Amitabh Bachchan

KBC 18
KBC 18 में प्रीति जिंटा ने सुनाया अमिताभ बच्चन से जुड़ा मजेदार किस्सा, ‘अरमान’ की शूटिंग को किया याद

मुंबई, एजेंसियां। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 18वें सीजन का प्रीमियर एपिसोड बॉलीवुड सितारों से सजा रहा। शो में आमिर खान, सनी देओल और प्रीति जिंटा अमिताभ बच्चन के साथ नजर आए। इस दौरान प्रीति जिंटा ने साल 2003 की फिल्म ‘अरमान’ में अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का एक मजेदार किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर सेट से जुड़ी पुरानी यादें ताजा हो गईं।   अमिताभ के साथ सीन करने के लिए प्रीति ने की थी खास गुजारिश   प्रीति जिंटा ने बताया कि वह अमिताभ बच्चन के साथ ज्यादा से ज्यादा स्क्रीन शेयर करना चाहती थीं। ‘अरमान’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने फिल्म के निर्देशक से एक ऐसा सीन रखने की गुजारिश की, जिसमें वह अमिताभ बच्चन के साथ नजर आ सकें।   प्रीति ने मजाकिया अंदाज में बताया कि उनकी इच्छा पूरी करने के लिए फिल्म में ऐसा सीन तैयार किया गया, जिसमें अमिताभ बच्चन के किरदार की मौत हो जाती है और उन्हें उनके सामने मृत व्यक्ति की तरह अभिनय करना था।   ‘मरा हुआ’ अभिनय करना प्रीति के लिए आसान नहीं था   प्रीति ने बताया कि उस सीन को शूट करना उनके लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल था। उन्हें बिल्कुल स्थिर रहकर मृत व्यक्ति की तरह अभिनय करना था, लेकिन अंदर से वह इतनी घबराई हुई थीं कि उनके लिए अपनी हंसी और शरीर की हलचल को नियंत्रित करना चुनौती बन गया था।   अभिनेत्री ने बताया कि वह इस सीन को लेकर काफी नर्वस थीं क्योंकि मृत व्यक्ति की तरह अभिनय करना उनके लिए आसान नहीं था। इसी अनुभव को उन्होंने KBC 18 के मंच पर बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में साझा किया।   अमिताभ बच्चन और प्रीति जिंटा की पुरानी यादें   ‘अरमान’ में अमिताभ बच्चन और प्रीति जिंटा के अलावा अनिल कपूर और ग्रेसी सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे। फिल्म के दौरान अमिताभ के साथ काम करने का अनुभव प्रीति के लिए खास रहा।   KBC 18 में जब यह किस्सा सामने आया तो शो का माहौल भी काफी मजेदार हो गया। अमिताभ बच्चन के साथ पुराने अनुभवों को याद करते हुए प्रीति ने फिल्म की शूटिंग से जुड़ी कई भावनाएं साझा कीं।   KBC 18 के प्रीमियर में सितारों की महफिल   KBC 18 के पहले एपिसोड में आमिर खान, सनी देओल और प्रीति जिंटा ने हिस्सा लिया। तीनों कलाकार अपनी आगामी फिल्म ‘बटवारा’ के प्रचार के लिए शो में पहुंचे थे। इस दौरान अमिताभ बच्चन के साथ सितारों की बातचीत और पुराने किस्सों ने एपिसोड को खास बना दिया।   शो के प्रीमियर में सितारों ने सवालों के जवाब देने के साथ अपनी फिल्मी जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव भी साझा किए। प्रीति जिंटा का ‘अरमान’ से जुड़ा किस्सा इसी बातचीत का खास आकर्षण रहा।

anjali kumari अगस्त 11, 2026 0
KBC 18
अमिताभ बच्चन के ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ की रिलीज डेट का ऐलान, नए अंदाज में लौटेगा लोकप्रिय क्विज शो

