Alia Bhatt सिर्फ फिल्मों ही नहीं, बल्कि अपने फैशन सेंस को लेकर भी लगातार सुर्खियों में रहती हैं। साल 2023 में Gucci की ग्लोबल एंबेसडर बनने के बाद आलिया ने अपने स्टाइल में इस लग्जरी ब्रांड के कई आइकॉनिक बैग्स को शामिल किया है। खास बात यह है कि उनका बैग कलेक्शन सिर्फ फैशन नहीं बल्कि क्लासिक और मॉडर्न स्टाइल का परफेक्ट मिश्रण भी दिखाता है। Gucci Jackie से लेकर Bamboo 1947 तक, आलिया के कई बैग्स सोशल मीडिया पर फैशन गोल्स बन चुके हैं। इनके अलावा Dior, Chanel और Bottega Veneta जैसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स के बैग्स भी उनके कलेक्शन का हिस्सा हैं। Gucci Jackie 1961 बना आलिया का फेवरेट कान्स 2026 के दौरान आलिया ने Gucci Jackie 1961 बैग को स्लाउची जैकेट और कैपरी पैंट्स के साथ स्टाइल किया था। टेक्सचर्ड लेदर और क्लासिक पिस्टन क्लैस्प वाला यह बैग विंटेज फैशन का शानदार उदाहरण माना जाता है। यही नहीं, आलिया कई बार ब्लैक Gucci Jackie के साथ एयरपोर्ट और फैशन इवेंट्स में भी नजर आ चुकी हैं। Gucci Bamboo 1947 ने दिया रेट्रो ग्लैमर Gucci Bamboo 1947 बैग भी आलिया के सबसे चर्चित बैग्स में शामिल है। ब्लैक फर कोट और साटन आउटफिट के साथ इस बैग को कैरी कर उन्होंने ‘मोब-वाइफ’ एस्थेटिक को नया ट्विस्ट दिया। वहीं व्हाइट Bamboo बैग को मोनोक्रोम आउटफिट के साथ स्टाइल कर उन्होंने मिनिमल लग्जरी लुक पेश किया। Gucci Horsebit और Blondie बैग्स ने बढ़ाया स्टाइल गेम मिलान फैशन वीक में आलिया ने ऑल-ब्लैक लेदर ट्रेंच कोट के साथ Gucci Horsebit 1955 बैग कैरी किया था। वहीं रेड Gucci Blondie बैग को उन्होंने डेनिम और मोनोग्राम शर्ट के साथ पेयर किया, जिसने उनके कैजुअल लुक को भी लग्जरी टच दिया। Dior, Chanel और Bottega Veneta भी हैं कलेक्शन का हिस्सा Gucci के अलावा आलिया का Dior Book Tote एयरपोर्ट लुक्स में कई बार नजर आया है। वहीं पेस्टल पिंक Chanel Deauville Tote को उन्होंने इंडियन और वेस्टर्न दोनों आउटफिट्स के साथ स्टाइल किया। Bottega Veneta Acro Tote और Balenciaga Backpack उनके ट्रैवल फैशन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। क्यों खास है आलिया का बैग कलेक्शन? आलिया भट्ट का बैग कलेक्शन सिर्फ लग्जरी ब्रांड्स दिखाने तक सीमित नहीं है। उनके हर बैग में अलग स्टाइल स्टेटमेंट नजर आता है। कहीं क्लासिक विंटेज लुक है तो कहीं Gen-Z फैशन का मॉडर्न टच। यही वजह है कि फैशन लवर्स उनके एयरपोर्ट लुक से लेकर रेड कार्पेट स्टाइल तक को फॉलो करते हैं।
Karisma Kapoor ने हाल ही में अपने एथनिक लुक से फैशन प्रेमियों का ध्यान खींचा। एक खास इवेंट में अभिनेत्री रस्ट रंग के बेहद खूबसूरत कुर्ता सेट में नजर आईं, जिसमें पारंपरिक भारतीय कढ़ाई और शिल्पकला की शानदार झलक देखने को मिली। उनका यह लुक डिजाइनर ब्रांड Lajjoo C का था, जिसे उनकी पसंदीदा स्टाइलिस्ट Esha Amin Pradhan ने स्टाइल किया। पारंपरिक शिल्प और आधुनिक एलीगेंस का मेल करिश्मा कपूर ने “Pranvi Kurta Set” पहना था, जिसे फाइन सिल्क फैब्रिक में तैयार किया गया था। इस कुर्ते की खासियत