Bihar crime

Security agencies question Mohammad Zafar's family in Purnia during investigation into alleged terror network links
पूर्णिया में आतंकी नेटवर्क की जांच पहुंची गांव तक, मोहम्मद जफर के परिवार से तीन घंटे पूछताछ

मेरठ में कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच अब पूर्णिया के मीरगंज गांव तक पहुंच गई है। मंगलवार को रौटा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल की टीम जफर के पैतृक घर पहुंची और परिवार के सदस्यों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसियां जफर की पढ़ाई, उसके संपर्कों, हाल की गतिविधियों, यात्रा और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारियां जुटा रही हैं। हालांकि, जफर पर लगाए गए आरोपों और उसकी कथित भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। परिवार से पूछताछ, शिक्षा और संपर्कों पर फोकस सुरक्षा एजेंसियों ने जफर के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से उसकी पढ़ाई, मदरसे से जुड़े काम, शादी और घर से बाहर रहने के बारे में जानकारी ली। पूछताछ में यह जानने की कोशिश की गई कि जफर ने किन जगहों पर पढ़ाई की, किन लोगों के संपर्क में रहा और हाल के दिनों में उसकी गतिविधियां क्या थीं। परिवार से उसके घर से निकलने के बाद की पूरी यात्रा की जानकारी भी मांगी गई। पहले मधेपुरा, फिर पहुंचा मेरठ परिजनों के अनुसार जफर करीब 25 दिन पहले घर से निकला था। वह पहले मधेपुरा गया और इसके बाद मेरठ पहुंचा, जहां यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार किया। अब जांच एजेंसियां मधेपुरा में उसके ठहरने की जगह और वहां बने संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। इसके साथ ही मेरठ में उसकी गतिविधियों और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। मई में हुई थी शादी परिवार के मुताबिक जफर की शादी इसी साल मई में किशनगंज जिले के बहादुरगंज क्षेत्र में हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद वह पहली बार घर से बाहर निकला था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घर से निकलने के बाद उसकी यात्रा का उद्देश्य क्या था और इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में आया। मदरसे में पढ़ाई और बच्चों को पढ़ाने का काम उपलब्ध जानकारी के अनुसार जफर ने शुरुआती पढ़ाई मीरगंज के एक मदरसे से की थी। इसके बाद उसने बुलंदशहर में रहकर मौलवी की शिक्षा पूरी की। बाद में वह पूर्णिया लौटा और माधोपाड़ा स्थित एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाने का काम करने लगा। एजेंसियां उसके शैक्षणिक और सामाजिक संपर्कों से संबंधित जानकारी भी जुटा रही हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की शिक्षा, भाषा या धार्मिक संस्थान से जुड़ाव मात्र से उसकी आपराधिक गतिविधि में भूमिका साबित नहीं होती। इस मामले में निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा। पासपोर्ट और यात्रा रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में जफर के नाम पर पासपोर्ट होने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इससे जुड़े दस्तावेज और यात्रा रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि पासपोर्ट कब बना, किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और क्या इससे जुड़ी कोई विदेश यात्रा दर्ज है। एनआईए इनपुट पर गिरफ्तारी का दावा रिपोर्ट के अनुसार एनआईए के इनपुट के आधार पर यूपी एटीएस ने जफर को मेरठ से गिरफ्तार किया। उस पर कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं। आरोप यह भी है कि वह कथित तौर पर चंदा जुटाने और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पाकिस्तान में मौजूद संदिग्ध आतंकी हैंडलर्स तक धन पहुंचाने की कोशिश से जुड़ा था। इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही होगी। फिलहाल पूर्णिया में हुई पूछताछ को इसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। एजेंसियां मधेपुरा से मेरठ तक जफर की यात्रा, उसके संपर्कों और कथित वित्तीय गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।  

