Bihar rain alert

Bihar rain alert for 25 districts with thunderstorms lightning risk and heavy rainfall warning
Bihar Rain Alert: बिहार के 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने का भी खतरा; इन 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

बिहार में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बादलों की आवाजाही के बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार, 31 जुलाई को 25 जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम खराब रहने के दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। खासकर आंधी और वज्रपात की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। इन 25 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को बिहार के 25 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इनमें कैमूर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सारण, सिवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा मानसून की सक्रियता को देखते हुए पूर्वी चंपारण, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका और कैमूर में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। इन सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। उत्तर और पूर्वी बिहार में ज्यादा सक्रिय मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय बिहार में मौसम का प्रभाव सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं है। उत्तर और पूर्वी बिहार में बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं पहुंच रही हैं। इससे वातावरण में नमी बढ़ रही है और बादल बनने के साथ बारिश की गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम है। इसके कारण कुछ इलाकों में बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर उमस और गर्मी भी महसूस की जा रही है। अगले 3-4 दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। 1 अगस्त को अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2, 3 और 4 अगस्त को भी बिहार के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान कुछ इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें मानसून के दौरान आंधी और वज्रपात का खतरा अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम खराब होने पर खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर है। बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रहने वाला है। ऐसे में खासकर अलर्ट वाले जिलों के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।  

surbhi जुलाई 31, 2026 0
Bihar weather update with yellow rain alert in 12 districts and humid conditions across 26 districts on July 30, 2026
Bihar Weather Update: बिहार के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, 26 जिलों में उमस करेगी परेशान; जानें अपने जिले का हाल

Bihar Weather Update 30 July 2026: बिहार में गुरुवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। दूसरी ओर, राज्य के बाकी 26 जिलों में बारिश की संभावना कम है और लोगों को दिनभर गर्मी तथा उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम के इस बदलाव के बीच बिहार में मानसून की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को व्यापक बारिश का इंतजार है। इन 12 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। चंपारण समेत इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं के आसपास विशेष सतर्कता रखना जरूरी होगा। 26 जिलों में उमस से राहत मिलने के आसार कम बिहार के बाकी 26 जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन व्यापक बारिश के आसार कम हैं। बारिश नहीं होने की स्थिति में तेज धूप और हवा में नमी के कारण उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। दिन के समय गर्मी महसूस होने के बाद शाम को कुछ इलाकों में बादल बनने और हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश? पिछले 24 घंटे के दौरान खगड़िया में बारिश दर्ज की गई। पटना सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की हवा चली, लेकिन कई इलाकों में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। इससे साफ है कि बिहार में बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है। कुछ जिलों में बारिश हो रही है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में गर्मी और उमस का दौर जारी है। बिहार में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश बिहार में इस मानसून सीजन अब तक बारिश की स्थिति सामान्य से काफी कमजोर रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि तक राज्य में करीब 485.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक सिर्फ 285.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश हुई है। मानसून की यह कमी खेती और जल उपलब्धता के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। क्यों कमजोर पड़ा है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार में मानसून कमजोर रहने के पीछे प्रमुख कारण मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से हटना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। इस वजह से बिहार तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच पा रही है। जब तक बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब तक राज्य में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना सीमित रह सकती है। दिन में गर्मी और शाम को बारिश क्यों? बिहार के कई इलाकों में इन दिनों एक अजीब मौसम पैटर्न देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और उमस रहती है, जबकि शाम या रात के समय अचानक बादल बनकर बारिश हो जाती है। इसके पीछे गर्मी और नमी का संयोजन प्रमुख कारण है। दिन में जमीन के गर्म होने से गर्म हवा ऊपर उठती है। जब यह हवा वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क में आती है तो कुछ इलाकों में बादल बन सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है। इसी वजह से एक जिले में बारिश होने के बावजूद आसपास के जिलों में मौसम सूखा रह सकता है। पटना में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी पटना में गुरुवार को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना कम है। धूप निकलने के कारण उमस परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के समय बादल छाने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बिहार के मौसम पर एक नजर 12 जिलों में: बारिश का येलो अलर्ट 5 जिलों में: बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा की संभावना 26 जिलों में: उमस और गर्मी का असर मानसून बारिश: सामान्य से करीब 41 फीसदी कम पटना: बादल छाए रहने की संभावना, उमस से परेशानी

surbhi जुलाई 30, 2026 0
Bihar weather alert for July 29 2026 with thunderstorms, rain and strong winds across 13 districts
Bihar Weather Alert: बिहार के 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट, 40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