मुंबई, एजेंसियां। टीवी के सबसे लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) सीजन 18 को लेकर दर्शकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर शो की मेजबानी करते नजर आएंगे। शो का प्रीमियर 10 अगस्त 2026 को होने जा रहा है। इसका प्रसारण सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और SonyLIV पर किया जाएगा।   10 अगस्त से शुरू होगा KBC 18, अमिताभ बच्चन फिर संभालेंगे हॉट सीट   ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के नए सीजन की घोषणा के बाद से ही फैंस में उत्साह बना हुआ था। अब मेकर्स ने शो की रिलीज तारीख की पुष्टि कर दी है। इस बार भी अमिताभ बच्चन अपने खास अंदाज, सवाल पूछने की शैली और प्रतिभागियों से बातचीत के लिए दर्शकों के सामने होंगे। शो की शूटिंग की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए सीजन की शूटिंग के लिए मुंबई के फिल्म सिटी में नया सेट तैयार किया गया है और शूटिंग अगस्त की शुरुआत से शुरू होने की योजना है।   नए सीजन में देखने को मिल सकते हैं नए बदलाव   KBC 18 को लेकर जारी प्रोमो में अमिताभ बच्चन ने संकेत दिए हैं कि इस बार शो के फॉर्मेट में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए सीजन की थीम “Knowing the Answers Won’t Be Enough” रखी गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रतियोगियों को केवल जानकारी ही नहीं बल्कि सोचने और रणनीति बनाने की क्षमता भी दिखानी होगी। आज के डिजिटल दौर में जहां इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए जवाब आसानी से मिल जाते हैं, ऐसे में शो का नया फॉर्मेट प्रतिभागियों की समझ और निर्णय लेने की क्षमता को भी परख सकता है।   अमिताभ बच्चन और KBC का रिश्ता रहा है खास   साल 2000 में शुरू हुआ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ भारतीय टेलीविजन के सबसे सफल शो में शामिल रहा है। अमिताभ बच्चन की आवाज, उनका अंदाज और प्रतियोगियों के साथ उनका जुड़ाव शो की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। KBC ने देशभर के आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और करोड़पति बनने का मौका दिया है। हर सीजन में लाखों दर्शक शो से जुड़ते हैं और हॉट सीट पर बैठने वाले प्रतियोगियों की कहानियां लोगों को प्रेरित करती हैं।   फैंस को नए सीजन का बेसब्री से इंतजार   KBC 18 की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने अपनी खुशी जाहिर की है। दर्शक एक बार फिर अमिताभ बच्चन के साथ ज्ञान, मनोरंजन और रोमांच से भरे सफर का इंतजार कर रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि नए सीजन में कौन-कौन से बदलाव किए जाएंगे और इस बार कौन-से प्रतियोगी हॉट सीट तक पहुंचकर करोड़पति बनने का सपना पूरा करेंगे।

abhishek singh जुलाई 25, 2026 0
Anupam Kher Voice
'रामायण' में जटायु की गूंज बनेगी अनुपम खेर की आवाज, अमिताभ बच्चन की चर्चाओं पर लगा विराम

