भारत में लक्जरी कार खरीदने का सपना देखने वालों के लिए यह समय बेहद अहम साबित हो सकता है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली Jaguar Land Rover (JLR) ने अपने ब्रिटेन से आयातित प्रीमियम मॉडलों की कीमतों में अभूतपूर्व कटौती की घोषणा की है। इस फैसले के तहत कुछ गाड़ियों की कीमत में सीधे 75 लाख रुपये तक की कमी आई है, जो भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। किन मॉडलों पर सबसे ज्यादा असर? इस कीमत कटौती का सबसे बड़ा फायदा Range Rover SV और Range Rover Sport SV जैसे टॉप-एंड मॉडलों को मिला है। Range Rover SV की कीमत करीब 4.25 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 3.5 करोड़ रुपये रह गई है। Range Rover Sport SV अब करीब 2.75 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 2.35 करोड़ रुपये में उपलब्ध होगी। यह गिरावट न केवल बड़ी है, बल्कि इस सेगमेंट के ग्राहकों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। कीमत घटाने के पीछे क्या है वजह? कंपनी के अनुसार, यह फैसला भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच प्रस्तावित India–UK Free Trade Agreement (FTA) को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस समझौते के लागू होने के बाद आयातित वाहनों पर लगने वाले शुल्क में कमी आने की संभावना है। JLR ने उसी संभावित राहत को पहले ही ग्राहकों तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई है। किन मॉडलों पर नहीं पड़ेगा असर? यह कीमत कटौती केवल उन वाहनों पर लागू है जो पूरी तरह से निर्मित (CBU) यूनिट के रूप में ब्रिटेन से आयात किए जाते हैं। भारत में असेंबल या निर्मित होने वाले मॉडल–जैसे Range Rover, Range Rover Sport, Evoque, Velar और Discovery Sport–की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा Defender और Discovery जैसे मॉडल भी इस कटौती से बाहर हैं, क्योंकि उनका उत्पादन अन्य देशों में होता है। बाजार और ग्राहकों पर असर इस कदम से भारत के लक्जरी कार बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है। इतनी बड़ी कीमत कटौती अन्य प्रीमियम ऑटो कंपनियों पर भी दबाव बना सकती है कि वे अपने प्राइस स्ट्रक्चर पर पुनर्विचार करें। हाई-नेटवर्थ ग्राहकों के लिए यह एक सुनहरा मौका बनकर सामने आया है, जहां वे अपेक्षाकृत कम कीमत पर अल्ट्रा-लक्जरी अनुभव हासिल कर सकते हैं। भविष्य के संकेत JLR का यह कदम केवल एक व्यावसायिक निर्णय नहीं, बल्कि आने वाले समय की दिशा का संकेत भी है। यदि भारत-यूके FTA पूरी तरह लागू होता है, तो और भी आयातित लग्जरी कारों की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। इससे भारत में प्रीमियम ऑटोमोबाइल सेगमेंट की मांग में तेजी आने की पूरी संभावना है।
नई दिल्ली: भारत की प्रतिष्ठित दोपहिया निर्माता Royal Enfield ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पहली इलेक्ट्रिक बाइक Flying Flea C6 की झलक पेश कर दी है। यह लॉन्च कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि दशकों से पेट्रोल इंजन वाली बाइक्स के लिए मशहूर ब्रांड अब EV सेगमेंट में प्रवेश कर चुका है। 1 रुपये में 3 Km: बेहद किफायती रनिंग कॉस्ट Flying Flea C6 की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम रनिंग कॉस्ट है। कंपनी के मुताबिक यह बाइक लगभग 1 रुपये में 3 किलोमीटर चल सकती है। IDC के अनुसार इसकी रेंज 154 किलोमीटर बताई जा रही है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा भी संभव होगी। बैटरी और चार्जिंग: फास्ट और किफायती इस इलेक्ट्रिक बाइक में 3.91 kWh की बैटरी दी गई है, जिसे लगभग 2 घंटे 16 मिनट में फुल चार्ज किया जा सकता है। चार्जिंग के दौरान करीब 4.6 kWh बिजली खर्च होती है। अगर बिजली की कीमत 10 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए, तो एक फुल चार्ज में 50 