Ajay Devgan

Dhamaal 4 Movie
'धमाल 4' ने दुनियाभर में ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार किया, पहले चार दिनों में बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

मुंबई, एजेंसियां। अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी स्टारर कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के महज चार दिनों के भीतर फिल्म ने दुनियाभर में ₹100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। दर्शकों के जबरदस्त रिस्पॉन्स और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ की बदौलत फिल्म ने तेजी से 100 करोड़ क्लब में अपनी जगह बना ली है।   ओपनिंग वीकेंड में दिखा शानदार उछाल   10 जुलाई को रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन ₹14 करोड़ की कमाई के साथ शुरुआत की। दूसरे दिन कमाई में करीब 60% की बढ़ोतरी हुई और तीसरे दिन तक फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन ₹65 करोड़ के पार पहुंच गया। पहले वीकेंड के शानदार प्रदर्शन ने फिल्म को बड़ी बढ़त दिलाई।   सोमवार को आई गिरावट, फिर भी कायम रहा दबदबा   पहले सोमवार को फिल्म की कमाई में लगभग 70% की गिरावट दर्ज की गई, जो किसी भी बड़ी फिल्म के लिए सामान्य मानी जाती है। इसके बावजूद फिल्म ने भारत में करीब ₹68 करोड़ नेट का आंकड़ा छू लिया और दुनियाभर में ₹100 करोड़ का कलेक्शन पार कर लिया।   कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी का जादू बरकरार   ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'धमाल' फ्रेंचाइज़ी की लोकप्रियता, पारिवारिक मनोरंजन और पुराने कलाकारों की वापसी फिल्म की सफलता की सबसे बड़ी वजह है। यदि आने वाले दिनों में यही रफ्तार बनी रही तो फिल्म जल्द ही घरेलू और वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना सकती है।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Dhamaal 4
'धमाल 4' की शानदार छलांग, दूसरे दिन कमाई में 60% से ज्यादा उछाल; वीकेंड पर ₹50 करोड़ के पार पहुंची फिल्म

मुंबई, एजेंसियां। अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी स्टारर कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बना ली है। रिलीज के दूसरे दिन फिल्म की कमाई में 60% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहले दो दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में ₹50 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर लिया है, जिससे ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि यह फिल्म पहले वीकेंड में शानदार प्रदर्शन कर सकती है।   दूसरे दिन बढ़ी दर्शकों की भीड़   शुक्रवार को अच्छी शुरुआत के बाद शनिवार को फिल्म को वीकेंड का पूरा फायदा मिला। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन दोनों जगह दर्शकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। खासकर शाम और रात के शो में ऑक्यूपेंसी पहले दिन के मुकाबले काफी बेहतर रही, जिससे फिल्म की कमाई में बड़ा उछाल आया।   कॉमेडी और स्टारकास्ट बनी सबसे बड़ी ताकत   निर्देशक इंद्र कुमार की इस फिल्म में अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और रवि किशन की कॉमिक टाइमिंग को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पारिवारिक मनोरंजन और पुराने 'धमाल' अंदाज की वापसी को फिल्म की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।   वीकेंड से बढ़ी उम्मीदें   ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर रविवार को भी यही रफ्तार बनी रही तो 'धमाल 4' अपने पहले वीकेंड में उम्मीद से बेहतर कारोबार कर सकती है। मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ और बढ़ती दर्शक संख्या को देखते हुए फिल्म के शुरुआती सप्ताह में अच्छी कमाई करने की संभावना जताई जा रही है।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Dhamaal 4
'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत, पहले दिन दुनियाभर में ₹20 करोड़ से ज्यादा की कमाई

