अभिनेत्री वामिका गब्बी के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। आने वाले महीनों में उनकी कई फिल्में रिलीज होने वाली हैं, लेकिन फिल्मों से पहले उनका फैशन स्टेटमेंट सुर्खियां बटोर रहा है। हाल ही में वामिका गब्बी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसा लुक अपनाया, जिसने फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। डिजाइनर लिज़ पॉल के कॉउचर लहंगे में दिखीं वामिका नई दिल्ली की प्रसिद्ध कॉउचर डिजाइनर लिज़ पॉल द्वारा तैयार किए गए इस खास लहंगे में वामिका बेहद खूबसूरत नजर आईं। यह आउटफिट पारंपरिक बनारसी फैब्रिक और मॉडर्न एम्बेलिशमेंट्स का शानदार मेल था। लहंगे की खासियत टू-टियर मेटैलिक बनारसी टिश्यू स्कर्ट पायलट्स (Paillettes) और चमकदार डिटेलिंग स्लीवलेस चोली पर थ्रेडवर्क और रंगीन स्टोन एम्ब्रॉयडरी डीप प्लंजिंग नेकलाइन बस्ट एरिया पर कौड़ी शेल (Cowrie Shells) की सजावट एक्स्ट्रा-लार्ज मेटैलिक सीक्विन्स से यूनिक लुक इस पूरे आउटफिट के साथ ब्लश पिंक ऑर्गेंजा दुपट्टा जोड़ा गया था, जिसके किनारों पर बीडेड टैसल्स लगे थे। इसने लुक में नजाकत और फेमिनिन टच जोड़ दिया। डायमंड ज्वेलरी ने बढ़ाई शान सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट देवकी भट्ट ने वामिका के लुक को शानदार ज्वेलरी के साथ पूरा किया। उन्होंने माय्या संघवी ज्वेल्स की मल्टी-लेयर्ड डायमंड नेकलेस और फ्लावर-शेप पोल्की व एनामेल ड्रॉप ईयररिंग्स के साथ इस आउटफिट को एक्सेसराइज किया। सॉफ्ट ग्लैम मेकअप और क्लासिक हेयरस्टाइल मेकअप आर्टिस्ट कोको बल्लुची ने वामिका को सॉफ्ट ग्लैम लुक दिया। ब्लश्ड चीक्स और न्यूड लिप्स ने उनके मेकअप को बेहद एलिगेंट बनाया। वहीं हेयर आर्टिस्ट फोरम गोतेचा ने सेंटर पार्टिंग के साथ स्लीक बन हेयरस्टाइल चुना, जिसने पूरे लुक को और ज्यादा रॉयल बना दिया। ब्राइड्समेड्स के लिए बेहतरीन फैशन इंस्पिरेशन यदि आप शादी के सीजन के लिए कुछ अलग और ग्लैमरस लुक की तलाश में हैं, तो वामिका गब्बी का यह बनारसी लहंगा निश्चित रूप से आपके फैशन मूडबोर्ड का हिस्सा बन सकता है। पारंपरिक बनारसी फैब्रिक में मॉडर्न एलिमेंट्स का यह मिश्रण ब्राइड्समेड्स के लिए एक शानदार विकल्प है।
भारतीय पारंपरिक वस्त्र कला बंधनी (Bandhani), जो कभी केवल शादियों, त्योहारों और खास धार्मिक अवसरों तक सीमित मानी जाती थी, अब आधुनिक फैशन की दुनिया में नई पहचान बना रही है। राजस्थान और गुजरात की सदियों पुरानी यह टाई-एंड-डाई कला अब युवाओं की रोजमर्रा की वॉर्डरोब में जगह बना रही है। डिजाइनर्स इसे नए अंदाज में पेश कर रहे हैं, जिससे बंधनी का दायरा पारंपरिक साड़ियों और घाघरों से निकलकर शर्ट, को-ऑर्ड सेट, ड्रेसेस, काफ्तान और जैकेट्स तक पहुंच गया है। परंपरा से जुड़ी है गहरी सांस्कृतिक पहचान बंधनी केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। खासतौर पर गुजरात और राजस्थान में इसका धार्मिक और सामाजिक महत्व है। लाल रंग की बंधनी दुल्हनों के लिए शुभ मानी जाती है, जो सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। वहीं पीले रंग की बंधनी नए जीवन और शुभ शुरुआत से जुड़ी होती है। गुजराती दुल्हनों के पारंपरिक परिधान घरचोला में बंधनी की विशेष भूमिका आज भी बरकरार है। डिजाइनर्स ने बदला बंधनी का रूप पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय