12th Pass Jobs

Calcutta High Court building in Kolkata as a petition challenges West Bengal's newly implemented Public Safety and Anti-Social Activities Control Act, 2026.
पश्चिम बंगाल के ‘गुंडा रोधी कानून’ को हाईकोर्ट में चुनौती, तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार

West Bengal Gunda Act News: पश्चिम बंगाल सरकार के नए ‘पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026’ (गुंडा रोधी कानून) के लागू होते ही इसे कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिका पर नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी। कानून लागू होते ही दायर हुई जनहित याचिका सोमवार से लागू हुए इस कानून के खिलाफ मानवाधिकार कार्यकर्ता मिलन मालाकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसके क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कानून के कई प्रावधान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और इसका दुरुपयोग होने की आशंका है। हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति पार्थसारथी चटर्जी की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील सब्यसाची चटर्जी ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की। हालांकि, अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और कहा कि मामले की सुनवाई सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार तय की जाएगी। कानून के किन प्रावधानों पर उठ रहे हैं सवाल? याचिका में कानून की कई धाराओं को संविधान के विरुद्ध बताया गया है। प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं: बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत कानून के तहत जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी व्यक्ति को भविष्य में असामाजिक गतिविधियों की आशंका के आधार पर बिना मुकदमा चलाए अधिकतम एक वर्ष तक निवारक हिरासत में रख सकते हैं। वकील की सहायता पर प्रतिबंध कानून की धारा 10(4) के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्ति को सलाहकार बोर्ड के समक्ष सामान्य रूप से अपने वकील के माध्यम से पक्ष रखने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि बोर्ड विशेष अनुमति न दे। ‘गुंडा’ की परिभाषा पर विवाद याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि कानून में ‘गुंडा’ और ‘असामाजिक गतिविधियों’ की परिभाषा अत्यधिक व्यापक और अस्पष्ट है। इससे राजनीतिक विरोध, शांतिपूर्ण प्रदर्शन या असहमति व्यक्त करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की आशंका है। राज्य सरकार का क्या कहना है? राज्य सरकार का कहना है कि यह कानून राजनीतिक हिंसा, रंगदारी, संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार के अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर सख्ती से रोक लगाने के लिए इस तरह के कानून की आवश्यकता थी। विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों का विरोध विपक्षी दलों और कई मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून का विरोध किया है। उनका आरोप है कि इससे प्रशासन और पुलिस को अत्यधिक अधिकार मिल जाएंगे, जिनका दुरुपयोग हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों की राय कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नए कानून के कई प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसी निवारक हिरासत की व्यवस्था से मिलते-जुलते हैं। उनका मानना है कि यदि इन शक्तियों के उपयोग पर पर्याप्त निगरानी नहीं रही, तो नागरिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर प्रभाव पड़ सकता है। अब इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट नियमित सुनवाई के दौरान कानून की संवैधानिक वैधता और याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर विचार करेगा।  

Deepshikha जुलाई 14, 2026 0
Women candidates applying online for UP Anganwadi Bharti 2026 recruitment in Agra, Mathura and other Uttar Pradesh districts.
UP Anganwadi Bharti 2026: आगरा-मथुरा समेत 6 जिलों में 1110 पदों पर भर्ती, 12वीं पास महिलाओं के लिए सुनहरा मौका