इसकी मरौड़ी (Marodi) कढ़ाई, गोटा वर्क और सीक्विन डिटेलिंग रही। स्ट्रेट सिल्हूट वाले इस कुर्ते की गोल नेकलाइन पर बेहद बारीक और घनी कढ़ाई की गई थी, जिसमें फ्लोरल और ज्योमेट्रिक मोटिफ्स देखने को मिले। पूरे कुर्ते पर बिखरे हुए पैस्ले और बूटी डिजाइन ने इसे और आकर्षक बनाया। वहीं, स्लीव्स पर गोलाकार एम्ब्रॉयडरी ने पारंपरिक कारीगरी को और उभारा। इसके साथ मैचिंग एंकल-लेंथ पैंट्स थीं, जिनके बॉर्डर और कफ्स पर भी समान डिटेलिंग की गई थी। ऑर्गेंजा दुपट्टे ने बढ़ाई शान इस सेट के साथ करिश्मा ने एक शीयर ऑर्गेंजा दुपट्टा कैरी किया, जिस पर मरौड़ी बूटी वर्क किया गया था। दुपट्टे के किनारों पर स्ट्राइप्ड ब्रोकेड बॉर्डर और एक तरफ वेव-पैटर्न एम्ब्रॉयडरी पैनल ने पूरे लुक को शाही स्पर्श दिया। क्या है मरौड़ी कढ़ाई की खासियत? मरौड़ी कढ़ाई भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित एम्ब्रॉयडरी परंपराओं में से एक मानी जाती है। इसका संबंध मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान से है और इसकी शुरुआत वैदिक काल में मानी जाती है। पहले यह कढ़ाई केवल शाही परिवारों और राजघरानों के वस्त्रों में इस्तेमाल की जाती थी। इस तकनीक में ज़री धागों और विशेष सुई की मदद से उभरी हुई 3D एम्ब्रॉयडरी बनाई जाती है। मुगल काल के दौरान इसमें इंडो-पर्शियन डिजाइनों जैसे मेहराब और पैस्ले मोटिफ्स का प्रभाव भी शामिल हो गया। करिश्मा कपूर के कुर्ते में यही पारंपरिक कला आधुनिक अंदाज में नजर आई। जूलरी और मेकअप रखा बेहद मिनिमल स्टाइलिस्ट ईशा अमीन प्रधान ने इस लुक को ज्यादा एक्सेसरीज़ से ओवरलोड नहीं किया। करिश्मा ने केवल गोल्डन टेम्पल-स्टाइल झुमके पहने, जिनमें रंगीन रत्न जड़े हुए थे। इसके साथ उन्होंने Fizzy Goblet की एम्ब्रॉयडर्ड गोल्ड जुत्तियां पहनीं, जो पूरे लुक के साथ खूबसूरती से मेल खा रही थीं। मेकअप की बात करें तो अभिनेत्री ने कोहल-लाइन आईज़ और न्यूड ग्लॉस के साथ मिनिमल ब्यूटी लुक चुना, जिसने उनके एथनिक आउटफिट को और उभार दिया।
बिना हैवी गाउन और ट्रेल के भी Cannes डेब्यू में दिखीं बेहद एलिगेंट Tara Sutaria ने Cannes Film Festival 2026 में अपने डेब्यू लुक से फैशन लवर्स का ध्यान खींच लिया। जहां रेड कार्पेट पर अक्सर बड़े ट्रेल, भारी गाउन और चमकदार आउटफिट्स देखने को मिलते हैं, वहीं तारा ने बेहद क्लासिक और मिनिमल अंदाज में ओल्ड-हॉलीवुड ग्लैमर को रीक्रिएट किया। स्टाइलिस्ट Tanya Ghavri द्वारा स्टाइल की गई तारा ने Helsa ब्रांड की ब्लैक-एंड-व्हाइट “Finale Midi Dress” पहनी, जिसने उनके पूरे लुक को बेहद रॉयल और विंटेज टच दिया। 1950s हॉलीवुड स्टाइल से इंस्पायर्ड था लुक तारा की स्ट्रैपलेस मिडी ड्रेस में: फिटेड ब्लैक बॉडिस स्वीटहार्ट नेकलाइन पर व्हाइट डिटेलिंग टी-लेंथ फुल स्कर्ट लेस-ट्रिम्ड व्हाइट अंडरलेयर जैसे एलिमेंट्स शामिल थे। ड्रेस का सबसे खास हिस्सा उसका ब्लैक और व्हाइट कॉन्ट्रास्ट रहा, जिसने पूरे आउटफिट को क्लासिक 1950s हॉलीवुड वाइब दी, लेकिन लुक कहीं भी ओवरड्रामेटिक नहीं लगा। एक्सेसरीज़ ने बढ़ाया ग्लैमरस टच Tara Sutaria के इस लुक को और