डिजाइनर्स और फैशन लेबल्स ने बंधनी को आधुनिक फैशन से जोड़ने का काम किया है। स्पोर्ट्सवियर से लेकर कैजुअल वियर तक, बंधनी को नए सिल्हूट्स में पेश किया जा रहा है। फैशन ब्रांड्स जैसे NorBlack NorWhite ने इसे एक्टिववियर तक पहुंचाया, जबकि Abraham & Thakore ने अपनी मिनिमलिस्ट डिजाइन भाषा के जरिए बंधनी को डेली वियर का हिस्सा बनाया। वहीं Péro, Dyelogue और 11.11 जैसे लेबल्स इसे समकालीन फैशन में नए प्रयोगों के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं। नई पीढ़ी को क्यों पसंद आ रही है बंधनी? Dyelogue की संस्थापक रचिता पारेख के अनुसार, बंधनी को हमेशा केवल अवसर विशेष के कपड़े के रूप में देखा जाता था। लेकिन उन्होंने इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए आसान और आरामदायक रूप में डिजाइन किया। काफ्तान, शर्ट और हल्के सिल्हूट्स ने युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ाई। इसके अलावा बंधनी के कई परिधान ऐसे होते हैं जिन्हें बार-बार इस्त्री करने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वे यात्रा और नियमित उपयोग के लिए भी सुविधाजनक बन जाते हैं। आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन 11.11 के सह-संस्थापक शनि हिमांशु का मानना है कि बंधनी को आधुनिक बनाने का मतलब उसकी तकनीक बदलना नहीं, बल्कि उसके उपयोग का संदर्भ बदलना है। उनके अनुसार, बंधनी की असली पहचान उन कारीगरों के हाथों में है जो पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखे हुए हैं। यदि उसी तकनीक को आधुनिक परिधानों पर लागू किया जाए तो यह नई पीढ़ी तक पहुंच सकती है, बिना अपनी आत्मा खोए। सबसे बड़ी चुनौती: असली बंधनी को बचाए रखना विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती मांग के साथ बाजार में प्रिंटेड बंधनी की संख्या भी बढ़ी है, जो असली हस्तनिर्मित बंधनी का विकल्प बनकर सामने आ रही है। लेकिन असली बंधनी हजारों छोटे-छोटे हाथ से बांधे गए गांठों की मेहनत का परिणाम होती है। यही कारण है कि उच्च गुणवत्ता वाली बंधनी आज भी महंगी और दुर्लभ होती जा रही है। कारीगरों की संख्या घटने और श्रम लागत बढ़ने के कारण इस कला को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि शर्ट, टॉप और को-ऑर्ड सेट जैसे उत्पादों ने इसे अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद की है। बंधनी का बदलता भविष्य आज बंधनी केवल शादियों और त्योहारों की पहचान नहीं रह गई है। यह ऑफिस मीटिंग, दोस्तों के साथ आउटिंग, छुट्टियों और कैजुअल फैशन का भी हिस्सा बन रही है। डिजाइनर्स का मानना है कि परंपरा और प्रयोग दोनों साथ-साथ चल सकते हैं, बशर्ते कारीगरों और शिल्प की मूल भावना को केंद्र में रखा जाए। एक समय जो वस्त्र केवल खास मौकों का इंतजार करता था, वह अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Madhuri Dixit एक बार फिर अपने शानदार फैशन सेंस को लेकर चर्चा में हैं। अपनी नई फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में उन्होंने ऐसा खूबसूरत एथनिक लुक कैरी किया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। माधुरी ने The Silk Story की लेनन वॉटरकलर शिफॉन साड़ी पहनी, जिसमें पेस्टल शेड्स और पेंटेड फ्लोरल पैटर्न का बेहद खूबसूरत मेल देखने को मिला। यह साड़ी ब्लश पिंक, लाइम ग्रीन और आइवरी रंगों