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। UP Anganwadi Bharti 2026 के तहत राज्य के छह नए जिलों में 1110 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक और पात्र महिला अभ्यर्थी अपने जिले के अनुसार निर्धारित अंतिम तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह भर्ती आगरा, मथुरा, संभल, औरैया, श्रावस्ती और चंदौली जिलों में की जाएगी। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किन जिलों में कितने पद? यूपी सरकार द्वारा जारी भर्ती अधिसूचना के अनुसार विभिन्न जिलों में रिक्त पद इस प्रकार हैं- जिला रिक्त पद आवेदन की अंतिम तिथि आगरा 322 25 जुलाई 2026 मथुरा 236 24 जुलाई 2026 औरैया 181 28 जुलाई 2026 संभल 177 28 जुलाई 2026 चंदौली 126 25 जुलाई 2026 श्रावस्ती 68 27 जुलाई 2026 कुल 1110 - कौन कर सकता है आवेदन? भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को निम्नलिखित पात्रता पूरी करनी होगी- केवल महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकती हैं। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना आवश्यक है। ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र हैं। अभ्यर्थी की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की उम्मीदवार संबंधित ग्राम सभा और शहरी क्षेत्र की उम्मीदवार संबंधित वार्ड की निवासी होनी चाहिए। कैसे होगा चयन? इस भर्ती में किसी प्रकार की लिखित परीक्षा नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट लिस्ट से किया जाएगा। मेरिट 12वीं, समकक्ष योग्यता, स्नातक या स्नातकोत्तर में प्राप्त अंकों के आधार पर बनेगी। 10वीं के अंक मेरिट में शामिल नहीं किए जाएंगे। CGPA या ग्रेडिंग सिस्टम से प्राप्त अंकों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिशत में बदला जाएगा। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं- आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाएं। अपने जिले की भर्ती अधिसूचना चुनें। Apply Online/New Registration पर क्लिक करें। आधार नंबर और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें। आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी भरें। फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सभी विवरण जांचकर फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट या PDF सुरक्षित रखें। समय रहते करें आवेदन हर जिले के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अलग-अलग तय की गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखकर समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
UP Forest Guard recruitment 2026 notification announces 708 vacancies for Forest Guard and Wildlife Guard posts.
Forest Guard Bharti 2026: यूपी में वन रक्षक और वन्य जीव रक्षक के 708 पदों पर भर्ती, 12वीं पास उम्मीदवार करें आवेदन, ₹63,200 तक मिलेगी सैलरी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने वन रक्षक (Forest Guard) और वन्य जीव रक्षक (Wildlife Guard) के कुल 708 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष अवसर है, जिन्होंने 12वीं (इंटरमीडिएट) पास की है और UPSSSC PET-2025 परीक्षा में शामिल होकर वैध नॉर्मलाइज्ड स्कोर प्राप्त किया है। चयनित उम्मीदवारों को लेवल-2 पे स्केल के तहत ₹19,900 से ₹63,200 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। 708 पदों पर होगी भर्ती भर्ती के तहत विभिन्न श्रेणियों में कुल 708 पद भरे जाएंगे। वन रक्षक (सामान्य) – 318 पद वन्य जीव रक्षक (सामान्य) – 10 पद वन रक्षक (विशेष चयन) – 329 पद वन्य जीव रक्षक (विशेष चयन) – 51 पद कौन कर सकता है आवेदन? आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी ने UPSSSC PET-2025 परीक्षा दी हो और उसका वैध नॉर्मलाइज्ड स्कोरकार्ड उपलब्ध होना चाहिए। आयु सीमा न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 40 वर्ष आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। शारीरिक योग्यता पुरुष उम्मीदवार सामान्य/ओबीसी/एससी – न्यूनतम लंबाई 168 सेमी एसटी – न्यूनतम लंबाई 160 सेमी महिला उम्मीदवार सामान्य/ओबीसी/एससी – न्यूनतम लंबाई 152 सेमी एसटी – 147 सेमी (5 सेमी की छूट) महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू: 30 जून 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 20 जुलाई 2026 इच्छुक उम्मीदवार अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें। कितना मिलेगा वेतन? चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-02 पे स्केल के तहत ₹19,900 से ₹63,200 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा सरकारी नियमों के अनुसार अन्य भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। PET-2025 स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग मुख्य लिखित परीक्षा शारीरिक मानक परीक्षा (PST) शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) मेडिकल परीक्षण अंतिम मेरिट सूची शारीरिक दक्षता परीक्षा में पुरुष अभ्यर्थियों को 10 किलोग्राम वजन के साथ 4 घंटे में 25 किलोमीटर तथा महिला अभ्यर्थियों को 14 किलोग्राम वजन के साथ 4 घंटे में 14 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। आवेदन शुल्क इस भर्ती में सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹25 निर्धारित किया गया है। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को PET-2025 रोल नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), मूल निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दर्ज करनी होगी। आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़ें और पात्रता, दस्तावेज तथा चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी सुनिश्चित करने के बाद ही आवेदन करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि आवेदन रद्द होने का कारण बन सकती है।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Candidates filling online forms for UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 before the application deadline.
UPSSSC में कांस्टेबल बनने का आखिरी मौका, 12वीं पास उम्मीदवार आज ही करें आवेदन

UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निकाली गई आबकारी सिपाही (Excise Constable) भर्ती के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। आयोग ने कुल 820 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आज ही अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां विवरण तिथि आवेदन शुरू होने की तिथि 4 जून 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 24 जून 2026 शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 1 जुलाई 2026 शैक्षणिक योग्यता इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास: UPSSSC PET 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना चाहिए। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है। आयु सीमा (1 जुलाई 2026 के अनुसार) न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 40 वर्ष आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। शारीरिक मानक पुरुष उम्मीदवार लंबाई: 167.6 सेमी सीना: 80 सेमी (फुलाने पर 85 सेमी) महिला उम्मीदवार लंबाई: 152 सेमी कितनी मिलेगी सैलरी? चयनित अभ्यर्थियों को पे-लेवल-2 के तहत 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक वेतन मिलेगा। शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग 19,900 रुपये होगी। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। सभी भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह या उससे अधिक हो सकती है। चयन प्रक्रिया भर्ती प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल होंगे: UPSSSC PET 2025 स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग मुख्य लिखित परीक्षा शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PST) दस्तावेज सत्यापन आवेदन शुल्क सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹25 एससी / एसटी: ₹25 दिव्यांग (PH): ₹25 शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। ऐसे करें आवेदन UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 के लिंक पर क्लिक करें। नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

surbhi जून 24, 2026 0
Jharkhand jobs update
Jharkhand में ये 5 नौकरियां  10वीं-12वीं व ग्रेजुएशन पास युवाओं को देंगी मौका

रांची। झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका है। राज्य सरकार और विभिन्न विभागों द्वारा हजारों पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 10वीं पास, 12वीं पास, स्नातक और तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए 5 बड़े अवसर हैं। 1. JSSC जेल वार्डर (कक्षपाल) भर्ती 2026 झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) द्वारा जेल वार्डर (कक्षपाल) के लगभग 1733 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें 10वीं पास अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका मिलता है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन शामिल है। यह भर्ती राज्य के युवाओं के बीच सबसे चर्चित भर्तियों में शामिल है और बड़ी संख्या में उम्मीदवार इसकी तैयारी कर रहे हैं।   2. JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा जो युवा प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखते हैं उनके लिए JPSC Combined Civil Services Exam सबसे बड़ा अवसर है। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति विभिन्न प्रशासनिक पदों पर की जाती है। स्नातक पास उम्मीदवार इसमें आवेदन कर सकते हैं। बेहतरीन वेतन, प्रतिष्ठा और करियर ग्रोथ के कारण यह झारखंड की सबसे लोकप्रिय सरकारी नौकरियों में गिनी जाती है। 3. झारखंड होमगार्ड भर्ती 2026 झारखंड गृह रक्षा वाहिनी द्वारा विभिन्न जिलों में होमगार्ड भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण एवं शहरी दोनों श्रेणियों में भर्ती निकाली गई है। कई जिलों में 7वीं और 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए भी अवसर उपलब्ध हैं। हालांकि यह नियमित सरकारी नौकरी नहीं बल्कि स्वयंसेवी व्यवस्था है, लेकिन युवाओं के लिए सरकारी सेवा से जुड़ने का अच्छा मौका माना जा रहा है।   4. JSSC इंटर लेवल एवं मैट्रिक लेवल प्रतियोगिता परीक्षा JSSC समय-समय पर इंटर लेवल और मैट्रिक लेवल प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से विभिन्न विभागों में नियुक्तियां करता है। इसमें क्लर्क, सहायक, स्टेनो, तकनीकी एवं अन्य कई पद शामिल होते हैं। 12वीं पास और मैट्रिक पास युवाओं के लिए यह सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जाती है।   5. स्वास्थ्य एवं तकनीकी विभागों में नई भर्तियां झारखंड में AIIMS देवघर, मेडिकल कॉलेज, तकनीकी संस्थानों और विभिन्न विभागों में लगातार नई भर्तियां जारी हैं। नर्सिंग, तकनीकी सहायक, आईटी, प्रशासनिक एवं अन्य पदों पर योग्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन के अवसर मिल रहे हैं।   यदि आप तकनीकी या प्रोफेशनल डिग्री रखते हैं तो इन विभागों में बेहतर करियर बनाया जा सकता है। युवाओं के लिए सलाह JSSC और JPSC की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से चेक करें। भर्ती नोटिफिकेशन आने पर अंतिम तिथि का इंतजार न करें। शारीरिक परीक्षा वाली भर्तियों के लिए अभी से तैयारी शुरू करें। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। झारखंड में वर्ष 2026 सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। JSSC, JPSC, जेल वार्डर, होमगार्ड और अन्य विभागों में निकल रही भर्तियां हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर दे सकती हैं। यदि आप सही रणनीति और नियमित तैयारी के साथ आगे बढ़ते हैं तो सरकारी नौकरी पाने का सपना साकार हो सकता है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
BRO announces 899 Group C vacancies for 10th and 12th pass candidates across technical and non-technical posts
BRO Recruitment 2026: बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन में 899 पदों पर भर्ती, 10वीं-12वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका

रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले Border Roads Organisation यानी BRO ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का शानदार अवसर निकाला है। संगठन ने जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) में ग्रुप ‘C’ के कुल 899 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन रखी गई है, यानी उम्मीदवारों को फॉर्म भरकर डाक के जरिए भेजना होगा। BRO की यह भर्ती उन युवाओं के लिए बेहतरीन मौका मानी जा रही है, जो देश सेवा के साथ स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के पद शामिल किए गए हैं। किन पदों पर होगी भर्ती? इस भर्ती अभियान के तहत कुल 899 रिक्तियां जारी की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा पद स्टोर कीपर टेक्निकल और ऑपरेटर कम्युनिकेशन के लिए हैं। पद का नाम पदों की संख्या स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) 300 ऑपरेटर कम्युनिकेशन 261 ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी (OEM) 207 इलेक्ट्रिशियन 79 ड्राफ्ट्समैन 42 हिंदी टाइपिस्ट 10 कुल पद 899 क्या है शैक्षणिक योग्यता? अलग-अलग पदों के लिए अलग योग्यता निर्धारित की गई है। स्टोर कीपर टेक्निकल और हिंदी टाइपिस्ट पद के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है। हिंदी टाइपिस्ट पद के लिए हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड भी मांगी गई है। इलेक्ट्रिशियन, ड्राफ्ट्समैन और ऑपरेटर पदों के लिए 10वीं पास होने के साथ संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट या डिप्लोमा जरूरी है। ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी (OEM) पद के लिए हेवी मोटर व्हीकल (HMV) ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य रखा गया है। आयु सीमा और आरक्षण सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को छूट दी जाएगी। OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें आवेदन शुरू: 21 मई 2026 आवेदन की अंतिम तारीख: 4 जुलाई 2026 आवेदन शुल्क जनरल / OBC / EWS उम्मीदवार: ₹50 SC / ST / दिव्यांग उम्मीदवार: निशुल्क आवेदन ऐसे करें आवेदन उम्मीदवार सबसे पहले BRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती नोटिफिकेशन डाउनलोड करें। इसके बाद आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर सभी जरूरी जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। भरा हुआ आवेदन फॉर्म इस पते पर स्पीड पोस्ट या डाक के माध्यम से भेजना होगा: कमांडेंट, GREF सेंटर, दिघी कैंप, पुणे, महाराष्ट्र – 411015 यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है जो सरकारी नौकरी के साथ देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा कार्यों में योगदान देना चाहते हैं।  

surbhi मई 22, 2026 0
Students applying online for SSC Stenographer Recruitment 2026 before the last application deadline
SSC Stenographer Recruitment 2026: 12वीं पास के लिए आखिरी मौका, 731 पदों पर भर्ती, आज है आवेदन की अंतिम तारीख

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) ने SSC स्टेनोग्राफर ग्रेड C और D भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 15 मई 2026 को समाप्त कर दी है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों के लिए यह अंतिम मौका है। इस भर्ती के तहत कुल 731 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए देशभर से 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी भर्ती संस्था: SSC (Staff Selection Commission) पद: Stenographer Grade C & D कुल पद: 731 योग्यता: 12वीं पास आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मई 2026 (रात 11:00 बजे तक) आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 24 अप्रैल 2026 अंतिम तिथि: 15 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 16 मई 2026 करेक्शन विंडो: 20 से 21 मई 2026 परीक्षा संभावित: जुलाई – अगस्त 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। आयु सीमा: ग्रेड C: 18 से 30 वर्ष ग्रेड D: 18 से 27 वर्ष आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी परीक्षा पैटर्न (SSC Stenographer Exam Pattern) भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी: 1. कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) कुल प्रश्न: 200 इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन: 100 प्रश्न जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग: 50 प्रश्न जनरल अवेयरनेस: 50 प्रश्न नेगेटिव मार्किंग: 0.25 अंक 2. स्किल टेस्ट (Stenography Test) ग्रेड C: 100 शब्द प्रति मिनट ग्रेड D: 80 शब्द प्रति मिनट आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार निम्न स्टेप्स फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं: आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें   अंतिम मौका, जल्दी करें आवेदन आज आवेदन की अंतिम तिथि होने के कारण वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक हो सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।  

surbhi मई 15, 2026 0
Sarkari Naukri Bihar
बिहार में 12वीं पास युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के बड़े अवसर