मुंबई, एजेंसियां। निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' को लेकर एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर अब इस मेगा बजट फिल्म का हिस्सा बन गए हैं। हालांकि वह पर्दे पर किसी किरदार में नजर नहीं आएंगे, बल्कि रामायण के महत्वपूर्ण पात्र जटायु को अपनी आवाज देंगे। इस आधिकारिक घोषणा के साथ ही उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि जटायु के किरदार को अमिताभ बच्चन अपनी आवाज देंगे।   जटायु के भावनात्मक किरदार को मिलेगी अनुपम खेर की आवाज दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अनुपम खेर को फिल्म में जटायु की आवाज के लिए चुना गया है। जटायु का किरदार रामायण की सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक घटनाओं में से एक माना जाता है। विशेष रूप से रावण से सीता की रक्षा के लिए जटायु का संघर्ष फिल्म के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में अनुपम खेर की दमदार आवाज इस किरदार को और अधिक प्रभावशाली बना सकती है।   स्टारकास्ट से सजी है 'रामायण' फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। हाल के दिनों में फिल्म से जुड़े कई बड़े कलाकारों के नाम सामने आ चुके हैं, जिससे दर्शकों के बीच उत्साह लगातार बढ़ रहा है।   दो भागों में रिलीज होगी फिल्म नितेश तिवारी की 'रामायण' दो भागों में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पहला भाग दिवाली 2026 पर दर्शकों के बीच आएगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 पर रिलीज किया जाएगा। फिल्म का संगीत अंतरराष्ट्रीय संगीतकार हांस जिमर और भारतीय संगीतकार ए.आर. रहमान ने तैयार किया है। भव्य विजुअल्स, दमदार स्टारकास्ट और आधुनिक तकनीक के साथ यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
British Government IRGC
ब्रिटेन ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के समर्थन पर लगाया प्रतिबंध, उल्लंघन पर 14 साल तक की जेल

लंदन, एजेंसियां। ब्रिटेन सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के समर्थन पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत IRGC को पहली बार "स्टेट थ्रेट" (राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा) घोषित किया है। अब ब्रिटेन में IRGC के लिए समर्थन जुटाना, उसकी मदद करना या उसके हित में गतिविधियां चलाना अपराध माना जाएगा।   14 साल तक की जेल का प्रावधान   ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, नए कानून के तहत IRGC का समर्थन करने, उसके लिए काम करने या उसे किसी भी प्रकार की सहायता पहुंचाने पर अधिकतम 14 साल की जेल हो सकती है। वहीं यदि कोई व्यक्ति IRGC की ओर से जासूसी, तोड़फोड़ या हिंसक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसे आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।   यह फैसला क्यों लिया गया?   ब्रिटिश सरकार का आरोप है कि IRGC की कुद्स फोर्स ने ब्रिटेन में यहूदी और इजरायली समुदाय से जुड़े कई ठिकानों पर हुए हमलों के पीछे सक्रिय भूमिका निभाई। सरकार का कहना है कि ईरान समर्थित संगठन Islamic Movement of Companions of the Right (IMCR) ने लंदन समेत कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं की जिम्मेदारी ली थी। इन्हीं घटनाओं के बाद यह कार्रवाई की गई।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
Ayodhya skyline with Ram Mandir and luxury real estate projects attracting celebrity investments and property buyers.
Ayodhya Real Estate: अमिताभ बच्चन ने किया करीब ₹90 करोड़ का निवेश, रणबीर कपूर ने भी खरीदा प्रीमियम प्लॉट; राम मंदिर के बाद बढ़ा रियल एस्टेट का आकर्षण