के मिश्रण से तैयार की गई थी, जो पूरे लुक को सॉफ्ट और समर फ्रेश फील दे रही थी। फ्लोरल वॉटरकलर इफेक्ट बना लुक की खासियत साड़ी पर बने फ्लोरल मोटिफ्स और वॉटरकलर फिनिश ने इसे बेहद आकर्षक बना दिया। फ्लोई पल्लू ने पूरे आउटफिट में एलिगेंस और मूवमेंट जोड़ा। माधुरी ने इस साड़ी को मैचिंग डीप यू-बैक ब्लाउज के साथ स्टाइल किया, जिसमें पीछे टैसल टाई-अप डिटेलिंग दी गई थी। उनका यह लुक पारंपरिक और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत मिश्रण नजर आया। ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती स्टाइलिस्ट सुकृति ग्रोवर ने माधुरी के इस लुक को मिनिमल लेकिन क्लासी एक्सेसरीज के साथ पूरा किया। उन्होंने Mirari Jewels के मोगरा चैंडेलियर ईयररिंग्स पहने और एक हाथ में सफेद और गुलाबी रंग की बैंगल्स स्टैक कीं। हेयर स्टाइलिस्ट शीतल एफ खान ने उनके बालों को सॉफ्ट वेव्स में स्टाइल किया और पीछे फ्लोरल एक्सेसरी लगाई, जिसने पूरे समर लुक को और भी आकर्षक बना दिया। मेकअप आर्टिस्ट हर्षल जरीवाला ने रोज टोन ग्लोइंग मेकअप, कोहल-लाइन आंखें और पिंक लिप्स के साथ उनके लुक को फ्रेश और ग्लैमरस टच दिया। समर फैशन के लिए परफेक्ट इंस्पिरेशन फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि Madhuri Dixit का यह लुक समर वेडिंग, डे इवेंट्स और फेस्टिव फंक्शन्स के लिए बेहतरीन इंस्पिरेशन हो सकता है। हल्के पेस्टल रंग, फ्लोरल डिजाइन और सॉफ्ट मेकअप का यह कॉम्बिनेशन गर्मियों के मौसम में एलिगेंट और फ्रेश स्टाइल स्टेटमेंट बनाने के लिए परफेक्ट माना जा रहा है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Janhvi Kapoor ने अपनी आगामी स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म Peddi के प्रमोशन्स की शुरुआत बेहद खूबसूरत और एलिगेंट अंदाज में की। इस दौरान उन्होंने मशहूर डिजाइनर Manish Malhotra की डिजाइन की हुई पेरिविंकल ब्लू रंग की साड़ी पहनी, जिसने फैशन लवर्स के बीच तुरंत चर्चा बटोर ली। फ्रेंच शिफॉन फैब्रिक ने दिया फ्लोई और ड्रीमी लुक यह साड़ी हल्के फ्रेंच शिफॉन फैब्रिक से तैयार की गई थी, जो अपने फ्लोई और सॉफ्ट टेक्सचर के लिए जानी जाती है। साड़ी की सबसे खास बात इसका हैंड-पेंटेड डिजाइन था, जिसमें ब्लू के अलग-अलग टोन इस्तेमाल किए गए थे। इन शेड्स ने साड़ी को मार्बल-इंस्पायर्ड फिनिश दी, जो इसे बेहद यूनिक और मॉडर्न बना रही थी। जहां आजकल भारी एम्ब्रॉयडरी और स्टोनवर्क ट्रेंड में हैं, वहीं जाह्नवी की इस साड़ी ने बिना किसी भारी सजावट के केवल रंग और फैब्रिक के दम पर अपना प्रभाव छोड़ा। फ्रिंज डिटेलिंग ने बढ़ाया मॉडर्न टच साड़ी के पल्लू पर फ्रिंज डिटेलिंग दी गई थी, जिसने पूरे लुक को समकालीन और स्टाइलिश टच दिया। इसके साथ उन्होंने मैचिंग दुपट्टा भी कैरी किया, जिसमें भी फ्रिंज बॉर्डर थी। मनिष मल्होत्रा ने शिफॉन को अपना पसंदीदा फैब्रिक बताते हुए कहा कि यह भारतीय सिनेमा और फैशन का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2026 “द ड्रेप” का साल है और दुनिया भर में भारतीय दुपट्टा और ड्रेपिंग स्टाइल से प्रेरणा ली जा रही है। ब्लू जेमस्टोन ज्वेलरी ने किया लुक को कंप्लीट जाह्नवी कपूर ने अपने लुक को ब्लू टोन जेमस्टोन ज्वेलरी के साथ कंप्लीट किया। उन्होंने डायमंड और टैंज़नाइट स्टड ईयररिंग्स और रिंग पहनी, जबकि रूबी और सैफायर ब्रेसलेट ने पूरे लुक में एक रिच कॉन्ट्रास्ट जोड़ा। ग्लॉसी मेकअप और हाई पोनीटेल बना आकर्षण का केंद्र मेकअप की बात करें तो उन्होंने ग्लॉसी न्यूड लिप्स, मेटैलिक आईशैडो और हाईलाइटर के साथ डीवी फिनिश लुक चुना। वहीं उनके बालों को स्लीक हाई पोनीटेल में स्टाइल किया गया था, जिसने पूरे आउटफिट को और भी ग्लैमरस बना दिया। 