WhatsApp Update

WhatsApp new feature
Samsung Galaxy A27 5G भारत में लॉन्च, Google Gemini AI और 6 साल के अपडेट के साथ आया नया स्मार्टफोन

नई दिल्ली, एजेंसियां। Samsung ने भारतीय बाजार में अपना नया Galaxy A27 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस मिड-रेंज फोन में पहली बार Google Gemini AI, Circle to Search, Perplexity AI सपोर्ट और 6 साल तक Android OS व सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है। फोन की शुरुआती कीमत ₹28,999 रखी गई है और इसकी बिक्री 3 जुलाई से शुरू होगी।   Snapdragon 6 Gen 3 और 120Hz AMOLED डिस्प्ले   Galaxy A27 5G में 6.7 इंच का Full HD+ Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन में Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर, 5,000mAh बैटरी और 25W फास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलती है।   AI फीचर्स और दमदार कैमरा   स्मार्टफोन में 50MP OIS प्राइमरी कैमरा, 5MP अल्ट्रा-वाइड, 2MP मैक्रो और 12MP फ्रंट कैमरा दिया गया है। AI फीचर्स में Google Gemini, Circle to Search, Object Eraser और अन्य स्मार्ट टूल्स शामिल हैं, जो यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाते हैं।   6 साल तक मिलेगा सॉफ्टवेयर सपोर्ट   Samsung ने Galaxy A27 5G के लिए 6 Android OS अपग्रेड और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि लंबे समय तक अपडेट मिलने से यूजर्स को बेहतर सुरक्षा और नए फीचर्स का लाभ मिलता रहेगा।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
WhatsApp username feature
WhatsApp के Username फीचर पर भारत सरकार सख्त, Meta को नोटिस; लॉन्च पर फिलहाल रोक

नई दिल्ली, एजेंसियां। Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp के नए Username फीचर को लेकर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने Meta को नोटिस जारी कर फिलहाल इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही कंपनी से तीन दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि इस फीचर से साइबर धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के खतरे को कैसे रोका जाएगा।   सरकार को किस बात की चिंता?   सरकार का मानना है कि यदि यूजर्स मोबाइल नंबर की जगह केवल Username के जरिए संपर्क कर सकेंगे, तो जालसाज सरकारी संस्थानों, कंपनियों या प्रसिद्ध लोगों जैसे नामों का इस्तेमाल कर लोगों को ठग सकते हैं। इसी कारण सरकार ने फीचर की सुरक्षा और गोपनीयता व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा शुरू की है।   WhatsApp ने दी सफाई   WhatsApp ने कहा है कि Username फीचर पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) होगा। यूजरनेम सार्वजनिक रूप से सर्च नहीं किए जा सकेंगे और मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थानों व बड़े ब्रांड्स के नाम पहले से सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि उनकी नकल न हो सके। कंपनी ने यह भी कहा कि संदिग्ध गतिविधियों और बार-बार फर्जी यूजरनेम बनाने की कोशिशों को ब्लॉक किया जाएगा।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
WhatsApp
WhatsApp में आए 6 नए फीचर्स, फोटो एडिटिंग से लेकर चैटिंग तक यूजर्स को मिलेगा नया अनुभव