खास बनाया: Jimmy Choo के ब्लैक पेटेंट पंप्स YSL सनग्लासेस Viange के विंटेज ड्रॉप ईयररिंग्स ने। सभी एक्सेसरीज़ को ब्लैक-एंड-व्हाइट थीम में रखा गया, जिससे पूरा स्टाइल बेहद सॉफिस्टिकेटेड नजर आया। मेकअप और हेयरस्टाइल ने पूरा किया ओल्ड-हॉलीवुड लुक मेकअप आर्टिस्ट Meera Sakhrani ने तारा के लिए: ग्लोइंग स्किन डीप बेरी लिप कलर सॉफ्ट स्मोकी आई मेकअप चुना। वहीं हेयरस्टाइलिस्ट Aamir Naveed ने साइड-पार्टेड वेव्स और क्राउन वॉल्यूम के साथ क्लासिक हॉलीवुड हेयरस्टाइल तैयार की, जिसने पूरे लुक को और एलिगेंट बना दिया। सोशल मीडिया पर फैंस कर रहे तारीफ Tara Sutaria का यह Cannes लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैशन फैंस उनके मिनिमल लेकिन क्लासी स्टाइल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें “Modern Hollywood Diva” तक कहा।
Aishwarya Rai Bachchan और Cannes Film Festival का रिश्ता अब फैशन इतिहास का हिस्सा बन चुका है। पिछले दो दशकों में ऐश्वर्या ने हर साल Cannes रेड कार्पेट पर अपने अनोखे और शानदार फैशन स्टेटमेंट से दुनियाभर का ध्यान खींचा है। कभी पारंपरिक भारतीय साड़ी में, तो कभी ग्लैमरस बॉलगाउन और avant-garde couture में, ऐश्वर्या ने हर बार खुद को नए अंदाज़ में पेश किया। 2002: Cannes में यादगार डेब्यू ऐश्वर्या ने 2002 में Cannes में अपना डेब्यू पीले रंग की Neeta Lulla साड़ी पहनकर किया था। यह लुक आज भी उनके सबसे चर्चित Cannes moments में गिना जाता है। अगले साल उन्होंने डिजाइनर के लहंगे और फिर नियॉन ग्रीन साड़ी में रेड कार्पेट पर अपनी अलग पहचान बनाई। वेस्टर्न ग्लैमर की ओर बढ़ता फैशन सफर 2004 में कट-आउट गाउन और 2005 में plunging neckline वाले Gucci गाउन के साथ ऐश्वर्या का स्टाइल पूरी तरह ग्लोबल ग्लैमर की ओर बढ़ता दिखा। 2006 में उन्होंने strapless Elie Saab gown और snake-inspired neckpiece पहनकर Cannes में शोस्टॉपर एंट्री दी। शादी के बाद 2007 में उन्होंने पति Abhishek Bachchan के साथ रेड कार्पेट पर sleek Giorgio Armani gown में शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। Sabyasachi से लेकर Roberto Cavalli तक 2009 में ivory shade वाले dramatic Roberto Cavalli gown ने खूब सुर्खियां बटोरीं। वहीं 2010 में ऐश्वर्या ने भारतीय फैशन की ओर लौटते हुए Sabyasachi की embellished साड़ी पहनकर सबका दिल जीत लिया। इसके बाद Elie Saab, Gucci और Cavalli जैसे अंतरराष्ट्रीय डिजाइनर्स के साथ उनका Cannes सफर लगातार ग्लैमरस होता गया। 2016: Lilac Lipstick ने तोड़ दिया इंटरनेट 2016 Cannes appearance ऐश्वर्या के सबसे वायरल moments में शामिल है। उन्होंने floral Rami Kadi gown के साथ lilac lipstick लगाकर इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था। इस bold beauty experiment पर खूब बहस हुई, लेकिन ऐश्वर्या ने एक बार फिर साबित किया कि वह fashion risks लेने से कभी नहीं डरतीं। Cinderella Gown से Butterfly Couture तक 2017 में Dubai-based designer Michael Cinco के voluminous Cinderella-inspired gown में ऐश्वर्या का look Cannes के सबसे चर्चित फैशन moments में शामिल रहा। 