Baba Baidyanath Dham

Two Kanwariyas die after a Hydra vehicle collides with a bus returning from Baba Baidyanath Dham in Patna.
बाबाधाम से लौटते समय दर्दनाक हादसा, बस की छत पर बैठे दो कांवरियों की मौत; पटना में हाइड्रा ने मारी टक्कर

पटना: बाबा बैद्यनाथ धाम से पूजा-अर्चना कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस गुरुवार को पटना जिले के फतुहा में हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाइड्रा ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के वक्त बस की छत पर बैठे दो कांवरियों की मौत हो गई। घटना की खबर सारण के अमनौर थाना क्षेत्र स्थित कासिमपुर गांव पहुंचते ही वहां मातम छा गया। शुक्रवार को दोनों मृतकों के शव गांव पहुंचने पर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। 30 श्रद्धालु बाबाधाम से लौट रहे थे जानकारी के मुताबिक कासिमपुर गांव से करीब 30 श्रद्धालु बस से बाबा बैद्यनाथ धाम गए थे। जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के बाद सभी श्रद्धालु बस से वापस अपने गांव लौट रहे थे। गुरुवार, 13 अगस्त को फतुहा के पास बस गुजर रही थी। इसी दौरान एक अनियंत्रित हाइड्रा ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के समय कुछ श्रद्धालु बस की छत पर बैठे हुए थे। छत पर बैठे दो कांवरियों ने मौके पर तोड़ा दम हादसा इतना भीषण था कि बस की छत पर बैठे दो श्रद्धालु सीधे इसकी चपेट में आ गए। दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय राजदेव भगत और 30 वर्षीय पूजन राय के रूप में हुई है। दोनों कासिमपुर गांव के रहने वाले थे। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे शव पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार देर रात शव कासिमपुर गांव पहुंचे। शवों के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे। पूजन राय की मौत से परिवार पर टूटा संकट हादसे में जान गंवाने वाले पूजन राय अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य बताए गए हैं। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों के मुताबिक पूजन राय के पीछे पत्नी शांति देवी, 14 वर्षीय बेटा भोला और 12 वर्षीय बेटी प्रीति कुमारी हैं। परिवार के पास पक्का मकान भी नहीं होने की बात सामने आई है। अचानक हुई इस मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार की मदद और उन्हें संभालने की कोशिश में जुटे हैं। हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल बाबाधाम से लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ हुए इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और बसों की छत पर यात्रियों के सफर को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक यात्राओं के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बसों से यात्रा करते हैं। ऐसे में वाहन क्षमता और यात्रियों की सुरक्षित बैठने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। फतुहा हादसे में दो लोगों की मौत के बाद कासिमपुर गांव में शोक का माहौल है। पुलिस घटना की परिस्थितियों और टक्कर के कारणों की जांच कर रही है।  

surbhi अगस्त 14, 2026 0
Thousands of Kanwariyas standing in a long queue for Baba Baidyanath darshan during Shravan Mela in Deoghar
श्रावणी मेला: 16वें दिन आस्था का सैलाब, रिकॉर्ड भीड़ से पट गया बाबाधाम, ‘बोल-बम’ के जयघोष से गूंजा देवघर

देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 16वें दिन शुक्रवार को बाबा बैद्यनाथ की नगरी में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. भोर होते ही देवघर कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पट गया. बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह 4:21 बजे गर्भगृह का पट खुलते ही जलार्पण शुरू हो गया. इसके साथ ही मंदिर परिसर से लेकर कांवरिया रूट तक हर तरफ ‘बोल-बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा बैद्यनाथ’ के जयकारे गूंजने लगे. सुबह से ही बड़ी संख्या में कांवरिये बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए कतार में खड़े रहे. कांवरियों की भीड़ इतनी अधिक रही कि लंबी कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी. भगवा वस्त्र पहने कांवरियों और हाथों में कांवर लिये श्रद्धालुओं से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया. लंबी दूरी तय कर बाबाधाम पहुंचे शिवभक्तों में दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. बीएड कॉलेज तक पहुंची कांवरियों की लंबी कतार बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए तड़के सुबह से ही कांवरियों की कतार लगातार बढ़ती गयी. बीएड कॉलेज से लेकर मंदिर परिसर तक शिवभक्त निर्धारित रूट लाइन में अनुशासित तरीके से आगे बढ़ते रहे. भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का भाव साफ नजर आया. जिला प्रशासन की ओर से कांवरियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रूट लाइन के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है. जगह-जगह व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी रही. ‘बोल-बम’ और ‘हर-हर महादेव’ से गूंजती रही बाबानगरी सुलतानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल देवघर पहुंचे कांवरियों में बाबा के दर्शन को लेकर खास उत्साह देखने को मिला. जैसे-जैसे कांवरिये मंदिर की ओर बढ़ते गये, वैसे-वैसे ‘बोल-बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष तेज होते गये. कांवरिया पथ पर जगह-जगह श्रद्धालु भक्ति गीत गाते और बाबा का जयकारा लगाते नजर आये. पूरा वातावरण धार्मिक उत्साह से सराबोर रहा. कांवरियों की भीड़ और लगातार गूंजते जयघोष ने बाबानगरी को पूरी तरह शिवमय बना दिया. थकान पर भारी पड़ा बाबा के दर्शन का उत्साह सुलतानगंज से देवघर तक कई किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर पहुंचे कांवरियों के चेहरों पर थकान के बजाय बाबा के दर्शन की खुशी नजर आयी. कई कांवरिये रास्ते भर भक्ति गीत गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे. लंबी यात्रा और घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ. कांवरियों का कहना था कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण की इच्छा के आगे यात्रा की सारी थकान छोटी लग रही है. सुबह से लगातार पहुंचते रहे श्रद्धालु श्रावणी मेला के 16वें दिन सुबह से ही देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा. शहर के प्रमुख मार्गों और कांवरिया पथ पर बड़ी संख्या में शिवभक्त नजर आये. बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही. कांवरियों की भारी भीड़, भगवा रंग में रंगी बाबानगरी और चारों ओर गूंजते ‘बोल-बम’ के जयघोष ने देवघर के माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया. बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जल चढ़ाने के लिए उमड़ी यह भीड़ श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और उत्साह की तस्वीर पेश करती नजर आयी.  

kalpana अगस्त 14, 2026 0
Kanwariya pilgrims in Deoghar report theft of cash and mobile phones from their vehicle
देवघर में कांवरियों की गाड़ी से बड़ी चोरी, 29 हजार रुपये और 3 मोबाइल लेकर चोर फरार

देवघर: सावन में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उत्तर प्रदेश से देवघर पहुंचे कांवरिया श्रद्धालुओं के साथ चोरी की घटना सामने आई है. कुंडा थाना क्षेत्र के किसनीडीह गांव के पास अज्ञात चोरों ने श्रद्धालुओं की चारपहिया गाड़ी से एक बैग चोरी कर लिया. बैग में 29 हजार रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन रखे हुए थे. घटना गुरुवार देर रात की बतायी जा रही है. शुक्रवार सुबह नींद खुलने पर श्रद्धालुओं को चोरी की जानकारी हुई. राशन दुकान के पास खड़ी थी श्रद्धालुओं की गाड़ी पीड़ित कांवरियों के अनुसार, गुरुवार देर शाम वे किसनीडीह गांव के पास एक राशन दुकान के समीप पहुंचे थे. वहां उन्होंने अपनी चारपहिया गाड़ी खड़ी की और राशन दुकान से जरूरी सामान खरीदने के बाद खाना बनाया. भोजन करने के बाद कुछ श्रद्धालु गाड़ी के अंदर सो गये, जबकि कुछ लोग राशन दुकान के सामने जमीन पर सो गये. इसी दौरान अज्ञात चोरों ने मौका देखकर गाड़ी में रखा बैग चोरी कर लिया. श्रद्धालुओं को इसकी भनक तक नहीं लगी और वे सोते रहे. सुबह नींद खुली तो गायब मिला बैग शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालुओं की नींद खुली तो उन्होंने गाड़ी की जांच की. इस दौरान वाहन से बैग गायब मिला. बैग में तीन मोबाइल फोन के साथ श्रद्धालुओं के पैसे रखे हुए थे. बाद में पता चला कि बैग में रखे 29 हजार रुपये नकद भी चोरी हो चुके हैं. चोरी की घटना सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया. उन्होंने आसपास के इलाके में बैग और मोबाइल की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. कुंडा थाना पहुंचकर दर्ज करायी शिकायत घटना के बाद उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अलावलपुर गांव निवासी उदयवीर सिंह कुशवाहा, ओमकार गुप्ता, अखिलेश सिंह कुशवाहा, धर्मेंद्र सिंह कुशवाहा, दीपक कुमार समेत अन्य श्रद्धालु कुंडा थाना पहुंचे. उन्होंने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. आसपास के इलाके में छानबीन की जा रही है और चोरी की घटना से जुड़े संभावित सुराग जुटाये जा रहे हैं. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे कौन लोग शामिल थे.  

