मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स जोड़ रहा है। अब कंपनी एक ऐसा स्मार्ट फीचर टेस्ट कर रही है, जो लंबी और व्यस्त चैट्स को समझना बेहद आसान बना देगा। इस फीचर का नाम है ‘Unread Summary’, जो खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो कई ग्रुप्स और लगातार आने वाले मैसेज से परेशान रहते हैं।
इस नए फीचर की मदद से यूजर्स बिना किसी चैट को खोले ही अपने अनरीड मैसेज का सार (summary) देख सकेंगे।
अब हर मैसेज पढ़ने या लंबी चैट स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं होगी। एक छोटा और स्पष्ट ओवरव्यू मिलेगा, जिससे तुरंत समझ आ जाएगा कि बातचीत में क्या अहम बातें हुई हैं।
WhatsApp इस फीचर में Private Processing तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है।
इसका मतलब है कि यूजर्स की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
इस फीचर को पूरी तरह ऑप्शनल रखा गया है:
फिलहाल ‘Unread Summary’ फीचर Android beta वर्जन में टेस्ट किया जा रहा है।
टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है।
यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है जो रोजाना सैकड़ों मैसेज हैंडल करते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
स्मार्टफोन बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब OnePlus ने अपने प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन OnePlus Nord 6 की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। कंपनी ने इस फोन की कीमत में सीधे ₹5,000 तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें अब OnePlus India और Amazon India पर भी अपडेट हो चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि फोन को लॉन्च हुए अभी ज्यादा समय भी नहीं हुआ है और इतनी जल्दी कीमत बढ़ने से यूजर्स हैरान हैं। इससे पहले भी OnePlus 15R की कीमत में कंपनी ने ₹7,000 तक का इजाफा किया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि बढ़ी कीमत के बाद भी क्या OnePlus Nord 6 वैल्यू-फॉर-मनी डिवाइस बना हुआ है? OnePlus Nord 6 की नई कीमत नई कीमतों के मुताबिक: 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट अब ₹38,999 की जगह ₹41,999 में मिलेगा। 12GB RAM + 256GB वेरिएंट की कीमत ₹41,999 से बढ़कर ₹46,999 हो गई है। यानी दोनों वेरिएंट्स पर कंपनी ने भारी प्राइस हाइक किया है। नई कीमत के बाद अब यह फोन प्रीमियम मिड-रेंज कैटेगरी में पहुंच चुका है, जहां इसका सीधा मुकाबला POCO X8 Pro Max और iQOO 15R जैसे स्मार्टफोन्स से होगा। क्यों बढ़ रही हैं स्मार्टफोन की कीमतें? विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप्स, प्रोसेसर और अन्य कंपोनेंट्स की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में संशोधन कर रही हैं। OnePlus का यह फैसला भी उसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है। क्या अब भी खरीदना चाहिए OnePlus Nord 6? कीमत बढ़ने के बावजूद OnePlus Nord 6 कई दमदार फीचर्स के साथ आता है। फोन में Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए शानदार माना जा रहा है। इसके अलावा बड़ी 9000mAh बैटरी लंबे बैकअप का दावा करती है और IP69K रेटिंग इसे बेहतर ड्यूरेबिलिटी देती है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें टेलीफोटो लेंस नहीं मिलता, लेकिन फिर भी फोन नेचुरल और एक्यूरेट फोटो क्लिक करने में सक्षम माना जा रहा है। वहीं बैटरी बैकअप लगभग दो दिन तक चल सकता है, जो हेवी यूजर्स के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। अगर आपकी प्राथमिकता टेलीफोटो कैमरा या ज्यादा फ्लैगशिप कैमरा एक्सपीरियंस है, तो आप दूसरे विकल्प देख सकते हैं। लेकिन यदि आप दमदार परफॉर्मेंस, लंबी बैटरी लाइफ और भरोसेमंद यूजर एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो OnePlus Nord 6 अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा सकता है। पूरा अपडेट पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
Realme भारत में अपना नया स्मार्टफोन Realme 16T 5G लॉन्च करने जा रहा है। लॉन्च से पहले ही कंपनी ने फोन के कई प्रमुख फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिसके बाद यह डिवाइस टेक मार्केट में चर्चा का विषय बन गया है। Realme 16T 5G को 22 मई को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इसे खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर ला रही है जो बड़ी बैटरी, दमदार कैमरा और AI फीचर्स वाला 5G स्मार्टफोन चाहते हैं। 