surbhi अगस्त 19, 2026 0
Kanwar devotee Golu Kumar shot dead by motorcycle-borne attackers during Shravan pilgrimage in Muzaffarpur
मुजफ्फरपुर में कांवर लेकर निकले श्रद्धालु की गोली मारकर हत्या, श्रावणी मेले के बीच सुरक्षा पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर: श्रावणी मेले के बीच बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आई हत्या की घटना ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाबा गरीबनाथ धाम में जल चढ़ाने के लिए कांवर लेकर निकले युवक गोलू कुमार की बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र के गोसाईं टोला के पास हुई। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कांवर लेकर निकला था गोलू जानकारी के मुताबिक, गोसाईं टोला निवासी रविंद्र कुमार सिंह का बेटा गोलू कुमार बाबा गरीबनाथ धाम में जलाभिषेक करने के लिए कांवर लेकर निकला था। वह गोसाईं टोला के पास पहुंचा ही था कि बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने गोलू को निशाना बनाकर फायरिंग की। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित पुलिस ने घायल गोलू को इलाज के लिए सरैया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों और कांवरियों में भी आक्रोश है। पुराने विवाद के एंगल से जांच मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में युवक के किसी पुराने विवाद का एंगल सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले सुबह किसी बात को लेकर गोलू का विवाद हुआ था और उसे धमकी दिए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस इसी एंगल को ध्यान में रखते हुए हत्या के कारणों की जांच कर रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और वारदात में शामिल दोनों अपराधी कौन हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है। श्रावणी मेले के बीच हत्या से सुरक्षा पर सवाल श्रावणी मेले के दौरान मुजफ्फरपुर और बाबा गरीबनाथ धाम जाने वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। ऐसे समय में एक श्रद्धालु की बीच रास्ते गोली मारकर हत्या किए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाती है। इसके बावजूद ऐसी वारदात सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में व्यक्तिगत विवाद का संकेत मिला है, लेकिन घटना ने यह सवाल जरूर सामने रखा है कि कांवरियों की आवाजाही वाले मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है या नहीं। फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले में आगे होने वाली गिरफ्तारी और जांच से ही वारदात की पूरी तस्वीर सामने आएगी।  

surbhi अगस्त 17, 2026 0
Hajipur Murder
Hajipur Murder: मॉर्निंग वॉक पर निकले कंस्ट्रक्शन ठेकेदार की गोली मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई वारदात

हाजीपुर। हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी नया टोला में गुरुवार सुबह अपराधियों ने कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राम नरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी। रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले ठेकेदार को अपराधियों ने नजदीक से पांच गोलियां मारीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।   दो बाइक से पहुंचे चार अपराधी   जानकारी के अनुसार, राम नरेश राय रोज सुबह टहलने के लिए निकलते थे। गुरुवार को भी वह अकेले मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरे में वारदात से पहले की गतिविधियां कैद हुई हैं।   CCTV फुटेज में राम नरेश राय सड़क पर टहलते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अपराधी वहां पहुंचे और उनके पास बाइक रोक दी।   बातचीत के बाद भागने की कोशिश   CCTV फुटेज के मुताबिक, बाइक सवार अपराधियों ने कुछ देर तक ठेकेदार से बातचीत की। इसके बाद राम नरेश राय ने वहां से भागने की कोशिश की। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे दो अपराधी नीचे उतरे और उनका पीछा करने लगे।   दोनों अपराधी ठेकेदार का पीछा करते हुए पास के जंगल की ओर गए। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई। अपराधियों ने नजदीक से पांच गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।   CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश   घटना के बाद सामने आया CCTV फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है। फुटेज में आरोपियों की गतिविधियां और वारदात से पहले की घटनाएं दिखाई दे रही हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। हत्या के पीछे की वजह का भी पता लगाया जा रहा है।   बिना पोस्टमार्टम कराए शव घर ले गए परिजन   हत्या की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। परिजन शव को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को वापस घर ले आए।   घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।   परिवार में मचा कोहराम   राम नरेश राय अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनकी पत्नी पटना में रहकर उनके इकलौते बेटे की पढ़ाई-लिखाई संभाल रही हैं। ठेकेदार की हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।   पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

anjali kumari अगस्त 13, 2026 0
Police investigate the Rohtas Yogiya village murder case after a shooting, arson, body recovery, and the arrest of the main accused.
रोहतास हत्याकांड: क्या हुआ था योगिया गांव में? गोलीकांड, आगजनी, शव बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी की पूरी कहानी