kalpana अगस्त 14, 2026 0
Saffron-clad Kanwariyas gathered in large numbers at Baba Baidyanath Dham in Deoghar during the second Somwari of Shravan Mela 2026
बोल बम के जयघोष से गूंजा बाबाधाम, दूसरी सोमवारी पर केसरिया सैलाब में डूबा देवघर

देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 की दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से पूरा देवघर गूंज उठा. केसरिया वस्त्रों में हजारों कांवरियों की भीड़ से बाबाधाम का पूरा मेला क्षेत्र शिवमय नजर आया. रात एक बजे से ही लग गयी कांवरियों की कतार दूसरी सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ के जलार्पण को लेकर कांवरियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. रात करीब एक बजे से ही कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ से आगे बढ़कर चमारीडीह पुल तक पहुंच गयी थी. समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गयी. रूटलाइन में कांवरियों की लंबी कतारें नजर आयीं. थकान के बावजूद श्रद्धालुओं में बाबा के दर्शन और जलार्पण को लेकर उत्साह बना रहा. हर ओर गूंजा ‘बोल बम’ सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल पहुंचे कांवरियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से आये श्रद्धालु भी बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे. केसरिया वस्त्र पहने कांवरियों के जत्थों से देवघर की सड़कें, रूटलाइन और मेला क्षेत्र पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया. जगह-जगह ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे. सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन की नजर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने रूटलाइन, कांवरिया पथ, होल्डिंग प्वाइंट और क्यू कॉम्प्लेक्स में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने सुबह मेला क्षेत्र और रूटलाइन का निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कतार प्रबंधन और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया. अधिकारियों और पुलिस जवानों को श्रद्धालुओं के साथ सेवा भाव और संयम के साथ पेश आने तथा किसी भी स्थिति में एक्टिव रहने का निर्देश दिया गया. जगह-जगह सहायता शिविर और स्वास्थ्य सुविधाएं मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य कैंप, सूचना-सहायता केंद्र, मातृत्व विश्राम गृह, पुलिस और ट्रैफिक ओपी समेत कई व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गयी हैं. दूसरी सोमवारी पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर बाबाधाम में श्रावणी मेले की भव्यता दिखा दी है. देवघर से लेकर कांवरिया पथ तक हर तरफ शिवभक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है.  

kalpana अगस्त 10, 2026 0
AI-powered face recognition cameras counting Kanwariyas in real time during the Shravani Mela at Baba Baidyanath Dham in Deoghar.
देवघर श्रावणी मेला: 150 AI कैमरों से हो रही कांवरियों की सटीक गिनती, पहली बार रियल टाइम डेटा मिल रहा

