जॉब्स

SBI Clerk 2026 में 1,538 पदों पर भर्ती

SBI Clerk भर्ती 2026: 1,538 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

ranjan kumar tiwari अगस्त 8, 2026 0
SBI Clerk भर्ती 2026 के 1538 पदों की आवेदन प्रक्रिया
SBI Clerk भर्ती 2026 के लिए 1538 पदों पर आवेदन शुरू

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने Junior Associate (Customer Support & Sales) यानी क्लर्क के पदों पर भर्ती के लिए 1,538 रिक्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह विशेष भर्ती अभियान (Special Recruitment Drive) है, जिसके तहत मुख्य रूप से SC, ST और OBC श्रेणियों के बैकलॉग पदों को भरा जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है और उम्मीदवार 27 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

 

1,538 पदों पर होगी भर्ती

 

 

SBI की इस विशेष भर्ती में Junior Associate के कुल 1,538 पद शामिल हैं। यह सामान्य क्लर्क भर्ती से अलग बैकलॉग रिक्तियों को भरने के लिए निकाली गई है। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले अपनी श्रेणी और संबंधित पात्रता की जांच करनी चाहिए।

 

 

27 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन

 

 

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार SBI की भर्ती वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को अपने आवेदन की जानकारी और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

 

सामान्य, OBC और EWS उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹750 है, जबकि SC, ST और PwBD उम्मीदवारों से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

 

योग्यता और चयन प्रक्रिया

 

 

SBI Clerk भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा सामान्यतः 20 से 28 वर्ष रखी गई है, हालांकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी।

 

चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और स्थानीय भाषा से संबंधित प्रक्रिया शामिल होगी। जिस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के लिए उम्मीदवार आवेदन करेगा, वहां की निर्धारित स्थानीय भाषा का ज्ञान जरूरी होगा।

 

जल्द आएगी नियमित SBI Clerk भर्ती

 

 

SBI की यह भर्ती बैकलॉग पदों के लिए विशेष अभियान है। रिपोर्टों के अनुसार बैंक की नियमित Junior Associate भर्ती के लिए अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। इसलिए जो उम्मीदवार सामान्य SBI Clerk भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें SBI की आधिकारिक भर्ती सूचनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Ranjan Kumar Tiwari Ranjan123

जॉब्स

View more
BPSC TRE 4.0
BPSC TRE 4.0: 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी तेज, जल्द जारी हो सकता है नोटिफिकेशन

पटना, एजेंसियां। बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए BPSC TRE 4.0 को लेकर नया अपडेट सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग को शिक्षक भर्ती से संबंधित प्रस्ताव मिल गया है और अब आवश्यक स्वीकृति के बाद बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा सकता है।   32,388 पदों पर भर्ती की जानकारी   ताजा रिपोर्टों में TRE 4.0 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की बात सामने आई है। इनमें प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक पद शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पदों की अंतिम संख्या और विषयवार विवरण को BPSC की आधिकारिक अधिसूचना से ही अंतिम माना जाएगा।   नोटिफिकेशन का इंतजार   TRE 4.0 का आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। प्रस्ताव और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद BPSC आवेदन की तारीख, पात्रता, शुल्क, विषयवार रिक्तियां और परीक्षा कार्यक्रम जारी करेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को फिलहाल वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।   परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी   TRE 4.0 की परीक्षा तिथि, आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही निश्चित होगी। अलग-अलग रिपोर्टों में पहले अलग-अलग पद संख्या और संभावित तारीखें बताई गई हैं, इसलिए अभी किसी एक आंकड़े को अंतिम मानना उचित नहीं है।   अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे अपनी शैक्षणिक डिग्री, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन शुरू होने पर परेशानी न हो।

abhishek singh अगस्त 8, 2026 0
AFCAT 2 2026 परीक्षा में भारतीय वायुसेना की भर्ती

AFCAT 2/2026 परीक्षा आज, भारतीय वायुसेना में 379 पदों पर भर्ती

SBI Clerk भर्ती 2026 के 1538 पदों की आवेदन प्रक्रिया

SBI Clerk भर्ती 2026: 1,538 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

SHS Bihar Recruitment 2026

SHS बिहार में 450 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

BPSC 72nd Prelims
BPSC 72वीं प्रीलिम्स पर आयोग का स्पष्टीकरण, वायरल परीक्षा नोटिस को बताया फर्जी