रोहतास: बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के योगिया गांव में मजदूर चंदेश्वर चौधरी की कथित हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। हत्या, फायरिंग, आगजनी, शव बरामदगी और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तक की घटनाओं ने इस मामले को राज्यभर में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है और कई दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब छह बजे मजदूर चंदेश्वर चौधरी अपने परिचित केदार चौधरी के साथ गांव के ही अजीत तिवारी के बुलावे पर उनके दलान पहुंचे थे। केदार चौधरी के अनुसार, वहां पहुंचते ही अजीत तिवारी ने चंदेश्वर के साथ मारपीट शुरू कर दी। केदार ने दावा किया कि वह किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे। बाहर निकलने के दौरान उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आरोप है कि इसके बाद घायल चंदेश्वर चौधरी को अजीत तिवारी अपनी टाटा सफारी में बैठाकर मौके से फरार हो गया। हत्या के बाद भड़की हिंसा और आगजनी घटना की खबर गांव में फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के दलान और परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। आरोप है कि मोबाइल टावर के लिए रखे डीजल का इस्तेमाल कर दलान में आग लगा दी गई। परिसर में खड़ी कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। दलान की तलाशी में क्या मिला? घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अजीत तिवारी के परिसर की तलाशी ली। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक वहां से बड़ी संख्या में विदेशी शराब की खाली बोतलें और कुछ सीलबंद महंगी अंग्रेजी शराब की बोतलें मिलीं। हालांकि, पुलिस ने अब तक इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बरामद सामग्री को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। रातभर डीजे और फायरिंग के दावे ग्रामीणों का दावा है कि घटना से एक रात पहले आरोपी के दलान पर देर रात तक तेज आवाज में डीजे बज रहा था और कई राउंड फायरिंग की आवाजें भी सुनी गई थीं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बुधवार सुबह आरोपी ने अपने पालतू कुत्ते को भी गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल कुत्ते का इलाज कराया है, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है। घटनास्थल से रायफल बरामद पुलिस ने घटनास्थल से एक रायफल भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में इससे गोली चलने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या किन परिस्थितियों में हुई और बरामद हथियार का इस मामले से क्या संबंध है। 36 घंटे बाद नहर से मिला शव घटना के करीब 36 घंटे बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत तिवारी की निशानदेही पर सुरतापुर गांव के पास नहर से चंदेश्वर चौधरी का शव बरामद किया। रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर नहर का पानी कम कराया गया। इसके बाद एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गाजीपुर से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी रोहतास पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया है। एसपी रौशन कुमार के मुताबिक, हत्या के कारण, फायरिंग, कथित शराब बरामदगी, आगजनी और पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के बारे में क्या जानकारी सामने आई? स्थानीय सूत्रों के अनुसार, करीब 55 वर्षीय अजीत तिवारी के दो बेटे हैं। एक बेटा गांव से बाहर पढ़ाई करता है, जबकि दूसरा गांव में रहकर खेती-बाड़ी संभालता है। ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी के पास करीब 100 बीघा कृषि भूमि है। हालांकि पुलिस ने इन जानकारियों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। गांव में अब भी तनाव घटना के बाद योगिया गांव में अब भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बिक्रमगंज डीएसपी सहित कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बल गांव में तैनात हैं। रोहतास एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

surbhi अगस्त 7, 2026 0
मुजफ्फरपुर में बिहार के पर्यटन मंत्री के बेटे से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
बिहार: लॉरेंस गैंग के नाम पर मंत्री के बेटे से 50 लाख की रंगदारी, धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। आरोपी ने व्हाट्सएप संदेश के जरिए रुपये नहीं देने पर उन्हें और परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।   एसआईटी ने तीन आरोपियों को दबोचा   मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में अमन प्रकाश, पवन सहनी और कन्हाई कुमार शामिल हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।   लॉरेंस गैंग का नाम लेकर फैलाई दहशत   पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया था और धमकी भरे संदेश भेजकर पैसे की मांग की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश की।   चार दिनों में तीन लोगों से मांगी गई दो करोड़ की रंगदारी   जांच में पुलिस को पता चला है कि 21 से 24 जुलाई के बीच एक ही मोबाइल नंबर से तीन लोगों को धमकी दी गई। इनमें भाजपा नेता रंजीत सहनी, जिला परिषद सदस्य राजेश सहनी और मंत्री के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार शामिल हैं। तीनों से कुल दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।   मंत्री के बेटे ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी   कृष्ण मुरारी कुमार ने सदर थाना में अज्ञात मोबाइल नंबर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई की रात करीब 10:20 बजे उनके व्हाट्सएप पर धमकी भरा संदेश आया, जिसमें 50 लाख रुपये की मांग की गई थी।   पुलिस खंगाल रही आरोपियों का नेटवर्क   पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
बिहार: लॉरेंस गैंग के नाम पर मंत्री के बेटे से 50 लाख की रंगदारी, धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार   मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी कुमार से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 50 लाख रुपये
बिहार: पत्नी की विदाई को लेकर विवाद में खूनी खेल, दामाद ने धारदार हथियार से ससुर की हत्या की

समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में पत्नी की विदाई को लेकर हुआ पारिवारिक विवाद खूनी वारदात में बदल गया। आरोप है कि दामाद ने अपने 45 वर्षीय ससुर विजय दास की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।   ससुराल पहुंचा था पत्नी को लेने   पुलिस के अनुसार, चांदचौर निवासी जितेंद्र दास रविवार देर रात अपनी पत्नी की विदाई कराने ससुराल पहुंचा था। किसी कारणवश विदाई नहीं होने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जितेंद्र ने धारदार हथियार से अपने ससुर पर हमला कर दिया।   मौके पर ही हुई विजय दास की मौत   परिजनों के मुताबिक, आरोपी ने विजय दास की गर्दन पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई।   एफएसएल और डीआईयू टीम ने जुटाए साक्ष्य   घटना की सूचना मिलने पर मुसरीघरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।   आरोपी दामाद की तलाश में छापेमारी जारी   पुलिस ने आरोपी जितेंद्र दास की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा लग रहा है।   पुलिस बोली- हर पहलू की होगी जांच   एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
SBI Cyber Security Campaign
बिहार पुलिस-SBI का साइबर सुरक्षा अभियान, ऑनलाइन ठगी से बचाव पर जोर

पटना, एजेंसियां। बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए बिहार पुलिस और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मिलकर एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आम लोगों को डिजिटल फ्रॉड, फर्जी कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग ठगी और साइबर अपराध से बचने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।   लोगों को साइबर ठगी के तरीकों से किया जाएगा जागरूक   अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि साइबर अपराधी किस तरह फर्जी लिंक, OTP, बैंक अधिकारी बनकर कॉल और सोशल मीडिया के जरिए ठगी करते हैं। पुलिस और बैंक की टीमें लोगों को सावधानी बरतने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करने के लिए प्रेरित करेंगी।   बैंकिंग फ्रॉड रोकने पर विशेष ध्यान   बिहार में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। SBI के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य बैंक ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के लिए प्रशिक्षित करना है।   लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक डिटेल, ATM पिन, OTP या पासवर्ड साझा न करें।   पुलिस और बैंक मिलकर करेंगे काम   इस अभियान में बिहार पुलिस की साइबर सेल और SBI के अधिकारी मिलकर काम करेंगे। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूल, कॉलेज, ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी।   पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है।   साइबर अपराध की शिकायत के लिए अपील   बिहार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।   डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में यह अभियान लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों से बचने में मदद करेगा।

anjali kumari जुलाई 23, 2026 0
Illegal sand mining
अवैध बालू खनन पर कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर हमला, एसआई समेत कई जवान घायल

बांका, एजेंसियां। बिहार के बांका जिले के धोरैया थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर कथित बालू माफियाओं ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों, ईंट और पत्थरों से किए गए इस हमले में अवर निरीक्षक (एसआई) प्रदीप कुमार चौधरी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने झारखंड के गोड्डा जिले के नौ लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।   अवैध खनन की सूचना पर पहुंची थी पुलिस टीम पुलिस के अनुसार, धोरैया थाना को पसहाना बालू घाट पर अवैध बालू उठाव की सूचना मिली थी। इसके बाद अवर निरीक्षक प्रदीप कुमार चौधरी, अवर निरीक्षक सूरज कुमार वैभव, सतीश कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। वहां करीब 30 से 40 ट्रैक्टर बिहार की सीमा में कथित रूप से अवैध बालू खनन करते पाए गए। पुलिस को देखते ही अधिकांश चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकले। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ट्रैक्टर जब्त कर लिया।   ट्रैक्टर छुड़ाने पहुंचे लोग, पुलिस पर किया हमला एफआईआर के मुताबिक, ट्रैक्टर जब्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस टीम पर लाठी-डंडों, ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में एसआई प्रदीप कुमार चौधरी के सिर पर गंभीर चोट लगी, जबकि अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। हमलावर जब्त ट्रैक्टर छुड़ाकर झारखंड की ओर फरार हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।   पुलिस ने गोड्डा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सौर पचीसा गांव के नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। धोरैया थाना पुलिस का कहना है कि झारखंड से ट्रैक्टरों के जरिए बिहार की सीमा में अवैध बालू खनन की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही है।

anjali kumari जुलाई 6, 2026 0
Bollywood actor Pankaj Tripathi arrives in Patna after his brother Vijendranath Tripathi was injured in an alleged attack.
भाई पर जानलेवा हमले के बाद पटना पहुंचे पंकज त्रिपाठी, जानें कैसी है विजेंद्रनाथ त्रिपाठी की हालत