नई दिल्ली, एजेंसियां। दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने अपने यूजर्स के लिए कई नए फीचर्स शुरू कर दिए हैं। इन अपडेट्स का उद्देश्य चैटिंग को आसान बनाना, स्टोरेज मैनेजमेंट बेहतर करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए यूजर एक्सपीरियंस को और स्मार्ट बनाना है।   फोटो एडिट करना होगा आसान   WhatsApp ने Meta AI आधारित नए फोटो एडिटिंग टूल पेश किए हैं। अब यूजर्स फोटो भेजने से पहले उसका बैकग्राउंड बदल सकेंगे, अनचाहे ऑब्जेक्ट हटा सकेंगे और AI की मदद से अलग-अलग स्टाइल भी उसमे लागू कर सकेंगे।   iPhone पर एक ही ऐप में चलेंगे दो अकाउंट   अब iPhone यूजर्स भी एक ही WhatsApp ऐप में दो अलग-अलग अकाउंट इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे पर्सनल और ऑफिस अकाउंट को अलग-अलग मैनेज करना आसान होगा। यह सुविधा पहले केवल Android यूजर्स के लिए उपलब्ध थी।   चैट ट्रांसफर हुआ और आसान   WhatsApp ने चैट ट्रांसफर फीचर को और बेहतर बनाया है। अब Android और iPhone के बीच चैट, फोटो और वीडियो ट्रांसफर करना पहले से ज्यादा आसान होगा, जिससे नया फोन लेने पर डेटा सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर किया जा सकेगा।   बड़े मीडिया फाइल्स आसानी से होंगे डिलीट    नए अपडेट के बाद यूजर्स किसी चैट के बड़े मीडिया फाइल्स को अलग से खोजकर डिलीट कर सकेंगे। इससे बिना पूरी चैट हटाए फोन की स्टोरेज खाली की जा सकेगी।   इमोजी टाइप करते ही मिलेंगे स्टिकर सुझाव   अब चैटिंग के दौरान जैसे ही यूजर कोई इमोजी टाइप करेगा, WhatsApp उससे जुड़े स्टिकर अपने आप सुझाएगा। इससे चैटिंग पहले से ज्यादा मजेदार और तेज हो जाएगी।   यूजरनेम फीचर की भी तैयारी   रिपोर्ट्स के मुताबिक WhatsApp जल्द ही Username फीचर भी लॉन्च कर सकता है। इसके बाद यूजर्स बिना मोबाइल नंबर साझा किए भी एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह फीचर यूजर की प्राइवेसी को और मजबूत करेगा।   चरणबद्ध तरीके से मिलेंगे अपडेट   WhatsApp ने बताया है कि ये सभी फीचर्स एक साथ सभी यूजर्स को नहीं मिलेंगे। इन्हें Android और iPhone पर चरणबद्ध तरीके से रोलआउट किया जा रहा है। यदि आपके फोन में अभी यह अपडेट नहीं आया है, तो Google Play Store या Apple App Store से WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करें।

abhishek singh जून 26, 2026 0
Smartphone home screen showing WhatsApp widget used to send voice messages without opening the app.
बिना ऑनलाइन आए भेज सकेंगे WhatsApp मैसेज, किसी को नहीं लगेगी भनक, जानें सेटअप का आसान तरीका

Send WhatsApp Message Without Showing Online: WhatsApp अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स पर काम कर रहा है। अब कंपनी एक ऐसा खास विजेट लाने की तैयारी कर रही है, जिसकी मदद से यूजर्स ऐप खोले बिना ही सीधे फोन की होम स्क्रीन से ऑडियो मैसेज भेज सकेंगे। इससे दूसरे लोगों को यह भी पता नहीं चलेगा कि आप WhatsApp पर ऑनलाइन थे या नहीं। WhatsApp ला रहा है नया ऑडियो मैसेज विजेट लोकप्रिय फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया वॉइस मैसेज विजेट टेस्ट कर रहा है। यह फीचर फिलहाल एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.26.24.2 में देखा गया है। इस विजेट की मदद से यूजर्स सीधे होम स्क्रीन से ऑडियो मैसेज रिकॉर्ड कर अपने कॉन्टैक्ट्स को भेज सकेंगे। इसके लिए WhatsApp ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्या होता है विजेट? विजेट किसी ऐप का छोटा शॉर्टकट होता है, जिसे फोन की होम स्क्रीन पर लगाया जा सकता है। इसके जरिए ऐप खोले बिना ही कुछ खास काम किए जा सकते हैं। WhatsApp का नया ऑडियो विजेट भी इसी तरह काम करेगा और यूजर्स को तेजी से वॉइस मैसेज भेजने की सुविधा देगा। कैसे काम करेगा नया फीचर? होम स्क्रीन पर WhatsApp ऑडियो विजेट सेट करना होगा। विजेट में दिए गए "Tap to Record" विकल्प पर टैप करना होगा। ऑडियो रिकॉर्ड करने के बाद उस कॉन्टैक्ट को चुनना होगा, जिसे मैसेज भेजना है। पूरा काम WhatsApp ऐप खोले बिना ही हो जाएगा। अन्य कॉन्टैक्ट्स को यह पता नहीं चलेगा कि आप ऑनलाइन थे या नहीं। एक साथ कई लोगों को भी ऑडियो मैसेज भेजने की सुविधा मिल सकती है। विजेट का डिजाइन कैसा होगा? रिपोर्ट के अनुसार, इस विजेट का डिफॉल्ट साइज 3×1 होगा। हालांकि यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार इसका आकार छोटा या बड़ा भी कर सकेंगे। इसका इंटरफेस काफी सरल रखा गया है ताकि कोई भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सके। अभी बिना WhatsApp खोले ऐसे पढ़ें मैसेज हालांकि ऑडियो मैसेज वाला नया फीचर अभी टेस्टिंग स्टेज में है, लेकिन एंड्रॉयड यूजर्स फिलहाल WhatsApp मैसेज विजेट का इस्तेमाल करके बिना ऐप खोले मैसेज पढ़ सकते हैं। ऐसे करें सेटअप: फोन की होम स्क्रीन पर खाली जगह को कुछ सेकंड दबाकर रखें। Widgets ऑप्शन पर जाएं। WhatsApp के विजेट्स में जाकर 4×2 साइज का विजेट चुनें। इसे होम स्क्रीन पर सेट कर लें। जरूरत के अनुसार इसका आकार छोटा या बड़ा कर सकते हैं। इसके बाद आने वाले WhatsApp मैसेज सीधे होम स्क्रीन पर दिखाई देंगे। इस तरह आप बिना WhatsApp खोले और बिना ऑनलाइन दिखे मैसेज पढ़ सकते हैं। कब मिलेगा नया फीचर? फिलहाल यह फीचर बीटा टेस्टिंग में है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इसे सभी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है। इसके बाद WhatsApp का इस्तेमाल पहले से ज्यादा आसान और प्राइवेट हो जाएगा।  