2026 में मिनिमल ड्रेप्स बन सकते हैं नया फैशन ट्रेंड फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जाह्नवी कपूर का यह लुक आने वाले वेडिंग और फेस्टिव सीजन के लिए नया ट्रेंड सेट कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो मिनिमल लेकिन स्टेटमेंट ड्रेप्स पसंद करते हैं।
गर्मियों के मौसम में जब भारी कपड़े पहनना मुश्किल लगने लगता है, तब सॉफ्ट कॉटन साड़ियां सबसे आरामदायक और स्टाइलिश विकल्प बनकर सामने आती हैं। हल्की, सांस लेने वाली और पूरे दिन आराम देने वाली ये साड़ियां अब सिर्फ पारंपरिक पहनावे तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मॉडर्न फैशन का भी बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं। ऑफिस, ब्रंच, पूजा या कैजुअल आउटिंग—हर मौके पर कॉटन साड़ी बिना ज्यादा मेहनत के एलिगेंट लुक देती है। आजकल फैशन की दुनिया में मुलमुल, जामदानी, खादी, कोटा कॉटन और चंदेरी-कॉटन ब्लेंड साड़ियों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इनकी खासियत यह है कि ये शरीर पर हल्की महसूस होती हैं और गर्मी में भी स्टाइल बनाए रखती हैं। कौन-सी कॉटन साड़ियां हैं सबसे ज्यादा ट्रेंड में? मुलमुल कॉटन साड़ी मुलमुल फैब्रिक बेहद सॉफ्ट और हल्का होता है। इसकी फ्लोई फॉल और आरामदायक टेक्सचर इसे समर वॉर्डरोब का फेवरेट बनाते हैं। यह डे-टाइम लुक के लिए परफेक्ट मानी जाती है। जामदानी कॉटन साड़ी जामदानी साड़ियों की खूबसूरत बुनाई और मिनिमल डिजाइन इन्हें क्लासी लुक देते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है जो ट्रेडिशनल और मॉडर्न स्टाइल का मिश्रण चाहते हैं। कोटा कॉटन कोटा कॉटन अपनी शीयर और एयरि फील के लिए जानी जाती है। गर्म मौसम में यह बेहद आरामदायक रहती है और एलिगेंट लुक भी देती है। खादी और हैंडलूम कॉटन अगर आप थोड़ा स्ट्रक्चर्ड और फॉर्मल लुक चाहती हैं, तो खादी और हैंडलूम कॉटन साड़ियां शानदार विकल्प हो सकती हैं। ये ऑफिस वियर के लिए खास पसंद की जाती हैं। रंग और डिजाइन भी बनाते हैं खास सॉफ्ट कॉटन साड़ियों में इंडिगो, हल्का गुलाबी, हल्दी पीला, मिट्टी जैसा भूरा, सफेद और हरा जैसे रंग काफी पसंद किए जा रहे हैं। वहीं स्ट्राइप्स, चेक्स और मिनिमल बॉर्डर डिजाइन इन्हें और ज्यादा वर्सेटाइल बनाते हैं। इन साड़ियों को सिर्फ ट्रेडिशनल ब्लाउज के साथ ही नहीं, बल्कि टैंक टॉप, कॉलर शर्ट, क्रॉप जैकेट या प्लेन टी-शर्ट के साथ भी स्टाइल किया जा सकता है। यही वजह है कि Gen-Z फैशन में भी कॉटन साड़ी की एंट्री तेजी से बढ़ रही है। पहली बार खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान अगर आप पहली बार कॉटन साड़ी खरीद रही हैं, तो बहुत ज्यादा स्टार्च वाली या भारी बॉर्डर वाली साड़ी लेने से बचें। सॉफ्ट कॉटन साड़ियों की असली खूबसूरती उनकी सहजता और आराम में होती है। समय के साथ ये और ज्यादा मुलायम और खूबसूरत हो जाती हैं। क्यों बढ़ रही है सॉफ्ट कॉटन साड़ियों की लोकप्रियता? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग ऐसे कपड़े चाहते हैं जो स्टाइलिश होने के साथ आरामदायक भी हों। सॉफ्ट कॉटन साड़ियां इसी जरूरत को पूरा करती हैं। यही कारण है कि अब ये सिर्फ पारंपरिक पहनावे तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मॉडर्न फैशन स्टेटमेंट बन चुकी हैं।
