मीन राशि

Astrological horoscope chart showing zodiac signs and planetary movements for Saturday, 9 May 2026
आज 9 मई 2026 शनिवार का राशिफल: ग्रहों की चाल से किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

आज शनिवार, 9 मई 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव और नए अवसरों के संकेत दे रही है। पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 09:28 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। चंद्रमा आज मकर राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि मेष राशि में सूर्य और बुध का बुधादित्य योग, मीन राशि में मंगल-शनि की युति और मिथुन राशि में गुरु का प्रभाव कई राशियों के करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा के अनुसार आज कुछ राशियों को आर्थिक लाभ और सफलता मिलेगी, वहीं कुछ लोगों को रिश्तों और स्वास्थ्य के मामलों में सावधानी बरतनी होगी। मेष राशि आज का दिन उन्नति और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी और करियर में आपकी स्थिति मजबूत होगी और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित रहेंगे। व्यापार में लाभ के योग हैं और नए आय स्रोत खुल सकते हैं। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य के मामले में हल्की चोट या थकान की संभावना है, इसलिए सावधानी रखें। वृषभ राशि भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी और पुराने निवेश से धन लाभ मिल सकता है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। व्यापार में स्थिति लाभदायक बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान में लापरवाही न करें। मिथुन राशि आज का दिन सतर्कता से बिताने की जरूरत है। नौकरी में दबाव बढ़ सकता है और व्यापार में बड़ा जोखिम लेने से बचना चाहिए। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां तनाव बढ़ा सकती हैं। दांपत्य जीवन में संयम और समझदारी जरूरी होगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें, पुरानी बीमारी उभर सकती है। कर्क राशि आज का दिन सुखद और लाभदायक रहेगा। बिजनेस पार्टनरशिप में सफलता मिलेगी और नए कॉन्ट्रैक्ट हाथ लग सकते हैं। नौकरी में प्रमोशन या मनचाही जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सिंह राशि दिन संघर्षपूर्ण हो सकता है, लेकिन अंत में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है। व्यापार में मेहनत के बाद लाभ मिलेगा। प्रेम संबंधों में दूरी महसूस हो सकती है, इसलिए पार्टनर को समय दें। स्वास्थ्य के मामले में पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। कन्या राशि आज का दिन रचनात्मकता और उपलब्धियों से भरा रहेगा। शिक्षा और करियर में सफलता मिलने के योग हैं। बिजनेस में किया गया निवेश भविष्य में लाभ देगा। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और रिश्ते मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। तुला राशि आज पारिवारिक सुख बढ़ेगा, लेकिन करियर में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। नौकरी में राजनीति से दूर रहें। अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है। प्रेम संबंधों में भावुकता अधिक रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी रखें और तनाव से बचें। वृश्चिक राशि आज आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। नौकरी और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। बिजनेस में बड़ा लाभ मिलने के संकेत हैं। प्रेम जीवन में पार्टनर के साथ यात्रा का योग बन रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए साधन बन सकते हैं। धनु राशि धन लाभ और बचत के लिए दिन अच्छा रहेगा। नौकरी में तरक्की और वेतन वृद्धि की संभावना है। व्यापार में फंसा पैसा वापस मिल सकता है। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आंखों से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है। मकर राशि आज आत्मविश्वास और आकर्षण बढ़ेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में सफलता के संकेत हैं। नई योजनाएं लाभ देंगी। प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी और अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत बढ़ेगी। कुंभ राशि आज भागदौड़ और तनाव अधिक रह सकता है। नौकरी में छोटी गलती भी परेशानी खड़ी कर सकती है। व्यापार में विदेशी संपर्क लाभ देंगे, लेकिन स्थानीय स्तर पर चुनौतियां बनी रहेंगी। प्रेम संबंधों में शक और गलतफहमियों से बचना होगा। स्वास्थ्य में अनिद्रा और पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है। मीन राशि आज का दिन सफलता और लाभ से भरा रहेगा। करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। बिजनेस में लाभ के नए अवसर बनेंगे। प्रेम जीवन में तालमेल और रोमांस बढ़ेगा। रुका हुआ धन मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हो सकती है। किन राशियों के लिए सबसे शुभ रहेगा दिन? आज मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। वहीं मिथुन, सिंह और कुंभ राशि के लोगों को सतर्क रहकर फैसले लेने की सलाह दी गई है।  

surbhi मई 9, 2026 0
Astrological chart showing Mercury transit into Pisces affecting zodiac signs in 2026 horoscope predictions
बुध गोचर 2026: मीन राशि में प्रवेश से बदलेगा भाग्य, 4 राशियों के लिए खुशखबरी

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, और आज यानी 11 अप्रैल 2026 को बुध का गोचर हो रहा है। बुध ग्रह का मीन राशि में प्रवेश कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसका राशि परिवर्तन करियर, आर्थिक स्थिति और निर्णय क्षमता पर सीधा प्रभाव डालता है। क्या होता है बुध गोचर? जब बुध ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, उसे बुध गोचर कहा जाता है। यह परिवर्तन व्यक्ति की सोच, संवाद शैली, व्यापारिक फैसलों और रिश्तों पर असर डालता है। इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत 1. मिथुन राशि मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है। करियर में नई ऊंचाइयां और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। 2. कन्या राशि कन्या राशि वालों को नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिल सकती है। रुके हुए काम पूरे होंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा। 3. धनु राशि धनु राशि के जातकों को पारिवारिक सुख और आर्थिक मजबूती मिलेगी। निवेश के लिए समय अनुकूल है। 4. मीन राशि मीन राशि में ही बुध का प्रवेश हो रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों के लिए यह गोचर खास रहेगा। नई योजनाएं सफल होंगी और करियर में तरक्की मिलेगी। किन राशियों को रहना होगा सतर्क? कुछ राशियों के लिए यह समय सावधानी बरतने का संकेत भी दे सकता है। अनावश्यक विवाद, गलत फैसलों और खर्चों से बचना जरूरी होगा। ज्योतिषीय महत्व बुध का मीन राशि में गोचर भावनात्मक सोच को बढ़ा सकता है। जहां एक ओर रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति में वृद्धि होगी, वहीं निर्णय लेते समय संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। यह गोचर व्यापार, शिक्षा, मीडिया और संचार से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली माना जा रहा है।  

surbhi अप्रैल 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Mamata Banerjee Exit
ओपिनीयन

दीदी, स्टालिन व वाम की विदाई

Anjali Kumari मई 5, 2026 0