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RBI ने PSL नियमों में दी राहत, NRI जमा पर बड़ा बदलाव

RBI ने Priority Sector Lending नियमों में दी राहत, NRI जमा से जुड़े कर्ज को लेकर बड़ा बदलाव

ranjan kumar tiwari अगस्त 8, 2026 0
RBI ने Priority Sector Lending नियमों में NRI जमा आधारित कर्ज को लेकर बदलाव किया
RBI का PSL नियमों में बदलाव, NRI जमा आधारित कर्ज को राहत

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के Priority Sector Lending (PSL) नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए फैसले के तहत 8 जून से 30 सितंबर 2026 के बीच जुटाई गई पात्र FCNR(B) और NRE जमा के आधार पर दिए गए कुछ कर्ज को बैंकों के Adjusted Net Bank Credit (ANBC) की गणना से बाहर रखा जाएगा। इसका मतलब है कि इन कर्जों को अनिवार्य प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

 

NRI जमा बढ़ाने पर RBI का जोर

 

 

RBI के इस कदम का प्रमुख उद्देश्य बैंकों को विदेशी मुद्रा में आने वाली NRI जमा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना माना जा रहा है। FCNR(B) और NRE खाते अनिवासी भारतीयों के लिए भारत में धन रखने के प्रमुख माध्यम हैं।

 

नए प्रावधान से बैंकों को इन जमा के आधार पर कर्ज देने में अधिक लचीलापन मिलेगा। ऐसे कर्ज PSL लक्ष्य की गणना में शामिल नहीं होने के कारण बैंकों पर प्राथमिकता क्षेत्र में अतिरिक्त कर्ज देने का दबाव भी कम होगा।

 

बैंकिंग क्षेत्र को क्या फायदा?

 

 

RBI के इस बदलाव से बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा जमा जुटाने और उसके आधार पर ऋण देने की प्रक्रिया अधिक आकर्षक हो सकती है। इससे बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह राहत सभी प्रकार के NRI जमा या सभी कर्जों पर लागू नहीं है। RBI ने इसके लिए पात्र जमा और निर्धारित अवधि जैसी शर्तें रखी हैं।

 

 

PSL नियमों में बदलाव का असर

 

 

Priority Sector Lending के तहत बैंकों को कृषि, MSME, कमजोर वर्ग और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निर्धारित मात्रा में कर्ज देना होता है। RBI का नया प्रावधान कुछ विशेष NRI जमा-आधारित कर्ज को इस गणना से अलग करता है। इस फैसले से बैंकों को अपनी बैलेंस शीट और ऋण वितरण रणनीति को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

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IPO
SEBI ने 9 कंपनियों के IPO को दी मंजूरी, प्राइमरी मार्केट में बढ़ी हलचल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 9 कंपनियों के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को मंजूरी दे दी है। अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार करने वाली इन कंपनियों के IPO को मंजूरी मिलने से भारतीय प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। मंजूरी पाने वाली कंपनियों में इंजीनियरिंग, ट्रैवल टेक्नोलॉजी, गेमिंग, ड्रोन, पेपर, रिन्यूएबल एनर्जी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।   इन 9 कंपनियों को मिली मंजूरी   SEBI से IPO की मंजूरी पाने वाली कंपनियों में PlaySimple Games, Garuda Aerospace, Rediff.com India, Jakson Green, Laxyo, Expression 360 Services India, SNVA Traveltech, Adroit Industries India और Naini Papers शामिल हैं।   इन कंपनियों के सार्वजनिक निर्गम से निवेशकों को अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में निवेश का विकल्प मिल सकता है। हालांकि IPO की अंतिम तारीख, इश्यू प्राइस और लॉट साइज जैसी जानकारी संबंधित कंपनियों के आगे के दस्तावेजों और घोषणाओं में स्पष्ट होगी।   प्राइमरी मार्केट में बढ़ी गतिविधि   एक साथ नौ कंपनियों को IPO की मंजूरी मिलना भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। बाजार में IPO गतिविधियों में तेजी आने के बीच SEBI की मंजूरी से कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हुआ है।   इन कंपनियों का लक्ष्य IPO के जरिए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कारोबार विस्तार, नई परियोजनाओं, कर्ज कम करने और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जा सकता है। वास्तविक उपयोग कंपनी-दर-कंपनी अलग होगा।   निवेशकों की बढ़ेगी नजर   IPO की मंजूरी मिलने के बाद अब निवेशकों की नजर इन कंपनियों के DRHP/RHP, इश्यू साइज, वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन और IPO की कीमत पर रहेगी। SEBI की मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि IPO में निवेश करना निश्चित रूप से लाभदायक होगा। निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार से जुड़े जोखिम और IPO का मूल्यांकन समझना जरूरी होगा।   कब आएंगे IPO?   SEBI की मंजूरी के बाद कंपनियां बाजार की परिस्थितियों और अपनी तैयारी के अनुसार IPO की लॉन्चिंग की तारीख तय कर सकती हैं। इसलिए अभी सभी नौ IPO की सदस्यता तारीख घोषित होना जरूरी नहीं है। आने वाले दिनों में कंपनियों की ओर से IPO का आकार, प्राइस बैंड, लॉट साइज और सब्सक्रिप्शन की तारीखों से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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Bajaj Finserv

