टेक्नोलॉजी

कश्मीर के इनोवेटर्स ने बनाया भारत का पहला ट्राई-हाइब्रिड स्कूटर 'SHE', सोलर-इलेक्ट्रिक-पेट्रोल से चलेगा

anjali kumari जुलाई 30, 2026 0
SHE Tri-Hybrid Scooter
SHE Tri-Hybrid Scooter

श्रीनगर, एजेंसियां। कश्मीर के युवा इनोवेटर्स बिलाल अहमद मीर और बिनिश गुलज़ार ने भारत का पहला ट्राई-हाइब्रिड थ्री-व्हीलर स्कूटर 'SHE' विकसित किया है। यह स्कूटर सोलर एनर्जी, बिजली और पेट्रोल तीनों से संचालित होता है। इसे पारंपरिक चार्जिंग सिस्टम और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। दोनों ने इस इनोवेशन को अपनी कंपनी Bilal's Innovative Solar Automobile (BISA) के तहत विकसित किया है।

 

REES तकनीक से मिलेगी लगातार पावर

 

'SHE' स्कूटर की सबसे बड़ी खासियत इसकी REES (Range Elevated Electric Scooter) तकनीक है। कंपनी के अनुसार, यह तकनीक सोलर एनर्जी से बैटरी को चार्ज करती रहती है। वहीं, सूरज की रोशनी न मिलने या खराब मौसम की स्थिति में पेट्रोल इंजन स्वतः सक्रिय होकर बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को सपोर्ट करता है, जिससे स्कूटर की रेंज और प्रदर्शन प्रभावित नहीं होता।

 

दिव्यांगों और डिलीवरी वर्कर्स के लिए खास डिजाइन

 

इस स्कूटर में इलेक्ट्रिक मूवेबल सीट दी गई है, जिसे स्विच के जरिए ऊपर-नीचे किया जा सकता है। यह फीचर दिव्यांग राइडर्स के लिए चढ़ने-उतरने को आसान बनाता है। साथ ही, इसमें 200 किलोग्राम तक सामान ले जाने की क्षमता वाला कार्गो स्पेस भी दिया गया है, जिससे यह फूड डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के गिग वर्कर्स के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

 

IoT फीचर्स और ग्रीन मोबिलिटी पर फोकस

 

'SHE' स्कूटर में IoT आधारित स्मार्ट फीचर्स, GPS, सेंसर और क्लाउड-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम दिए गए हैं, जो रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। बिलाल मीर ने बताया कि इससे पहले वह भारत की पहली हाई-टेक सोलर कार 'RAY' भी विकसित कर चुके हैं। कंपनी का लक्ष्य भविष्य में सोलर-पावर्ड मोबिलिटी और अन्य ग्रीन टेक्नोलॉजी आधारित उत्पादों का व्यापक इकोसिस्टम तैयार करना है।

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Wallet में DL रखने की जरूरत नहीं, फोन में रखें Virtual Driving Licence; mParivahan और DigiLocker से ऐसे करें डाउनलोड

ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखना भूल गए हैं या कार्ड के खोने का डर रहता है? अब स्मार्टफोन में ही अपना डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस सुरक्षित रख सकते हैं। सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म NextGen mParivahan और DigiLocker के जरिए DL की डिजिटल कॉपी फोन में सेव की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर इसे चेकिंग के दौरान दिखाया जा सकता है। Virtual Driving Licence क्या है? Virtual Driving Licence आपके असली ड्राइविंग लाइसेंस का डिजिटल रूप है, जिसे सरकारी ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे हर समय फिजिकल DL कार्ड साथ रखने की जरूरत कम हो जाती है। mParivahan में उपलब्ध डिजिटल DL में Dynamic QR Code भी होता है, जिसके जरिए संबंधित अधिकारी लाइसेंस की जानकारी और उसकी वैधता को डिजिटल तरीके से सत्यापित कर सकते हैं। mParivahan में ऐसे सेव करें DL फोन में NextGen mParivahan ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें। मोबाइल नंबर रजिस्टर करके OTP से लॉगिन करें। होमपेज पर Driving Licence विकल्प चुनें। अपना DL नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। Search पर क्लिक करें। स्क्रीन पर दिखाई गई DL डिटेल्स को जांचें। Add to Dashboard या Create Virtual DL विकल्प चुनें। OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें। वेरिफिकेशन के बाद Virtual DL आपके ऐप के Dashboard में सेव हो जाएगा। DigiLocker में कैसे सेव करें? फोन में DigiLocker ऐप इंस्टॉल करें। मोबाइल नंबर या उपलब्ध लॉगिन विकल्प से साइन इन करें। सर्च में Ministry of Road Transport and Highways खोजें। Driving Licence विकल्प चुनें। DL नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। Get Document पर टैप करें। वेरिफिकेशन के बाद DL आपके Issued Documents सेक्शन में सेव हो जाएगा। क्यों है यह सुविधा उपयोगी? डिजिटल DL फोन में होने से फिजिकल कार्ड भूलने, खोने या खराब होने की परेशानी कम हो सकती है। खास तौर पर ट्रैफिक चेकिंग के दौरान सरकारी ऐप में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज दिखाना सुविधाजनक रहता है। हालांकि, किसी भी सरकारी दस्तावेज की डिजिटल वैधता और इस्तेमाल से जुड़े नियमों को समय-समय पर आधिकारिक सरकारी स्रोतों से जरूर जांचना चाहिए।  

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Apple ने लॉन्च किया नया Upgrade Leasing Program, अब मासिक किराए पर ले सकेंगे iPhone और अन्य डिवाइस

नई दिल्ली, एजेंसियां। Apple ने अमेरिका में अपने ग्राहकों के लिए नया Apple Upgrade Leasing Program लॉन्च किया है। इस योजना के तहत ग्राहक iPhone, Apple Watch, iPad और Mac जैसे Apple डिवाइस खरीदने के बजाय मासिक शुल्क देकर लीज़ (किराए) पर ले सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इस प्रोग्राम के जरिए ग्राहक बिना अतिरिक्त डाउन पेमेंट के हर साल नए डिवाइस में अपग्रेड करने का विकल्प भी चुन सकेंगे।   हर साल मिलेगा नए डिवाइस में अपग्रेड का विकल्प   Apple Upgrade Program के तहत ग्राहक लीज़ अवधि पूरी होने पर नवीनतम मॉडल में अपग्रेड कर सकते हैं, डिवाइस को एकमुश्त भुगतान कर अपने पास रख सकते हैं या फिर उसे वापस कर सकते हैं। कंपनी ने इस नए प्रोग्राम के साथ अमेरिका में अपने पुराने iPhone Upgrade Program और iPhone Payments को बंद करने का फैसला किया है।   Klarna के साथ साझेदारी   यह प्रोग्राम फिनटेक कंपनी Klarna के सहयोग से संचालित किया जाएगा। आवेदन के दौरान ग्राहकों का सॉफ्ट क्रेडिट चेक किया जाएगा, जिससे उनके क्रेडिट स्कोर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। Apple का दावा है कि पात्र ग्राहकों को मंजूरी की प्रक्रिया तेज और आसान होगी।   मासिक शुल्क से मिलेंगे Apple डिवाइस   इस योजना के तहत ग्राहक iPhone और Apple Watch के लिए 12 या 24 महीने, जबकि Mac और iPad के लिए 24 या 36 महीने की लीज़ चुन सकते हैं। शुरुआती मासिक शुल्क iPhone 17e के लिए 17.99 डॉलर, iPhone 17 के लिए 22.99 डॉलर, iPhone 17 Pro के लिए 31.99 डॉलर और MacBook Pro के लिए 38.99 डॉलर रखा गया है।   कीमतें बढ़ने के बीच नई पहल   Apple ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब बढ़ती उत्पादन लागत और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के कारण कंपनी ने अपने कई उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि यदि अमेरिका में यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य देशों में भी शुरू किया जा सकता है।   भारत में पहले आ चुका है ऐसा मॉडल   भारत में इससे पहले Samsung और Flipkart ने Galaxy स्मार्टफोन्स के लिए Smart Upgrade Plan पेश किया था। हालांकि, आसान EMI विकल्पों की उपलब्धता के कारण यह योजना ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सकी। अब Apple का नया लीज़िंग मॉडल ग्राहकों को प्रीमियम डिवाइस इस्तेमाल करने का एक नया विकल्प उपलब्ध कराएगा।  

