य फाइनल में जगह बनाना होगा। जैवलिन थ्रो का मेडल मुकाबला 31 जुलाई को होगा, इसलिए भारतीय प्रशंसकों की नजरें आज उनकी क्वालिफिकेशन पर रहेंगी।

एथलेटिक्स में कई बड़े मुकाबले

एथलेटिक्स में भारत के कई खिलाड़ी अलग-अलग स्पर्धाओं में उतरेंगे। तेजस्विन शंकर डेकाथलॉन में कई इवेंट में हिस्सा लेंगे। वहीं सेल्वा प्रभु टी और प्रवीण चित्रावेल पुरुष ट्रिपल जंप क्वालिफिकेशन में उतरेंगे।

शॉट पुट में समरदीप सिंह गिल और तजिंदरपाल सिंह तूर का फाइनल रात 11:30 बजे होगा। यह भारत के लिए प्रमुख मेडल इवेंट में से एक है।

महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में निधि रानी और सीमा उतरेंगी, जबकि महिला 5000 मीटर फाइनल में पारुल चौधरी से भी पदक की उम्मीद होगी।

वेटलिफ्टिंग में दो मेडल मुकाबले

वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए दिन खास हो सकता है। मार्टिना देवी मैबाम महिला +86 किग्रा फाइनल में शाम 6:30 बजे उतरेंगी।

इसके बाद लवप्रीत सिंह पुरुष +110 किग्रा फाइनल में रात 11 बजे मेडल के लिए जोर लगाएंगे। दोनों मुकाबले मेडल इवेंट हैं।

साइक्लिंग में भी पदक की उम्मीद

ट्रैक साइक्लिंग में भारत पुरुष टीम स्प्रिंट क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेगा। टीम में रोजित सिंह यांगलेम, डेविड बेकहम एलकटोहचूंगो और रोनाल्डो सिंह लैटोनजाम शामिल हैं, जबकि जेम्श सिंह कैथेल्लाकपम रिजर्व हैं।

क्वालिफाई करने की स्थिति में टीम रात 10:50 बजे ब्रॉन्ज और 10:55 बजे गोल्ड मेडल मुकाबले में उतर सकती है।

पैरा ट्रैक साइक्लिंग में लिशा दास महिला C4-C5 4000 मीटर इंडिविजुअल परसूट में चुनौती पेश करेंगी। क्वालिफिकेशन के बाद उनके लिए ब्रॉन्ज और गोल्ड मेडल रेस का रास्ता खुल सकता है।

बाउल्स में भी भारतीय खिलाड़ी एक्शन में

बाउल्स में पुरुष पेयर्स सेक्शनल मुकाबले में नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की जोड़ी बोत्सवाना के कैजर गेचे और चार्ल्स डिटेको से भिड़ेगी। यह मैच शाम 7:30 बजे होगा।

महिला सिंगल्स में नयनमोनी सैकिया का मुकाबला मलेशिया की एम्मा फिरयाना सारोजी से रात 8:55 बजे होगा।

भारत का पूरा Day 8 शेड्यूल

एथलेटिक्स

  • 2:47 PM — पुरुष डेकाथलॉन 100 मीटर हीट-2: तेजस्विन शंकर
  • 2:55 PM — पुरुष जैवलिन थ्रो क्वालिफिकेशन: नीरज चोपड़ा, रोहित यादव, यश वीर सिंह
  • 3:20 PM — पुरुष डेकाथलॉन लंबी कूद: तेजस्विन शंकर
  • 4:55 PM — पुरुष ट्रिपल जंप क्वालिफिकेशन: सेल्वा प्रभु टी, प्रवीण चित्रावेल
  • 5:10 PM — पुरुष डेकाथलॉन शॉट पुट ग्रुप-A: तेजस्विन शंकर
  • 5:40 PM — पुरुष 400 मीटर सेमीफाइनल-1: विशाल टीके
  • 11:30 PM — पुरुष शॉट पुट फाइनल: समरदीप सिंह गिल, तजिंदरपाल सिंह तूर — मेडल इवेंट
  • 11:38 PM — पुरुष डेकाथलॉन हाई जंप ग्रुप-A: तेजस्विन शंकर
  • 11:43 PM — पुरुष 200 मीटर सेमीफाइनल: अनिमेष कुजूर
  • 1:10 AM, 31 जुलाई — महिला डिस्कस थ्रो फाइनल: निधि रानी, सीमा — मेडल इवेंट
  • 1:38 AM, 31 जुलाई — पुरुष डेकाथलॉन 400 मीटर हीट-2: तेजस्विन शंकर
  • 1:48 AM, 31 जुलाई — महिला 5000 मीटर फाइनल: पारुल चौधरी — मेडल इवेंट

बाउल्स

  • 7:30 PM — पुरुष पेयर्स: नवनीत सिंह/दिनेश कुमार बनाम कैजर गेचे/चार्ल्स डिटेको
  • 8:55 PM — महिला सिंगल्स: नयनमोनी सैकिया बनाम एम्मा फिरयाना सारोजी

पैरा ट्रैक साइक्लिंग

  • 4:36 PM — महिला C4-C5 4000 मीटर इंडिविजुअल परसूट क्वालिफाइंग: लिशा दास
  • 9:44 PM — ब्रॉन्ज मेडल रेस, यदि क्वालिफाई करती हैं
  • 9:51 PM — गोल्ड मेडल रेस, यदि क्वालिफाई करती हैं