मुंबई, एजेंसियां। अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी स्टारर कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' ने रिलीज के पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। निर्देशक इंद्र कुमार की इस मल्टीस्टारर फिल्म ने पहले दिन भारत में करीब ₹13.5–13.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई ₹20 करोड़ का आंकड़ा पार कर लगभग ₹21 करोड़ से अधिक पहुंच गई।   कॉमेडी का जादू दर्शकों को आया पसंद   लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर लौटी 'धमाल' फ्रेंचाइजी को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म के हल्के-फुल्के हास्य, पुराने किरदारों की वापसी और दमदार स्टारकास्ट ने फैमिली ऑडियंस को सिनेमाघरों तक खींचने में अहम भूमिका निभाई। पहले दिन कई शहरों में शो के दौरान अच्छी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जिससे वीकेंड पर कमाई में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।   वीकेंड से बढ़ी उम्मीदें   हालांकि फिल्म अपनी पिछली किस्त 'टोटल धमाल' की ओपनिंग को पीछे नहीं छोड़ सकी, लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और छुट्टियों का फायदा मिलने पर फिल्म शुरुआती वीकेंड में मजबूत कारोबार कर सकती है। मेकर्स को उम्मीद है कि 'धमाल 4' आने वाले दिनों में घरेलू और विदेशी बाजारों में अपनी कमाई का ग्राफ और ऊपर ले जाएगी।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
Bowl of Panchamrit and Charanamrit placed before Hindu deities during a traditional worship ritual.
चरणामृत और पंचामृत में क्या है अंतर? पूजा में दोनों का महत्व जानिए, ज्यादातर लोग कर देते हैं यह गलती

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान चरणामृत और पंचामृत का विशेष महत्व माना जाता है। हालांकि कई लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं, जबकि सनातन परंपरा में दोनों का अर्थ, बनाने की विधि और धार्मिक उपयोग अलग-अलग है। आइए जानते हैं कि चरणामृत और पंचामृत में क्या अंतर है और पूजा के बाद इनके बचे हुए भाग का क्या करना चाहिए। चरणामृत क्या होता है? चरणामृत का अर्थ है भगवान के चरणों का अमृत। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान के चरणों का स्पर्श प्राप्त जल अत्यंत पवित्र माना जाता है। चरणामृत तैयार करने के लिए आमतौर पर इन चीजों का उपयोग किया जाता है— स्वच्छ जल गंगाजल तुलसी के पत्ते चंदन मान्यता है कि चरणामृत का सेवन करने से मन को शांति मिलती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है। इसे तांबे के पात्र में रखना शुभ माना जाता है। पंचामृत क्या होता है? पंचामृत का अर्थ है पांच अमृत तत्वों का मिश्रण। इसका उपयोग मुख्य रूप से देवी-देवताओं के अभिषेक (स्नान) में किया जाता है। पंचामृत बनाने में सामान्यतः इन सामग्रियों का प्रयोग होता है— गाय का दूध दही घी शहद शक्कर (या मिश्री) कई परंपराओं में इसमें थोड़ी मात्रा में जल भी मिलाया जाता है। अभिषेक के बाद यही पंचामृत भक्तों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। चरणामृत और पंचामृत में मुख्य अंतर चरणामृत पंचामृत भगवान के चरणों का पवित्र जल माना जाता है पांच पवित्र पदार्थों से तैयार किया जाता है जल, गंगाजल, तुलसी और चंदन का उपयोग दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का उपयोग पूजा के बाद प्रसाद स्वरूप दिया जाता है अभिषेक के लिए उपयोग होता है, फिर प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है तांबे के पात्र में रखना शुभ माना जाता है चांदी, कांसे या मिट्टी के पात्र में रखना शुभ माना जाता है बचा हुआ चरणामृत या पंचामृत क्या करें? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बचा हुआ चरणामृत या पंचामृत सिंक, नाली या किसी अपवित्र स्थान पर नहीं बहाना चाहिए। यदि पूजा के बाद यह बच जाए, तो इसे— तुलसी के पौधे में अर्पित करें। किसी पवित्र पौधे या स्वच्छ स्थान पर श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। ऐसा करना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। धार्मिक महत्व चरणामृत और पंचामृत दोनों ही हिंदू पूजा-पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। चरणामृत जहां भगवान के चरणों की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है, वहीं पंचामृत शुद्धता, समृद्धि और देवपूजन में श्रद्धा का प्रतीक है। दोनों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है और इन्हें श्रद्धा एवं सम्मान के साथ ग्रहण करने की परंपरा है.  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
Dhamaal 4
रिलीज से पहले ‘धमाल 4’ का धमाका, एडवांस बुकिंग में शानदार शुरुआत

