हैदराबाद, एजेंसियां। प्रीमियम परफॉर्मेंस मोटरसाइकिल निर्माता Ducati भारत में अपनी नई 2026 Ducati Monster को 10 अगस्त को लॉन्च करने की तैयारी में है। नई Monster में कंपनी ने इंजन से लेकर डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई अपडेट किए हैं। लॉन्च के बाद यह बाइक प्रीमियम नेकेड मोटरसाइकिल सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और मजबूत करेगी।
2026 Ducati Monster में सबसे बड़ा बदलाव इंजन को लेकर किया गया है। कंपनी ने पुराने 937cc L-Twin इंजन की जगह नया 890cc V-Twin इंजन दिया है। यह इंजन 9,000 rpm पर 109.4 bhp की पावर और 7,250 rpm पर 91 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।
पावर और टॉर्क के आंकड़े पुराने इंजन के 110 bhp और 93.5 Nm की तुलना में थोड़े कम हैं। हालांकि, कंपनी का दावा है कि नया पावरट्रेन बेहतर राइडिंग एक्सपीरिएंस और परफॉर्मेंस देने के लिए तैयार किया गया है।
नई Ducati Monster में कंपनी ने अपने पारंपरिक स्ट्रीटफाइटर डिजाइन को बरकरार रखा है। बाइक में ओवल LED हेडलैंप, एक्सपोज्ड मैकेनिकल पार्ट्स और कॉम्पैक्ट टेल सेक्शन दिया गया है। इसका नया डिजाइन पहले की तुलना में ज्यादा शार्प और एथलेटिक नजर आता है।
2026 Monster में एल्युमीनियम मोनोकोक फ्रेम का इस्तेमाल किया गया है। सस्पेंशन सेटअप में आगे 43mm Showa USD फोर्क और पीछे प्रीलोड एडजस्टमेंट वाला Showa मोनोशॉक दिया गया है।
ब्रेकिंग के लिए बाइक में Brembo सिस्टम मिलेगा। इसमें आगे 320mm ट्विन डिस्क और पीछे 245mm सिंगल डिस्क ब्रेक दिए गए हैं। बाइक हल्के अलॉय व्हील्स के साथ Pirelli Diablo Rosso IV टायरों पर चलेगी।
नई Ducati Monster में कई राइडिंग मोड, ट्रैक्शन कंट्रोल, क्विकशिफ्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक राइडर-असिस्ट सिस्टम दिए जाएंगे। कंपनी का उद्देश्य बाइक को रोजमर्रा की राइडिंग के साथ-साथ स्पोर्टी राइडिंग के लिए भी बेहतर बनाना है।
भारत में 2026 Ducati Monster की अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत करीब 14 लाख रुपये हो सकती है। वहीं, ज्यादा प्रीमियम Monster Plus वेरिएंट की कीमत स्टैंडर्ड मॉडल से लगभग 20,000 से 30,000 रुपये अधिक होने की संभावना है।
लॉन्च के बाद Ducati Monster का मुकाबला Triumph Street Triple और Kawasaki Z900 जैसी प्रीमियम नेकेड बाइक्स से होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
हैदराबाद, एजेंसियां। प्रीमियम परफॉर्मेंस मोटरसाइकिल निर्माता Ducati भारत में अपनी नई 2026 Ducati Monster को 10 अगस्त को लॉन्च करने की तैयारी में है। नई Monster में कंपनी ने इंजन से लेकर डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई अपडेट किए हैं। लॉन्च के बाद यह बाइक प्रीमियम नेकेड मोटरसाइकिल सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और मजबूत करेगी। नया 890cc V-Twin इंजन 2026 Ducati Monster में सबसे बड़ा बदलाव इंजन को लेकर किया गया है। कंपनी ने पुराने 937cc L-Twin इंजन की जगह नया 890cc V-Twin इंजन दिया है। यह इंजन 9,000 rpm पर 109.4 bhp की पावर और 7,250 rpm पर 91 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। पावर और टॉर्क के आंकड़े पुराने इंजन के 110 bhp और 93.5 Nm की तुलना में थोड़े कम हैं। हालांकि, कंपनी का दावा