surbhi जून 18, 2026 0
Whatsapp Account Hacked
WhatsApp Account Hack हुआ है या नहीं, कैसे पता करें?

रांची। आजकल के डिजिटल ज़माने में WhatsApp सिर्फ chatting app नहीं, बल्कि personal chats, photos, documents और banking OTP तक का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में अगर आपका WhatsApp account hack हो जाए, तो privacy और security दोनों खतरे में पड़ सकती हैं। सवाल यह है कि WhatsApp hack हुआ है या नहीं, इसका पता कैसे लगाएं? आइए आसान भाषा में इसे समझते हैं। WhatsApp Account Hack होने के क्या संकेत हैं? 1. Unknown Devices Logged In दिखना अगर WhatsApp Web या linked devices में कोई अनजान device दिखाई दे, तो यह एक warning sign हो सकता है। 2. OTP Message बिना वजह आना अगर बार-बार आपको verification code या OTP message आ रहे हैं, तो इससे यह पता चलता है कि कोई आपका account access करने की कोशिश कर रहा है। 3. Messages अपने आप Read या Send होना अगर आपने message नहीं भेजा लेकिन chat में activity दिख रही है, तो account compromise हो सकता है। 4. अचानक Logout हो जाना WhatsApp अगर बार-बार logout हो रहा है या re-login मांग रहा है, तो सावधानी बरतने की जरूरत है। 5. Unknown Status या Profile Changes Profile photo, about section या status अपने आप बदलना suspicious activity का एक संकेत हो सकता है। WhatsApp Account Hack हुआ है तो क्या करें? तुरंत सभी linked devices logout करें Two-step verification ON करें WhatsApp PIN सेट करें Password और email security check करें Suspicious apps uninstall करें Account access वापस पाने के लिए re-verify करें Linked Devices कैसे Check करें? WhatsApp खोलें → Settings → Linked Devices → Unknown devices remove करें। Two-Step Verification क्यों जरूरी है? यह extra security layer जोड़ता है, जिससे सिर्फ OTP मिलने से account access करना मुश्किल हो जाता है। WhatsApp Account को Hack होने से कैसे बचायें ? OTP किसी  अंजान व्यक्ति से share न करें Unknown links पर click न करें Fake APK files install न करें Public Wi-Fi पर login करने से बचे   App को regularly update करें

Unknown जून 4, 2026 0
WhatsApp introduces Incognito Chat feature for secure and private AI conversations with disappearing messages
WhatsApp का नया Incognito Chat फीचर: अब AI चैट्स होंगी ज्यादा प्राइवेट और सुरक्षित

