फैशन और ब्यूटी

Kajol Shines in Elegant Shimmer Saree

Kajol का शिमरी साड़ी लुक बना चर्चा का केंद्र, Rimple & Harpreet के डिजाइन में दिखी क्लासिक एलिगेंस

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Kajol in blush shimmer saree with floral motifs and diamond choker at Joyalukkas event
Kajol Shimmer Saree Elegant Look

बॉलीवुड अभिनेत्री Kajol एक बार फिर अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सुर्खियों में हैं। हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड Joyalukkas के एक इवेंट में उन्होंने ऐसा लुक कैरी किया, जिसने ट्रेडिशनल और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत संगम पेश किया।

साड़ी में शिमर का नया अंदाज

Kajol ने डिजाइनर जोड़ी Rimple & Harpreet की डिजाइन की हुई ब्लश ट्यूल साड़ी पहनी, जो अपने यूनिक टेक्सचर के कारण अलग नजर आई।

  • साड़ी पर वर्टिकल सीक्विन लाइन्स दी गई थीं, जो मूवमेंट के साथ फ्लूइड इफेक्ट देती हैं
  • पल्लू और स्कर्ट में बड़े फ्लोरल मोटिफ्स, टोनल पिंक और मेटैलिक शेड्स में उभरे
  • स्कैलप्ड बॉर्डर ने लुक को सॉफ्ट और एलिगेंट फिनिश दिया

ब्लाउज भी इसी थीम को फॉलो करता नजर आया, जिसमें फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और स्कैलप्ड नेकलाइन ने डिटेलिंग को और खास बना दिया।

ज्वेलरी ने बढ़ाया ग्लैमर

इस आउटफिट को Kajol ने Joyalukkas की स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ पेयर किया:

  • रूबी सेंटर वाला डायमंड चोकर
  • पर्ल ड्रॉप्स
  • मैचिंग ईयररिंग्स और रिंग्स

यह ज्वेलरी लुक को रॉयल टच देने में अहम रही।

स्टाइलिंग और मेकअप

  • स्टाइलिस्ट: Radhika Mehra
  • मेकअप: Pallavi Symons (स्मोकी कोहल आई और न्यूट्रल लिप)
  • हेयर: Sangeeta Hegde (साइड-पार्टेड वॉल्यूमिनस ब्लोआउट)

पूरे लुक में सटल ग्लैम और क्लासिक चार्म का बेहतरीन बैलेंस देखने को मिला।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Heatwave Alert: गर्मी और थकान से बचाएंगे ये 8 ‘कूलिंग फूड्स’, एक्सपर्ट्स ने बताया सही तरीका

तेज गर्मी के बीच शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है–पसीना ज्यादा आता है, पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होते हैं और थकान महसूस होती है। ऐसे में सही खानपान बेहद जरूरी हो जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ खास ‘कूलिंग फूड्स’ शरीर के तापमान को संतुलित रखने, हाइड्रेशन बनाए रखने और पाचन सुधारने में अहम भूमिका निभाते हैं। कूलिंग फूड्स क्यों हैं जरूरी? पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के दौरान शरीर में थर्मोरेगुलेशन (तापमान नियंत्रण) की प्रक्रिया सक्रिय रहती है। ऐसे में पानी, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्वों से भरपूर फूड्स शरीर को ठंडा रखने के साथ ऊर्जा भी बनाए रखते हैं।   ये 8 फूड्स गर्मी में देंगे राहत 1. Coconut Water नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक, जो तुरंत हाइड्रेशन देता है और थकान कम करता है। 2. Buttermilk (छाछ) पाचन को बेहतर बनाता है, शरीर को ठंडा रखता है और ब्लोटिंग कम करता है। 3. Cucumber (खीरा) हाई वॉटर कंटेंट के कारण शरीर को हाइड्रेट रखता है और स्किन को भी फायदा देता है। 4. Black Raisins (भिगोए हुए किशमिश) ऊर्जा बढ़ाते हैं, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। 5. Chia Seeds / Sabja Seeds शरीर में लंबे समय तक पानी बनाए रखते हैं और एसिडिटी कम करते हैं। 6. Fennel Tea (सौंफ की चाय) पाचन सुधारती है और शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करती है। 7. Gulkand पारंपरिक ठंडा फूड, जो एसिडिटी और हीट को बैलेंस करता है। 8. Watermelon और Muskmelon हाई वॉटर कंटेंट वाले ये फल शरीर को तुरंत ठंडक और ऊर्जा देते हैं। क्या न करें? एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि बहुत ज्यादा ठंडे पेय या आइसक्रीम तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन पाचन को बिगाड़ सकते हैं। असली कूलिंग फूड्स वो होते हैं जो शरीर को अंदर से संतुलित करें। ध्यान रखें हर व्यक्ति का पाचन अलग होता है, इसलिए फूड्स का चयन अपनी बॉडी के अनुसार करें। जरूरत हो तो हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लें।  