देवघर: राजकीय श्रावणी मेला अब पूरी तरह तकनीक की निगरानी में नजर आ रहा है. इस बार बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की गिनती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल सिस्टम से की जा रही है. पहली बार मेले में 150 एआई फेस रीडिंग हेड काउंटिंग कैमरे लगाए गए हैं, जो दुम्मा से लेकर बाबा मंदिर परिसर और कतार मार्ग के अंतिम छोर कुमैठा तक हर कांवरिये की सटीक संख्या दर्ज कर रहे हैं. इस तकनीक की खास बात यह है कि किसी श्रद्धालु की दोबारा गिनती नहीं होती, जिससे प्रशासन को वास्तविक और रियल टाइम आंकड़े मिल रहे हैं. दुम्मा से मंदिर तक AI कैमरों की निगरानी श्रावणी मेले में श्रद्धालु पैदल, रेल, सड़क और हवाई मार्ग से देवघर पहुंचते हैं. पैदल आने वाले कांवरियों की गिनती के लिए दुम्मा में 10 और शिवगंगा क्षेत्र में 8 हेड काउंटिंग कैमरे लगाए गए हैं. वहीं बाबा मंदिर के सभी प्रमुख प्रवेश और निकास द्वारों पर 10 AI कैमरे तैनात किए गए हैं. इसके अलावा संस्कार मंडप, क्यू कॉम्प्लेक्स, नेहरू पार्क और कतार के अंतिम छोर कुमैठा तक 122 फेस रीडिंग कैमरे लगाए गए हैं, जो पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं. पहली बार मिल रहा रियल टाइम और सटीक डेटा एआई आधारित यह सिस्टम श्रद्धालुओं के चेहरे की पहचान कर उनकी गिनती करता है और यह सुनिश्चित करता है कि कोई व्यक्ति दोबारा काउंट न हो. इससे प्रशासन को हर समय यह जानकारी मिल रही है कि मेले में कितने श्रद्धालु मौजूद हैं और कितने लोगों ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया है. इससे भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी काफी मदद मिल रही है. मैन्युअल गिनती से AI तकनीक तक का सफर श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की गिनती की व्यवस्था समय के साथ लगातार आधुनिक होती गई है. शुरुआती दौर में सांख्यिकी विभाग के कर्मचारी मंदिर खुलने से बंद होने तक मैन्युअल तरीके से श्रद्धालुओं की संख्या दर्ज करते थे. इसके बाद टाइम स्लॉट कार्ड, फिर रिस्ट बैंड सिस्टम लागू किया गया. बाद में एक्सिस कार्ड सिस्टम शुरू हुआ, जिसके तहत बिहार-झारखंड सीमा में प्रवेश करते ही कांवरियों की फोटो लेकर उन्हें कार्ड जारी किया जाता था. यह व्यवस्था लगभग एक दशक तक प्रभावी रही, लेकिन अब इसकी जगह पूरी तरह AI आधारित फेस रीडिंग और हेड काउंटिंग सिस्टम ने ले ली है. भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा होगी और मजबूत प्रशासन का मानना है कि एआई कैमरों से न सिर्फ श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या का पता चल रहा है, बल्कि इससे भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी. डिजिटल निगरानी के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का अनुभव मिल सकेगा. इस नई तकनीक के लागू होने के साथ देवघर का राजकीय श्रावणी मेला देश के उन चुनिंदा धार्मिक आयोजनों में शामिल हो गया है, जहां श्रद्धालुओं की गिनती और भीड़ प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है.  

kalpana अगस्त 7, 2026 0
Food safety officials inspecting peda shops during Shravani Mela in Deoghar
श्रावणी मेला 2026: देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 42.5 किलो संदिग्ध पेड़ा नष्ट; तीन दुकानों पर जुर्माना

राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान 42.5 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा नष्ट किया गया, जबकि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने पर तीन प्रतिष्ठानों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी की निगरानी में की गई। जांच के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (MFTL) का भी इस्तेमाल किया गया। 45 नमूनों की जांच, तीन संदिग्ध पाए गए अभियान के दौरान गंगा साह पेड़ा भंडार, गणेश पेड़ा भंडार, बैद्यनाथ पेड़ा भंडार, अन्नपूर्णा पेड़ा भंडार, महावीर पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार, बाबा पेड़ा भंडार, मां अन्नपूर्णा भोजनालय, अजय भोजनालय और शिव होटल एंड रेस्टोरेंट समेत कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पेड़ा के 45 नमूनों की जांच की गई। इनमें 42 नमूने खाद्य मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि तीन नमूने संदिग्ध मिले। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 42.5 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा मौके पर ही नष्ट करा दिया। तीन प्रतिष्ठानों पर ऑन-द-स्पॉट जुर्माना निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर गंगा साह पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार और शिव होटल एंड रेस्टोरेंट पर दो-दो हजार रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया गया। साथ ही सभी कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का सख्ती से पालन करने और केवल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए। हर खेप की होगी जांच खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी पेड़ा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे खोवा, पेड़ा और पनीर की प्रत्येक खेप की आयोडीन टिंचर से जांच करें। यदि किसी भी उत्पाद में स्टार्च या अन्य प्रकार की मिलावट की आशंका हो तो उसकी बिक्री तुरंत रोक दी जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर उसका लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेला समाप्त होने तक जारी रहेगा अभियान खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, श्रावणी मेला समाप्त होने तक बाबा बैद्यनाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच जारी रहेगी। इसका उद्देश्य देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।  

surbhi अगस्त 6, 2026 0
Shravani Mela 2026
देवघर में श्रावणी मेले के दौरान 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं जारी, एक दिन में 7,717 श्रद्धालुओं का इलाज