2018 में उन्होंने butterfly-pattern gown और embellished train के साथ grand fashion statement दिया। 2019 में molten gold gown और बेटी Aaradhya Bachchan के साथ उनकी appearance ने फैशन के साथ emotional touch भी जोड़ दिया। Gaurav Gupta और Dramatic Couture का दौर 2022 में Cannes debut के 20 साल पूरे होने पर ऐश्वर्या ने Gaurav Gupta का sculptural pink outfit पहना, जिसे तैयार करने में 3500 घंटे लगे थे। इसके बाद उन्होंने black Dolce & Gabbana gown में classic glamour दिखाया। 2023 में silver hooded futuristic gown और 2024 में Falguni Shane Peacock के dramatic feather-inspired outfits ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी। 2025 में फिर दिखा इंडियन ट्रेडिशन का जलवा इस साल ऐश्वर्या ने Cannes में white-gold Banarasi sari by Manish Malhotra पहनकर भारतीय परंपरा को ग्लोबल मंच पर शानदार अंदाज़ में पेश किया। लाल सिंदूर, ruby necklace और classic red lips ने उनके look को और खास बना दिया। इसके अलावा उन्होंने custom Gaurav Gupta ensemble भी पहना, जिसमें Sanskrit shlokas से सजा ivory brocade और black velvet gown शामिल था। एक बार फिर ऐश्वर्या ने साबित किया कि Cannes में उनका फैशन सफर सिर्फ glamour नहीं बल्कि cultural storytelling भी है।
दूसरे रेड कार्पेट लुक ने जीता फैंस का दिल Alia Bhatt ने Cannes Film Festival 2026 में अपने दूसरे रेड कार्पेट अपीयरेंस से एक बार फिर फैशन जगत का ध्यान खींच लिया। इस बार अभिनेत्री ने सिंड्रेला-इंस्पायर्ड लुक अपनाया, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। यह कान्स 2026 में उनका चौथा लुक था और फैंस के साथ-साथ फैशन एक्सपर्ट्स ने भी उनकी जमकर तारीफ की। ब्लू गाउन में दिखा रॉयल अंदाज आलिया ने डिजाइनर Danielle Frankel का कस्टम स्टील-ब्लू गाउन पहना था। इस ड्रेस में सिल्क साटन और हनीकॉम्ब लेस का खूबसूरत मिश्रण देखने को मिला। गाउन का कॉर्सेट-स्टाइल फिटेड बॉडीस और लंबा फ्लोई स्कर्ट उनके लुक को बेहद रॉयल बना रहा था। वहीं हाई लेस कॉलर ने उनके आउटफिट में विंटेज और क्लासिक टच जोड़ दिया। रिया कपूर ने किया स्टाइल आलिया के इस लुक को मशहूर स्टाइलिस्ट Rhea Kapoor ने स्टाइल किया। उन्होंने इस आउटफिट के साथ मिनिमल लेकिन बेहद लग्जरी ज्वेलरी चुनी। अभिनेत्री ने डायमंड चोकर के बीच टीयरड्रॉप पेंडेंट कैरी किया, साथ ही डायमंड इयररिंग्स और रिंग्स से अपने लुक को पूरा किया। मेकअप और हेयरस्टाइल ने बढ़ाई खूबसूरती आलिया ने सॉफ्ट ग्लैम मेकअप चुना जिसमें रोजी चीक्स और ग्लॉसी न्यूड लिप्स शामिल थे। उनका हल्का मेसी अपडू और फेस-फ्रेमिंग हेयर स्ट्रैंड्स पूरे लुक को फेयरीटेल फिनिश दे रहे थे। कान्स में लगातार छा रही हैं आलिया इससे पहले भी आलिया भट्ट अपने हैंड-पेंटेड गाउन, पीच दुपट्टा लुक और साड़ी-गाउन स्टाइल से कान्स में चर्चा बटोर चुकी हैं। अभिनेत्री का यह नया सिंड्रेला-कोर लुक अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस का कहना है कि आलिया इस बार सिर्फ कान्स में शामिल नहीं हुई हैं, बल्कि अपने फैशन स्टेटमेंट से पूरे इवेंट पर छा गई हैं।
