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Last Chance to Apply for UPSSSC Excise Constable Jobs

UPSSSC में कांस्टेबल बनने का आखिरी मौका, 12वीं पास उम्मीदवार आज ही करें आवेदन

surbhi जून 24, 2026 0
Candidates filling online forms for UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 before the application deadline.
UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 Last Date

UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा निकाली गई आबकारी सिपाही (Excise Constable) भर्ती के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। आयोग ने कुल 820 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आज ही अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

विवरण

तिथि

आवेदन शुरू होने की तिथि

4 जून 2026

आवेदन की अंतिम तिथि

24 जून 2026

शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि

24 जून 2026

आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि

1 जुलाई 2026

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास:

  • UPSSSC PET 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना चाहिए।
  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है।

आयु सीमा (1 जुलाई 2026 के अनुसार)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 40 वर्ष

आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

शारीरिक मानक

पुरुष उम्मीदवार

  • लंबाई: 167.6 सेमी
  • सीना: 80 सेमी (फुलाने पर 85 सेमी)

महिला उम्मीदवार

  • लंबाई: 152 सेमी

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित अभ्यर्थियों को पे-लेवल-2 के तहत 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक वेतन मिलेगा। शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग 19,900 रुपये होगी। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

सभी भत्तों को जोड़ने के बाद शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह या उससे अधिक हो सकती है।

चयन प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया में निम्न चरण शामिल होंगे:

  1. UPSSSC PET 2025 स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग
  2. मुख्य लिखित परीक्षा
  3. शारीरिक माप परीक्षण (PMT) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PST)
  4. दस्तावेज सत्यापन

आवेदन शुल्क

  • सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹25
  • एससी / एसटी: ₹25
  • दिव्यांग (PH): ₹25

शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

ऐसे करें आवेदन

  1. UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. UPSSSC Excise Constable Recruitment 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
  3. नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन करें।
  4. लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  6. आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
  7. फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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BPSC TRE 4.0
BPSC TRE 4.0: 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी तेज, जल्द जारी हो सकता है नोटिफिकेशन

पटना, एजेंसियां। बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए BPSC TRE 4.0 को लेकर नया अपडेट सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग को शिक्षक भर्ती से संबंधित प्रस्ताव मिल गया है और अब आवश्यक स्वीकृति के बाद बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा सकता है।   32,388 पदों पर भर्ती की जानकारी   ताजा रिपोर्टों में TRE 4.0 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की बात सामने आई है। इनमें प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक पद शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पदों की अंतिम संख्या और विषयवार विवरण को BPSC की आधिकारिक अधिसूचना से ही अंतिम माना जाएगा।   नोटिफिकेशन का इंतजार   TRE 4.0 का आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। प्रस्ताव और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद BPSC आवेदन की तारीख, पात्रता, शुल्क, विषयवार रिक्तियां और परीक्षा कार्यक्रम जारी करेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को फिलहाल वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।   परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी   TRE 4.0 की परीक्षा तिथि, आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही निश्चित होगी। अलग-अलग रिपोर्टों में पहले अलग-अलग पद संख्या और संभावित तारीखें बताई गई हैं, इसलिए अभी किसी एक आंकड़े को अंतिम मानना उचित नहीं है।   अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे अपनी शैक्षणिक डिग्री, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन शुरू होने पर परेशानी न हो।

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पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अच्छी खबर है। राज्य स्वास्थ्य समिति (SHS) बिहार ने 450 विशेषज्ञ डॉक्टरों की संविदा आधारित भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 21 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।   450 पदों पर होगी भर्ती   इस भर्ती अभियान के तहत छह विशेषज्ञ श्रेणियों में नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें सबसे अधिक 132 पद एनेस्थेटिस्ट, 115 पद पीडियाट्रिशियन, 94 पद गायनेकोलॉजिस्ट, 60 पद एमडी मेडिसिन/फिजिशियन, 27 पद जनरल सर्जन और 22 पद ऑर्थोपेडिक सर्जन के लिए निर्धारित हैं।   क्या है योग्यता?   आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में एमडी, एमएस, डीएनबी या निर्धारित डिप्लोमा (डीजीओ, डीसीएच, डीए, डी.ऑर्थो आदि) की मान्यता प्राप्त डिग्री होनी चाहिए। प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है।   1.20 लाख रुपये तक मिलेगा मानदेय   चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों को पद और पोस्टिंग के आधार पर 90 हजार रुपये से 1.20 लाख रुपये प्रति माह तक मानदेय मिलेगा। जिला मुख्यालय से बाहर तैनात एमडी/एमएस/डीएनबी योग्य डॉक्टरों को अधिक मानदेय दिया जाएगा।   ऑनलाइन करना होगा आवेदन   उम्मीदवार SHS बिहार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, आवश्यक दस्तावेज और पोस्टिंग के लिए अधिकतम तीन जिलों की प्राथमिकता दर्ज करनी होगी।   21 अगस्त है अंतिम तिथि   राज्य स्वास्थ्य समिति ने योग्य उम्मीदवारों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन करने की अपील की है। आवेदन प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू हो चुकी है और 21 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी।

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KGBV भर्ती 2026: 261 पदों पर निकली वैकेंसी, बुलंदशहर और बरेली में होगी नियुक्ति लखनऊ, एजेंसियां। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। KGBV भर्ती 2026 के तहत कुल 261 संविदा पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई है। ये रिक्तियां उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और बरेली जिलों में हैं। भर्ती में शिक्षण के साथ-साथ गैर-शिक्षण पद भी शामिल बताए गए हैं।   किन पदों पर होगी भर्ती?     KGBV भर्ती के तहत अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इनमें प्रिंसिपल, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), लैब असिस्टेंट, ऑफिस सुपरिंटेंडेंट और केयरटेकर समेत अन्य पद शामिल हैं।   पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित जिले की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में अपनी पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।   संविदा आधार पर होगी नियुक्ति     यह भर्ती संविदा आधार पर की जा रही है। KGBV के माध्यम से बालिकाओं को आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं में इन कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।   भर्ती प्रक्रिया में पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया लागू होगी। उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती नोटिफिकेशन में दिए गए नियमों के अनुसार आवेदन करना होगा।   आवेदन से पहले जरूर जांचें नोटिफिकेशन     KGBV भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए योग्यता और आवेदन की अंतिम तिथि अलग हो सकती है। ऐसे में उम्मीदवारों को बुलंदशहर और बरेली जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी मूल विज्ञापन देखकर ही आवेदन करना चाहिए।   उम्मीदवार आवेदन करने से पहले पदवार रिक्तियों, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, वेतन, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ध्यान से पढ़ें।

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