देवघर। सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं जारी रखी हैं। श्रावणी मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविरों और अस्पतालों में एक दिन में 7,717 श्रद्धालुओं का इलाज किया गया। प्रशासन की ओर से कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।   स्वास्थ्य शिविरों में लगातार पहुंच रहे श्रद्धालु   श्रावणी मेले के दौरान देवघर में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। लंबी दूरी पैदल तय करने वाले कांवड़ियों को थकान, कमजोरी, चोट, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मेला क्षेत्र में जगह-जगह चिकित्सा केंद्र और स्वास्थ्य शिविर बनाए गए हैं, जहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लगातार सेवाएं दे रहे हैं।   एक दिन में 7,717 लोगों का उपचार   स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में 7,717 श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा यात्रा के दौरान चोट लगने और थकान जैसी परेशानियों से जूझ रहे श्रद्धालु भी शामिल रहे। स्वास्थ्य टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है।   24 घंटे तैनात हैं डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी   श्रावणी मेले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा व्यवस्था को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा है। प्रमुख भीड़ वाले क्षेत्रों और कांवड़िया मार्ग पर चिकित्सा टीमों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त दवाइयां, प्राथमिक उपचार सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया है।   श्रद्धालुओं की सेहत पर प्रशासन की नजर   देवघर में सावन के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर भी नजर रख रहा है। श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीएं और तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।   श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए 24 घंटे चिकित्सा व्यवस्था आगे भी जारी रखने की तैयारी है।

anjali kumari अगस्त 4, 2026 0
Deoghar Shravani Mela 2026
देवघर श्रावणी मेले में भव्य ड्रोन शो बना आकर्षण का केंद्र

देवघर, एजेंसियां। झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पहली बार भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है। देवघर के शिवलोक परिसर में होने वाले इस 3D ड्रोन शो में भगवान शिव, कांवड़ यात्रा, ज्योतिर्लिंग और धार्मिक प्रतीकों की आकर्षक आकृतियां आसमान में दिखाई जाएंगी। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए मेले का प्रमुख आकर्षण बन गया है।   आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम   झारखंड पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस ड्रोन शो का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम दिखाना है। सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर शिव तांडव, ओम, त्रिशूल, डमरू और बाबा बैद्यनाथ धाम की आकृतियां बनाएंगे।   श्रावणी मेले में तकनीक का व्यापक उपयोग   इस बार श्रावणी मेले में केवल ड्रोन शो ही नहीं, बल्कि AI आधारित निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन कैमरे, QR कोड शिकायत व्यवस्था और स्मार्ट भीड़ प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों बेहतर होंगी।   श्रद्धालुओं में भारी उत्साह   ड्रोन शो को देखने के लिए हर शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलोक परिसर पहुंच रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और देवघर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

anjali kumari जुलाई 31, 2026 0
Deoghar Shravani Mela 2026
देवघर श्रावणी मेले में उमड़ी रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की भीड़, बाबा बैद्यनाथ धाम में लंबी कतारें

देवघर, एजेंसियां। झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में चल रहे श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है। सावन माह के पावन अवसर पर देशभर से पहुंचे लाखों कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर और कांवरिया पथ पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और मेले में इस वर्ष भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।   भीड़ नियंत्रण के लिए AI और विशेष सुरक्षा व्यवस्था   श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। AI आधारित निगरानी प्रणाली, अतिरिक्त पुलिस बल, CCTV कैमरे, मेडिकल कैंप, कंट्रोल रूम और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। रेलवे ने भी देवघर आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त ठहराव की घोषणा की है।   बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धा का महासंगम   श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी करने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम में जल अर्पित कर रहे हैं। हर ओर "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा देवघर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।

anjali kumari जुलाई 31, 2026 0
देवघर में श्रावणी मेला 2026 के लिए नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज का सफल परीक्षण
श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचना होगा आसान, नए फुट ओवरब्रिज का सफल परीक्षण