Pankaj Tripathi Brother Attack: बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के परिवार से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। उनके बड़े भाई विजेंद्रनाथ त्रिपाठी पर बिहार के गोपालगंज जिले में कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। इस घटना के बाद घायल विजेंद्रनाथ त्रिपाठी को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। भाई पर हमले की खबर मिलते ही अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी तुरंत पटना पहुंच गए। भाई की हालत स्थिर, अस्पताल में मौजूद हैं पंकज त्रिपाठी सूत्रों के मुताबिक, हमले में विजेंद्रनाथ त्रिपाठी को कई चोटें आई हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। पंकज त्रिपाठी इस समय अपने परिवार के साथ हैं और अस्पताल में भाई की देखरेख कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस घटना से अभिनेता काफी व्यथित हैं और फिलहाल किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं। जमीन विवाद को लेकर हुआ हमला स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना गोपालगंज जिले के बेलसंड तिवारी टोला गांव में रविवार देर रात हुई। बताया जा रहा है कि जमीन विवाद के कारण यह हमला किया गया। जानकारी के अनुसार, विजेंद्रनाथ त्रिपाठी रात में भोजन के बाद घर के बाहर टहल रहे थे, तभी आरोपी राजेश साह ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें पहले गोपालगंज मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति को देखते हुए बाद में पटना के एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच गोपालगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश साह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे सख्ती से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस घटना में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं थी। गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी के अनुसार, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि, अब तक परिवार की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Attack on Train
चलती ट्रेन में झारखंड के युवक को सीने में गोली, बेगूसराय में भर्ती

पटना, एजेंसियां। बिहार के बेगूसराय-कटिहार रेलखंड पर चलती ट्रेन में एक युवक को गोली मारने की घटना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। गंभीर रूप से घायल युवक को बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। रेल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है।   झारखंड के गोड्डा का रहने वाला है घायल युवक   घायल की पहचान झारखंड के गोड्डा निवासी 35 वर्षीय गुंजन कुमार देव के रूप में हुई है। वह जमुई में एक बिजली कंपनी में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि वह अपनी पत्नी से मिलने सुपौल जा रहे थे। इसी दौरान खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के पास चलती ट्रेन में उनके सीने में गोली लग गई।   लूटपाट के विरोध में गोली मारने का आरोप घायल के परिजनों का आरोप है कि ट्रेन में कुछ बदमाशों ने उनका बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके सीने में गोली मार दी। घटना के बाद यात्रियों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायल की हालत फिलहाल स्थिर है और लगातार उपचार जारी है।   पत्नी के बयान से जांच में आया नया मोड़ घटना की सूचना मिलते ही रेल डीएसपी सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और अस्पताल में घायल के परिजनों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में तीन संदिग्ध युवकों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। हालांकि, घायल की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति के साथ किसी तरह की लूटपाट नहीं हुई और उनका मोबाइल फोन भी सुरक्षित है। इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।   तीन पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस रेल पुलिस फिलहाल लूटपाट, पारिवारिक विवाद और विभागीय कारण सहित तीन अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घायल युवक के बयान के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।

anjali kumari जून 12, 2026 0
NEET Student Death
पटना में एक और NEET छात्रा की गई जान, हॉस्टल के कमरे में लटका मिला शव