Meta Platforms ने WhatsApp यूजर्स के लिए एक नया प्राइवेसी फीचर पेश किया है, जिसका नाम Incognito Chat रखा गया है। इस फीचर का उद्देश्य यूजर्स को Meta AI के साथ ज्यादा सुरक्षित और निजी बातचीत का अनुभव देना है। कंपनी के CEO Mark Zuckerberg ने हाल ही में इस फीचर की घोषणा की। Meta का दावा है कि यह नया मोड AI चैट्स को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाएगा और बातचीत खत्म होते ही मैसेज अपने आप गायब हो जाएंगे। चैट खत्म होते ही डिलीट हो जाएंगे मैसेज Meta के अनुसार, Incognito Chat में की गई बातचीत सामान्य क्लाउड सर्वर पर प्रोसेस नहीं होगी। इसके बजाय, इसे एक सिक्योर और एन्क्रिप्टेड सिस्टम के जरिए संभाला जाएगा। कंपनी का कहना है कि न तो Meta और न ही कोई बाहरी व्यक्ति इन चैट्स को पढ़ सकेगा। सबसे अहम बात यह है कि AI से हुई बातचीत सेशन खत्म होते ही अपने आप डिलीट हो जाएगी और सर्वर पर स्टोर नहीं होगी। यह फीचर उन यूजर्स के लिए खास माना जा रहा है जो AI चैट्स के दौरान अपनी निजी जानकारी को लेकर चिंतित रहते हैं। क्या है Private Processing टेक्नोलॉजी? Meta ने बताया कि Incognito Chat फीचर उसकी Private Processing टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस तकनीक को पिछले साल WhatsApp के AI फीचर्स के साथ पेश किया गया था। इस सिस्टम में यूजर्स की रिक्वेस्ट सामान्य सर्वर पर प्रोसेस होने के बजाय Trusted Execution Environments (TEE) नाम के एन्क्रिप्टेड और आइसोलेटेड सिस्टम में प्रोसेस होती है। इसका फायदा यह है कि किसी भी थर्ड पार्टी को यूजर डेटा तक पहुंच नहीं मिल पाती और चैट की गोपनीयता बनी रहती है। Meta का दावा है कि यह फीचर दूसरे AI प्लेटफॉर्म्स से अलग है, क्योंकि कई AI सेवाएं यूजर्स की बातचीत को लंबे समय तक स्टोर करके रखती हैं। किन यूजर्स को मिलेगा यह फीचर? कंपनी के मुताबिक, Incognito Chat फीचर को फिलहाल धीरे-धीरे Android और iOS यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपना WhatsApp ऐप लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करना होगा। हालांकि शुरुआती चरण में यह सुविधा केवल चुनिंदा अकाउंट्स पर उपलब्ध होगी। Meta ने यह भी कहा है कि फीचर की उपलब्धता यूजर के क्षेत्र और अकाउंट टाइप के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। जिन यूजर्स को यह अपडेट मिलेगा, उन्हें Meta AI के साथ प्राइवेट बातचीत के लिए अलग विकल्प दिखाई देगा। सुरक्षा को लेकर Meta का दावा Meta का कहना है कि उसकी Private Processing टेक्नोलॉजी की जांच कई स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी कंपनियों ने की है। इनमें NCC Group और Trail of Bits जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, इन सुरक्षा परीक्षणों में यह पाया गया कि सिस्टम यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए मजबूत सिक्योरिटी मानकों का पालन करता है।  

surbhi मई 14, 2026 0
Smartphone showing WhatsApp interface with separate business inbox and new chat features update
WhatsApp का बड़ा अपडेट: बिजनेस चैट्स के लिए अलग इनबॉक्स, साथ में 3 नए स्मार्ट फीचर्स जल्द

