टेक्नोलॉजी

Nothing Phone 4b Launch Confirmed

Nothing Phone 4b की लॉन्च डेट हुई कन्फर्म, Phone 4a से भी सस्ता होगा नया मॉडल

surbhi जून 24, 2026 0
Nothing Phone 4b teaser showcasing rear design with camera module and Glyph interface.
Nothing Phone 4b India Launch Confirmed

Nothing अपने स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए अब एक नई 'b' सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इस सीरीज का पहला स्मार्टफोन Nothing Phone 4b होगा, जिसे बजट सेगमेंट के ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया जाएगा। खास बात यह है कि यह मॉडल मौजूदा Nothing Phone 4a से भी कम कीमत में उपलब्ध कराया जा सकता है।

Nothing के पोर्टफोलियो में शामिल होगी नई 'b' सीरीज

कंपनी के CEO Carl Pei के नेतृत्व में Nothing लगातार नए प्रोडक्ट्स के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। सोमवार को Nothing India के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट Akis Evangelidis ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए नई 'b' सीरीज के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह सीरीज कंपनी की लोकप्रिय 'a' सीरीज से नीचे के प्राइस सेगमेंट में रखी जाएगी। उनके अनुसार, b Series को उन ग्राहकों के लिए डिजाइन किया गया है जो कम कीमत में Nothing का एक्सपीरियंस चाहते हैं।

नामकरण रणनीति भी समझाई

Akis Evangelidis ने Nothing की प्रोडक्ट नामकरण प्रणाली को भी स्पष्ट किया। उनके मुताबिक, डिवाइस के नाम में दिया गया नंबर उसकी जनरेशन को दर्शाता है, जबकि अंत में जुड़ा अक्षर (जैसे a या b) उसके सेगमेंट की पहचान बताता है।

कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे उसका पोर्टफोलियो बढ़ेगा, यह सिस्टम ग्राहकों के लिए अलग-अलग डिवाइसेज़ को समझना आसान बनाएगा।

7 जुलाई को भारत में होगा लॉन्च

Nothing ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि Nothing Phone 4b को भारत में 7 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे (IST) लॉन्च किया जाएगा।

लॉन्च से पहले जारी किए गए टीजर में फोन के रियर डिजाइन की झलक दिखाई गई है। फोन में पिल-शेप्ड कैमरा मॉड्यूल और LED फ्लैश दिया गया है।

मिल सकता है Glyph Bar इंटरफेस

टीजर से संकेत मिलते हैं कि Nothing Phone 4b में हॉरिजॉन्टल Glyph Bar इंटरफेस भी देखने को मिल सकता है। यह डिजाइन हाल ही में लॉन्च हुए Nothing Phone 4a से प्रेरित माना जा रहा है, जो फोन को प्रीमियम और अलग पहचान देने में मदद करता है।

हालांकि, कंपनी ने अभी तक फोन के प्रोसेसर, कैमरा, बैटरी और कीमत जैसी अन्य स्पेसिफिकेशंस का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि लॉन्च के करीब आने के साथ कंपनी और जानकारियां साझा करेगी।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली: भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर अब सिर्फ ठंडक ही नहीं, बल्कि बढ़ते बिजली बिल और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का भी कारण बनते जा रहे हैं। ऐसे में एक नई कूलिंग तकनीक तेजी से चर्चा में है, जिसे प्रोपेन कूलिंग टेक्नोलॉजी कहा जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके कुछ मॉडल बिना बिजली के भी काम कर सकते हैं, जबकि अन्य मॉडल पारंपरिक AC की तुलना में कम बिजली खर्च करते हैं। क्या है प्रोपेन कूलिंग टेक्नोलॉजी? प्रोपेन कूलिंग तकनीक मुख्य रूप से दो प्रकार के एयर कंडीशनर में इस्तेमाल होती है। 1. एब्जॉर्प्शन AC (Absorption AC) ये ऐसे एयर कंडीशनर होते हैं जो बिजली के बजाय प्रोपेन गैस या अन्य हीट सोर्स की मदद से चलते हैं। इनमें पारंपरिक AC की तरह इलेक्ट्रिक कंप्रेसर नहीं होता, बल्कि एक थर्मल सिस्टम काम करता है। इस प्रक्रिया में अमोनिया और पानी के मिश्रण को प्रोपेन की गर्मी से गर्म किया जाता है, जिससे रेफ्रिजरेंट गैस बनती है और कूलिंग पैदा होती है। इन AC का उपयोग लंबे समय से ऑफ-ग्रिड घरों, होटल, बड़े औद्योगिक प्लांट और RV (Recreational Vehicle) में किया जाता रहा है। 2. R290 प्रोपेन गैस वाले एडवांस AC यह तकनीक सामान्य एयर कंडीशनर जैसी ही होती है, लेकिन इनमें पारंपरिक रेफ्रिजरेंट गैस R22 या R410A की जगह R290 (शुद्ध प्रोपेन) का इस्तेमाल किया जाता है। R290 एक प्राकृतिक रेफ्रिजरेंट है, जो: कम बिजली खर्च करता है। तेजी से कूलिंग प्रदान करता है। पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाता है। कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, R290 आधारित AC पारंपरिक मॉडल की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक बिजली की बचत कर सकते हैं। क्या प्रोपेन AC में आग लगने का खतरा होता है? प्रोपेन एक ज्वलनशील गैस है, लेकिन आधुनिक AC को विशेष सुरक्षा मानकों के साथ डिजाइन किया जाता है। इनमें गैस की मात्रा सीमित रखी जाती है और यूनिट को पूरी तरह सील और लीक-प्रूफ बनाया जाता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बेहद कम हो जाती है। पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प दुनियाभर में हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) गैसों को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी वजह से R290 जैसी प्राकृतिक गैसों पर आधारित तकनीकों को बढ़ावा मिल रहा है। भारत में भी कई कंपनियां, खासकर गोदरेज, R290 रेफ्रिजरेंट वाले एयर कंडीशनर को बढ़ावा दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक भारतीय बाजार में और तेजी से लोकप्रिय हो सकती है। क्या सच में बिना बिजली के घर बन जाएगा "कश्मीर"? हालांकि एब्जॉर्प्शन AC बिना बिजली के काम कर सकते हैं, लेकिन यह तकनीक फिलहाल घरेलू उपयोग में बहुत आम नहीं है। वहीं R290 आधारित AC बिजली का उपयोग करते हैं, लेकिन कम ऊर्जा खर्च के साथ बेहतर कूलिंग देने का दावा करते हैं। इसलिए यह कहना कि हर प्रोपेन AC पूरी तरह बिना बिजली के चलता है, सही नहीं होगा। तकनीक के प्रकार के अनुसार इसकी कार्यप्रणाली अलग होती है।  