Ayodhya Real Estate News: राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या देश के सबसे तेजी से उभरते रियल एस्टेट और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो गया है। शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बढ़ती निवेश संभावनाओं के बीच बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी यहां निवेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में अभिनेता अमिताभ बच्चन और रणबीर कपूर के अयोध्या में किए गए रियल एस्टेट निवेश एक बार फिर चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में विभिन्न प्रॉपर्टीज़ के जरिए लगभग ₹90 करोड़ का निवेश किया है, जबकि रणबीर कपूर ने ₹3.31 करोड़ की कीमत वाला एक प्रीमियम प्लॉट खरीदा है। अमिताभ बच्चन का अयोध्या में बड़ा निवेश रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने डेवलपर The House of Abhinandan Lodha (HoABL) की परियोजनाओं सहित अयोध्या में कई संपत्तियों में निवेश किया है। उनके निवेश का कुल अनुमान लगभग ₹90–100 करोड़ के बीच बताया जा रहा है। अमिताभ बच्चन की प्रमुख प्रॉपर्टीज़ सरयू प्लॉट: लगभग 10,000 वर्ग फुट का प्लॉट, जिसकी अनुमानित कीमत ₹14.5 करोड़ बताई जाती है। हवेली अवध: करीब 5,372 वर्ग फुट का प्लॉट, जिसकी कीमत लगभग ₹4.54 करोड़ है। प्रीमियम लग्जरी प्लॉट: सरयू डेवलपमेंट के पास लगभग 25,000 वर्ग फुट का प्लॉट, जिसकी कीमत करीब ₹40 करोड़ बताई गई है। 67 एकड़ भूमि: परिवार की कंपनी AB Corp Ltd के माध्यम से लगभग ₹35 करोड़ में खरीदी गई जमीन। हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल ट्रस्ट: दिवंगत कवि हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में प्रस्तावित स्मारक के लिए लगभग 54,454 वर्ग फुट भूमि का पंजीकरण कराया गया है। रणबीर कपूर ने भी खरीदा प्रीमियम प्लॉट अभिनेता रणबीर कपूर ने भी अयोध्या के लग्जरी रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सरयू टाउनशिप में लगभग 2,134 वर्ग फुट का प्रीमियम प्लॉट खरीदा है, जिसकी कीमत ₹3.31 करोड़ बताई गई है। बताया जाता है कि यह निवेश उन्होंने अपनी फिल्म 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने से पहले किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इस निवेश को परिवार के लिए दीर्घकालिक संपत्ति और विशेष भावनात्मक महत्व वाला निर्णय बताया है। राम मंदिर के बाद अयोध्या बना निवेश का नया केंद्र राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में रियल एस्टेट, होटल, हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में तेजी से निवेश बढ़ा है। शहर में लग्जरी आवासीय परियोजनाओं के साथ-साथ व्यावसायिक विकास भी तेज़ी से हो रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं: महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर सहित विभिन्न परिवहन परियोजनाएं इन परियोजनाओं के कारण अयोध्या का रियल एस्टेट बाजार निवेशकों और डेवलपर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Kalki 2898 AD Sequel
'कल्कि 2' पर नाग अश्विन का बड़ा अपडेट, अगले महीने से शुरू होगी ताबड़तोड़ शूटिंग

मुंबई, एजेंसियां। साल 2024 की ब्लॉकबस्टर साइंस-फिक्शन फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल को लेकर निर्देशक Nag Ashwin ने बड़ा अपडेट साझा किया है। लंबे समय से फिल्म के दूसरे भाग का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह अच्छी खबर है कि फिल्म की शूटिंग अगले महीने से नियमित रूप से शुरू होने जा रही है। नाग अश्विन ने पुष्टि की है कि सीक्वल पर काम पहले ही शुरू हो चुका है और अब टीम इसे तेजी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।   अगले महीने से शुरू होगा नया शूटिंग शेड्यूल मीडिया से बातचीत के दौरान नाग अश्विन ने बताया कि फिल्म की शूटिंग का प्रारंभिक चरण शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन टीम अगले महीने से लगातार शूटिंग करने की योजना बना रही है ताकि परियोजना को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जा सके। फिल्म का दायरा पहले भाग की तुलना में कहीं बड़ा है, इसलिए निर्माण प्रक्रिया में अधिक समय लगना स्वाभाविक है।   अमिताभ और कमल हासन ने संभाली कमान फिलहाल अमिताभ बच्चन और कमल हसन अपने हिस्से की शूटिंग शुरू कर चुके हैं। अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर सेट से कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं। दूसरी ओर, प्रभास अभी मौजूदा शेड्यूल में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन जल्द ही उनके भी शूटिंग में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।   पहले से कहीं बड़ा होगा सीक्वल निर्माता और निर्देशक फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स, एक्शन सीक्वेंस और वर्ल्ड-बिल्डिंग को पहले भाग के स्तर से भी आगे ले जाने की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, टीम अप्रैल 2027 तक फिल्म की मुख्य शूटिंग का बड़ा हिस्सा पूरा करना चाहती है। इसके बाद लंबे पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य पर ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि ऐसे बड़े वीएफएक्स-आधारित प्रोजेक्ट्स में संपादन और तकनीकी कार्यों में काफी समय लगता है।   दिसंबर 2027 में रिलीज़ का लक्ष्य मेकर्स का लक्ष्य फिल्म को दिसंबर 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज़ करना है। हालांकि आधिकारिक रिलीज़ डेट की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन मौजूदा योजना इसी समयसीमा के अनुसार बनाई जा रही है।   दीपिका पादुकोण नहीं होंगी हिस्सा   फिल्म से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कि दीपिका  पादुकोण सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी। निर्माताओं ने पहले ही आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी थी कि आपसी सहमति से दोनों पक्ष अलग हो गए हैं। मेकर्स के अनुसार, इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जिस स्तर की प्रतिबद्धता की आवश्यकता थी, वह तालमेल स्थापित नहीं हो सका।   दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं पहली फिल्म की शानदार सफलता के बाद ‘कल्कि 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल हो चुकी है। प्रभास, अमिताभ बच्चन और कमल हासन की दमदार तिकड़ी के साथ दर्शकों को एक और भव्य सिनेमाई अनुभव मिलने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें फिल्म की शूटिंग प्रगति और आधिकारिक रिलीज़ घोषणा पर टिकी हुई हैं।