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  आज के दौर में जहां हर चीज़ पहले से रिव्यू और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी होती है, वहीं Mapusa Market में एक ऐसा अनुभव भी मौजूद है जो रहस्यमयी, निजी और बिल्कुल अलग है। यहां एक व्यक्ति आपकी ‘आभा’ (Aura) को पढ़कर आपके लिए एक खास खुशबू तैयार करता है–एक ऐसी खुशबू जो कथित तौर पर आपकी पहचान को दर्शाती है। कौन हैं यह ‘ऑरा रीडर’? गोवा के इस भीड़भाड़ वाले बाजार में Ramakrishna नाम के एक शख्स हैं, जिनकी पहचान एक परफ्यूमर से कहीं ज्यादा ‘ऑरा रीडर’ के रूप में बन चुकी है। वह सिर्फ परफ्यूम ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रेज़िन, मसालों, जड़ी-बूटियों और एसेंशियल ऑयल्स से अगरबत्ती भी तैयार करते हैं। उनके बनाए सुगंध में समुद्री हवा, मसालों की खुशबू और मंदिरों की धूप जैसी परतें महसूस होती हैं। कैसे बनती है आपकी ‘सिग्नेचर खुशबू’? जो लोग उनसे मिल चुके हैं, उनके अनुसार यह अनुभव किसी साधारण परफ्यूम शॉप जैसा नहीं होता। रamakrishna पहले आपके हावभाव, बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज को ध्यान से देखते हैं। आप कैसे बैठते हैं कितनी तेजी से बोलते हैं क्या कहते हैं और क्या नहीं इन सब बातों को समझने के बाद वह बिना किसी लेबल वाले ऑयल्स से एक खास खुशबू तैयार करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह खुशबू अक्सर वैसी नहीं होती, जैसी आप खुद चुनते–लेकिन फिर भी उसमें कुछ ऐसा होता है जिसे आप पहचान लेते हैं। रहस्य या मनोविज्ञान? यह अनुभव जितना आकर्षक है, उतने ही सवाल भी खड़े करता है। क्या यह सच में ‘ऑरा रीडिंग’ है या फिर इंसानी व्यवहार को बारीकी से समझने की कला? संभव है कि जादू खुशबू में कम और उस ध्यान में ज्यादा हो, जो आपको इस प्रक्रिया के दौरान दिया जाता है–एक ऐसा ध्यान, जो आज की तेज़ जिंदगी में दुर्लभ हो चुका है। क्यों खास है यह अनुभव? आज के डिजिटल युग में, जहां हर चीज़ आसानी से उपलब्ध है, वहां रामकृष्ण जैसे लोग अपनी रहस्यमयी पहचान बनाए रखने में सफल रहे हैं। उनका कोई बड़ा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नहीं है, न ही वे खुद को प्रचारित करते हैं। शायद यही वजह है कि लोग सिर्फ खुशबू के लिए नहीं, बल्कि ‘देखे और समझे जाने’ के अनुभव के लिए भी उनके पास पहुंचते हैं।  

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फैशन की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित इवेंट Met Gala 2025 में शाहरुख खान की पहली उपस्थिति ने ग्लोबल स्टाइल स्टेटमेंट को एक नया आयाम दिया। भारतीय डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी द्वारा डिजाइन किया गया उनका आउटफिट आज भी चर्चा में है और फैशन एक्सपर्ट्स इसे टाइमलेस बता रहे हैं। ‘Tailored For You’ थीम का शानदार जवाब इस साल की थीम ‘Tailored For You’ थी, जिसे शाहरुख ने बेहद सटल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में पेश किया। उनका लुक ब्लैक और इंडियन डैंडी स्टाइल के ऐतिहासिक कनेक्शन को दर्शाता था–जहां क्लासिक टेलरिंग को सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ा गया। आउटफिट की खासियत शाहरुख ने तस्मानियन सुपरफाइन वूल से बना फ्लोर-लेंथ कोट पहना, जिसमें जापानी हॉर्न बटन और पीक कॉलर के साथ वाइड लैपल्स थे। इसके नीचे ब्लैक सिल्क शर्ट को ओपन स्टाइल में पहना गया, जो एक बोल्ड लेकिन एलिगेंट लुक देता था। साथ में सुपरफाइन वूल ट्राउज़र और साटन कमरबंद ने पूरे आउटफिट को स्ट्रक्चर और बैलेंस दिया। ज्वेलरी और एक्सेसरीज ने बढ़ाया रॉयल टच इस लुक की सबसे खास बात थी इसकी ज्वेलरी। मल्टी-लेयर्ड चेन, ‘K’ अक्षर वाला पेंडेंट और डायमंड स्टार ब्रोच ने इसे एक पर्सनल और सिग्नेचर स्टाइल बनाया। इसके अलावा 18 कैरेट गोल्ड से बना बंगाल टाइगर हेड केन, जिसमें टूरमलीन, सैफायर और डायमंड जड़े थे, पूरे लुक में एक पावरफुल और रॉयल एलिमेंट जोड़ता है। मुगल और मॉडर्न स्टाइल का मेल इस आउटफिट में मुगलकालीन स्टाइल और मॉडर्न टेलरिंग का शानदार मिश्रण देखने को मिला। ओपन शर्ट पर ज्वेलरी की लेयरिंग पुराने महाराजाओं के पोर्ट्रेट की याद दिलाती है, जहां गहनों के जरिए स्टेटस और पावर दिखाया जाता था। सटलिटी में छिपा था असली प्रभाव जहां मेट गाला में अक्सर बड़े और भड़कीले आउटफिट्स देखने को मिलते हैं, वहीं शाहरुख का यह लुक सादगी में छिपी भव्यता का उदाहरण था। बिना भारी कढ़ाई या ड्रामेटिक ट्रेल के, उन्होंने सिल्हूट, फिट और एक्सेसरीज के जरिए एक मजबूत स्टेटमेंट दिया।  

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