मुंबई,एजेंसियां। अभिनेता अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म धमाल 4 रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 10 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छी-खासी कमाई कर ली है। शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है और इसकी रिलीज को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।   एडवांस बुकिंग में 57 हजार से अधिक टिकट बिके बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, 'धमाल 4' के लिए देशभर में अब तक 57,321 टिकटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। फिल्म को पूरे भारत में 7,894 शो मिले हैं। एडवांस बुकिंग से फिल्म ने लगभग 1.45 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। माना जा रहा है कि रिलीज के दिन यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।   सेंसर बोर्ड ने किए कुछ बदलाव रिलीज से पहले फिल्म को यू/ए 13+ प्रमाणपत्र दिया गया है। हालांकि, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने कुछ दृश्यों और संवादों में बदलाव करने का निर्देश भी दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ दृश्यों को आपत्तिजनक मानते हुए हटाया गया, जबकि कुछ शब्दों में भी संशोधन किया गया है।   मल्टीस्टारर कॉमेडी से बड़ी उम्मीदें फिल्म में अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, रवि किशन, ईशा गुप्ता और अंजलि आनंद अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। निर्देशक इंद्र कुमार की यह फिल्म लोकप्रिय 'धमाल' फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी है। ट्रेलर और टीजर में दिखाए गए हास्य, वीएफएक्स और पुराने कलाकारों की वापसी ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां फिल्म से दमदार ओपनिंग की उम्मीद की जा रही है।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
Dhamaal 4
'धमाल 4' के सितारों का मस्तीभरा अंदाज वायरल, बच्चों संग वीडियो गेम और बंपर कार का उठाया लुत्फ

मुंबई, एजेंसियां। कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' की रिलीज से पहले इसकी स्टारकास्ट फिल्म के प्रमोशन में पूरी तरह जुटी हुई है। इस बीच फिल्म के कलाकारों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अजय देवगन, रितेश देशमुख और रवि किशन बच्चों के साथ एम्यूजमेंट पार्क में जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। स्टार्स का यह अनोखा और दिलचस्प प्रमोशनल अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है।   अजय देवगन बच्चों के साथ वीडियो गेम खेलते दिखाई दे रहे  है  वायरल वीडियो में अजय देवगन बच्चों के साथ वीडियो गेम खेलते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ रितेश देशमुख और रवि किशन भी अलग-अलग गेम्स का आनंद लेते नजर आते हैं। इसके बाद पूरी टीम ने बच्चों के साथ बंपर कार राइड का भी भरपूर लुत्फ उठाया। आमतौर पर गंभीर स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले अजय देवगन इस दौरान खुलकर हंसते और मुस्कुराते नजर आए, जबकि रवि किशन का उत्साह भी देखने लायक था।   एम्यूजमेंट पार्क में फिल्म की पूरी टीम बच्चों के साथ पूरी तरह घुल-मिल गई। सभी कलाकारों ने न सिर्फ खेलों का आनंद लिया, बल्कि अपने नन्हे प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस अनोखे प्रमोशन ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर फैंस भी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कलाकारों के इस सहज अंदाज की तारीफ कर रहे हैं।   'धमाल 4' का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है  फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी एक बार फिर अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं। इनके अलावा रवि किशन, ईशा गुप्ता और अंजलि आनंद भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 10 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मेकर्स को उम्मीद है कि 'धमाल' फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों की तरह यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगी।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 12, 2026 0