पटना, एजेंसियां। अगर आपने 12वीं पास कर ली है और सरकारी नौकरी की तैयारी करना चाहते हैं, तो बिहार में आपके लिए कई अच्छे अवसर मौजूद हैं। बिहार सरकार और विभिन्न भर्ती आयोग समय-समय पर पुलिस, क्लर्क, स्टेनोग्राफर, होमगार्ड और विधान परिषद जैसे पदों पर भर्तियां निकालते रहते हैं। सही रणनीति और नियमित तैयारी से उम्मीदवार इन नौकरियों में सफलता हासिल कर सकते हैं।   BSSC इंटर लेवल भर्ती बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की सेकंड इंटर लेवल भर्ती 12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए सबसे लोकप्रिय भर्तियों में से एक है। इसके तहत लोअर डिवीजन क्लर्क, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ऑफिस असिस्टेंट, टाइपिस्ट और फील्ड असिस्टेंट जैसे पदों पर नियुक्तियां होती हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, टाइपिंग या स्किल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन शामिल होता है।   बिहार पुलिस भर्ती में सुनहरा मौका बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल, हवलदार और ऑपरेटर सिपाही जैसे पदों पर नियमित भर्तियां निकलती हैं। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी जाती है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट शामिल होते हैं। उम्मीदवारों को शारीरिक मानकों को भी पूरा करना जरूरी होता है।   स्टेनो और होमगार्ड भर्ती भी अहम विकल्प स्टेनोग्राफी और कंप्यूटर टाइपिंग जानने वाले उम्मीदवार बिहार स्टेनो भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के जरिए चयन होता है। वहीं बिहार होमगार्ड भर्ती भी युवाओं के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। चर्चा है कि करीब 13,500 पदों पर भर्ती जल्द आ सकती है। खास बात यह है कि इसमें लिखित परीक्षा नहीं होगी और चयन फिजिकल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा।   विधान परिषद में भी मिलती हैं नौकरियां बिहार विधान परिषद और विधानसभा में डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर और ऑफिस अटेंडेंट जैसे पदों पर इंटर पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन भर्तियों के जरिए युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी पाने का अच्छा मौका मिलता है।

Unknown मई 9, 2026 0
SSC recruitment notification with students filling online application for government jobs on a laptop.
SSC Phase 14 Recruitment 2026: 3003 पदों पर बंपर भर्ती, 10वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए सुनहरा मौका

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Staff Selection Commission (SSC) ने Selection Post Phase 14 Recruitment 2026 के तहत 3003 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती खास बात इसलिए भी है क्योंकि इसमें 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट उम्मीदवारों तक सभी के लिए अवसर उपलब्ध है। SSC की यह भर्ती उन लाखों उम्मीदवारों के लिए उम्मीद लेकर आई है जो लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे थे। इच्छुक उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन शुरू: 13 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तिथि: 04 मई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि: 05 मई 2026 करेक्शन विंडो: 11 मई से 13 मई 2026 कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में पदों को तीन अलग-अलग शैक्षणिक स्तरों में बांटा गया है: मैट्रिक (10वीं पास) इंटरमीडिएट (12वीं पास) ग्रेजुएशन लेवल यानी अगर आपने सिर्फ 10वीं पास की है, तब भी आप आवेदन कर सकते हैं। वहीं 12वीं और ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए भी कई पद उपलब्ध हैं। आयु सीमा: उम्मीदवारों की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए (पोस्ट के अनुसार अलग-अलग हो सकती है)। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। ऐसे करें आवेदन SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं “Selection Post Phase 14” लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें फीस जमा कर फॉर्म सबमिट करें वैकेंसी डिटेल्स जनरल (General): 1534 पद OBC: 667 पद SC: 346 पद EWS: 271 पद ST: 185 पद कुल पद: 3003 क्या है खास? यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन मौका है जो कम शैक्षणिक योग्यता के बावजूद सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए इतने बड़े स्तर पर भर्ती कम ही देखने को मिलती है।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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PM मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक के दोषियों पर सख्ती, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा

kalpana जुलाई 23, 2026 0