नई दिल्ली: सोमवार के वर्किंग डे का असर बॉक्स ऑफिस पर साफ दिखाई दिया। जहां सप्ताहांत में शानदार कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म 'द ओडिसी' और अजय देवगन की 'धमाल 4' की कमाई में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं आलिया भट्ट की 'अल्फा' और अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3)' अब बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही हैं। हालांकि, गिरावट के बावजूद 'द ओडिसी' अभी भी सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली फिल्मों में शामिल है। 'द ओडिसी' की कमाई में सोमवार को आई गिरावट क्रिस्टोफर नोलन के निर्देशन में बनी 'द ओडिसी' ने रिलीज के बाद शानदार शुरुआत की थी। फिल्म ने पहले रविवार को 21.90 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, लेकिन सोमवार को इसकी कमाई घटकर 8.35 करोड़ रुपये रह गई। अब तक फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 69.65 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। फिल्म में मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, जेंडाया, ऐन हैथवे, रॉबर्ट पैटिनसन और चार्लीज थेरॉन जैसे बड़े कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी यूनानी राजा ओडिसियस की है, जो ट्रोजन युद्ध के बाद अपने घर लौटने के लिए 10 साल लंबी खतरनाक यात्रा पर निकलता है। इस दौरान उसे समुद्री राक्षसों, रहस्यमयी शक्तियों और कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 'धमाल 4' की कमाई भी घटी अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी अभिनीत 'धमाल 4' ने दूसरे सप्ताह में प्रवेश करते ही रफ्तार खो दी। 10वें दिन की कमाई: ₹12.75 करोड़ 11वें दिन की कमाई: ₹3.25 करोड़ फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन अब 127.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि दुनियाभर में फिल्म ने लगभग 174.20 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। फिल्म की कहानी 50 करोड़ रुपये के छिपे खजाने की तलाश और उससे जुड़ी हास्यपूर्ण घटनाओं पर आधारित है। 'अल्फा' का प्रदर्शन लगातार कमजोर यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स की फिल्म 'अल्फा' अब बॉक्स ऑफिस पर लगभग धीमी पड़ चुकी है। रिलीज के 18वें दिन फिल्म ने केवल 18 लाख रुपये का कलेक्शन किया। अब तक फिल्म का— भारतीय नेट कलेक्शन: ₹57.88 करोड़ भारतीय ग्रॉस कलेक्शन: ₹68.96 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹98.01 करोड़ रहा है। 'वेलकम टू द जंगल' का भी दम निकला अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' भी अब सिनेमाघरों में बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। रिलीज के 25वें दिन फिल्म ने— भारतीय नेट कलेक्शन (दिन): ₹13 लाख भारतीय ग्रॉस कलेक्शन (दिन): ₹15 लाख की कमाई की। फिल्म का— भारतीय ग्रॉस कलेक्शन: ₹133.13 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹191.62 करोड़ तक पहुंच चुका है। बॉक्स ऑफिस पर किसका पलड़ा भारी? सोमवार को सभी फिल्मों की कमाई में गिरावट देखने को मिली, लेकिन 'द ओडिसी' अभी भी सबसे मजबूत स्थिति में बनी हुई है। वहीं 'धमाल 4' ने 100 करोड़ क्लब पार कर लिया है, जबकि 'अल्फा' और 'वेलकम टू द जंगल' की कमाई अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
मुंबई, एजेंसियां। फिल्म निर्माता करन जौहर ने फिल्म 'Alpha' की शानदार शुरुआत के बाद अभिनेत्री आलिया भट्ट की जमकर सराहना की है। करन ने कहा कि आलिया ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद और दमदार अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महिला प्रधान फिल्मों को लेकर बनी कई धारणाओं को आलिया ने अपने प्रदर्शन और बॉक्स ऑफिस सफलता से गलत साबित किया है। 'आलिया की स्टार पावर पर कोई सवाल नहीं' करन जौहर ने सोशल मीडिया पर फिल्म की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि "आलिया भट्ट की स्टार पावर पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने हर बार अपनी मेहनत और अभिनय से खुद को साबित किया है।" उन्होंने फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हुए दर्शकों का भी आभार जताया। 'Alpha' को मिल रहा दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स रिलीज के बाद से 'Alpha' को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म ने पहले दो दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर मजबूत कमाई दर्ज की है। एक्शन, कहानी और आलिया भट्ट के प्रदर्शन की खास तौर पर सराहना की जा रही है। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार जारी रही तो फिल्म पहले वीकेंड में शानदार कारोबार कर सकती है। महिला प्रधान फिल्मों को मिला नया भरोसा फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि 'Alpha' की सफलता महिला-केंद्रित फिल्मों के लिए सकारात्मक संकेत है। करन जौहर ने भी कहा कि मजबूत कहानी और दमदार अभिनय के दम पर ऐसी फिल्में दर्शकों का भरोसा जीत रही हैं और बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