Princess Gauravi Kumari ने Met Gala 2026 में अपने डेब्यू से भारतीय शाही फैशन विरासत को वैश्विक मंच पर खास पहचान दिलाई। जयपुर राजघराने की सदस्य और दिवंगत Maharani Gayatri Devi की पोती गौरवी कुमारी ने डिजाइनर Prabal Gurung द्वारा डिजाइन किया गया एक खास chiffon sari gown पहना, जो सीधे तौर पर महारानी गायत्री देवी की प्रतिष्ठित स्टाइल से प्रेरित था। सबसे खास बात यह रही कि इस आउटफिट में महारानी गायत्री देवी की असली pink self-sequin chiffon sari को शामिल किया गया था। Pearls और Chiffon से दिखी Royal Elegance Princess Gauravi Kumari ने अपने लुक को layered pearl necklaces, ear chains, bangles और rings के साथ पूरा किया। यह स्टाइल सीधे उनकी दादी Maharani Gayatri Devi की iconic fashion identity को दर्शाता था। गौरवी कुमारी ने कहा कि “Pearls और chiffon महारानी गायत्री देवी की पहचान रहे हैं, इसलिए इन्हें शामिल करना उनके लिए स्वाभाविक श्रद्धांजलि थी।” भारत में कैसे शुरू हुआ Chiffon Saree का ट्रेंड? रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में chiffon sari को लोकप्रिय बनाने का श्रेय Indira Devi को जाता है। 20वीं सदी की शुरुआत में फ्रांस यात्रा के दौरान उन्होंने chiffon fabric को देखा और इसे साड़ी के रूप में अपनाने का फैसला किया। बाद में उनका सफेद chiffon sari वाला पोर्ट्रेट भारतीय शाही फैशन का बड़ा प्रतीक बना। इसके बाद Maharani Gayatri Devi ने pastel chiffon sarees और minimalist royal styling के जरिए इसे भारतीय महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया। Bollywood और Chiffon का गहरा रिश्ता समय के साथ chiffon सिर्फ राजघरानों तक सीमित नहीं रहा। बॉलीवुड फिल्मों में भी इसकी खास पहचान बनी। Rekha की फिल्म Silsila, Sridevi की Chandni और Aishwarya Rai की Mohabbatein में chiffon sarees रोमांस और एलीगेंस का प्रतीक बन गईं। बाद में Sabyasachi और Manish Malhotra जैसे डिजाइनर्स ने भी महारानी गायत्री देवी के chiffon style को नए अंदाज में पेश किया। आज भी कायम है Gayatri Devi का Fashion Influence 23 मई को Maharani Gayatri Devi की 107वीं जयंती मनाई जाएगी, लेकिन उनका chiffon fashion आज भी फैशन इंडस्ट्री और royal style inspiration का अहम हिस्सा बना हुआ है।
Sonam Kapoor एक बार फिर अपने फैशन स्टेटमेंट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार अभिनेत्री ने अपने न्यूबॉर्न के नामकरण समारोह में ऐसा एथनिक लुक चुना, जिसने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींच लिया। इस खास मौके पर Sonam Kapoor ने Anamika Khanna का कस्टम आउटफिट पहना, जिसमें टैसल्स, फ्लोरल मोटिफ्स और व्हाइट बीडवर्क की शानदार डिटेलिंग देखने को मिली। Anamika Khanna के डिजाइन में दिखा रॉयल टच स्टाइलिस्ट Rhea Kapoor द्वारा स्टाइल किए गए इस आउटफिट में घाघरा, शॉर्ट कुर्ता और दुपट्टे का खूबसूरत कॉम्बिनेशन