Karisma Kapoor ने हाल ही में अपने एथनिक लुक से फैशन प्रेमियों का ध्यान खींचा। एक खास इवेंट में अभिनेत्री रस्ट रंग के बेहद खूबसूरत कुर्ता सेट में नजर आईं, जिसमें पारंपरिक भारतीय कढ़ाई और शिल्पकला की शानदार झलक देखने को मिली। उनका यह लुक डिजाइनर ब्रांड Lajjoo C का था, जिसे उनकी पसंदीदा स्टाइलिस्ट Esha Amin Pradhan ने स्टाइल किया। पारंपरिक शिल्प और आधुनिक एलीगेंस का मेल करिश्मा कपूर ने “Pranvi Kurta Set” पहना था, जिसे फाइन सिल्क फैब्रिक में तैयार किया गया था। इस कुर्ते की खासियत इसकी मरौड़ी (Marodi) कढ़ाई, गोटा वर्क और सीक्विन डिटेलिंग रही। स्ट्रेट सिल्हूट वाले इस कुर्ते की गोल नेकलाइन पर बेहद बारीक और घनी कढ़ाई की गई थी, जिसमें फ्लोरल और ज्योमेट्रिक मोटिफ्स देखने को मिले। पूरे कुर्ते पर बिखरे हुए पैस्ले और बूटी डिजाइन ने इसे और आकर्षक बनाया। वहीं, स्लीव्स पर गोलाकार एम्ब्रॉयडरी ने पारंपरिक कारीगरी को और उभारा। इसके साथ मैचिंग एंकल-लेंथ पैंट्स थीं, जिनके बॉर्डर और कफ्स पर भी समान डिटेलिंग की गई थी। ऑर्गेंजा दुपट्टे ने बढ़ाई शान इस सेट के साथ करिश्मा ने एक शीयर ऑर्गेंजा दुपट्टा कैरी किया, जिस पर मरौड़ी बूटी वर्क किया गया था। दुपट्टे के किनारों पर स्ट्राइप्ड ब्रोकेड बॉर्डर और एक तरफ वेव-पैटर्न एम्ब्रॉयडरी पैनल ने पूरे लुक को शाही स्पर्श दिया। क्या है मरौड़ी कढ़ाई की खासियत? मरौड़ी कढ़ाई भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित एम्ब्रॉयडरी परंपराओं में से एक मानी जाती है। इसका संबंध मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान से है और इसकी शुरुआत वैदिक काल में मानी जाती है। पहले यह कढ़ाई केवल शाही परिवारों और राजघरानों के वस्त्रों में इस्तेमाल की जाती थी। इस तकनीक में ज़री धागों और विशेष सुई की मदद से उभरी हुई 3D एम्ब्रॉयडरी बनाई जाती है। मुगल काल के दौरान इसमें इंडो-पर्शियन डिजाइनों जैसे मेहराब और पैस्ले मोटिफ्स का प्रभाव भी शामिल हो गया। करिश्मा कपूर के कुर्ते में यही पारंपरिक कला आधुनिक अंदाज में नजर आई। जूलरी और मेकअप रखा बेहद मिनिमल स्टाइलिस्ट ईशा अमीन प्रधान ने इस लुक को ज्यादा एक्सेसरीज़ से ओवरलोड नहीं किया। करिश्मा ने केवल गोल्डन टेम्पल-स्टाइल झुमके पहने, जिनमें रंगीन रत्न जड़े हुए थे। इसके साथ उन्होंने Fizzy Goblet की एम्ब्रॉयडर्ड गोल्ड जुत्तियां पहनीं, जो पूरे लुक के साथ खूबसूरती से मेल खा रही थीं। मेकअप की बात करें तो अभिनेत्री ने कोहल-लाइन आईज़ और न्यूड ग्लॉस के साथ मिनिमल ब्यूटी लुक चुना, जिसने उनके एथनिक आउटफिट को और उभार दिया।