ट्रैक साइक्लिंग

  • 5:37 PM — पुरुष टीम स्प्रिंट क्वालिफाइंग: रोजित सिंह यांगलेम, डेविड बेकहम एलकटोहचूंगो, रोनाल्डो सिंह लैटोनजाम; जेम्श सिंह कैथेल्लाकपम रिजर्व
  • 10:50 PM — ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला, यदि क्वालिफाई करते हैं
  • 10:55 PM — गोल्ड मेडल मुकाबला, यदि क्वालिफाई करते हैं

वेटलिफ्टिंग

  • 6:30 PM — महिला +86 किग्रा फाइनल: मार्टिना देवी मैबाम — मेडल इवेंट
  • 11:00 PM — पुरुष +110 किग्रा फाइनल: लवप्रीत सिंह — मेडल इवेंट

भारत के लिए क्यों खास है Day 8?

30 जुलाई का दिन भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नीरज चोपड़ा के जैवलिन अभियान के साथ-साथ एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और साइक्लिंग में भी पदक के मौके मौजूद हैं। हालांकि नीरज का मेडल मुकाबला आज नहीं है, लेकिन उनकी क्वालिफिकेशन पर पूरे देश की नजर रहेगी।

अब देखना होगा कि भारत Day 8 को अपने मेडल टैली में कितनी बढ़ोतरी कर पाता है।

 

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Duleep Trophy 2026: वैभव सूर्यवंशी को मिली उपकप्तानी, रेड-बॉल क्रिकेट में रिकॉर्ड चिंताजनक; अब होगी बड़ी परीक्षा

Duleep Trophy 2026: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। 15 सदस्यीय टीम की कप्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे। हाल ही में भारत के लिए डेब्यू करने और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव के सामने अब रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की चुनौती है। 15 साल के वैभव ने टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी सुर्खियां बटोरी हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी जीता। लेकिन दलीप ट्रॉफी का फॉर्मेट पूरी तरह अलग है। यहां नई लाल गेंद की स्विंग और सीम, लंबी पारियां खेलने की चुनौती और धैर्य की परीक्षा बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होती है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा है वैभव का रिकॉर्ड? टी20 क्रिकेट में धमाल मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी का फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड अभी उतना प्रभावशाली नहीं रहा है। बिहार की ओर से खेलते हुए उन्होंने अब तक 8 फर्स्ट क्लास मैचों की 12 पारियों में 207 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 17.25 है और स्ट्राइक रेट करीब 90 का है। उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सिर्फ एक अर्धशतक है। ये आंकड़े बताते हैं कि रेड-बॉल क्रिकेट में वैभव को अभी लंबा सफर तय करना है। हालांकि, उनकी कम उम्र और सीमित अनुभव को देखते हुए दलीप ट्रॉफी उनके लिए खुद को बेहतर बनाने और बड़े स्तर पर अपनी बल्लेबाजी साबित करने का महत्वपूर्ण मंच हो सकता है। यूथ टेस्ट में दिखा है वैभव का दम फर्स्ट क्लास क्रिकेट के आंकड़े भले ही अभी बहुत प्रभावशाली नहीं हैं, लेकिन यूथ टेस्ट क्रिकेट में वैभव ने अपनी क्षमता जरूर दिखाई है। 2024 और 2025 में उन्होंने 6 यूथ टेस्ट खेले और 331 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत करीब 33 रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 137 का था। उनके नाम दो शतक भी हैं और सर्वोच्च स्कोर 113 रन रहा। ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार उदाहरण पेश किया था। दलीप ट्रॉफी में क्यों महत्वपूर्ण होगी वैभव की भूमिका? दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी मिलना वैभव के लिए सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। ईस्ट जोन की टीम में उनसे रन बनाने के साथ-साथ नेतृत्व समूह में योगदान की भी उम्मीद होगी। रेड-बॉल क्रिकेट में उन्हें अपनी बल्लेबाजी की शैली में बदलाव करना पड़ सकता है। सीम और स्विंग के खिलाफ नई गेंद को संभालना, लंबे समय तक क्रीज पर टिकना और धैर्य के साथ रन बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। अगर वैभव इस टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं तो यह उनके रेड-बॉल करियर के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। 23 अगस्त से शुरू होगी दलीप ट्रॉफी दलीप ट्रॉफी 2026 की शुरुआत 23 अगस्त से होगी। टूर्नामेंट में पांच जोन की टीमें हिस्सा लेंगी। पहला मुकाबला ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच होगा, जबकि दूसरा मैच नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन के बीच खेला जाएगा। इन दोनों मुकाबलों को क्वार्टर फाइनल के तौर पर खेला जाएगा। वहीं सेंट्रल जोन और साउथ जोन को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी का रेड-बॉल रिकॉर्ड फर्स्ट क्लास मैच: 8 पारियां: 12 रन: 207 औसत: 17.25 अर्धशतक: 1 यूथ टेस्ट: 6 यूथ टेस्ट रन: 331 यूथ टेस्ट शतक: 2 सर्वोच्च यूथ टेस्ट स्कोर: 113 अब सवाल यह है कि टी20 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी रेड-बॉल क्रिकेट की परीक्षा में कितना सफल हो पाते हैं। दलीप ट्रॉफी उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खुद को लंबे फॉर्मेट के लिए तैयार साबित करने का बड़ा मौका होगी।  

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