था। घाघरे पर फ्लोरल पेंटेड मोटिफ्स बनाए गए थे, जिन्हें व्हाइट बीडवर्क एम्ब्रॉयडरी और टैसल्स से सजाया गया। वहीं कुर्ते की रिलैक्स्ड फिट और बेल स्लीव्स ने पूरे लुक को एलिगेंट टच दिया। दुपट्टे के बॉर्डर पर कॉन्ट्रास्ट व्हाइट थ्रेड एम्ब्रॉयडरी की गई थी, जिसने आउटफिट की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। जूलरी और मेकअप ने पूरा किया लुक Sonam Kapoor ने अपने इस ट्रेडिशनल लुक को डायमंड और पर्ल ड्रॉप इयररिंग्स के साथ मैचिंग ब्रेसलेट से पूरा किया। हेयर स्टाइलिस्ट Alpa Khimani ने उनके बालों को फ्लोरल एक्सेंट वाले स्लीक बन में स्टाइल किया। वहीं मेकअप आर्टिस्ट Divya Shetty ने सॉफ्ट पिंक टोन के साथ मिनिमल मेकअप रखा, जो पूरे लुक के साथ बेहद खूबसूरत लग रहा था। Sonam Kapoor को लंबे समय से बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश अभिनेत्रियों में गिना जाता है। रेड कार्पेट से लेकर कैजुअल आउटिंग तक, उनका फैशन सेंस अक्सर चर्चा में रहता है।
दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन इवेंट Met Gala में Alia Bhatt ने अब तक भले ही सिर्फ दो बार शिरकत की हो, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने अपने लुक्स से फैशन जगत में मजबूत छाप छोड़ी है। हर साल उनके स्टाइल में नया प्रयोग और परिपक्वता देखने को मिली है। 2026 के मेट गाला से पहले उनके पुराने लुक्स पर नजर डालना दिलचस्प है। 2023: प्रबल गुरुंग में डेब्यू, ‘सिंड्रेला’ जैसा अंदाज आलिया भट्ट ने 2023 में मेट गाला में डेब्यू किया, जहां थीम था ‘Karl Lagerfeld: A Line of Beauty’। उन्होंने Prabal Gurung का कस्टम गाउन पहना, जो Karl Lagerfeld की Chanel 1992 ब्राइडल कलेक्शन से प्रेरित था। यह आइवरी गाउन सिल्क ट्यूल और साटन ऑर्गेंजा से बना था, जिसमें 1 लाख से ज्यादा हाथ से जड़े पर्ल्स थे। लंबे ट्रेल, फिंगरलेस ग्लव्स और सॉफ्ट मेकअप के साथ उनका पूरा लुक किसी परीकथा की तरह नजर आया। 2024: सब्यसाची की साड़ी में भारतीय अंदाज 2024 में आलिया ने Sabyasachi Mukherjee की डिजाइन की हुई कस्टम मिंट-ग्रीन साड़ी पहनकर भारतीय फैशन को ग्लोबल मंच पर शानदार तरीके से पेश किया। यह लुक ‘Sleeping Beauties: Reawakening Fashion’ थीम के अनुरूप था। 23 फीट लंबी ट्रेल वाली इस साड़ी में फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी, सिल्क फ्लॉस, ग्लास बीड्स और सेमी-प्रेशियस स्टोन्स का इस्तेमाल किया गया था। स्टाइलिंग Anaita Shroff Adajania ने की थी, जिसने इस लुक को और भी शाही बना दिया। टूरमालीन और डायमंड जूलरी, हेयर एक्सेसरी और कॉकटेल रिंग्स ने इस आउटफिट को पूरी तरह कंप्लीट किया। 2026 को लेकर बढ़ी उत्सुकता अब जब 2026 का मेट गाला नजदीक है, फैशन प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आलिया भट्ट इस बार किस अंदाज में रेड कार्पेट पर नजर आएंगी। उनके पिछले दोनों लुक्स को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी वह कुछ नया और यादगार पेश करेंगी।