पटना, एजेंसियां। बिहार की राजधानी पटना से फिर एक बड़ी घटना सामने आई है। NEET की तैयारी कर रही 17 वर्ष की छात्रा का शव पत्रकार नगर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल के कमरे में मिला है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि बीते जनवरी में जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामले का अभी खुलासा भी नहीं हुआ है कि एक और घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। घटना पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के सचिवालय कॉलोनी रोड नंबर 2 स्थित ‘राधे कृष्ण हॉस्टल’ की है, जहां छात्रा का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई और हॉस्टल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। समस्तीपुर की रहने वाली थी छात्रा मृतक छात्रा मूल रूप से समस्तीपुर की रहने वाली थी। वह वर्ष 2024 से पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परिवार ने बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उसे पटना भेजा था। पुलिस ने परिजनों को मामले की जानकारी दे दी है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पत्रकार नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही कमरे और आसपास के इलाके की जांच की जा रही है। पुलिस हॉस्टल प्रबंधन, अन्य छात्राओं और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

Unknown जून 2, 2026 0
NEET paper leak
नीट पेपर लीक में बड़ा खुलासा, मेडिकल कॉलेज का छात्र निकला मास्टरमाइंड

पटना, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पेपर लीक के आरोपों के बाद पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी है। महाराष्ट्र के नासिक के बाद अब बिहार से भी गिरफ्तारी होने के बाद जांच और तेज हो गई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बिहार में पकड़े गए आरोपी सीधे तौर पर पेपर लीक में शामिल थे या सॉल्वर गैंग के सदस्य थे। लेकिन पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।   नालंदा में वाहन जांच से खुला राज इस पूरे मामले का खुलासा बिहार के नालंदा जिले में पुलिस की गाड़ी चेकिंग के दौरान हुआ। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, पावापुरी मोड़ के पास दो संदिग्ध गाड़ियों को रोका गया। काले रंग की स्कॉर्पियो में बैठे युवक खुद को एमबीबीएस सेकंड ईयर का छात्र बता रहे थे। तलाशी के दौरान पुलिस को नकदी, कई संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल फोन मिले। मोबाइल की जांच में NEET समेत अन्य परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, पैसों के लेन-देन के रिकॉर्ड और कई संदिग्ध चैट सामने आए। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने से कथित सॉल्वर गैंग परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाया।   कौन है ‘राजा बाबू’? जांच के दौरान सबसे बड़ा नाम उज्जवल राज उर्फ ‘राजा बाबू’ का सामने आया। पुलिस के मुताबिक वह मुजफ्फरपुर का रहने वाला है और Bhagwan Mahavir Institute of Medical Sciences (BMIMS) का 2022 बैच का छात्र है। पुलिस का कहना है कि राजा बाबू पिछले चार वर्षों से मेडिकल परीक्षाओं में लगातार फेल हो रहा था, लेकिन कॉलेज में बना हुआ था। जांच एजेंसियों को शक है कि वही पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी और कथित मास्टरमाइंड हो सकता है। उसके खिलाफ पहले से केस दर्ज है और CBI उसकी तलाश में जुटी हुई है।   इस गैंग में और कौन-कौन? राजगीर डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार युवकों में अमन कुमार सिंह और पंकज कुमार शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, पंकज कुमार भी मेडिकल छात्र है और उसे इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी माना जा रहा है. वहीं राजा बाबू को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि मोबाइल कॉल डिटेल्स से कई अहम सुराग मिले हैं. अभिभावकों, छात्रों और कथित सॉल्वरों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी. अब इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है.   राजस्थान से शुरू हुआ था मामला इस पूरे मामले का खुलासा सबसे पहले राजस्थान से हुआ था। वहां पुलिस ने दावा किया कि परीक्षा से पहले छात्रों को 410 सवालों वाला कथित ‘गेस पेपर’ दिया गया था, जिनमें से लगभग 120 सवाल असली परीक्षा में आ गए। 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जांच का विषय बन गया है।

Unknown मई 13, 2026 0
Bihar police raid
बिहार की ऑर्केस्ट्रा पार्टियों पर पुलिस का छापा, 1 बांग्लादेशी समेत 21 नाबालिग लड़कियां छुड़ाई गईं