रुपये से भी कम खर्च आएगा–जो इसे बेहद किफायती बनाता है। कीमत और BaaS मॉडल का विकल्प Royal Enfield ने इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹2.79 लाख तय की है। साथ ही कंपनी ने Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल भी पेश किया है, जिसके तहत ग्राहक इसे करीब ₹1.99 लाख में खरीद सकते हैं। इस मॉडल में बैटरी उपयोग और चार्जिंग विकल्पों को कस्टमाइज करने की सुविधा भी दी गई है। क्लासिक डिजाइन, मॉडर्न टेक्नोलॉजी Flying Flea C6 का डिजाइन कंपनी की क्लासिक विरासत को दर्शाता है, लेकिन इसमें आधुनिक तकनीक का भी बेहतरीन समावेश किया गया है। यह बाइक उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो स्टाइल के साथ-साथ किफायत और पर्यावरण के प्रति जागरूक हैं। EV सेगमेंट में बड़ा दांव Royal Enfield की यह पहल भारतीय EV बाजार में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है। Flying Flea C6 न सिर्फ पारंपरिक बाइक्स को चुनौती देगी, बल्कि इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी नई दिशा तय करने की क्षमता रखती है।
नई दिल्ली: देश में बढ़ती गर्मी के बीच Tata Motors ने अपने ग्राहकों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। कंपनी ने देशभर में अपना विशेष Summer Check-Up Camp शुरू कर दिया है, जिसके तहत कार मालिकों को न केवल फ्री में गाड़ी की जांच की सुविधा मिल रही है, बल्कि कई आकर्षक ऑफर्स और डिस्काउंट भी दिए जा रहे हैं। यह कैंप 28 अप्रैल 2026 तक सभी अधिकृत वर्कशॉप्स पर आयोजित किया जा रहा है। 30-पॉइंट फ्री हेल्थ चेक-अप: गर्मी से पहले गाड़ी पूरी तरह तैयार इस कैंप का सबसे बड़ा आकर्षण है 30-पॉइंट फ्री चेक-अप, जिसमें गाड़ी के हर जरूरी हिस्से की बारीकी से जांच की जाती है। इसमें शामिल हैं: AC की कूलिंग और परफॉर्मेंस बैटरी की स्थिति इंजन ऑयल और कूलेंट लेवल टायर अलाइनमेंट और ब्रेक सिस्टम इलेक्ट्रिकल सिस्टम CNG किट और EV डायग्नोस्टिक्स इस तरह की जांच से संभावित खराबियों का पहले ही पता चल जाता है, जिससे लंबी यात्रा या तेज गर्मी में गाड़ी के खराब होने का जोखिम कम हो जाता है। सभी गाड़ियों के लिए लागू: ICE, CNG और EV यह सर्विस कैंप Tata Motors की सभी श्रेणी की गाड़ियों पर लागू है—चाहे वे पेट्रोल-डीजल (ICE), CNG या इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) हों। गर्मी के मौसम में कूलिंग सिस्टम और इंजन पर अधिक दबाव पड़ता है, ऐसे में यह चेक-अप गाड़ी की सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन के लिए बेहद अहम साबित होता है। ग्राहकों के लिए खास ऑफर्स और छूट कंपनी इस कैंप के दौरान कई फायदे भी दे रही है: एक्सटेंडेड वारंटी पर 10% की छूट स्पेयर पार्ट्स, लुब्रिकेंट्स और सर्विस पर 10% तक डिस्काउंट Genuine Accessories (TMGA) पर 15% तक की छूट AMC और वारंटी के लिए आसान EMI विकल्प ये ऑफर्स खास तौर पर उन पार्ट्स को समय पर बदलने के लिए प्रेरित करते हैं, जो गर्मी में जल्दी खराब हो सकते हैं—जैसे बेल्ट, फिल्टर और होज। जल्दी बुक करें अपॉइंटमेंट चूंकि यह कैंप सीमित समय के लिए है, ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपनी सर्विस स्लॉट बुक करें। अंतिम दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिससे देरी हो सकती है। ग्राहकों का सकारात्मक फीडबैक सोशल मीडिया पर कई ग्राहकों ने इस कैंप को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई यूजर्स का कहना है कि चेक-अप के बाद उनकी कार की AC कूलिंग और ओवरऑल परफॉर्मेंस में सुधार देखने को मिला है। यह कैंप Tata Nexon, Tata Punch, Tata Tiago, Tata Altroz, Tata Harrier और Tata Safari जैसे लोकप्रिय मॉडलों पर भी लागू है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी Tesla ने भारत में अपनी मौजूदगी को मजबूत करते हुए एक अहम कदम उठाया है। कंपनी ने Nexus Seawoods