Unknown जून 8, 2026 0
Veteran actor Dinesh Hingoo with wife Jamunaben clarifying financial condition rumors in viral video
दिनेश हिंगू की आर्थिक तंगी की खबरों पर विराम, पत्नी जमुनाबेन ने बताया सच

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता दिनेश हिंगू की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया गया कि 86 वर्षीय अभिनेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इलाज के खर्च के लिए उन्हें इस उम्र में भी काम करना पड़ रहा है। हालांकि अब उनकी पत्नी जमुनाबेन हिंगू ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पत्नी ने साफ किया भ्रम जमुनाबेन हिंगू ने स्पष्ट कहा है कि उनके पति पूरी तरह ठीक हैं और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुराना है और उसकी वजह से गलतफहमी फैल गई। परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में उठी थी चिंता वीडियो सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम जैसे अमिताभ बच्चन, राकेश रोशन और बोनी कपूर ने मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई थी। हालांकि परिवार से पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही थी। राजेश वसानी ने दी जानकारी फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर मेंबर राजेश वसानी ने परिवार से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनेश हिंगू का परिवार खुशहाल है, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, और अभिनेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह पूरा मामला एक गलतफहमी का नतीजा है। वीडियो में क्या कहा था? वायरल वीडियो में दिनेश हिंगू ने बताया था कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें कभी-कभी काम करना पड़ता है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है। इसी बयान को लेकर यह धारणा बन गई कि वह आर्थिक संकट में हैं। शानदार रहा करियर करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिनेश हिंगू ने बाजीगर, हेरा फेरी, साजन और नो एंट्री जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। जॉनी लीवर और परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
Veteran actor Dinesh Hingoo with wife Jamunaben clarifying financial condition rumors in viral video
दिनेश हिंगू की आर्थिक तंगी की खबरों पर विराम, पत्नी जमुनाबेन ने बताया सच