RBI के ड्राफ्ट प्रस्ताव से Bajaj Finance और Bajaj Finserv में बड़ी गिरावट, ₹55 हजार करोड़ का बाजार मूल्य घटा

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Gold Price Today
सोने-चांदी के आज के ताजा भाव: 24 कैरेट सोना ₹1.50 लाख के करीब, चांदी ₹2.40 लाख किलो

मुंबई, एजेंसियां। सोने और चांदी की कीमतों को लेकर आज 8 अगस्त 2026 को बाजार में हलचल बनी हुई है। उपलब्ध ताजा भारतीय बाजार रेट के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब ₹1,49,900 प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना करीब ₹1,37,400 प्रति 10 ग्राम के आसपास है। वहीं चांदी का भाव करीब ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।   आज का सोना-चांदी भाव   आज के उपलब्ध रेट के अनुसार: 24 कैरेट सोना: करीब ₹1,49,900 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना: करीब ₹1,37,400 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट सोना: करीब ₹1,12,400 प्रति 10 ग्राम चांदी: करीब ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम   चांदी का भाव भी ऊंचे स्तर पर   चांदी की कीमत करीब ₹240 प्रति ग्राम यानी ₹2.40 लाख प्रति किलो के स्तर पर है। चांदी में हाल के दिनों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। औद्योगिक मांग, वैश्विक बाजार और डॉलर की चाल इसके भाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।   शहर के हिसाब से बदल सकता है भाव   सोने और चांदी का वास्तविक खुदरा भाव शहर, स्थानीय मांग, ज्वेलर के मार्जिन और अन्य शुल्कों के कारण अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए, चेन्नई में आज 24 कैरेट सोने का स्थानीय भाव करीब ₹15,164 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना करीब ₹13,900 प्रति ग्राम बताया गया है। इसलिए आभूषण खरीदने से पहले अपने शहर के ज्वेलर से उस समय का अंतिम भाव जरूर जांचें।   खरीदारी से पहले इन शुल्कों का रखें ध्यान   ऊपर बताए गए भाव मुख्य रूप से बाजार के संकेतक रेट हैं। आभूषण खरीदते समय 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर के अन्य शुल्क जुड़ने के कारण अंतिम कीमत अधिक हो सकती है। सोने के निवेश या खरीदारी का फैसला करने से पहले 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट की शुद्धता के साथ-साथ हॉलमार्क की भी जांच करना जरूरी है।

anjali kumari अगस्त 8, 2026 0
SBI

SBI का पहली तिमाही का मुनाफा 10.2% बढ़कर ₹21,121 करोड़ पहुंचा

Share Market

शेयर बाजार में गिरावट के साथ क्लोजिंग, सेंसेक्स 455 अंक टूटा; निफ्टी 24,600 के नीचे बंद

KKR द्वारा Medicover India अस्पताल कारोबार का अधिग्रहण

KKR का भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा दांव, Medicover का अस्पताल कारोबार €1.2 अरब में खरीदेगा

MCX पर चांदी की कीमतों में तेजी
चांदी की कीमत में जोरदार तेजी, MCX पर ₹2,144 बढ़ा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को तेजी देखने को मिली। MCX पर चांदी का भाव ₹2,27,980 प्रति किलोग्राम पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव ₹2,25,836 के मुकाबले ₹2,144 यानी 0.95 फीसदी की बढ़त है। यह आंकड़ा सुबह करीब 9:25 बजे का है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1.50% की तेजी   अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी मजबूत रही। सुबह के कारोबार में स्पॉट सिल्वर करीब 1.50 फीसदी उछलकर $62.53 प्रति औंस पहुंच गई। सोने में भी करीब 0.41 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। कीमती धातुओं को कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों से सहारा मिला है। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।   MCX पर चांदी का ताजा भाव   MCX के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चांदी का पिछला बंद भाव ₹2,25,836 प्रति किलोग्राम था। शुक्रवार को बाजार खुलने के बाद भाव ₹2,27,993 तक गया और शुरुआती कारोबार में ₹2,28,290 का उच्च स्तर भी देखा गया। इस हिसाब से चांदी ने पिछले बंद स्तर से करीब ₹2,454 प्रति किलोग्राम तक की इंट्राडे बढ़त भी दिखाई।   अमेरिकी आंकड़ों और ईरान वार्ता पर नजर   बाजार की नजर अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव आ सकता है, जिसका असर सोने और चांदी दोनों पर पड़ सकता है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान बातचीत और मध्य-पूर्व के घटनाक्रम भी कीमती धातुओं की दिशा के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
Brent Crude और WTI कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

कच्चा तेल फिर महंगा, Brent Crude $83 के पार; होर्मुज को लेकर बढ़ी चिंता

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सोने की कीमतों में फिर तेजी, 24 कैरेट गोल्ड ₹14,955 प्रति ग्राम के करीब

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