Mall (नवी मुंबई) में देश का पहला इन-मॉल EV चार्जिंग हब शुरू किया है। यह पहल भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सुविधाजनक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। हाई-स्पीड और रेगुलर चार्जिंग दोनों विकल्प इस नए चार्जिंग स्टेशन को मॉल के B1 पार्किंग लेवल पर स्थापित किया गया है, जहां: 4 V4 सुपरचार्जर (250kW क्षमता) 4 डेस्टिनेशन चार्जर (11kW) कंपनी के मुताबिक, सुपरचार्जर तकनीक के जरिए Tesla Model Y को सिर्फ 15 मिनट में लगभग 275 किमी तक की रेंज दी जा सकती है। EV चार्जिंग को बनाया जाएगा आसान Tesla का यह कदम ग्राहकों को रोजमर्रा की जिंदगी में चार्जिंग को आसान बनाने पर केंद्रित है। मॉल जैसी जगहों पर चार्जिंग शॉपिंग या समय बिताते हुए वाहन चार्ज लंबी दूरी की चिंता में कमी भारत में Tesla का विस्तार इस नए हब के साथ अब Tesla के भारत में कुल 4 चार्जिंग लोकेशन हो गए हैं: गुरुग्राम दिल्ली मुंबई नवी मुंबई कंपनी इन स्टेशनों को उन जगहों पर स्थापित कर रही है जहां लोग ज्यादा समय बिताते हैं। मॉल में एक्सपीरियंस ज़ोन भी लॉन्च चार्जिंग हब के साथ Tesla ने मॉल में एक इंटरैक्टिव एक्सपीरियंस ज़ोन भी शुरू किया है, जहां ग्राहक: कार की तकनीक को समझ सकते हैं टेस्ट ड्राइव ले सकते हैं डिजाइन और सेफ्टी फीचर्स एक्सप्लोर कर सकते हैं भारत में Tesla Model Y की कीमत फिलहाल Tesla भारत में अपने पोर्टफोलियो में मुख्य रूप से Model Y पेश कर रही है: कीमत: ₹59.89 लाख से ₹67.89 लाख (एक्स-शोरूम) वैरिएंट: Standard और Long Range FSD (Full Self Driving) फीचर ऑप्शनल EV इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा Tesla का यह कदम भारत में EV इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल ग्राहकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार भी तेज हो सकती है।
Suzuki Motorcycle India ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम 125cc स्कूटर Suzuki Burgman Street का अपडेटेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। नया मॉडल डिजाइन में मामूली बदलावों के साथ आता है, लेकिन फीचर्स और कंवीनियंस के मामले में इसे महत्वपूर्ण रूप से अपग्रेड किया गया है। कीमत और वेरिएंट नई Burgman Street दो वेरिएंट में उपलब्ध है: Ride Connect वेरिएंट: ₹1.02 लाख (एक्स-शोरूम) Ride Connect TFT वेरिएंट: ₹1.13 लाख (एक्स-शोरूम) इंजन और परफॉर्मेंस स्कूटर में पहले की तरह 124cc का एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो: 8.31 hp की पावर 10.2 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह इंजन Suzuki के SEP (Suzuki Eco Performance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे बेहतर माइलेज और स्मूद राइडिंग के लिए जाना जाता है। डिजाइन और राइडिंग एक्सपीरियंस डिजाइन में सूक्ष्म बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं: LED लाइटिंग सिस्टम स्मोक्ड विंडस्क्रीन प्रीमियम फिनिश इसके अलावा, हल्का फ्रेम, ट्यून सस्पेंशन और लंबा व्हीलबेस शहरी सड़कों पर बेहतर स्थिरता और कंफर्ट प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। फीचर्स और टेक्नोलॉजी इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण इसके नए फीचर्स हैं: 4.2-इंच कलर TFT डिस्प्ले की-लेस इग्निशन सिस्टम 24.6 लीटर अंडरसीट स्टोरेज USB चार्जिंग पोर्ट फ्रंट स्टोरेज और डुअल यूटिलिटी हुक सुरक्षा के लिहाज से इसमें: कम्बाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) साइड-स्टैंड इंटरलॉक वॉटरप्रूफ स्विच जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सेगमेंट में पोजिशनिंग नए TFT डिस्प्ले और की-लेस टेक्नोलॉजी के साथ Burgman Street अब 125cc सेगमेंट में एक अधिक प्रीमियम विकल्प के रूप में उभरता है। यह मॉडल उन ग्राहकों को लक्षित करता है, जो स्टाइल, कंफर्ट और आधुनिक फीचर्स का संतुलन चाहते हैं। निष्कर्ष Suzuki ने इस अपडेट के जरिए मैकेनिकल बदलावों के बजाय फीचर अपग्रेड पर ध्यान दिया है। नई Burgman Street शहरी उपयोगकर्ताओं के लिए एक प्रैक्टिकल और फीचर-लोडेड विकल्प के रूप में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है।
