Bokaro

Jharkhand Heavy Rain
झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, 24-25 जुलाई तक कई जिलों में मानसून रहेगा सक्रिय

रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम केंद्र, रांची ने 23 से 25 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।   23 जुलाई को लातेहार और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघ गर्जन और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।   मौसम विभाग के अनुसार, 24 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं 25 जुलाई को लातेहार, चतरा और मध्य झारखंड से सटे उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।   बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से 22 जुलाई 2026 के बीच झारखंड में 299.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 414.9 मिलीमीटर होना चाहिए था। यानी राज्य में अब तक 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे कम वर्षा गढ़वा, चतरा, पाकुड़, देवघर, कोडरमा और गोड्डा जैसे जिलों में दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की आगामी सक्रियता से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है, हालांकि किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जुलाई 23, 2026 0
Bokaro Crime
बोकारो में चोरी का नया तरीका: सेल कर्मी के घर से 3.5 लाख की चोरी, जाते-जाते चोर लगा गए अपना ताला

बोकारो। बोकारो के सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां चोरों ने न केवल बंद पड़े घर से लाखों रुपये के नकदी और जेवरात चोरी किए, बल्कि वारदात के बाद घर के मुख्य दरवाजे पर अपना ताला लगाकर फरार हो गए। इस नई तरकीब का मकसद चोरी की जानकारी देर से मिलना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।   जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, सेक्टर-12 सी स्थित सेल कर्मी वकील प्रसाद महली बुधवार को अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर गांव गए थे। करीब दो दिन बाद जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके घर के दरवाजे पर उनका ताला नहीं, बल्कि कोई दूसरा ताला लगा हुआ है। शक होने पर उन्होंने ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। घर के भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अलमारी और अन्य सामान बिखरे पड़े थे तथा नकदी और जेवरात गायब थे।   पीड़ित ने बताया पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 5 जुलाई को ही इस नए आवास में शिफ्ट किया था। चोर घर में रखे नकदी और आभूषण समेत करीब 3.5 लाख रुपये की संपत्ति चोरी कर ले गए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश अपने साथ लाया ताला घर पर लगाकर चले गए, ताकि किसी को तुरंत चोरी का संदेह न हो और घटना का खुलासा देर से हो।   घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-12 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि सेल कर्मी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही इस अनोखे चोरी के मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Bokaro Crime
बोकारो में सर्राफा व्यवसायी से दिनदहाड़े नहीं, रात में पिस्तौल के बल पर लूट; बदमाश बैग लेकर फरार

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के जरीडीह थाना क्षेत्र स्थित जैनामोड़ बाजार में मंगलवार रात सर्राफा व्यवसायी से हथियार के बल पर लूट की वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी। बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने मां आभूषणालय के संचालक रंजीत बरणवाल पर हमला कर पिस्तौल के बल पर उनका बैग लूट लिया। बैग में करीब सवा लाख रुपये नकद के अलावा अन्य जरूरी सामान भी रखा था। घटना रात करीब नौ बजे की है, जब व्यवसायी दुकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे।   रंजीत बरणवाल के अनुसार रंजीत बरणवाल के अनुसार, रास्ते में पहले एक बदमाश ने बांस की लाठी से उन पर हमला किया। इसके बाद दूसरे बदमाश ने उनकी छाती पर पिस्तौल सटा दी और गाली-गलौज करते हुए बैग छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक से मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से व्यवसायी घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी।   पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे घटना की सूचना मिलते ही जरीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।   व्यापारियों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद जैनामोड़ के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। जैनामोड़ व्यवसाय संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि बाजार जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह की लूट की घटना पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। व्यवसाय संघ के मनोज सिंह और स्थानीय जनप्रतिनिधि कवि शरण बरनवाल ने कहा कि अपराधियों के मन से पुलिस का डर खत्म हो चुका है। उन्होंने बाजार क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की, ताकि व्यापारियों और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Bokaro
बोकारो में पिता की डांट बनी मौत की वजह, नशे में बेटे ने कर दी हत्या

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। तिलैया पंचायत के कारीपानी गांव में एक युवक ने शराब के नशे में अपने ही पिता की टांगी से हमला कर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार देर रात की है। वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद कर ली है।   पिता की फटकार के बाद हुआ खूनी विवाद जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय अर्जुन करमाली अपने मामा के घर आयोजित एक कार्यक्रम से देर रात नशे की हालत में घर लौटा था। उसकी शराब पीने की आदत से परेशान पिता जयलाल करमाली (63) ने उसे समझाते हुए फटकार लगाई। उन्होंने बेटे से कहा कि उसकी शराब की लत के कारण परिवार में हमेशा तनाव बना रहता है और उसकी पत्नी भी मारपीट से तंग आकर मायके चली गई है। पिता की बात सुनकर अर्जुन गुस्से में आपा खो बैठा। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ी और आवेश में आकर उसने घर में रखी टांगी उठाकर पिता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से जयलाल करमाली की मौके पर ही मौत हो गई।   ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को भागने नहीं दिया। उसे पकड़कर घर में ही बांध दिया गया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जगेश्वर बिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा हत्या में प्रयुक्त टांगी भी जब्त कर ली है। थाना प्रभारी प्रकाश यादव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।   मुखिया ने जताया दुख शनिवार सुबह तिलैया पंचायत की मुखिया चिंता देवी घटनास्थल पहुंचीं और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति परिवार और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की अपील की। इस घटना ने एक बार फिर शराब की लत से उत्पन्न सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को उजागर कर दिया है।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Mobile Tower
प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, बोकारो में घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब 17 वर्षीय एक किशोरी अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर करीब 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस, प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारा गया।   क्या है पूरा मामला?   प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किशोरी का प्रेमी किसी मामले में न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में है। प्रेमी की गिरफ्तारी से नाराज किशोरी ने विरोध जताने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने जैसा खतरनाक कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।   घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन   पुलिस अधिकारियों ने पहले किशोरी से बातचीत की और उसे समझाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से लगातार बातचीत जारी रही। काफी देर तक चले प्रयास के बाद किशोरी सुरक्षित नीचे उतर आई। इसके बाद राहत की सांस ली गई।   लोगों की लगी भीड़   मोबाइल टावर पर किशोरी के चढ़ने की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया।   पुलिस ने की अपील   प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी समस्या का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें। इस तरह जान जोखिम में डालकर विरोध करना न केवल खतरनाक है बल्कि इससे बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।