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता दिनेश हिंगू की आर्थिक स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। दावा किया गया कि 86 वर्षीय अभिनेता आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इलाज के खर्च के लिए उन्हें इस उम्र में भी काम करना पड़ रहा है। हालांकि अब उनकी पत्नी जमुनाबेन हिंगू ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पत्नी ने साफ किया भ्रम जमुनाबेन हिंगू ने स्पष्ट कहा है कि उनके पति पूरी तरह ठीक हैं और परिवार आर्थिक रूप से स्थिर है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो पुराना है और उसकी वजह से गलतफहमी फैल गई। परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में उठी थी चिंता वीडियो सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम जैसे अमिताभ बच्चन, राकेश रोशन और बोनी कपूर ने मदद के लिए आगे आने की इच्छा जताई थी। हालांकि परिवार से पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितनी बताई जा रही थी। राजेश वसानी ने दी जानकारी फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर मेंबर राजेश वसानी ने परिवार से बात करने के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनेश हिंगू का परिवार खुशहाल है, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं, और अभिनेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह पूरा मामला एक गलतफहमी का नतीजा है। वीडियो में क्या कहा था? वायरल वीडियो में दिनेश हिंगू ने बताया था कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें कभी-कभी काम करना पड़ता है और इलाज के लिए पैसे की जरूरत होती है। इसी बयान को लेकर यह धारणा बन गई कि वह आर्थिक संकट में हैं। शानदार रहा करियर करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके दिनेश हिंगू ने बाजीगर, हेरा फेरी, साजन और नो एंट्री जैसी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। जॉनी लीवर और परेश रावल जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।  

surbhi अप्रैल 25, 2026 0
BR Chopra
क्या बीआर चोपड़ा को राज बब्बर से अमिताभ बच्चन थे ज्यादा पसंद?

मुंबई, एजेंसियां। फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि क्या मशहूर फिल्मकार बीआर चोपड़ा, अमिताभ बच्चन की तुलना में राज बब्बर  को ज्यादा पसंद करते थे। कई किस्सों में यह दावा किया जाता है कि बीआर चोपड़ा ने राज बब्बर के करियर को खास दिशा दी, जबकि अमिताभ बच्चन को उनके बैनर में काम तो मिला, लेकिन निर्देशन में मौका नहीं मिला।   टैलेंट कॉन्टेस्ट से शुरू हुई कहानी एक चर्चित किस्से के अनुसार, शुरुआती दौर में अमिताभ बच्चन को एक टैलेंट कॉन्टेस्ट में अयोग्य करार दिया गया था, जबकि बाद में उसी प्रतियोगिता में राज बब्बर का चयन हुआ। हालांकि आपातकाल के कारण उनके चयन की घोषणा नहीं हो सकी। इसी दौरान राज बब्बर की अभिनय क्षमता ने बीआर चोपड़ा को काफी प्रभावित किया, जिसने उनके करियर की दिशा तय की।   फिल्मों में मिला बड़ा ब्रेक बीआर चोपड़ा ने राज बब्बर को ‘इंसाफ का तराजू’ और ‘निकाह’ जैसी फिल्मों में अहम भूमिकाएं दीं, जिससे उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिली। खासकर ‘इंसाफ का तराजू’ में उनके निभाए गए किरदार की आज भी चर्चा होती है। इससे यह धारणा बनी कि बीआर चोपड़ा उनके करियर के मार्गदर्शक रहे।   अमिताभ के साथ भी रहा संबंध हालांकि यह कहना गलत होगा कि बीआर चोपड़ा और अमिताभ बच्चन के बीच दूरी थी। 1975 की फिल्म ‘जमीर’ सहित कई प्रोजेक्ट्स में अमिताभ ने बीआर फिल्म्स के साथ काम किया। बाद में ‘बागबान’ और ‘बाबुल’ जैसी फिल्मों में भी यह जुड़ाव दिखा।   सम्मान और पेशेवर रिश्ता दोनों के बीच संबंध हमेशा सम्मानजनक रहे। बीआर चोपड़ा अमिताभ की प्रतिभा की सराहना करते थे, वहीं अमिताभ भी उन्हें बेहद सम्मान देते थे। इस तरह यह साफ है कि यह तुलना ज्यादा तर किस्सों और धारणाओं पर आधारित है, न कि किसी ठोस मतभेद पर।

Unknown अप्रैल 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0