ऑटो सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई कीमतें 6 अप्रैल 2026 से लागू होंगी, जिससे ग्राहकों को अब अपनी पसंदीदा SUV खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। कितनी बढ़ेगी कीमत? कंपनी के मुताबिक, यह प्राइस हाइक मुख्य रूप से पेट्रोल और डीजल (ICE) वाहनों पर लागू होगी। कीमतों में बढ़ोतरी: 1.6% से 2.5% तक लागू तिथि: 6 अप्रैल 2026 इसका मतलब है कि अगर आप अभी गाड़ी खरीदते हैं, तो हजारों रुपये तक की बचत कर सकते हैं। किन गाड़ियों पर पड़ेगा असर? इस बढ़ोतरी का असर कंपनी की कई पॉपुलर SUVs पर पड़ेगा: Mahindra Thar Mahindra Scorpio-N Mahindra Thar Roxx Mahindra XUV 3XO ये सभी मॉडल भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय हैं, इसलिए कीमत बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। किसे मिली राहत? इस बीच एक राहत भरी खबर भी है। Mahindra XUV 7XO की कीमत फिलहाल नहीं बढ़ेगी पहले 40,000 यूनिट्स की डिलीवरी तक कीमत स्थिर रहेगी इससे इस मॉडल को खरीदने वाले ग्राहकों को फिलहाल राहत मिल सकती है। कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल मार्च 2026 में Mahindra ने शानदार प्रदर्शन किया है: कुल बिक्री: 99,969 वाहन सालाना ग्रोथ: 21% SUV बिक्री: 60,272 यूनिट (25% ग्रोथ) कमर्शियल वाहन: 24,928 यूनिट (11% ग्रोथ) पूरे वित्त वर्ष में भी कंपनी ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है, जो इसकी मजबूत बाजार पकड़ को दर्शाता है। खरीदने का सही समय अगर आप Mahindra की SUV खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो 6 अप्रैल से पहले खरीदना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके बाद वही गाड़ी आपको ज्यादा कीमत में मिलेगी। निष्कर्ष Mahindra की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऑटो इंडस्ट्री में बढ़ती लागत और मांग का संकेत है। ऐसे में ग्राहकों के लिए सही समय पर निर्णय लेना जरूरी हो जाता है, ताकि वे अतिरिक्त खर्च से बच सकें।
भारत में प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बनाने वाली BYD ने अपनी लोकप्रिय SUV BYD Sealion 7 का First Anniversary Edition लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस खास एडिशन को एक साल पूरे होने के मौके पर पेश किया है, जिसमें नए डिजाइन एलिमेंट्स के साथ आकर्षक ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं। बुकिंग देशभर के डीलरशिप पर शुरू हो चुकी है, और ग्राहक ₹70,000 के टोकन अमाउंट के साथ इसे रिजर्व कर सकते हैं। कीमत: वही पुरानी, लेकिन ज्यादा वैल्यू BYD ने Anniversary Edition की कीमत स्टैंडर्ड मॉडल के बराबर रखी है: Premium वेरिएंट: ₹49.4 लाख (एक्स-शोरूम) Performance वेरिएंट: ₹54.9 लाख (एक्स-शोरूम) इसका मतलब है कि ग्राहकों को बिना अतिरिक्त कीमत दिए ज्यादा प्रीमियम अनुभव मिलेगा। लिमिटेड ऑफर: पहले 1100 ग्राहकों के लिए खास डील कंपनी ने इस एडिशन के साथ आकर्षक First Anniversary Benefits भी पेश किए हैं: फ्री 11kW होम चार्जर और इंस्टॉलेशन 2 साल तक फ्री सर्विस और मेंटेनेंस लो-वोल्टेज बैटरी पर 8 साल / 1.5 लाख किमी वारंटी हाई-वोल्टेज बैटरी पर 8 साल / 1.6 लाख किमी वारंटी ये ऑफर 30 अप्रैल तक या पहले 1100 यूनिट्स की बुकिंग पूरी होने तक ही मान्य हैं। क्या है नया? इस Anniversary Edition में सबसे बड़ा बदलाव इंटीरियर में देखने को मिलता है। नया Tahiti Blue थीम पहले के ब्लैक-ग्रे इंटीरियर के मुकाबले ज्यादा प्रीमियम और फ्रेश लुक एक्सटीरियर डिजाइन पहले की तरह