abhishek singh जून 23, 2026 0
New 2026 Citroen eC3 X electric SUV showcased with modern styling and EV features.
नई Citroen eC3 X खरीदने का प्लान है? जानिए कौन-सा वेरिएंट है सबसे ज्यादा वैल्यू फॉर मनी

भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए 11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: हैलोजन हेडलैंप 15-इंच स्टील व्हील रियर पार्किंग सेंसर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट्स मैनुअल एसी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Eco और Power ड्राइव मोड 4 एयरबैग ABS और EBD यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते। Live (O): सबसे संतुलित विकल्प 12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है। अतिरिक्त सुविधाएं: 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto ब्लूटूथ कनेक्टिविटी 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम रिवर्स पार्किंग कैमरा लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री व्हील कवर आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है। Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए 13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील वायरलेस चार्जर 10.2-इंच टचस्क्रीन My Citroen Connect टेक्नोलॉजी 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट 6 एयरबैग सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है। रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित) पावर: 57hp टॉर्क: 143Nm 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा चार्जिंग समय AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।  

surbhi जून 20, 2026 0
Bokaro Accident News
बोकारो में कोयला लदा 14 चक्का ट्रक पलटा, खलासी की मौत; घायल चालक अस्पताल से फरार

बोकारो। बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के बाजार टांड में शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। खासमहाल से कोयला स्लरी लादकर उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा 14 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के खलासी 28 वर्षीय अबू सुफेयान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक गिरजेश कुमार दुबे अस्पताल से इलाज के बाद फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।   कई दुकानों और मकानों को भारी नुकसान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार के कारण ट्रक असंतुलित होकर सड़क किनारे बने कई दुकानों और मकानों से टकरा गया। हादसे में गणेश साहु के करीब 14 हजार ईंट, गैराज और मकान की 10 फीट लंबी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा मोहन महतो की स्टील फर्नीचर दुकान, प्रमोद के घर का बाहरी हिस्सा, प्रदीप की चाय दुकान और सड़क किनारे खड़ी अनुपम साव की पिकअप वैन भी क्षतिग्रस्त हो गई।   बिजली आपूर्ति भी हुई बाधित ट्रक की टक्कर से डीवीसी के ऐश पौंड तक जाने वाली बिजली लाइन के दो पोल और बंच केबल टूटकर गिर गए, जिससे आसपास के इलाके की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।   घायल चालक पुलिस को चकमा देकर भागा सूचना मिलते ही बेरमो एसडीपीओ रविंद्र कुमार सिंह, बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को मलबे से निकालकर डीवीसी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने मृतक अबू सुफेयान के शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और सड़क पर बिखरे कोयले को हटाकर यातायात बहाल करने का काम किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

abhishek singh जून 20, 2026 0
NEET UG Paper Re-Exam
NEET UG री-एग्जाम: बोकारो के 8 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बोकारो। बोकारो जिले में होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले के सभी आठ परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट), पुलिस पदाधिकारी और वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोका जा सके।   हर परीक्षा केंद्र पर रहेगी प्रशासन की निगरानी जिला प्रशासन के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वरीय अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जिससे अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।   समय से पहुंचने की अपील प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंचने की अपील की है। प्रवेश के समय एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र की गहन जांच की जाएगी। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।   नकल और गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान नकल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग या किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।   प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही परीक्षार्थियों से भी नियमों का पालन करने और परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि री-एग्जाम पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Bokaro Child Missing
बोकारो से लापता मासूम पुरी में मिला, पुलिस ने पांच दिन में किया सकुशल बरामद

बोकारो। बोकारो जिले के बालीडीह थाना क्षेत्र के कुर्मीडीह से 6 जून को लापता हुए एक बच्चे को पुलिस ने ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के दम पर पुलिस ने महज पांच दिनों के भीतर बच्चे का पता लगाकर उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के समय बच्चे की मां भी मौके पर मौजूद थीं।   तीन विशेष टीमों ने चलाया सर्च अभियान बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना के निर्देश पर तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने बच्चे की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने बोकारो रेलवे स्टेशन सहित कुल आठ रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।   जांच के दौरान फुटेज में बच्चा पहले बोकारो रेलवे स्टेशन और फिर मुरी स्टेशन पर ट्रेन में सवार होता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित यात्रा मार्ग का पता लगाते हुए ओडिशा के पुरी तक तलाश अभियान चलाया, जहां से उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया।   हाईकोर्ट की गंभीरता को देखते हुए हुई त्वरित कार्रवाई मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामलों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट भी गंभीर है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की और कम समय में बच्चे को सुरक्षित खोज निकाला।   पारिवारिक परिस्थितियों के कारण भटका बच्चा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चे के पिता अमित गुप्ता एक आपराधिक मामले में जेल में बंद हैं, जबकि उसकी मां दिल्ली में नौकरी करती हैं। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चा मानसिक रूप से परेशान होकर घर छोड़कर चला गया था।   पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर नियमित ध्यान दें और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।

abhishek singh जून 12, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 23, 2026 0