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp यूजर्स के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स पर काम कर रहा है। आने वाले अपडेट्स में खासतौर पर बिजनेस और पर्सनल चैट्स को अलग करने पर फोकस किया गया है, जिससे ऐप का इस्तेमाल ज्यादा आसान और व्यवस्थित हो सके। बिजनेस चैट्स के लिए अलग इनबॉक्स   WhatsApp जल्द ही एक नया फीचर लाने वाला है, जिसमें: बिजनेस से जुड़े मैसेज के लिए अलग इनबॉक्स मिलेगा इससे यूजर्स अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल चैट्स को अलग-अलग मैनेज कर पाएंगे जरूरी बिजनेस मैसेज ढूंढना और जवाब देना आसान हो जाएगा यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो WhatsApp का इस्तेमाल काम के लिए भी करते हैं। आने वाले 3 बड़े फीचर्स 1. यूजरनेम फीचर अब बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैटिंग संभव होगी हर यूजर का एक यूनिक यूजरनेम होगा इससे प्राइवेसी और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी 2. नॉइज कैंसिलेशन कॉल के दौरान बैकग्राउंड का शोर कम किया जा सकेगा आवाज ज्यादा साफ और स्पष्ट सुनाई देगी भीड़भाड़ या शोर वाले माहौल में यह फीचर काफी मददगार होगा 3. चैट प्राइवेसी अपडेट्स नए सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े जाएंगे यूजर्स को अपनी चैट्स पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा डेटा सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा कब तक आएंगे ये फीचर्स? फिलहाल ये सभी फीचर्स डेवलपमेंट स्टेज में हैं अभी तक इन्हें बीटा वर्जन में भी जारी नहीं किया गया है संभावना है कि आने वाले WhatsApp अपडेट्स में इन्हें धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा क्या बदलेगा यूजर एक्सपीरियंस? इन नए फीचर्स के आने के बाद WhatsApp का इस्तेमाल: ज्यादा सुरक्षित ज्यादा व्यवस्थित और पहले से ज्यादा प्रोफेशनल हो जाएगा

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
WhatsApp disappearing message feature concept on smartphone
WhatsApp का नया ‘After Reading’ फीचर: पढ़ते ही सेट समय के बाद खुद डिलीट होंगे मैसेज

  यूजर्स को मिलेगा पूरा कंट्रोल WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा और बेहद उपयोगी फीचर लाने की तैयारी में है। “After Reading” नाम का यह नया फीचर मैसेजिंग अनुभव को और ज्यादा प्राइवेट और कंट्रोल्ड बना देगा। इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि अब यूजर खुद तय कर सकेगा कि सामने वाला मैसेज पढ़ने के कितनी देर बाद वह अपने आप डिलीट हो जाए। कैसे काम करेगा ‘After Reading’ फीचर? इस फीचर के तहत, जैसे ही रिसीवर मैसेज पढ़ेगा, उसी समय से एक टाइमर शुरू हो जाएगा। यूजर पहले से सेट कर सकता है कि मैसेज पढ़ने के बाद कितनी देर तक दिखे। तय समय पूरा होते ही मैसेज अपने आप गायब हो जाएगा। यानी अब मैसेज भेजने के बाद भी आपके पास यह नियंत्रण रहेगा कि सामने वाला उसे कितनी देर तक देख सके। मिलेंगे कई टाइम ऑप्शन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फीचर में यूजर्स को अलग-अलग टाइम विकल्प मिलेंगे, जैसे: 5 मिनट 1 घंटा 12 घंटे इनमें से किसी भी विकल्प को चुनने पर मैसेज पढ़े जाने के बाद तय समय के भीतर अपने आप डिलीट हो जाएगा। पहले से अलग और ज्यादा एडवांस WhatsApp पहले ही “Disappearing Messages” फीचर दे चुका है, जिसमें मैसेज कुछ दिनों बाद अपने आप हट जाते थे। लेकिन “After Reading” फीचर उससे ज्यादा एडवांस माना जा रहा है, क्योंकि इसमें डिलीट होने का समय मैसेज पढ़े जाने के बाद शुरू होगा और इसे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से सेट कर सकेगा। कब तक आएगा यह फीचर? फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और जल्द ही इसे बीटा वर्जन में टेस्टिंग के लिए जारी किया जा सकता है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। प्राइवेसी और सिक्योरिटी को मिलेगा बढ़ावा यह नया अपडेट खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी चैट को ज्यादा सुरक्षित और निजी रखना चाहते हैं। WhatsApp का यह कदम डिजिटल प्राइवेसी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 18, 2026 0
WhatsApp app showing unread messages summary feature on smartphone screen with chat preview overview
WhatsApp का नया ‘Unread Summary’ फीचर: बिना चैट खोले पढ़ सकेंगे मैसेज, यूजर्स का समय बचेगा