पटना, एजेंसियां। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर परीक्षा की नई तारीख और अन्य जानकारियों से जुड़ा एक नोटिस वायरल हो रहा था, जिसे आयोग ने फर्जी करार दिया है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे वायरल संदेशों और अनधिकृत स्रोतों पर भरोसा न करें तथा परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए केवल BPSC के आधिकारिक माध्यमों को ही देखें।   वायरल नोटिस पर BPSC ने क्या कहा?   BPSC ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा कथित नोटिस आयोग की ओर से जारी नहीं किया गया है। इस फर्जी नोटिस में 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।   आयोग ने अभ्यर्थियों को आगाह करते हुए कहा है कि वे ऐसे किसी भी संदेश, पोस्ट या नोटिस पर भरोसा न करें, जिसकी पुष्टि BPSC के आधिकारिक माध्यम से नहीं हुई है।   26 जुलाई की परीक्षा पहले ही हो चुकी है स्थगित   BPSC की 72वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा पहले 26 जुलाई 2026 को आयोजित होनी थी। लेकिन आयोग ने 18 जुलाई को इसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया था।   परीक्षा स्थगित करने की आधिकारिक सूचना में कहा गया था कि नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी। इसलिए फिलहाल अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि 26 जुलाई वाली परीक्षा अब उस तारीख पर नहीं हुई और नई तारीख का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है।   नई परीक्षा तारीख को लेकर क्या स्थिति है?   अभी BPSC ने 72वीं प्रीलिम्स की नई तारीख आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की है। ऐसे में सोशल मीडिया या टेलीग्राम चैनलों पर सामने आ रही किसी भी तारीख को सही मानना अभ्यर्थियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।   आयोग की ओर से नई तारीख जारी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कार्यक्रम, एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि मिलेगी।   अभ्यर्थी किन बातों का रखें ध्यान?   BPSC ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से संबंधित जानकारी के लिए केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक सूचनाओं पर निर्भर रहें। वायरल नोटिस या अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर तैयारी की रणनीति या परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव नहीं करना चाहिए।   72वीं BPSC CCE के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इसलिए फिलहाल अभ्यर्थियों का मुख्य ध्यान नई प्रीलिम्स तारीख और एडमिट कार्ड की आधिकारिक घोषणा पर है।

anjali kumari अगस्त 7, 2026 0
SSC CPO SI 2026

SSC CHSL और CPO SI भर्ती को लेकर बढ़ी हलचल, नोटिफिकेशन का इंतजार

JKSSB 518 पदों की भर्ती 2026

JKSSB ने 518 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया, 10 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन

KGBV भर्ती 2026 के तहत 261 पदों पर वैकेंसी

KGBV भर्ती 2026: बुलंदशहर और बरेली में 261 संविदा पदों पर आवेदन, प्रिंसिपल से PGT तक भर्ती

राजस्थान RVUNL भर्ती 2026 का आधिकारिक आवेदन
राजस्थान RVUNL भर्ती 2026: बिजली विभाग में 2,005 पदों पर आवेदन शुरू, 25 अगस्त अंतिम तिथि

राजस्थान RVUNL भर्ती 2026: बिजली विभाग में 2,005 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) समेत राज्य की पांच बिजली कंपनियों में कुल 2,005 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 अगस्त 2026 से शुरू होकर 25 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे।   JE समेत इन पदों पर होगी भर्ती     भर्ती अभियान में जूनियर इंजीनियर-I (JEN-I), जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कॉमर्शियल असिस्टेंट-II के पद शामिल हैं। कुल रिक्तियों में 727 पद JEN-I इलेक्ट्रिकल, 110 पद JEN-I मैकेनिकल, 32 पद JEN-I सिविल, 371 पद जूनियर अकाउंटेंट और 765 पद जूनियर असिस्टेंट/कॉमर्शियल असिस्टेंट-II के हैं।     पांच बिजली कंपनियों में होंगी नियुक्तियां     भर्ती RVUNL के साथ RVPN, JVVNL, AVVNL और JDVVNL में की जाएगी। कंपनीवार कुल पदों की संख्या RVUNL में 308, RVPN में 263, JVVNL में 593, AVVNL में 393 और JDVVNL में 448 बताई गई है।     25 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन     इच्छुक उम्मीदवार 5 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जूनियर इंजीनियर और जूनियर अकाउंटेंट पदों के लिए चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के जरिए होगा, जबकि जूनियर असिस्टेंट/कॉमर्शियल असिस्टेंट-II पदों के लिए CBT के साथ टाइपिंग टेस्ट भी लिया जाएगा।   उम्मीदवार आवेदन करने से पहले पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और अन्य पात्रता शर्तें आधिकारिक अधिसूचना में जरूर जांच लें। भर्ती से संबंधित आधिकारिक जानकारी राजस्थान ऊर्जा विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 5, 2026 0
Ayodhya mega job fair offers over 5,800 vacancies for candidates from 10th pass to graduates

अयोध्या में 6 अगस्त को मेगा रोजगार मेला, 10वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए 5800+ नौकरियां; जानें पूरी डिटेल

NHM असम स्टाफ नर्स भर्ती 2026

NHM असम में 2,204 स्टाफ नर्स पदों पर भर्ती, B.Sc Nursing और GNM उम्मीदवारों के लिए मौका

UP PET 2026

UP PET 2026: आवेदन शुरू, जानें सिलेबस, एग्जाम पैटर्न, मार्किंग स्कीम और किन भर्तियों में मिलेगा फायदा

0 Comments

Top week

French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
राष्ट्रीय

भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?