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Toyota Hilux भारत में लॉन्च, तीन वेरिएंट में मिलेगी नई लाइफस्टाइल पिकअप; कीमत ₹31.99 लाख से शुरू

नई दिल्ली, एजेंसियां। Toyota Kirloskar Motor ने भारतीय बाजार में अपनी नई 2026 Toyota Hilux लॉन्च कर दी है। लाइफस्टाइल पिकअप ट्रक सेगमेंट में आने वाली इस नई Hilux की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹31.99 लाख रखी गई है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत ₹36.69 लाख तक जाती है। कंपनी ने इसे कुल तीन वेरिएंट—GX 4X2 AT, GX 4X4 AT और VX 4X4 AT—में पेश किया है। लॉन्च के साथ ही इसकी बुकिंग शुरू हो गई है और ग्राहकों को इसकी डिलीवरी अगस्त के दूसरे सप्ताह से मिलने की उम्मीद है।   IMV प्लेटफॉर्म पर तैयार, डिजाइन में बरकरार मजबूती   नई 2026 Toyota Hilux को पहले की तरह बॉडी-ऑन-फ्रेम IMV प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी ने इसके मजबूत और दमदार डिजाइन को बरकरार रखा है, जिससे यह ऑफ-रोडिंग और कठिन रास्तों पर बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम है। यह पिकअप ट्रक एडवेंचर पसंद करने वाले ग्राहकों के साथ-साथ व्यावसायिक जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।   तीनों वेरिएंट में अलग-अलग फीचर्स   एंट्री-लेवल GX 4X2 AT वेरिएंट में सात एयरबैग, ABS, व्हीकल स्टेबिलिटी प्रोग्राम, डे-नाइट IRVM, रियर फॉग लैंप, 8-इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम, चार स्पीकर और वायर्ड फोन मिररिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं।   GX 4X4 AT वेरिएंट में 4X4 ड्राइव सिस्टम, हाई और लो रेंज मोड तथा डिफरेंशियल लॉक जैसी ऑफ-रोडिंग क्षमताएं जोड़ी गई हैं, जबकि अन्य फीचर्स बेस वेरिएंट जैसे ही हैं।   टॉप मॉडल VX 4X4 AT में 360-डिग्री कैमरा, डाउनहिल असिस्ट कंट्रोल, टेरेन सेलेक्टर, LED हेडलैंप, 12.3-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, आठ स्पीकर, वायरलेस चार्जर, वायरलेस फोन मिररिंग, पुश-बटन स्टार्ट, PM 2.5 एयर फिल्टर और प्रीमियम इंटीरियर जैसे कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं।   इंजन में नहीं हुआ कोई बदलाव   नई Hilux के मैकेनिकल सेटअप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले की तरह 2.8-लीटर, चार-सिलेंडर डीजल इंजन मिलता है, जो 201 bhp की अधिकतम पावर और 420 Nm से 500 Nm तक का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध है।   अगस्त से शुरू होगी डिलीवरी   Toyota Kirloskar Motor ने नई Hilux की बुकिंग देशभर के डीलरशिप और कंपनी के आधिकारिक चैनलों पर शुरू कर दी है। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों को इस नई लाइफस्टाइल पिकअप ट्रक की डिलीवरी अगस्त 2026 के दूसरे सप्ताह से शुरू की जाएगी। दमदार इंजन, बेहतर ऑफ-रोडिंग क्षमता और नए फीचर्स के साथ 2026 Toyota Hilux भारतीय बाजार में प्रीमियम पिकअप सेगमेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश करेगी।

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US-Iran War: मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान, बोले- 'अब जिहाद और प्रतिरोध ही एकमात्र रास्ता'

kalpana जुलाई 27, 2026 0

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