है कि नया पावरट्रेन बेहतर राइडिंग एक्सपीरिएंस और परफॉर्मेंस देने के लिए तैयार किया गया है। शार्प और एथलेटिक डिजाइन नई Ducati Monster में कंपनी ने अपने पारंपरिक स्ट्रीटफाइटर डिजाइन को बरकरार रखा है। बाइक में ओवल LED हेडलैंप, एक्सपोज्ड मैकेनिकल पार्ट्स और कॉम्पैक्ट टेल सेक्शन दिया गया है। इसका नया डिजाइन पहले की तुलना में ज्यादा शार्प और एथलेटिक नजर आता है। हार्डवेयर में मिलेंगे प्रीमियम कंपोनेंट्स 2026 Monster में एल्युमीनियम मोनोकोक फ्रेम का इस्तेमाल किया गया है। सस्पेंशन सेटअप में आगे 43mm Showa USD फोर्क और पीछे प्रीलोड एडजस्टमेंट वाला Showa मोनोशॉक दिया गया है। ब्रेकिंग के लिए बाइक में Brembo सिस्टम मिलेगा। इसमें आगे 320mm ट्विन डिस्क और पीछे 245mm सिंगल डिस्क ब्रेक दिए गए हैं। बाइक हल्के अलॉय व्हील्स के साथ Pirelli Diablo Rosso IV टायरों पर चलेगी। फीचर्स से लैस होगी नई Monster नई Ducati Monster में कई राइडिंग मोड, ट्रैक्शन कंट्रोल, क्विकशिफ्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक राइडर-असिस्ट सिस्टम दिए जाएंगे। कंपनी का उद्देश्य बाइक को रोजमर्रा की राइडिंग के साथ-साथ स्पोर्टी राइडिंग के लिए भी बेहतर बनाना है। करीब 14 लाख रुपये हो सकती है कीमत भारत में 2026 Ducati Monster की अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत करीब 14 लाख रुपये हो सकती है। वहीं, ज्यादा प्रीमियम Monster Plus वेरिएंट की कीमत स्टैंडर्ड मॉडल से लगभग 20,000 से 30,000 रुपये अधिक होने की संभावना है। लॉन्च के बाद Ducati Monster का मुकाबला Triumph Street Triple और Kawasaki Z900 जैसी प्रीमियम नेकेड बाइक्स से होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। Xiaomi ने भारत में अपनी लोकप्रिय Note सीरीज का नया स्मार्टफोन Redmi Note 17 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे 6 अगस्त 2026 को भारतीय बाजार में पेश किया। फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8,000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है, जिसे कंपनी ने Redmi फोन में अब तक की सबसे बड़ी बैटरी बताया है। स्मार्टफोन में 120Hz AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट और 50MP मुख्य कैमरा दिया गया है। 8,000mAh बैटरी बनी सबसे बड़ी खासियत Redmi Note 17 5G को खास तौर पर लंबी बैटरी लाइफ को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 8,000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है और कंपनी का दावा है कि सामान्य इस्तेमाल में फोन तीन दिन तक चल सकता है। इसमें 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। बड़ी बैटरी के बावजूद फोन का डिजाइन अपेक्षाकृत पतला रखा गया है। डिवाइस में मेटल फिनिश फ्रेम और मजबूत ग्लास प्रोटेक्शन दिया गया है। 120Hz AMOLED स्क्रीन और Snapdragon 4 Gen 4 प्रोसेसर फोन में 6.9 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। बड़ी स्क्रीन का फायदा खासकर वीडियो देखने, गेमिंग और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों को मिल सकता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट दिया गया है। फोन Android 16 आधारित HyperOS 3 पर चलता है। Xiaomi ने इसके लिए चार Android OS अपडेट देने की बात कही है। 