पटना, एजेंसियां। बिहार पुलिस ने रेडलाइट एरिया और ऑर्केस्ट्रा पार्टियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। राज्य के सभी जिलों में रेड लाइट एरिया के पैटर्न पर चल रहे ऑर्केस्ट्रा को स्कैन किया जा रहा है।  सारण पुलिस की छापेमारी में ऑर्केस्ट्रा से एक बांग्लादेशी लड़की को बरामद किया गया है। सीवान में 450 से ज्यादा ऑर्केस्ट्रा को स्कैन किया जा रहा है। अब तक 21 लड़कियों को बरामद किया गया है, जिनसे जिस्मफरोशी का धंधा कराया जा रहा था। किशनगंज में भी पुलिस की छापेमारी में 5 पुरुषों के साथ 3 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। सीवान पुलिस ऑर्केस्ट्रा को पूरी तरह से बंद कराने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस का एक्शन जारी रहेगा पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि 15 दिनों में ऑर्केस्ट्रा पर बड़ा एक्शन होगा जिसमें लड़कियों को मुक्त कराया जाएगा। रिपोर्टर को बेचनेवाली एजेंट भी गिरफ्तार सीवान में महिला रिपोर्टर को खरीदने-बेचने वाली एजेंट गुड़िया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रेड लाइट एरिया की अनमैरिड लड़कियों के बच्चों को बेचने वाला चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर नवीन क्लीनिक बंद करके फरार हो गया है। पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

Unknown मई 2, 2026 0
CBI team outside closed house in Jehanabad village during Patna hostel case investigation
पटना हॉस्टल कांड में नई पेचीदगी: गांव पहुंची CBI टीम लौटी खाली हाथ, परिजनों ने नहीं खोला दरवाजा

जहानाबाद में CBI को मिला विरोध पटना के चर्चित हॉस्टल कांड में जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम को एक बार फिर निराशा हाथ लगी। टीम जब जहानाबाद जिले के रतनी स्थित छात्रा के पैतृक गांव पहुंची, तो परिजनों ने दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया। करीब 20 मिनट तक इंतजार करने के बाद अधिकारियों को बिना किसी बातचीत के ही लौटना पड़ा। शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है मामला यह मामला शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है, जहां रहकर छात्रा NEET की तैयारी कर रही थी। उसकी संदिग्ध मौत के बाद से ही यह केस लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मौत के पीछे की वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। DSP के नेतृत्व में पहुंची थी टीम गुरुवार को CBI की तीन सदस्यीय टीम, डीएसपी विभा कुमारी के नेतृत्व में गांव पहुंची थी। टीम का मकसद परिजनों से बातचीत कर कुछ अहम जानकारी जुटाना था, लेकिन परिवार ने सहयोग से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि कई बार पूछताछ के बावजूद जांच किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है, जिससे उनका भरोसा कमजोर हो गया है। मां की हालत गंभीर, बात करने की स्थिति में नहीं परिवार के अनुसार, बेटी की मौत के बाद उसकी मां की हालत बेहद खराब है। वह मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो चुकी हैं और बार-बार बेहोश हो जाती हैं। ऐसे में परिवार ने उन्हें किसी भी तरह की पूछताछ से दूर रखने का फैसला किया है। पिता से भी नहीं हो सकी मुलाकात गांव से लौटने के बाद CBI टीम शकूराबाद थाना पहुंची और फिर छात्रा के पिता के कार्यस्थल प्लस टू प्रवेशिका विद्यालय शकूराबाद भी गई। लेकिन यहां भी टीम को निराशा मिली, क्योंकि पिता कुछ ही मिनट पहले वहां से निकल चुके थे। जांच में आ रही बाधाएं, बढ़ी उलझन इस मामले में CBI लगातार सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन परिजनों का सहयोग न मिलना और अब तक किसी बड़े खुलासे या गिरफ्तारी का न होना जांच को और जटिल बना रहा है।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Damaged window of Vande Bharat Express after stone pelting incident in Muzaffarpur Bihar
बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर हमला: मुजफ्फरपुर में पत्थरबाजी, कोच का शीशा टूटा, CCTV खंगाल रही पुलिस