Sonam Kapoor एक बार फिर अपने फैशन स्टेटमेंट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार अभिनेत्री ने अपने न्यूबॉर्न के नामकरण समारोह में ऐसा एथनिक लुक चुना, जिसने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींच लिया। इस खास मौके पर Sonam Kapoor ने Anamika Khanna का कस्टम आउटफिट पहना, जिसमें टैसल्स, फ्लोरल मोटिफ्स और व्हाइट बीडवर्क की शानदार डिटेलिंग देखने को मिली। Anamika Khanna के डिजाइन में दिखा रॉयल टच स्टाइलिस्ट Rhea Kapoor द्वारा स्टाइल किए गए इस आउटफिट में घाघरा, शॉर्ट कुर्ता और दुपट्टे का खूबसूरत कॉम्बिनेशन था। घाघरे पर फ्लोरल पेंटेड मोटिफ्स बनाए गए थे, जिन्हें व्हाइट बीडवर्क एम्ब्रॉयडरी और टैसल्स से सजाया गया। वहीं कुर्ते की रिलैक्स्ड फिट और बेल स्लीव्स ने पूरे लुक को एलिगेंट टच दिया। दुपट्टे के बॉर्डर पर कॉन्ट्रास्ट व्हाइट थ्रेड एम्ब्रॉयडरी की गई थी, जिसने आउटफिट की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। जूलरी और मेकअप ने पूरा किया लुक Sonam Kapoor ने अपने इस ट्रेडिशनल लुक को डायमंड और पर्ल ड्रॉप इयररिंग्स के साथ मैचिंग ब्रेसलेट से पूरा किया। हेयर स्टाइलिस्ट Alpa Khimani ने उनके बालों को फ्लोरल एक्सेंट वाले स्लीक बन में स्टाइल किया। वहीं मेकअप आर्टिस्ट Divya Shetty ने सॉफ्ट पिंक टोन के साथ मिनिमल मेकअप रखा, जो पूरे लुक के साथ बेहद खूबसूरत लग रहा था। Sonam Kapoor को लंबे समय से बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश अभिनेत्रियों में गिना जाता है। रेड कार्पेट से लेकर कैजुअल आउटिंग तक, उनका फैशन सेंस अक्सर चर्चा में रहता है।
चंडीगढ़, एजेंसियां। पंजाब में मंगलवार रात हुए दो धमाकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला विस्फोट Jalandhar में बीएसएफ मुख्यालय के पास हुआ, जबकि कुछ घंटों बाद दूसरा धमाका Amritsar के सैन्य छावनी क्षेत्र के करीब सुनाई दिया। इन घटनाओं के बाद पूरे राज्य में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। संवेदनशील ठिकानों के पास धमाके जानकारी के मुताबिक, जालंधर में हुए धमाके से एक स्कूटर और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जबकि अमृतसर के खासा इलाके में तेज आवाज के बाद पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जांच में जुटीं एजेंसियां इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए National Investigation Agency (NIA) समेत कई केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीमों ने मौके से सैंपल जुटाए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या दोनों धमाके आपस में जुड़े हैं या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। बाहरी साजिश का एंगल जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इन घटनाओं के पीछे सीमा पार से कोई साजिश तो नहीं है। हाल के महीनों में पंजाब में हथियार और विस्फोटक बरामद होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे इस एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। सुरक्षा बढ़ाई गई धमाकों के बाद राज्यभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। आर्मी कैंप, पैरामिलिट्री बेस और प्रमुख ठिकानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट Met Gala में इस बार भारतीय संस्कृति की अनोखी झलक देखने को मिली। जहां रेड कार्पेट पर हीरे-जवाहरात और ग्लैमरस आउटफिट्स छाए रहते हैं, वहीं इस बार स्टेनलेस स्टील के देसी बर्तन–डिब्बा, कटोरी और कड़छी–हाई फैशन का हिस्सा बनकर सबका ध्यान खींच ले गए। अनन्या बिड़ला का अनोखा लुक इस खास लुक को पेश किया Ananya Birla ने, जिन्हें स्टाइल किया था Rhea Kapoor ने। उन्होंने Robert Wun के कस्टम कूट्योर आउटफिट के साथ एक खास मास्क पहना, जिसे मशहूर भारतीय