बॉलीवुड अभिनेत्री Kajol एक बार फिर अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सुर्खियों में हैं। हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड Joyalukkas के एक इवेंट में उन्होंने ऐसा लुक कैरी किया, जिसने ट्रेडिशनल और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत संगम पेश किया। साड़ी में शिमर का नया अंदाज Kajol ने डिजाइनर जोड़ी Rimple & Harpreet की डिजाइन की हुई ब्लश ट्यूल साड़ी पहनी, जो अपने यूनिक टेक्सचर के कारण अलग नजर आई। साड़ी पर वर्टिकल सीक्विन लाइन्स दी गई थीं, जो मूवमेंट के साथ फ्लूइड इफेक्ट देती हैं पल्लू और स्कर्ट में बड़े फ्लोरल मोटिफ्स, टोनल पिंक और मेटैलिक शेड्स में उभरे स्कैलप्ड बॉर्डर ने लुक को सॉफ्ट और एलिगेंट फिनिश दिया ब्लाउज भी इसी थीम को फॉलो करता नजर आया, जिसमें फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और स्कैलप्ड नेकलाइन ने डिटेलिंग को और खास बना दिया। ज्वेलरी ने बढ़ाया ग्लैमर इस आउटफिट को Kajol ने Joyalukkas की स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ पेयर किया: रूबी सेंटर वाला डायमंड चोकर पर्ल ड्रॉप्स मैचिंग ईयररिंग्स और रिंग्स यह ज्वेलरी लुक को रॉयल टच देने में अहम रही। स्टाइलिंग और मेकअप स्टाइलिस्ट: Radhika Mehra मेकअप: Pallavi Symons (स्मोकी कोहल आई और न्यूट्रल लिप) हेयर: Sangeeta Hegde (साइड-पार्टेड वॉल्यूमिनस ब्लोआउट) पूरे लुक में सटल ग्लैम और क्लासिक चार्म का बेहतरीन बैलेंस देखने को मिला।
मुंबई: बॉलीवुड की स्टाइल क्वीन Kareena Kapoor Khan ने एक बार फिर अपने लेटेस्ट लुक से इंटरनेट पर धूम मचा दी है। इस बार वह Sabyasachi की लेपर्ड प्रिंट साड़ी में नजर आईं, जिसे देखकर फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। स्टाइल और एटीट्यूड का परफेक्ट कॉम्बिनेशन इस शानदार लुक को Rhea Kapoor ने स्टाइल किया, और हमेशा की तरह उनका स्टाइलिंग गेम ऑन पॉइंट रहा। करीना ने साड़ी को मॉडर्न ड्रेप में कैरी किया, जिसमें डीप-कट ब्लाउज ने ग्लैमरस टच जोड़ दिया। बोल्ड लेपर्ड प्रिंट ने लुक में ड्रामा और फियरस वाइब्स दीं, वहीं साड़ी का फ्लोई सिल्हूट इसे एलिगेंट बनाता है। ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती करीना ने इस लुक को पॉल्की और टर्कॉइज़ ज्वेलरी के साथ पेयर किया, जिससे ट्रेडिशनल और मॉडर्न का खूबसूरत बैलेंस देखने को मिला। मेकअप आर्टिस्ट Tanvi Chemburkar ने मिनिमल ग्लैम के साथ बोल्ड काजल-रिम्ड आंखें दीं, जबकि खुले बालों ने पूरे लुक को और भी ग्रेसफुल बना दिया। क्यों खास है ये लुक? यह लुक दिखाता है कि कैसे Kareena Kapoor Khan ट्रेडिशनल साड़ी को मॉडर्न ट्विस्ट देकर उसे स्टेटमेंट बना देती हैं। उनका कॉन्फिडेंस, एटीट्यूड और स्टाइल—तीनों इस आउटफिट को और खास बनाते हैं।
