रश्मिका मंदाना

Rashmika Mandanna
रश्मिका मंदाना शूटिंग के दौरान चोटिल, डॉक्टरों ने छह हफ्ते आराम की दी सलाह

हैदराबाद, एजेंसियां। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना शूटिंग के दौरान चोटिल हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह एक मुश्किल डांस सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थीं, इसी दौरान उनके हिप यानी कूल्हे के हिस्से में चोट लगी। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह ठीक होने के लिए करीब छह सप्ताह आराम करने की सलाह दी है। चोट के चलते उनकी आगामी फिल्मों की शूटिंग प्रभावित होने की संभावना है।   डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान लगी चोट   रिपोर्ट्स के अनुसार रश्मिका मंदाना हैदराबाद में एक फिल्म के गाने की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान कठिन डांस मूवमेंट करते समय उन्हें चोट लग गई। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम और रिकवरी पर ध्यान देने की सलाह दी है।   छह सप्ताह आराम की सलाह   चोट के बाद रश्मिका को फिलहाल शूटिंग से दूर रहने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें लगभग छह सप्ताह तक आराम और रिकवरी की जरूरत होगी। इसके बाद उनकी स्थिति के आधार पर आगे की शूटिंग और काम से जुड़ा कार्यक्रम तय किया जा सकता है।   ‘रानाबली’ और ‘मायसा’ की शूटिंग पर पड़ सकता है असर   रश्मिका मंदाना इन दिनों कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही हैं, जिनमें ‘रानाबली’ और ‘मायसा’ शामिल हैं। चोट के कारण उनके व्यस्त शूटिंग कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। अभिनेत्री के प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।   स्वास्थ्य को लेकर रश्मिका ने दिया अपडेट   चोट की खबर सामने आने के बाद प्रशंसकों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार रश्मिका ने अपनी स्थिति को लेकर बताया कि वह बेहतर हो रही हैं और लोगों की चिंता व शुभकामनाओं के लिए आभार जताया है। अब उनके प्रशंसकों की नजर उनकी अगली स्वास्थ्य जानकारी और शूटिंग पर वापसी पर बनी हुई है।

abhishek singh अगस्त 1, 2026 0
Raaka Rashmika Mandaana
'राका' में फिर दिखेगी अल्लू अर्जुन-रश्मिका की जोड़ी, शाहरुख खान के कैमियो की भी है चर्चा

चेन्नई, एजेंसियां। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ नजर आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक एटली की बहुचर्चित फिल्म ‘राका’ में रश्मिका अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने अभी तक उनकी कास्टिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ‘पुष्पा’ फ्रेंचाइजी में दोनों की लोकप्रिय जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा था, ऐसे में ‘राका’ में संभावित वापसी की खबर से फैंस के बीच उत्साह बढ़ गया है।   मुंबई में जल्द शुरू होगा नया शूटिंग शेड्यूल रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का पहला बड़ा शूटिंग शेड्यूल जल्द ही मुंबई में शुरू होने वाला है, जिसमें रश्मिका भी शामिल हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म में मृणाल ठाकुर और जाह्नवी कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ सकती हैं। वहीं, बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के कैमियो की चर्चा भी जोरों पर है, लेकिन इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।   700 करोड़ के बजट पर बन रही है फिल्म ‘राका’ को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का बजट 700 करोड़ रुपये से अधिक है और इसका निर्माण सन पिक्चर्स कर रही है। अल्लू अर्जुन के जन्मदिन पर जारी पहले पोस्टर में उनका दमदार और रहस्यमयी लुक देखने को मिला था, जिसने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी।   2027 में रिलीज होने की संभावना फिल्म की शूटिंग पूरे वर्ष चलने की संभावना है और यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो इसका निर्माण 2026 के अंत तक पूरा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेकर्स दिसंबर 2027 में फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, रिलीज डेट और स्टार कास्ट को लेकर अंतिम आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है। एटली की इस महत्वाकांक्षी फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Cocktail 2
'कॉकटेल 2' X रिव्यू: रोमांस, इमोशन और शानदार म्यूजिक ने जीता दिल, कृति सेनन की एक्टिंग की सबसे ज्यादा तारीफ