मुंबई, एजेंसियां। रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत करने वाली फिल्म 'अल्फा' अब नए विवादों में घिर गई है। पाकिस्तान की अभिनेत्री इकरा अजीज की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद फिल्म को लेकर भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में नई बहस छिड़ गई है। अभिनेत्री की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने फिल्म की आलोचना करते हुए इसके बहिष्कार और बैन की मांग शुरू कर दी है। 'धुरंधर' का जवाब बताया 'अल्फा' को इकरा अजीज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म 'अल्फा' का पोस्टर साझा करते हुए लिखा कि यह फिल्म "धुरंधर का जवाब" है और लोगों से इसे देखने की अपील की। उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। कई भारतीय यूजर्स ने इस पोस्ट को लेकर फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों पर सवाल उठाए, हालांकि फिल्म से जुड़े किसी पक्ष की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दो फिल्मों की कहानी को लेकर शुरू हुई तुलना सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा में यूजर्स 'धुरंधर' और 'अल्फा' की कहानी की तुलना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 'धुरंधर' में रणवीर सिंह भारतीय जासूस की भूमिका में पाकिस्तान जाकर भारत विरोधी साजिशों को नाकाम करते हैं, जबकि 'अल्फा' में बॉबी देओल एक पाकिस्तानी एजेंट के किरदार में हैं, जो भारतीय सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ साजिश रचता है। इसी आधार पर इकरा अजीज की टिप्पणी को कई लोगों ने राजनीतिक और संवेदनशील मुद्दों से जोड़कर देखा। बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत, अभिनय की हो रही सराहना विवादों के बीच 'अल्फा' बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी, अनिल कपूर, बॉबी देओल और दिव्येंदु भट्टाचार्य अहम भूमिकाओं में हैं, जबकि ऋतिक रोशन ने कैमियो किया है। समीक्षकों ने फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है, लेकिन आलिया भट्ट और शरवरी के अभिनय तथा एक्शन दृश्यों की सराहना की जा रही है। पहले दिन फिल्म ने लगभग 9 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री आलिया भट्ट की बहुप्रतीक्षित एक्शन फिल्म 'अल्फा' 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की रिलीज से ठीक एक दिन पहले आलिया की मां और अभिनेत्री सोनी राजदान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस पोस्ट में उन्होंने अपने परिवार की चार पीढ़ियों की एक खूबसूरत तस्वीर साझा की और अपनी 97 वर्षीय मां को असली 'OG अल्फा वुमन' बताया। कौन है तस्वीर में ? तस्वीर में सोनी राजदान की मां, स्वयं सोनी, आलिया भट्ट और आलिया की बेटी राहा कपूर एक साथ नजर आ रही हैं। इस खास तस्वीर के जरिए सोनी ने अपनी मां के संघर्ष और साहस की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां महज छह साल की थीं, जब उन्हें नाजी जर्मनी छोड़ना पड़ा। उनके नाना हिटलर की नीतियों के विरोधी थे, जिसके कारण पूरे परिवार को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोनी ने लिखा कि उनका परिवार चेकोस्लोवाकिया के रास्ते ट्रेन से ब्रिटेन पहुंचा, जहां उनकी मां की मुलाकात एन.एन. राजदान से हुई। शादी के बाद वह भारत आईं और यहां नई जिंदगी की शुरुआत की। सोनी ने अपनी मां के संघर्ष, हिम्मत और सकारात्मक सोच को ही असली 'अल्फा' की पहचान बताया। पोस्ट के अंत में सोनी राजदान ने कहा अपने पोस्ट के अंत में सोनी राजदान ने कहा कि हर परिवार में ऐसी मजबूत और प्रेरणादायक महिलाएं होती हैं, जो कठिन परिस्थितियों का सामना कर अपने परिवार की ताकत बनती हैं। उन्होंने प्रशंसकों से भी अपने जीवन की ऐसी 'अल्फा वुमन' की कहानियां साझा करने की अपील की। वहीं, आलिया भट्ट और शरवरी वाघ अभिनीत 'अल्फा' का निर्देशन शिव रवैल ने किया है। यह YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-केंद्रित फिल्म है, जिसमें दोनों अभिनेत्रियां दमदार एक्शन अवतार में नजर आएंगी। फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है और इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