Ocean-inspired कुल मिलाकर, डिजाइन में बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन अनुभव को ज्यादा प्रीमियम बनाया गया है। फीचर्स: लग्जरी और टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन BYD Sealion 7 पहले से ही फीचर-लोडेड SUV है: 15.6-इंच रोटेटिंग टचस्क्रीन 360-डिग्री कैमरा और हेड्स-अप डिस्प्ले 12-स्पीकर Dynaudio साउंड सिस्टम लेवल-2 ADAS सेफ्टी फीचर्स 11 एयरबैग्स वेंटिलेटेड सीट्स, ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल बैटरी, परफॉर्मेंस और रेंज दोनों वेरिएंट्स में 82.56kWh की Blade Battery दी गई है, जो सेफ्टी और एफिशिएंसी के लिए जानी जाती है। Performance वेरिएंट: 0-100 किमी/घंटा: 4.5 सेकंड रेंज: 542 किमी (NEDC) Premium वेरिएंट: 0-100 किमी/घंटा: 6.7 सेकंड रेंज: 567 किमी (NEDC) BYD Sealion 7 Anniversary Edition उन ग्राहकों के लिए एक आकर्षक विकल्प है, जो प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV में स्टाइल, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण चाहते हैं-वो भी बिना अतिरिक्त कीमत के और लिमिटेड ऑफर्स के साथ।
लक्ज़री सेडान सेगमेंट में एंट्री के लिए तैयार नई Lexus ES जापान की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी Lexus ने घोषणा की है कि उसकी नई पीढ़ी की लग्ज़री सेडान Lexus ES को 20 मार्च 2026 को भारत में लॉन्च किया जाएगा। नई जनरेशन की यह सेडान पहले से ज्यादा फ्यूचरिस्टिक डिजाइन, बड़ी बॉडी, हाई-टेक इंटीरियर और इलेक्ट्रिफाइड पावरट्रेन के साथ आएगी। कंपनी इसे अपने प्रीमियम सेडान पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाने के लिए पेश कर रही है। इन लग्ज़री कारों से होगा मुकाबला भारत में लॉन्च होने के बाद नई Lexus ES का मुकाबला कई लोकप्रिय लग्ज़री सेडान से होगा, जिनमें शामिल हैं: Mercedes‑Benz C‑Class BMW 3 Series Long Wheelbase Audi A4 ये सभी मॉडल भारत के प्रीमियम सेडान सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा देते हैं, ऐसे में नई Lexus ES के लॉन्च से बाजार में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। नए TNGA-K प्लेटफॉर्म पर तैयार नई Lexus ES को कंपनी के अपडेटेड TNGA-K प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म की वजह से कार में बेहतर स्टेबिलिटी, ज्यादा स्पेस और बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलने की संभावना है। इसके साथ ही डिजाइन में भी बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे कार पहले से ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम दिखाई देगी। मिलेगा ज्यादा डिजिटल और हाई-टेक इंटीरियर नई पीढ़ी की Lexus ES में टेक्नोलॉजी से भरपूर केबिन मिलने की उम्मीद है। इसमें बड़ा डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एडवांस कनेक्टेड कार फीचर्स और प्रीमियम इंटीरियर फिनिश दिए जा सकते हैं। कंपनी इस मॉडल को ऐसे ग्राहकों के लिए तैयार कर रही है जो लग्ज़री के साथ-साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी को भी प्राथमिकता देते हैं। हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ आ सकती है कार भारत में फिलहाल Lexus ES हाइब्रिड सेडान के रूप में उपलब्ध है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नई जनरेशन मॉडल भी इलेक्ट्रिफाइड हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ ही आएगा। ग्लोबल मार्केट में कंपनी इस मॉडल के लिए कई इलेक्ट्रिफाइड इंजन विकल्प पेश कर रही है, जिससे बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन का लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, नई Lexus ES का भारत में लॉन्च प्रीमियम सेडान सेगमेंट में डिजाइन, टेक्नोलॉजी और हाइब्रिड पावर के लिहाज से बड़ा अपडेट साबित हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।