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए फीचर्स जोड़ रहा है। अब कंपनी एक ऐसा स्मार्ट फीचर टेस्ट कर रही है, जो लंबी और व्यस्त चैट्स को समझना बेहद आसान बना देगा। इस फीचर का नाम है ‘Unread Summary’, जो खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो कई ग्रुप्स और लगातार आने वाले मैसेज से परेशान रहते हैं। क्या है ‘Unread Summary’ फीचर? इस नए फीचर की मदद से यूजर्स बिना किसी चैट को खोले ही अपने अनरीड मैसेज का सार (summary) देख सकेंगे। अब हर मैसेज पढ़ने या लंबी चैट स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं होगी। एक छोटा और स्पष्ट ओवरव्यू मिलेगा, जिससे तुरंत समझ आ जाएगा कि बातचीत में क्या अहम बातें हुई हैं। प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर खास फोकस WhatsApp इस फीचर में Private Processing तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। केवल नए मैसेज ही प्रोसेस होंगे डेटा सुरक्षित वातावरण में रहेगा WhatsApp या उसकी पैरेंट कंपनी Meta भी यूजर डेटा एक्सेस नहीं कर पाएगी इसका मतलब है कि यूजर्स की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। यूजर कंट्रोल भी रहेगा आपके हाथ में इस फीचर को पूरी तरह ऑप्शनल रखा गया है: डिफॉल्ट रूप से बंद रहेगा यूजर खुद सेटिंग में जाकर इसे ऑन/ऑफ कर सकेगा यह भी तय कर सकेंगे कि किन चैट्स का summary देखना है कब मिलेगा यह फीचर? फिलहाल ‘Unread Summary’ फीचर Android beta वर्जन में टेस्ट किया जा रहा है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है। क्यों है यह फीचर खास? समय की बचत लंबी चैट्स को जल्दी समझने में मदद प्राइवेसी सुरक्षित यूजर के हाथ में पूरा कंट्रोल यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है जो रोजाना सैकड़ों मैसेज हैंडल करते हैं।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
WhatsApp with noise cancellation improving voice clarity
WhatsApp का नया अपडेट: अब कॉलिंग में मिलेगा Noise Cancellation फीचर, Android यूजर्स को मिलेगा क्लियर ऑडियो अनुभव

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए कॉलिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐप एक नए Noise Cancellation फीचर पर काम कर रहा है, जो वॉइस और वीडियो कॉल के दौरान बैकग्राउंड शोर को कम करेगा। Android Beta में दिखा नया फीचर यह फीचर हाल ही में WhatsApp के Android बीटा वर्जन (2.26.11.8) में देखा गया है। फीचर ट्रैकर WABetaInfo के अनुसार, फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट फेज में है और जल्द ही आने वाले अपडेट्स में रोलआउट किया जा सकता है। कैसे काम करेगा Noise Cancellation? यह नया फीचर कॉल के दौरान आसपास के अनचाहे शोर को फिल्टर करेगा, जैसे: ट्रैफिक की आवाज   हवा की आवाज   आसपास की बातचीत   इससे यूजर की आवाज ज्यादा साफ सुनाई देगी और कॉल क्वालिटी बेहतर होगी। डिफॉल्ट रूप से रहेगा ऑन, लेकिन ऑप्शनल भी रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर कॉल के दौरान डिफॉल्ट रूप से एक्टिव रहेगा और स्क्रीन पर इसका नोटिफिकेशन भी दिखेगा। हालांकि, यूजर्स चाहें तो इसे कॉल के दौरान मैन्युअली बंद भी कर सकेंगे। प्राइवेसी पर नहीं पड़ेगा असर इस फीचर की खास बात यह है कि यह ऑडियो को डिवाइस पर ही प्रोसेस करेगा, यानी आवाज को पहले फोन पर साफ किया जाएगा और फिर एन्क्रिप्ट कर भेजा जाएगा। इससे WhatsApp की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यूजर की प्राइवेसी सुरक्षित रहेगी। कब आएगा यह फीचर? फिलहाल कंपनी ने इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट नहीं बताई है। संभावना है कि इसे पहले सीमित बीटा यूजर्स के साथ टेस्ट किया जाएगा, और फिर धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
WhatsApp account interface
अब बच्चों की चैट पर रहेगी माता-पिता की नजर: WhatsApp लाया नया पेरेंटल कंट्रोल फीचर