जुलाई 2026 का महीना सिनेमाघरों में फिल्म प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। एक्शन, कॉमेडी, पौराणिक, हॉरर, रोमांस और हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर से लेकर एनिमेशन तक, इस महीने दर्शकों को हर जॉनर की फिल्में बड़े पर्दे पर देखने को मिलेंगी। खास बात यह है कि कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्में भी हिंदी डब संस्करण में रिलीज हो रही हैं। महीने की शुरुआत YRF स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'अल्फा' और हुमा कुरैशी की क्राइम थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' से होगी। वहीं दूसरे सप्ताह में 'धमाल 4' दर्शकों को हंसी का डोज देगी, जबकि 'महाप्रभु जगन्नाथ' धार्मिक और पौराणिक कथाओं से जुड़ा अनुभव लेकर आएगी। महीने के अंत तक 'द ओडिसी', 'द इंडिया स्टोरी' और 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' जैसी बड़ी फिल्में भी सिनेमाघरों में दस्तक देंगी। जुलाई 2026 में रिलीज होने वाली प्रमुख फिल्में 2 जुलाई मिनियन्स एंड मॉन्स्टर्स (हिंदी डब) – लोकप्रिय मिनियन्स की नई एनिमेटेड एडवेंचर फिल्म। 3 जुलाई अल्फा – आलिया भट्ट और शर्वरी स्टारर YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-केंद्रित एक्शन फिल्म। बेबी डू डाई डू – हुमा कुरैशी की एक्शन क्राइम थ्रिलर। नागबंधम: द सीक्रेट ट्रेजर (हिंदी डब) – पौराणिक और एडवेंचर से भरपूर फिल्म। 10 जुलाई धमाल 4 – अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी की कॉमेडी फ्रेंचाइजी की वापसी। महाप्रभु जगन्नाथ – भगवान जगन्नाथ पर आधारित एनिमेटेड पौराणिक फिल्म। मोआना (हिंदी डब) – लाइव-एक्शन एडवेंचर फिल्म। ईविल डेड बर्न (हिंदी डब) – हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए नई पेशकश। 17 जुलाई द ओडिसी (हिंदी डब) – क्रिस्टोफर नोलन की बहुप्रतीक्षित फिल्म, जिसमें मैट डेमन, टॉम हॉलैंड और जेंडया जैसे सितारे नजर आएंगे। 24 जुलाई उत्तर दा पुत्तर – अन्नू कपूर की सामाजिक व्यंग्य और कॉमेडी से भरपूर फिल्म। दुल्हनिया ले आएगी – शादी और रिश्तों पर आधारित कॉमेडी ड्रामा। द इंडिया स्टोरी – काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े की सामाजिक-राजनीतिक थ्रिलर। तेरा यार हूं मैं – रोमांटिक ड्रामा और म्यूजिकल फिल्म। 30 जुलाई स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (हिंदी डब) – टॉम हॉलैंड स्टारर मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की नई फिल्म, जिसका दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार है। किस फिल्म पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर? जुलाई में सबसे अधिक चर्चा 'अल्फा', 'धमाल 4', 'द ओडिसी', 'द इंडिया स्टोरी' और 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' को लेकर है। वहीं धार्मिक और एनिमेशन फिल्मों के दर्शकों के लिए 'महाप्रभु जगन्नाथ' भी खास आकर्षण का केंद्र होगी। कुल मिलाकर, जुलाई 2026 का महीना बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त मुकाबले और दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है।
मुंबई, एजेंसियां। वाईआरएफ (YRF) स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अल्फा’ का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए बड़ी खबर है। आलिया भट्ट और शरवरी वाघ स्टारर इस स्पाई थ्रिलर का पहला टीजर 10 जून 2026 को रिलीज किया जाएगा। फिल्म को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अब दर्शकों को इसकी पहली आधिकारिक झलक देखने का मौका मिलेगा। एक खतरनाक हत्यारी की कहानी पर आधारित है फिल्म ‘अल्फा’ की कहानी एक ऐसी युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे बेहद खतरनाक मिशनों के लिए तैयार किया जाता है। यह वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की पहली ऐसी फिल्म मानी जा रही है, जिसमें मुख्य किरदार एक प्रशिक्षित हत्यारे के रूप में दिखाई देगा। फिल्म में एक्शन, थ्रिल और जासूसी मिशनों का दमदार मिश्रण देखने को मिलेगा। स्पाई यूनिवर्स में होगी नए सितारों की एंट्री इस फिल्म के जरिए आलिया भट्ट, शरवरी वाघ और बॉबी देओल की वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स में एंट्री हो रही है। इससे पहले इस यूनिवर्स में ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर जिंदा है’, ‘वार’ और ‘पठान’ जैसी सफल फिल्में शामिल रही हैं। ‘अल्फा’ का निर्देशन शिव रावेल कर रहे हैं, जबकि इसके निर्माण की जिम्मेदारी यश राज फिल्म्स ने संभाली है। 3 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म निर्माताओं ने पुष्टि की है कि ‘अल्फा’ 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टीजर रिलीज के बाद फिल्म का व्यापक प्रचार अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और युवाओं से जुड़े विशेष कार्यक्रमों के जरिए फिल्म को प्रमोट किया जाएगा। बॉबी देओल ने खारिज की अनबन की अफवाहें फिल्म को लेकर हाल के दिनों में आलिया भट्ट और बॉबी देओल के बीच अनबन की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि बॉबी देओल ने इन अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनके और आलिया के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बिना तथ्य के कई बातें फैलाई जाती हैं। दर्शकों में बढ़ा उत्साह टीजर रिलीज की घोषणा के बाद फिल्म को लेकर फैंस का उत्साह और बढ़ गया है। दर्शकों को उम्मीद है कि ‘अल्फा’ वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स में एक नया और रोमांचक अध्याय जोड़ने वाली फिल्म साबित होगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।