Bihar Rain Alert, 29 July 2026: बिहार में बुधवार को मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। पटना समेत आसपास के इलाकों में सुबह से ही काले बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में धूप और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है। शाम के समय कई जगहों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका है। तेज हवा की स्थिति में खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर होगा। फिर सक्रिय हो सकता है मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दो-तीन दिनों के अंतराल के बाद पटना और आसपास के क्षेत्रों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। उत्तर तटीय ओडिशा और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम प्रणाली का प्रभाव अगले एक-दो दिनों में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मंगलवार को उमस के बाद बदला मौसम मंगलवार को पटना में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। हालांकि शाम होते-होते मौसम बदला और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ करीब 10 मिनट तक बारिश हुई। बारिश के बाद चली ठंडी हवा से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मंगलवार को पटना का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री की गिरावट थी। वहीं न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आज पटना में भी बारिश के आसार बुधवार को पटना में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। बारिश होने से शहर में उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि, गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग की चेतावनी क्यों जरूरी? बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थान जोखिम भरे हो सकते हैं। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
Bihar monsoon clouds with lightning and rain warning across 23 districts on July 28, 2026.
बिहार मौसम अपडेट: आज 23 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, तेज हवा चलने की भी संभावना

बिहार में मॉनसून की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। जुलाई का महीना खत्म होने के करीब है, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का इंतजार जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 के लिए राज्य के 23 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन 23 जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में मौसम बिगड़ सकता है, उनमें शामिल हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिमी चंपारण गोपालगंज सीवान सारण बक्सर भोजपुर अरवल कैमूर रोहतास औरंगाबाद सुपौल अररिया किशनगंज सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार खगड़िया भागलपुर मुंगेर बांका जमुई इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मॉनसूनी ट्रफ की स्थिति लगातार बदलने के कारण बिहार में मौसम अस्थिर बना हुआ है। नमी मौजूद होने के बावजूद व्यापक और लगातार बारिश नहीं हो पा रही है। दिन में तेज धूप के कारण उमस बढ़ जाती है, जबकि शाम या रात में अचानक बादल बनने से कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश देखने को मिल रही है। पटना का मौसम राजधानी पटना में आज भी मौसम सामान्य रहने की संभावना है। सुबह धूप खिली रही और दोपहर में उमस बढ़ सकती है। फिलहाल राजधानी में भारी बारिश के आसार नहीं हैं, हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 29, 30 और 31 जुलाई तक भी बिहार में ऐसा ही मिलाजुला मौसम बने रहने की संभावना है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन फिलहाल राज्य में कहीं भी व्यापक या अत्यधिक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।  

surbhi जुलाई 28, 2026 0
Dark monsoon clouds over Bihar as heavy rain, thunderstorms, strong winds and lightning alerts are issued across 22 districts.
बिहार के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी

पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। इन 22 जिलों में जारी हुआ मौसम अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में मौसम बिगड़ सकता है। इन जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मंगलवार को कैसा रहा मौसम? राजधानी पटना में मंगलवार को दिनभर बादलों का डेरा रहा। बीच-बीच में हल्की धूप निकलने के बाद शाम होते-होते फिर आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। पटना के आसपास के जिलों में भी मौसम का यही हाल रहा। वहीं खगड़िया, सीतामढ़ी और कटिहार में अच्छी बारिश हुई, जबकि नालंदा और वैशाली में पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। अगले 3 से 4 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ इलाकों में उमस महसूस हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई के आखिरी सप्ताह में मानसून और मजबूत हो सकता है, जिससे पूरे बिहार में व्यापक और झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम में लगातार बदलाव की वजह क्या है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में बार-बार बदलाव की मुख्य वजह मानसूनी सिस्टम का लगातार मजबूत और कमजोर होना है। जब नमी वाली हवाएं सक्रिय होती हैं तो बादल बनते हैं और बारिश होती है। बारिश रुकने के बाद धूप निकलते ही हवा में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है। यही वजह है कि राज्य में कभी बारिश तो कभी गर्मी और उमस का दौर देखने को मिल रहा है। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासन की सलाह का पालन करें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