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Hisense E8S ULED Mini-LED Smart TV showcasing premium display with 144Hz refresh rate and AI features.
Hisense E8S ULED Mini-LED TV भारत में लॉन्च, 144Hz डिस्प्ले और AI फीचर्स के साथ कीमत ₹57,990 से शुरू

भारतीय स्मार्ट टीवी बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए-नए फीचर्स वाले प्रीमियम मॉडल पेश कर रही हैं। इसी कड़ी में Hisense ने भारत में अपनी नई E8S ULED Mini-LED TV सीरीज लॉन्च कर दी है। यह नई सीरीज हाई रिफ्रेश रेट, AI आधारित पिक्चर प्रोसेसिंग और प्रीमियम ऑडियो अनुभव के साथ आती है, जिससे यह गेमिंग और एंटरटेनमेंट दोनों के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकती है। कंपनी ने इस सीरीज को Mini-LED तकनीक के साथ पेश किया है, जो बेहतर ब्राइटनेस, गहरे ब्लैक लेवल और शानदार कॉन्ट्रास्ट प्रदान करती है। Hisense E8S सीरीज फिलहाल केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। ULED Mini-LED पैनल और फुल-अरे लोकल डिमिंग Hisense E8S सीरीज में ULED Mini-LED डिस्प्ले दिया गया है। इसके साथ Full-Array Local Dimming तकनीक मिलती है, जो स्क्रीन के अलग-अलग हिस्सों की बैकलाइट को स्वतंत्र रूप से नियंत्रित करती है। इसका फायदा यह होता है कि डार्क सीन में ब्लैक कलर ज्यादा गहरा और ब्राइट हिस्से अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं। Pantone कलर एक्यूरेसी और 144Hz रिफ्रेश रेट टीवी में Pantone-Validated Color Accuracy और Hi-QLED तकनीक दी गई है, जिससे रंग अधिक प्राकृतिक और वास्तविक नजर आते हैं। गेमर्स और स्पोर्ट्स कंटेंट पसंद करने वाले यूजर्स के लिए इसमें 144Hz का नैटिव रिफ्रेश रेट दिया गया है, जो स्मूथ विजुअल अनुभव प्रदान करता है। AI इंजन करेगा पिक्चर क्वालिटी को बेहतर Hisense ने इस सीरीज में अपना Hi-View AI Engine शामिल किया है, जो कंटेंट के अनुसार रियल टाइम में कॉन्ट्रास्ट, कलर और शार्पनेस को ऑटोमैटिक रूप से एडजस्ट करता है। वहीं, 85 इंच वाले प्रीमियम मॉडल में Hi-View AI Engine Pro दिया गया है, जो और अधिक एडवांस प्रोसेसिंग क्षमता के साथ आता है। दमदार ऑडियो और स्मार्ट फीचर्स बेहतर साउंड अनुभव के लिए टीवी में Devialet द्वारा ट्यून किया गया बिल्ट-इन सबवूफर मौजूद है। स्मार्ट फीचर्स के लिए इसमें VIDAA Smart OS दिया गया है। यह टीवी HDR10+ Adaptive, Dolby Vision IQ और Filmmaker Mode जैसे लोकप्रिय HDR फॉर्मेट्स को सपोर्ट करता है। इसके अलावा AI RGB Light Sensor कमरे की रोशनी के अनुसार पिक्चर सेटिंग्स को अपने आप एडजस्ट करता है। हैंड्स-फ्री वॉइस कंट्रोल की सुविधा भी इसमें उपलब्ध है। Hisense E8S ULED Mini-LED TV की कीमत स्क्रीन साइज कीमत 55 इंच ₹57,990 65 इंच ₹76,990 75 इंच ₹99,990 85 इंच ₹1,59,990 उपलब्धता और लॉन्च ऑफर्स Hisense E8S सीरीज को Amazon और Flipkart जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर खरीदा जा सकेगा। कंपनी ग्राहकों के लिए No-Cost EMI विकल्प के साथ शुरुआती खरीद पर विशेष डिस्काउंट ऑफर भी दे रही है।  

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