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh की फिल्म धुरंधर इन दिनों सिर्फ अपनी कहानी और एक्शन के लिए ही नहीं, बल्कि अपने दमदार विजुअल स्टाइल और कॉस्ट्यूम्स के कारण भी चर्चा में है। फिल्म में रणवीर सिंह की एंट्री जैसे ही स्क्रीन पर होती है, दर्शकों का ध्यान उनकी शाही पर्सनालिटी के साथ-साथ उनके सादगी भरे लेकिन प्रभावशाली पठानी कुर्ता लुक पर टिक जाता है। फिल्म में उनका लंबा बालों वाला रफ-एंड-रॉयल अवतार, गहरी नजरें और सादा पठानी सूट—सब मिलकर एक ऐसी ताकतवर छवि गढ़ते हैं जो बिना कुछ कहे ही अपना प्रभाव छोड़ देती है। यही वजह है कि धुरंधर के साथ पठानी कुर्ता एक बार फिर फैशन और पॉप कल्चर के केंद्र में आ गया है। शक्ति और सादगी का प्रतीक बना पठानी कुर्ता पठानी कुर्ता हमेशा से एक ऐसे पहनावे के रूप में देखा गया है जो व्यक्तित्व से पहले कमरे में प्रवेश करता है। चौड़े कंधे, बिना किसी दिखावे के डिजाइन और एक शांत लेकिन मजबूत उपस्थिति—बॉलीवुड में इसे अक्सर सत्ता और प्रभुत्व के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इतिहास की परतें: सिर्फ फैशन नहीं, एक सांस्कृतिक कहानी हालांकि आज यह पहनावा स्टाइल और पुरुषत्व का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसकी जड़ें काफी गहरी और जटिल हैं। पठानी कुर्ता मूल रूप से पश्तून समुदाय के पारंपरिक पहनावे पराहन-तुनबान (Perahan Tunban) से विकसित हुआ है, जो कठिन परिस्थितियों, लंबी यात्राओं और युद्ध जैसी स्थितियों के लिए बनाया गया था। 19वीं सदी के दौरान, जब Maharaja Ranjit Singh का साम्राज्य उत्तर-पश्चिमी सीमाओं तक फैला, तब Hari Singh Nalwa जैसे सेनापति अपनी वीरता और सख्ती के लिए जाने जाते थे। उस दौर की लोककथाओं में यह भी कहा जाता है कि सैन्य दबाव के कारण स्थानीय लोगों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पहनावे में बदलाव किए। कुछ कहानियों में यह भी उल्लेख मिलता है कि बच्चों को डराने के लिए “हरि सिंह नलवा आ गया” जैसी बातें कही जाती थीं—जो उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाती हैं। समय के साथ बदला रूप, पर कायम रहा प्रभाव धीरे-धीरे यह पहनावा सीमाओं को पार कर भारतीय उपमहाद्वीप में लोकप्रिय हुआ और आज के आधुनिक पठानी कुर्ता-पायजामा के रूप में विकसित हुआ। कॉटन या सिल्क से बने इस आउटफिट की खासियत हमेशा उसकी सादगी, आराम और मजबूत व्यक्तित्व को दर्शाने वाली बनावट रही है। ‘धुरंधर’ में फिर दिखा दमदार अंदाज़ धुरंधर में रणवीर सिंह के साथ Sanjay Dutt और Akshaye Khanna भी पठानी कुर्ता पहने नजर आते हैं। यह सिर्फ उस दौर की फैशन झलक नहीं देता, बल्कि उनके किरदारों की कार्यशैली और व्यक्तित्व को भी मजबूती से प्रस्तुत करता है। कॉस्ट्यूम डिजाइनर स्मृति चौहान ने इस लुक को बिना किसी अतिरिक्त सजावट के बेहद प्रभावी तरीके से पेश किया है—जहां पुरुषत्व दिखावे से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और व्यक्तित्व से झलकता है। फिर क्यों खास है यह वापसी? बॉलीवुड में पठानी कुर्ता पहले भी दिख चुका है—Shah Rukh Khan ने डंकी और रईस जैसी फिल्मों में इसे पहना था। लेकिन धुरंधर की जबरदस्त लोकप्रियता ने इसे एक बार फिर ट्रेंड में ला दिया है। इस वापसी की खास बात यह है कि यह पहनावा समय के साथ जेंडर सीमाओं को भी पार कर चुका है। एक दौर में सलवार-कमीज जैसे आउटफिट पुरुष और महिलाएं दोनों पहनते थे, जिसे बाद में आधुनिक फैशन ने अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।