  नई दिल्ली: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने एक नया Parent-Managed Accounts फीचर पेश किया है। इस फीचर के जरिए माता-पिता अपने बच्चों के अकाउंट पर बेहतर निगरानी रख सकेंगे और यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि बच्चे सुरक्षित माहौल में ही चैट और कॉलिंग का इस्तेमाल करें। कंपनी के मुताबिक यह फीचर खास तौर पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। इसे फैमिली और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। फिलहाल यह फीचर सीमित क्षेत्रों में शुरू किया गया है और आने वाले महीनों में इसे धीरे-धीरे अन्य देशों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।   क्या है Parent-Managed WhatsApp Account Parent-Managed Account एक विशेष प्रकार का अकाउंट है, जिसे माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चों के लिए बनाते और नियंत्रित करते हैं। यह अकाउंट सीधे माता-पिता के WhatsApp अकाउंट से लिंक रहता है, जिससे वे बच्चे की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। इन अकाउंट्स में सख्त प्राइवेसी सेटिंग्स लागू होंगी और फीचर्स भी सीमित रहेंगे, ताकि बच्चे केवल सुरक्षित तरीके से मैसेजिंग और कॉलिंग कर सकें।   कुछ फीचर्स रहेंगे पूरी तरह बंद बच्चों के लिए बनाए गए इन अकाउंट्स में कई फीचर्स उपलब्ध नहीं होंगे, ताकि प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सुरक्षित रहे। इनमें शामिल हैं: Status अपडेट   Channels   Meta AI फीचर   वन-टू-वन चैट में Disappearing Messages   इससे बच्चे केवल भरोसेमंद लोगों से ही संवाद कर पाएंगे और अनावश्यक कंटेंट से दूर रहेंगे।   अनजान नंबरों पर सख्त निगरानी इस फीचर के तहत अगर किसी अनजान नंबर से मैसेज आता है, तो वह सीधे Message Request फोल्डर में जाएगा। इस फोल्डर को केवल Parent PIN के जरिए ही एक्सेस किया जा सकेगा। इसके अलावा यदि बच्चा: नया कॉन्टैक्ट जोड़ता है   किसी नंबर को ब्लॉक करता है   किसी यूजर को रिपोर्ट करता है तो इसकी सूचना माता-पिता को भी मिल जाएगी। हालांकि बच्चों के अकाउंट में कई सीमाएं होंगी, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि End‑to‑End Encryption पहले की तरह ही लागू रहेगा। यानी चैट और कॉल पूरी तरह सुरक्षित और निजी रहेंगी।   ऐसे सेट करें Parent-Managed Account कंपनी के अनुसार यदि माता-पिता अपने बच्चे के लिए यह अकाउंट बनाना चाहते हैं तो साइन-अप के दौरान Parent-Managed Account का विकल्प चुन सकते हैं। इसके बाद: बच्चे की जन्म तिथि दर्ज करनी होगी।   सेटअप के दौरान माता-पिता और बच्चे दोनों के फोन की जरूरत होगी ताकि दोनों अकाउंट लिंक हो सकें।   माता-पिता को यह भी सत्यापित करना होगा कि वे वयस्क हैं, जिसके लिए सेल्फी आधारित आईडेंटिटी वेरिफिकेशन किया जा सकता है।   13 साल के बाद क्या होगा जब बच्चा 13 वर्ष का हो जाएगा, तब WhatsApp माता-पिता को नोटिफिकेशन भेजेगा कि अकाउंट को स्टैंडर्ड अकाउंट में बदला जा सकता है। हालांकि माता-पिता चाहें तो इस बदलाव को 12 महीने तक टाल भी सकते हैं, यानी एक साल तक अकाउंट को पेरेंटल कंट्रोल के तहत ही रखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।  

surbhi मार्च 12, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जून 30, 2026 0