देवघर। श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बाबा मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का रविवार देर शाम सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में संपन्न हुआ।   श्रद्धालुओं को मिलेगा सुरक्षित और सुगम मार्ग   फुट ओवरब्रिज के शुरू होने से श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक सुरक्षित, व्यवस्थित और आसान तरीके से पहुंचने में सुविधा मिलेगी। श्रावणी मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए इस ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है, जिससे कतारों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और जलार्पण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारु एवं सुरक्षित होगी।   वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ सफल परीक्षण   जिले के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ फुट ओवरब्रिज का परीक्षण किया गया। दोनों अधिकारियों ने स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सुरक्षा सहित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।   भीड़ का दबाव होगा कम, जाम से मिलेगी राहत   उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि फुट ओवरब्रिज के चालू होने से श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में अधिक व्यवस्थित ढंग से खड़े होने और मंदिर तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव नियंत्रित रहेगा और श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुगम बनेगा।   स्थानीय लोगों ने किया पहल का स्वागत   स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह फुट ओवरब्रिज केवल श्रावणी मेले के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। इससे मंदिर क्षेत्र में लगने वाले जाम में कमी आएगी और आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
Baba Baidyanath Dham
बाबाधाम का होगा भव्य कायाकल्प, अयोध्या मॉडल पर 30 एकड़ में बनेगा आधुनिक कॉरिडोर

देवघर। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अयोध्या की तर्ज पर मंदिर परिसर के आसपास लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाना और मंदिर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का संरक्षण करना है।   सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआईटी पटना को बाबा बैद्यनाथ धाम के समग्र विकास की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रस्तावित योजना के पहले चरण में 30 एकड़ क्षेत्र में कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में करीब 40.24 एकड़ क्षेत्र में रणनीतिक विकास कार्य होंगे, जबकि तीसरे चरण में 83.70 एकड़ क्षेत्र में फैले ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर काम किया जाएगा।    शिवगंगा, मानसरोवर, सतार पोखरिया और जलसार योजना के तहत शिवगंगा, मानसरोवर, सतार पोखरिया और जलसार जैसे धार्मिक महत्व वाले जल निकायों का संरक्षण किया जाएगा। साथ ही, बाबाधाम को देवघर के चार प्रमुख प्रवेश मार्गों से जोड़ने के लिए अलग-अलग तीर्थयात्री पहुंच मार्ग भी विकसित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम हो सके।   मास्टर प्लान में मंदिर के चारों ओर 750 मीटर क्षेत्र को 'कोर हेरिटेज जोन' बनाने का प्रस्ताव है। इस क्षेत्र में पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी और निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। केवल आपातकालीन सेवाओं, मंदिर प्रशासन और अधिकृत इलेक्ट्रिक वाहनों को ही अनुमति मिलेगी। इसके बाहर 750 से 1000 मीटर तक 'मैनेजमेंट जोन' विकसित किया जाएगा, जहां मल्टीलेवल पार्किंग, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, सार्वजनिक परिवहन इंटरचेंज और विश्राम स्थल बनाए जाएंगे।   इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर भी बनाया जाएगा इसके अलावा 20 मीटर चौड़ा इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर भी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सके। हालांकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू करने से पहले राज्य सरकार, देवघर जिला प्रशासन, नगर निगम, बाबा बैद्यनाथ मंदिर ट्रस्ट और अन्य संबंधित एजेंसियों की मंजूरी आवश्यक होगी। योजना पूरी होने के बाद बाबाधाम न केवल श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनेगा, बल्कि देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में भी अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee addresses the media over the Baruipur minor murder case, alleging she was prevented from meeting the victim's family.
बारुईपुर केस पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, बोलीं- मुझे हाउस अरेस्ट कर रखा है