50MP कैमरा, लेकिन कुछ फीचर्स में समझौता फोटोग्राफी के लिए Redmi Note 17 5G में 50MP का मुख्य रियर कैमरा दिया गया है। हालांकि, इसकी कैमरा व्यवस्था को लेकर कुछ समझौते भी देखने को मिलते हैं। रिपोर्टों के अनुसार इसमें अल्ट्रा-वाइड कैमरा नहीं है और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग का सपोर्ट भी नहीं मिलता। इसका मतलब है कि फोन का मुख्य फोकस कैमरा क्षमताओं की बजाय बैटरी, बड़ी स्क्रीन और रोजमर्रा के इस्तेमाल पर रखा गया है। कीमत और बिक्री भारत में फोन की कीमत को लेकर लॉन्च रिपोर्टों में अलग-अलग शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं। Hindustan Times के अनुसार 8GB RAM + 128GB स्टोरेज मॉडल की कीमत ₹28,999 और 8GB + 256GB मॉडल की कीमत ₹31,999 है। बैंक ऑफर के तहत चुनिंदा कार्ड से भुगतान पर ₹3,000 तक की तत्काल छूट भी बताई गई है। फोन की बिक्री 12 अगस्त 2026 से Amazon और Xiaomi की ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से शुरू होगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। OpenAI ने अपने AI चैटबॉट ChatGPT के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। इस अपडेट के तहत फ्री और Go प्लान के यूजर्स को अब अनलिमिटेड टेक्स्ट चैट की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही कंपनी ने नया GPT-5.6 Luna मॉडल लॉन्च किया है, जबकि Plus और Pro यूजर्स के लिए GPT-5.6 Sol मॉडल और नया रीजनिंग कंट्रोल फीचर भी उपलब्ध कराया गया है। फ्री यूजर्स के लिए हटेगी टेक्स्ट चैट लिमिट अब तक फ्री और Go प्लान के यूजर्स को टेक्स्ट चैट की एक तय सीमा पूरी होने के बाद इंतजार करना पड़ता था। नए अपडेट के बाद अगले सप्ताह से यह सीमा हटा दी जाएगी और यूजर्स बिना रुकावट जितनी चाहें उतनी टेक्स्ट चैट कर सकेंगे। हालांकि, फाइल अपलोड, इमेज जनरेशन और वॉयस चैट जैसी सुविधाओं पर पहले की तरह उपयोग सीमा लागू रहेगी। GPT-5.6 Luna और नया 'Think' बटन फ्री यूजर्स के लिए अब GPT-5.6 Luna डिफॉल्ट मॉडल होगा, जो पहले के GPT-5.5 मॉडल की जगह लेगा। इसके साथ एक नया 'Think' बटन भी जोड़ा गया है, जिससे कठिन सवालों पर मॉडल अधिक गहराई से विचार कर बेहतर उत्तर दे सकेगा। Plus और Pro यूजर्स को मिलेगा नया अनुभव Plus और Pro सब्सक्राइबर्स के लिए GPT-5.6 Sol मॉडल उपलब्ध कराया गया है। यह मॉडल तेज (Instant) और गहन (Thinking) दोनों प्रकार के उत्तर एक ही मॉडल में देगा। अब अलग-अलग मॉडल चुनने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा एक रीजनिंग स्लाइडर भी दिया गया है, जिससे यूजर्स तय कर सकेंगे कि किसी प्रश्न पर AI कितना अधिक विचार करे। यह सुविधा रिसर्च, कोडिंग और जटिल योजनाओं जैसे कार्यों में अधिक उपयोगी होगी। फैक्चुअल गलतियों में कमी का दावा OpenAI के अनुसार, नए मॉडल पहले की तुलना में अधिक सटीक और भरोसेमंद हैं। कंपनी की आंतरिक टेस्टिंग के मुताबिक, वित्त, चिकित्सा और कानूनी विषयों पर GPT-5.6 Luna में तथ्यात्मक गलतियां लगभग 62% और GPT-5.6 Sol में करीब 68% तक कम हुई हैं। वेब, मोबाइल और डेस्कटॉप पर मिलेगा अपडेट यह नया अपडेट वेब, मोबाइल और डेस्कटॉप प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव फिलहाल केवल ChatGPT के सामान्य चैट अनुभव के लिए है और इसका प्रभाव Codex या ChatGPT Work जैसे अन्य उत्पादों पर नहीं पड़ेगा।