50MP Sony कैमरा के साथ मिलेगा AI फोटोग्राफी एक्सपीरियंस फोन में 50MP का Sony IMX852 प्राइमरी कैमरा दिया जाएगा, जो f/1.8 अपर्चर और ऑटोफोकस सपोर्ट के साथ आएगा। कंपनी ने इसमें अपना खास LumaColor IMAGE Engine भी जोड़ा है, जो AI की मदद से स्किन टोन, कलर्स और फोटो डिटेल्स को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा फोन में RAW HDR प्रोसेसिंग और Custom White Balance जैसे फीचर्स भी मिलेंगे, जिससे लो-लाइट और प्रोफेशनल फोटोग्राफी का अनुभव और बेहतर हो सकता है। AI Portrait Glow समेत कई स्मार्ट फीचर्स Realme 16T 5G में AI Portrait Glow फीचर मिलेगा, जो कम रोशनी में चेहरे की लाइटिंग को बेहतर बनाने में मदद करेगा। यूजर्स इसमें Flash, Natural Light, Rim Light और Studio Light जैसे पोर्ट्रेट इफेक्ट्स का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। फोन में Rear Selfie Mirror फीचर भी दिया जाएगा, जिससे यूजर्स रियर कैमरे से सेल्फी लेते समय खुद को आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा कंपनी कई AI बेस्ड क्रिएटिव फीचर्स भी दे रही है, जिनमें: AI Popout Collage AI StyleMe AI Profile Portrait AI Football Star AI Instant Clip शामिल हैं। AI Instant Clip फीचर कुछ ही सेकेंड में फोटो और वीडियो से शॉर्ट वीडियो तैयार कर सकेगा। डिस्प्ले और ऑडियो पर भी खास ध्यान फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलेगा, जिसकी पीक ब्राइटनेस 2100 निट्स तक होगी। इससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है। कंपनी ने इसमें 400% Ultra Volume मोड भी दिया है, जो मूवी और सीरीज देखने के दौरान तेज और क्लियर ऑडियो देने में मदद करेगा। पानी और गिरने से भी रहेगा सुरक्षित Realme 16T 5G को IP69 Pro रेटिंग मिली है, यानी यह पानी और धूल से काफी हद तक सुरक्षित रहेगा। साथ ही इसमें मिलिट्री-ग्रेड शॉक रेजिस्टेंस प्रोटेक्शन भी मिलेगा, जिससे फोन गिरने पर अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। 8000mAh बैटरी के साथ लंबा बैकअप फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh बैटरी हो सकती है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर लगभग तीन दिन तक चल सकती है। इसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग, बायपास चार्जिंग और वायर्ड रिवर्स चार्जिंग जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे। तीन रंगों में होगा उपलब्ध यह स्मार्टफोन Starlight Black, Starlight Blue और Starlight Red कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जाएगा। अगर Realme इस फोन को आक्रामक कीमत में लॉन्च करता है, तो यह मिड-रेंज 5G स्मार्टफोन मार्केट में मजबूत चुनौती पेश कर सकता है।
Croma की “Everything Apple Sale Phase 2” अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और इस सेल में iPhone 17 समेत कई Apple डिवाइसेज पर बड़े ऑफर्स दिए जा रहे हैं। एक्सचेंज बोनस, बैंक डिस्काउंट और Tata Neu Coins के जरिए कई प्रोडक्ट्स की कीमत में भारी कटौती देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा चर्चा iPhone 17 की हो रही है, जिसकी प्रभावी कीमत कुछ मामलों में 45 हजार रुपये से भी कम तक पहुंच रही है। यही वजह है कि Apple यूजर्स और अपग्रेड की सोच रहे ग्राहकों के बीच यह सेल तेजी से लोकप्रिय हो रही है। iPhone 17 पर कैसे मिल रहा इतना बड़ा डिस्काउंट iPhone 17 के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत 82,900 रुपये बताई गई है। लेकिन Croma पुराने स्मार्टफोन पर 23,500 रुपये तक का एक्सचेंज वैल्यू दे रहा है। इसके अलावा चुनिंदा डिवाइसेज पर 8,000 रुपये तक का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस भी शामिल किया गया है। अगर ग्राहक डिस्काउंट कूपन और Tata Neu Coins का फायदा भी जोड़ते हैं, तो इस फोन की प्रभावी कीमत करीब 44,768 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम कीमत पुराने फोन की कंडीशन, शहर और स्टॉक उपलब्धता पर निर्भर करेगी। पुराने iPhone मॉडल्स पर भी शानदार डील इस सेल में सिर्फ iPhone 17 ही नहीं, बल्कि पुराने iPhone मॉडल्स पर भी भारी बचत का मौका मिल रहा है। iPhone 15 128GB की प्रभावी कीमत करीब 36 हजार रुपये तक पहुंच रही है iPhone 16 लगभग 40 हजार रुपये की शुरुआती प्रभावी कीमत में मिल सकता है कम बजट वाले यूजर्स के लिए ये मॉडल्स अभी भी काफी मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। MacBook और iPad खरीदने वालों के लिए भी मौका MacBook Air M5 पर स्टूडेंट और टीचर ऑफर्स के साथ अतिरिक्त डिस्काउंट दिया जा रहा है। एक्सचेंज और बोनस ऑफर्स जोड़ने के बाद इसकी प्रभावी कीमत 75 हजार रुपये से नीचे पहुंच सकती है। वहीं iPad 11th Gen और iPad Air M4 पर भी अच्छी कीमत कटौती देखने को मिल रही है। यही कारण है कि यह सेल स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी खास मानी जा रही है। AirPods और Apple Watch पर भी ऑफर्स सेल के दौरान AirPods Pro 3 और AirPods 4 पर भी डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा Apple Watch SE 3 को भी कम कीमत में खरीदा जा सकता है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Apple प्रोडक्ट्स पर इतने बड़े संयुक्त ऑफर्स कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में जो ग्राहक लंबे समय से Apple डिवाइस अपग्रेड करने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है।