कोलकाता: दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में 12 वर्षीय किशोरी की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार से मिलने जाने की उनकी कोशिश को रोक दिया गया और उनके आवास के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें "हाउस अरेस्ट" जैसी स्थिति में रखा गया। 'पीड़ित परिवार से मिलने नहीं जाने दिया गया' वीडियो संदेश जारी करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह अकेले बारुईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करना चाहती थीं, लेकिन उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के कर्मियों की तैनाती कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कारण वह अपने घर से बाहर नहीं निकल सकीं। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता मुख्यमंत्री ने कहा कि बारुईपुर की घटना ने उन्हें बेहद दुखी और चिंतित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों—भगवानपुर, पटाशपुर, कूचबिहार, दुर्गापुर, दिनहाटा और पानीहाटी—में भी महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध सामने आए हैं। ममता ने कहा कि बारुईपुर की घटना ने लोगों के धैर्य की सीमा तोड़ दी है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इलाके में धारा 144 लागू नहीं है, तो उनके आवास के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट मार्च क्यों कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को स्वतंत्र रूप से कार्यक्रम करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है। पीड़ित परिवार से फोन पर की बात ममता बनर्जी ने बताया कि वह स्वयं घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उन्होंने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की और उन्हें हरसंभव मदद तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया। क्या है पूरा मामला? दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के धपधपी-2 ग्राम पंचायत क्षेत्र में शनिवार से लापता 12 वर्षीय किशोरी का शव रविवार सुबह एक तालाब से बोरे में बंद मिला था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की और एक संदिग्ध युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस की कार्रवाई जारी पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। वहीं, भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी अलग से जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, किशोरी की मौत, दुष्कर्म के आरोप और हिंसा की सभी घटनाओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
Shravani Mela 2026
श्रावणी मेला 2026: अब 2 से 5 मिनट में होंगे बाबा बैद्यनाथ के दर्शन

देवघर, एजेंसियां। विश्वप्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के लिए देवघर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मंदिर प्रशासन ने वीआईपी कूपनधारकों और सामान्य श्रद्धालुओं की कतारों को अलग-अलग संचालित करने के लिए नया ओवरब्रिज तैयार कर लिया है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद यह नई व्यवस्था 15 जुलाई 2026 से लागू कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और तेज दर्शन की सुविधा मिलेगी।   देवघर एसडीएम रवि कुमार ने बताया बाबा मंदिर प्रभारी सह देवघर एसडीएम रवि कुमार ने बताया कि अब तक मंदिर के टी-जंक्शन पर वीआईपी कूपन और सामान्य कतार एक ही मार्ग से गर्भगृह की ओर बढ़ती थीं। संकरे रास्ते के कारण दोनों कतारों के मिलते ही भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती थी। इसके चलते श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार करना पड़ता था। विशेष रूप से शीघ्र दर्शन कूपन लेने वाले श्रद्धालुओं की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उन्हें भी अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही थी।   नई व्यवस्था के तहत इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर नए ओवरब्रिज का निर्माण कराया है। नई व्यवस्था के तहत वीआईपी कूपनधारकों और सामान्य श्रद्धालुओं की कतारें अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ेंगी और मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रूप से पहुंचेंगी। इससे भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित बनेगी।   मंदिर प्रशासन का दावा हैं  मंदिर प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालु केवल 2 से 5 मिनट के भीतर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन, जलार्पण और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इससे न केवल श्रद्धालुओं का समय बचेगा, बल्कि श्रावणी मेले के दौरान प्रतिदिन उमड़ने वाली भारी भीड़ का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था इस वर्ष के श्रावणी मेले को अधिक सुरक्षित, सुगम और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Baba Baidyanath Dham
बाबा बैद्यनाथ धाम में बड़े बदलाव, गर्भगृह में मोबाइल बैन; सालभर बाह्य अर्घा से होगा जलाभिषेक

देवघर। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। अब मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने और उसके उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। वहीं, अब केवल श्रावणी मेले तक सीमित रहने वाली बाह्य अर्घा प्रणाली को पूरे वर्ष लागू किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही जलार्पण कर सकेंगे।   बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर प्रबंधन, तीर्थ पुरोहित और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन के अनुसार, स्थायी बाह्य अर्घा व्यवस्था लागू होने से बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेष पाइपलाइन व्यवस्था के माध्यम से बाहर से अर्पित जल सीधे बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगा।   भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर प्रशासन का कहना है कि गर्भगृह में मोबाइल प्रतिबंध से मंदिर की पवित्रता बनी रहेगी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और दर्शन प्रक्रिया अधिक सुचारु होगी। इसके अलावा श्रावणी मेला 2026 को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, शीघ्र दर्शन व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज, क्लॉक रूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की योजना तैयार की गई है।   श्रावणी मेले के लिए ट्रेनों में बढ़ी बुकिंग श्रावण मास की शुरुआत से पहले ही देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। रांची से जसीडीह और देवघर जाने वाली कई ट्रेनों में लगभग 80 प्रतिशत सीटें बुक हो चुकी हैं और कुछ ट्रेनों में वेटिंग भी शुरू हो गई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने रांची से भागलपुर के बीच मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय को भेजा है। इसके जुलाई के अंतिम सप्ताह से संचालन शुरू होने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
Special Kanwariya Track
श्रावणी मेला 2026: बाबा धाम के लिए बनेगा 36 किमी का स्पेशल कांवड़िया ट्रैक