मुजफ्फरपुर में फिर निशाने पर वंदे भारत बिहार में एक बार फिर हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस बदमाशों के निशाने पर आ गई। इस बार घटना मुजफ्फरपुर जिले में सामने आई है, जहां अज्ञात लोगों ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंक दिए। राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन ट्रेन की खिड़की का शीशा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कांटी–मोतीपुर के बीच हुई घटना जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 26501 गोरखपुर-पाटलिपुत्र वंदे भारत एक्सप्रेस गुरुवार शाम मुजफ्फरपुर-गोरखपुर रेलखंड पर चल रही थी। इसी दौरान कांटी और मोतीपुर के बीच असामाजिक तत्वों ने ट्रेन को निशाना बनाते हुए पत्थरबाजी की। इस हमले में कोच C-5 की खिड़की का कांच पूरी तरह टूट गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कवच वाला शीशा भी इस हमले को नहीं झेल सका। पुलिस और RPF जांच में जुटी घटना के बाद मामले को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बापूधाम मोतिहारी में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही हैं। ट्रेन में मौजूद स्कॉर्ट टीम, गार्ड और ट्रेन मैनेजर से पूछताछ की गई है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। बताया जा रहा है कि कपरपुरा और कांटी इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। यात्रियों में बढ़ी दहशत इस घटना के बाद यात्रियों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। वंदे भारत एक्सप्रेस देश की सबसे आधुनिक और तेज ट्रेनों में शामिल है, ऐसे में उस पर बार-बार हो रहे हमले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं यह पहली बार नहीं है जब वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की वारदातें हो चुकी हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
Police raid at Mokama hotel uncovers illegal gas cylinder use and suspicious activities with multiple arrests
मोकामा होटल में छापा: गैस सिलेंडर जांच में खुला ‘रैकेट’, आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां

सिलेंडर जांच पहुंची पुलिस, सामने आया चौंकाने वाला मामला बिहार के मोकामा में पुलिस की एक सामान्य कार्रवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। नीलम किचन होटल में घरेलू गैस सिलेंडर की जांच करने पहुंची पुलिस को छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक गतिविधियों का पता चला, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। होटल में मिला संदिग्ध गतिविधियों का सुराग पुलिस को सोशल मीडिया पर मिली शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड स्थित होटल में घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल की जांच के लिए भेजा गया था। जांच के दौरान होटल के कमरों में संदिग्ध स्थिति पाई गई, जिसके बाद पूरे परिसर की तलाशी ली गई। 8 लोग गिरफ्तार, होटल संचालक भी शामिल छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल संचालक सियाराम सिंह समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें तीन युवक और चार युवतियां शामिल हैं, जिन्हें आपत्तिजनक हालत में पाया गया। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है। छापेमारी के दौरान भागने की कोशिश कार्रवाई के दौरान कुछ युवतियां होटल की छत के रास्ते भागने की कोशिश करती हुई नजर आईं, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद पांच कमरों की तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। होटल के कमरे सील, रजिस्टर जब्त पुलिस ने होटल के पांचों कमरों को सील कर दिया है और जांच के लिए होटल का रजिस्टर भी जब्त किया गया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 4 घरेलू गैस सिलेंडर भी जब्त छापेमारी के दौरान होटल से चार घरेलू गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इस पर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का अभियान जारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिहार में गैस सिलेंडर की किल्लत का फायदा उठाकर कुछ लोग जमाखोरी और अवैध उपयोग कर रहे हैं। इसी को रोकने के लिए राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
shooting in Muzaffarpur where youth was shot dead by criminals
मुजफ्फरपुर में अपराधियों का आतंक: युवक को गोलियों से भूना, चार महीने में आठवीं हत्या से दहशत

  बाजार से घर लौट रहे युवक की गोली मारकर हत्या बिहार के Muzaffarpur जिले में अपराधियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेखौफ बदमाशों ने एक युवक को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना रामपुर हरि थाना क्षेत्र के कोइली भराव गांव की है। मृतक की पहचान वार्ड संख्या-2 निवासी दिनेश राय के 35 वर्षीय पुत्र रणधीर कुमार के रूप में हुई है। युवक की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भय का माहौल बन गया।   रास्ते में घेरकर मारी तीन गोलियां मिली जानकारी के अनुसार रणधीर कुमार बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इसके बाद बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और रणधीर कुमार को तीन गोलियां मार दीं। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से आराम से फरार हो गए।   अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को इलाज के लिए Sri Krishna Medical College and Hospital (SKMCH) लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।   पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही रामपुर हरि थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के इलाकों में सुराग तलाश रही है और अपराधियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इस मामले में Alay Vats ने बताया कि बाजार से घर लौट रहे युवक को अपराधियों ने गोली मार दी। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आरोपियों को जल्द पकड़ने की कोशिश की जा रही है।   पूर्व विधायक ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल घटना की जानकारी मिलते ही मीनापुर विधानसभा क्षेत्र से राजद के पूर्व विधायक Munna Yadav भी SKMCH पहुंचे और मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों में जिले में यह आठवीं हत्या की घटना है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।   इलाके में बढ़ी दहशत पूर्व विधायक ने कहा कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के कारण जिले में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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