कलाकार Subodh Gupta ने डिजाइन किया था। बर्तनों से बना ‘कूट्योर मास्क’ इस मास्क की सबसे बड़ी खासियत थी इसका निर्माण–यह स्टेनलेस स्टील और एक्रेलिक से बना था और इसमें रोजमर्रा के भारतीय किचन आइटम्स का इस्तेमाल किया गया था। यह मास्क देखने में एक ‘स्कल’ जैसा लगता था, लेकिन इसकी कॉन्सेप्ट साधारण चीजों को असाधारण बनाना था। अनन्या बिड़ला के मुताबिक, यह मास्क “एक साथ हेलमेट और डिस्गाइज” जैसा है–जो पहचान को छुपाते हुए एक मजबूत विजुअल स्टेटमेंट देता है। आउटफिट में इंडियन इंडस्ट्रियल टच उनके आउटफिट में भी खास भारतीय संदर्भ देखने को मिला: सिल्क-वूल ब्लेज़र पाउडर ब्लू शर्ट (वर्कवेयर इंस्पिरेशन) गन-मेटल ऑर्गेंजा बॉल गाउन स्कर्ट यह लुक भारत की इंडस्ट्रियल विरासत और आम कामकाजी जीवन को दर्शाता है। ‘Fashion is Art’ थीम को दिया नया आयाम इस साल Costume Institute की थीम “Fashion is Art” थी, और इस लुक ने इसे पूरी तरह साकार किया। रोजमर्रा के बर्तनों को कला और फैशन के स्तर तक ले जाना इस थीम की सबसे क्रिएटिव व्याख्या मानी जा रही है। देसी सितारों की मजबूत मौजूदगी Met Gala 2026 में भारतीय और साउथ एशियन सेलेब्रिटीज की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली: Karan Johar (मनीष मल्होत्रा कूट्योर) Manish Malhotra Isha Ambani Natasha Poonawalla Simone Ashley यह भारतीय फैशन और आर्ट के लिए एक बड़ा ग्लोबल मंच साबित हुआ। क्या संदेश देता है यह ट्रेंड? यह ट्रेंड दिखाता है कि अब फैशन सिर्फ महंगे कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, पहचान और रोजमर्रा की चीजों को भी ग्लोबल स्टेज पर ले जा सकता है। भारतीय कला और शिल्प की यह नई प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की रचनात्मक ताकत को उजागर करती है।
बॉलीवुड अभिनेत्री Kajol एक बार फिर अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सुर्खियों में हैं। हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड Joyalukkas के एक इवेंट में उन्होंने ऐसा लुक कैरी किया, जिसने ट्रेडिशनल और मॉडर्न फैशन का खूबसूरत संगम पेश किया। साड़ी में शिमर का नया अंदाज Kajol ने डिजाइनर जोड़ी Rimple & Harpreet की डिजाइन की हुई ब्लश ट्यूल साड़ी पहनी, जो अपने यूनिक टेक्सचर के कारण अलग नजर आई। साड़ी पर वर्टिकल सीक्विन लाइन्स दी गई थीं, जो मूवमेंट के साथ फ्लूइड इफेक्ट देती हैं पल्लू और स्कर्ट में बड़े फ्लोरल मोटिफ्स, टोनल पिंक और मेटैलिक शेड्स में उभरे स्कैलप्ड बॉर्डर ने लुक को सॉफ्ट और एलिगेंट फिनिश दिया ब्लाउज भी इसी थीम को फॉलो करता नजर आया, जिसमें फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी और स्कैलप्ड नेकलाइन ने डिटेलिंग को और खास बना दिया। ज्वेलरी ने बढ़ाया ग्लैमर इस आउटफिट को Kajol ने Joyalukkas की स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ पेयर किया: रूबी सेंटर वाला डायमंड चोकर पर्ल ड्रॉप्स मैचिंग ईयररिंग्स और रिंग्स यह ज्वेलरी लुक को रॉयल टच देने में अहम रही। स्टाइलिंग और मेकअप स्टाइलिस्ट: Radhika Mehra मेकअप: Pallavi Symons (स्मोकी कोहल आई और न्यूट्रल लिप) हेयर: Sangeeta Hegde (साइड-पार्टेड वॉल्यूमिनस ब्लोआउट) पूरे लुक में सटल ग्लैम और क्लासिक चार्म का बेहतरीन बैलेंस देखने को मिला।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।