देवघर। श्रावणी मेले से पहले बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बासुकीनाथ-देवघर राष्ट्रीय राजमार्ग-114A पर व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। इस परियोजना के तहत समर्पित कांवड़िया ट्रैक, नए बाईपास और आधुनिक सड़क सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक होगी।   36 किलोमीटर का समर्पित कांवड़िया ट्रैक तैयार श्रावणी मेला 2026 के दौरान सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर पहुंचने वाले कांवड़ियों के लिए एनएचएआई 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा समर्पित कांवड़िया पथ विकसित कर रहा है। इस विशेष ट्रैक पर केवल पैदल श्रद्धालु चलेंगे, जबकि सामान्य वाहनों का आवागमन अलग मार्ग से होगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही 45.159 किलोमीटर लंबी फोर-लेन सड़क परियोजना का निर्माण भी तेज गति से किया जा रहा है।   बाईपास, फ्लाईओवर और आधुनिक सुविधाओं पर जोर यात्रा को और सुगम बनाने के लिए परियोजना में लगभग 28.677 किलोमीटर लंबे पांच प्रमुख बाईपास बासुकीनाथ, सहारा, तालझारी, घोरमारा और देवघर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज (ROB) और अंडरपास जैसी आधुनिक संरचनाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि स्थानीय और भारी वाहनों का आवागमन बाधित न हो। एनएचएआई ने श्रावणी मेले से पहले पूरे मार्ग को गड्ढामुक्त बनाने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, सुरक्षा बैरियर, संकेतक बोर्ड और साफ-सफाई जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।   धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा परियोजना पूरी होने के बाद बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर और त्रिकूट पर्वत जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा, वहीं संताल परगना क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। NHAI का मानना है कि यह परियोजना श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Baba Baidyanath Dham
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को बड़ी राहत, बाबा बैद्यनाथ धाम में शुरू होगी लॉकर सुविधा

देवघर। आगामी श्रावणी मेले को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के बाहर 1200 से 1300 लॉकर स्थापित किए जा रहे हैं। इन लॉकरों में श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन, पर्स और अन्य मूल्यवान सामान सुरक्षित रख सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल श्रद्धालुओं को राहत देगी, बल्कि मंदिर परिसर की सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगी। श्रावणी मेले के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचते हैं। भारी भीड़ के कारण कई बार श्रद्धालुओं को अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। मोबाइल, पर्स और अन्य जरूरी वस्तुओं के खोने या चोरी होने की आशंका भी रहती है।   ऐसे में नई लॉकर सुविधा श्रद्धालुओं के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ के बीच सामान लेकर चलना मुश्किल होता है और मंदिर में प्रवेश से पहले सामान रखने के लिए उचित व्यवस्था की कमी महसूस होती है। अब प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षित लॉकर उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।   निजी दुकानदारों पर निर्भरता होगी कम श्रद्धालुओं ने बताया कि अब तक सामान रखने के लिए अक्सर निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ता था। कई बार दुकानदार अधिक शुल्क भी वसूलते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा मिलेगी तथा अतिरिक्त खर्च से भी बचाव होगा। लॉकर निर्माण कार्य में जुटे कर्मचारियों के अनुसार, सभी लॉकर निर्धारित समय के भीतर तैयार कर लिए जाएंगे ताकि श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले व्यवस्था पूरी तरह संचालित हो सके।   सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल देवघर के एसडीएम एवं बाबा बैद्यनाथ मंदिर के प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मंदिर की दानपेटी से पाकिस्तानी नोट मिलने और साहिबगंज जिले से एक संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। इसी वजह से मंदिर परिसर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है।   सुरक्षित दर्शन और बेहतर प्रबंधन पर जोर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालु अपने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लॉकर में सुरक्षित रखकर केवल पूजा सामग्री और कांवर के साथ मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। इससे सुरक्षा जांच आसान होगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ बाबा नगरी की सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

Unknown जून 2, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Government and opposition clash in Parliament over Amit Shah's response to police action during Delhi student protests.
राष्ट्रीय

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surbhi अगस्त 11, 2026 0