मुंबई, एजेंसियां। निर्देशक होमी अदजानिया की बहुप्रतीक्षित रोमांटिक फिल्म 'कॉकटेल 2' आखिरकार 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना अभिनीत इस फिल्म को सोशल मीडिया पर शुरुआती दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। 2012 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म कॉकटेल के सीक्वल के रूप में आई यह फिल्म आधुनिक रिश्तों, प्यार और भावनात्मक उलझनों पर आधारित लव ट्रायंगल की कहानी पेश करती है।   रोमांटिक अंदाज और संगीत ने बनाया खास फिल्म देखने वाले दर्शकों का कहना है कि एक्शन प्रधान फिल्मों के दौर में कॉकटेल 2 ताजगी भरा रोमांटिक अनुभव देती है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसकी भावनात्मक कहानी, खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और संगीत की जमकर तारीफ की है। फिल्म को हल्की-फुल्की लेकिन दिल को छू लेने वाली रोमांटिक ड्रामा बताया जा रहा है।   कृति सेनन ने लूटी महफिल फिल्म के तीनों मुख्य कलाकारों में सबसे ज्यादा प्रशंसा कृति सेनन को मिल रही है। दर्शकों का मानना है कि उन्होंने अपने दमदार अभिनय से फिल्म में अलग पहचान बनाई है। कई यूजर्स ने इसे कृति के करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक बताया। वहीं शाहिद कपूर की स्क्रीन प्रेजेंस और रोमांटिक अंदाज की भी सराहना की गई, हालांकि उनके अभिनय को लेकर दर्शकों की राय मिली-जुली रही।   रश्मिका के प्रदर्शन पर बंटी राय रश्मिका मंदाना के अभिनय को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ दर्शकों ने उनके किरदार की सराहना की, जबकि कई लोगों ने हिंदी उच्चारण और संवाद अदायगी को फिल्म की कमजोर कड़ी बताया। कुछ समीक्षकों का मानना है कि उनके किरदार को और बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता था।   समीक्षकों ने भी की सराहना फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने कॉकटेल 2 को चार स्टार देते हुए इसकी कहानी, संगीत, अभिनय और निर्देशन की प्रशंसा की है। उनके अनुसार, फिल्म प्रेम त्रिकोण की पारंपरिक कहानी को नए अंदाज में पेश करती है और दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफल रहती है। कुल मिलाकर, शुरुआती प्रतिक्रियाओं के आधार पर कॉकटेल 2 को इस साल की चर्चित रोमांटिक फिल्मों में शामिल किया जा रहा है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Virat Kohli Valuable Personality
कोहली भारत की सबसे वैल्युएबल पर्सनैलिटी, ब्रांड वैल्यू ₹3542 करोड़

शाहरुख दूसरे, प्रियंका तीसरे और अमिताभ 7वें नंबर पर मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली भारत की सबसे वैल्युएबल पर्सनैलिटी की लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। उनकी ब्रांड वैल्यू 3,542 करोड़ रुपए है। शाहरुख खान दूसरे और प्रियंका चोपड़ा जोनस तीसरे पायदान पर हैं। फॉर्च्यून इंडिया और इंटरब्रांड ने देश की 25 सबसे वैल्युएबल सेलिब्रिटी पर रिसर्च की। इसमें टॉप 10 में 3 क्रिकेटर और 7 फिल्मी सेलिब्रटी हैं। टॉप-25 सेलिब्रिटीज में दीपिका, रश्मिका महिला सेलिब्रिटीज में प्रियंका चोपड़ा सबसे ऊपर रहीं। इसके अलावा दीपिका पादुकोण (11वां स्थान), रश्मिका मंदाना (17वां स्थान), कृति सेनन, भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना और साउथ की एक्ट्रेस नयनतारा को जगह मिली है। वैल्युएबल पर्सन की सूची में दिलजीत दोसांझ, करन जौहर, सौरव गांगुली और विकी कौशल के भी नाम हैं। कैसे तय की गई ब्रांड वैल्यू इस अध्ययन में ब्रांड वैल्यू तय करने के लिए सेलिब्रिटीज की कमाई, फॉलोअर्स या बॉक्स ऑफिस पर सफलता से इतर कई अन्य बातों पर भी ध्यान दिया गया है। इनमें ब्रांड की ताकत को तय करने वाले पहलुओं जैसे- विशिष्टता, सामंजस्य, जुड़ाव, विश्वास, आत्मीयता और जिम्मेदारी पर भी गौर किया गया है, जो मिलकर उनकी फाइनल ब्रांड वैल्यू तय करते हैं।

Unknown जून 9, 2026 0
Rashmika Mandanna relaxing with a soothing foot soak using Epsom salt at home
रश्मिका मंदाना का फुटकेयर सीक्रेट: एप्सम सॉल्ट से रखें पैरों को सॉफ्ट और रिलैक्स

  मुंबई: Rashmika Mandanna ने अपने सिंपल लेकिन असरदार फुटकेयर रूटीन का खुलासा किया है, जो न सिर्फ आसान है बल्कि बजट-फ्रेंडली भी है। एप्सम सॉल्ट से फुट सोक रश्मिका बताती हैं कि वह अपने पैरों को गर्म पानी में Epsom Salt (सेंधा नमक) डालकर भिगोती हैं। यह तरीका खासतौर पर उनके लिए जरूरी है क्योंकि उनका काम ट्रैवल, शूट और डांस से भरा रहता है। यह फुट सोक: मसल्स को रिलैक्स करता है थकान और स्ट्रेस कम करता है पैरों को सॉफ्ट बनाता है अच्छी बात यह है कि एप्सम सॉल्ट आसानी से ₹50–₹100 में मिल जाता है, यानी यह हर किसी के लिए अफॉर्डेबल है। मॉइश्चराइजिंग है जरूरी Rashmika Mandanna के मुताबिक, सिर्फ फुट सोक ही नहीं, बल्कि पैरों को मॉइश्चराइज करना भी बेहद जरूरी है। इससे त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और क्रैक या ड्रायनेस से बचाव होता है। सही फुटवियर भी है अहम रश्मिका इन दिनों आरामदायक फुटवियर जैसे स्नीकर्स पहनना पसंद कर रही हैं, ताकि पैरों को रिकवरी का समय मिल सके—खासतौर पर उनकी हालिया लेग इंजरी के बाद। क्यों अपनाएं ये रूटीन? अगर आप भी दिनभर खड़े रहते हैं, ज्यादा चलते हैं या ट्रैवल करते हैं, तो यह आसान फुटकेयर रूटीन आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।  

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0