surbhi जुलाई 22, 2026 0
Dark rain clouds over Bihar as heavy rain and heat wave alerts issued across multiple districts
बिहार में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 14 जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। जहां सीमांचल और उत्तर बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दक्षिण बिहार के कई जिले अभी भी गर्मी और हीट वेव जैसी परिस्थितियों का सामना करेंगे। मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इन 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार सीमांचल और उत्तर-पूर्वी बिहार के छह जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले: Madhubani Supaul Araria Kishanganj Purnia Katihar इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 14 जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति दूसरी ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में अभी भी उमस भरी गर्मी और हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं: Buxar Bhojpur Patna Begusarai Arwal Jehanabad Nalanda Sheikhpura Lakhisarai Nawada Gaya Aurangabad Kaimur Rohtas हालांकि इन इलाकों में भी बादल छाए रहने, गरज के साथ छींटे पड़ने और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बिहार में क्यों दिख रहा है दो तरह का मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में फिलहाल दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वहीं मध्य और दक्षिण बिहार में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर बिहार से पूर्वी बिहार तक ट्रफ रेखा सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में दक्षिण बिहार में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। बिजली चमकने पर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज गर्मी वाले जिलों में पर्याप्त पानी पीते रहें। किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून बिहार के और अधिक हिस्सों में सक्रिय हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।  

surbhi जून 25, 2026 0
Dark clouds and rainfall over Bihar as IMD issues heatwave and rain alerts across several districts.
Bihar Rain Alert: बिहार के 14 जिलों में आज लू का खतरा, फिर अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर; IMD ने जारी की चेतावनी

पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में फिलहाल दो तरह की परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य बिहार के कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की अपील की है। इन 14 जिलों में लू का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया में आज हीट वेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। इन जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें शामिल जिले हैं: पूर्वी चंपारण पश्चिम चंपारण शिवहर सीतामढ़ी मधुबनी सुपौल अररिया किशनगंज गोपालगंज सारण सीवान मुजफ्फरपुर वैशाली दरभंगा समस्तीपुर सहरसा मधेपुरा पूर्णिया कटिहार इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 25 जून से कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 30 जून तक उत्तर बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार लगातार बारिश के कारण अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पटना में देर रात हुई झमाझम बारिश राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में बुधवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब 20 मिनट तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।  

surbhi जून 24, 2026 0
Bihar Weather update
Bihar Weather update: बिहार में मौसम का कहर, वज्रपात से दो युवकों की मौत

पटना, एजेंसियां। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का दौर जारी है। इस बीच अररिया जिले में ठनका (वज्रपात) गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 15 जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।   अररिया में वज्रपात से दो युवकों की मौत अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड के सैफगंज पंचायत में 22 वर्षीय टिवंकल कुमार खेत में भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गरज के बीच बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना रानीगंज प्रखंड के डुमरिया गांव में हुई, जहां 12 वर्षीय मोहम्मद गुड्डू भी भैंस चराते समय वज्रपात की चपेट में आ गए। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है।   15 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण तथा बांका समेत 15 जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बांका जिले के लिए विशेष रूप से येलो अलर्ट जारी किया गया है।   दक्षिण बिहार में गर्मी, लोगों से सतर्क रहने की अपील दूसरी ओर गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, नवादा, अरवल, भोजपुर और बक्सर जैसे दक्षिण बिहार के जिलों में बारिश कम होने से गर्मी और उमस बनी हुई है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों, मजदूरों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0