नई दिल्ली: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो खरीदारी से पहले 30 जुलाई 2026 के ताजा भाव जरूर जान लें। घरेलू बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली नरमी देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना ₹14,350 प्रति ग्राम, जबकि चांदी ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं में तेजी का रुख देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोने की कीमत में पिछले क्लोजिंग के मुकाबले ₹1 प्रति ग्राम और चांदी में ₹100 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। 24, 22 और 18 कैरेट सोने का आज का भाव 30 जुलाई को 24 कैरेट सोना ₹14,350 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹13,154 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹10,762 प्रति ग्राम पर है। शुद्धता आज का भाव कल का भाव बदलाव 24 कैरेट, 1 ग्राम ₹14,350 ₹14,351 -₹1 22 कैरेट, 1 ग्राम ₹13,154 ₹13,155 -₹1 18 कैरेट, 1 ग्राम ₹10,762 ₹10,763 -₹1 यानी तीनों प्रमुख कैटेगरी में सोने की कीमत में केवल ₹1 प्रति ग्राम की मामूली गिरावट आई है। पटना से दिल्ली तक सोने के भाव प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत की बात करें तो पटना में यह ₹14,355 प्रति ग्राम और लखनऊ व दिल्ली में ₹14,365 प्रति ग्राम है। रांची, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में भाव ₹14,350 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। शहर 24 कैरेट सोना, 1 ग्राम पटना ₹14,355 लखनऊ ₹14,365 रांची ₹14,350 दिल्ली ₹14,365 मुंबई ₹14,350 कोलकाता ₹14,350 चेन्नई ₹14,350 बेंगलुरु ₹14,350 चांदी का भाव भी थोड़ा फिसला चांदी की कीमत में भी आज मामूली गिरावट दर्ज की गई। 1 ग्राम चांदी का भाव ₹234.90, जबकि 1 किलोग्राम चांदी ₹2,34,900 पर है। पिछले दिन के मुकाबले इसमें ₹100 प्रति किलोग्राम की कमी आई है। मात्रा आज का भाव कल का भाव बदलाव 1 ग्राम ₹234.90 ₹235.00 -₹0.10 1 किलोग्राम ₹2,34,900 ₹2,35,000 -₹100 प्रमुख शहरों में चांदी की कीमत पटना, लखनऊ, रांची, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में 1 किलो चांदी का भाव ₹2,34,900 है। कोलकाता में यह थोड़ा कम होकर ₹2,34,800 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों बढ़ी कीमत? अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारक बताए जा रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने के बाद निवेशकों की नजर अब अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों पर है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव और मिस्र में गैस टैंकर पर हमले की खबरों के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी। इससे COMEX पर सोने की कीमत करीब 1.23% और चांदी की कीमत करीब 1.10% तक बढ़ी। वैश्विक बाजार की यह तेजी आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय बुलियन मार्केट को भी प्रभावित कर सकती है। खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान सोने-चांदी के ऊपर दिए गए भाव शुरुआती अपडेट और पिछले क्लोजिंग सेशन के आधार पर हैं। ज्वेलरी खरीदते समय वास्तविक कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और ज्वेलर के अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से अंतिम कीमत और शुद्धता की पुष्टि जरूर करें।
नई दिल्ली: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 24 जून 2026 के ताजा भाव जानना आपके लिए जरूरी है। सर्राफा बाजार में आज दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। जून महीने के दौरान सोना और चांदी दोनों अपने निचले स्तर के करीब पहुंच गए हैं, जिससे खरीदारों के लिए यह समय अहम माना जा रहा है। सोने की कीमत में मामूली गिरावट आज 24 कैरेट सोना 1,44,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,32,540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पिछले कारोबारी दिन की तुलना में सोने की कीमत में 100 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोने के ताजा भाव (10 ग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹1,44,640 ₹1,44,740 -₹100 रांची ₹1,44,590 ₹1,44,690 -₹100 लखनऊ ₹1,44,740 ₹1,44,840 -₹100 दिल्ली ₹1,44,740 ₹1,44,840 -₹100 मुंबई ₹1,44,590 ₹1,44,690 -₹100 कोलकाता ₹1,44,590 ₹1,44,690 -₹100 चेन्नई ₹1,47,920 ₹1,48,020 -₹100 चांदी भी हुई सस्ती चांदी की कीमतों में भी आज हल्की नरमी देखने को मिली है। एक किलो चांदी का भाव 2,44,900 रुपये पर पहुंच गया है, जो कल के मुकाबले 100 रुपये कम है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक महीने में चांदी की कीमत में करीब 35,100 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट आ चुकी है। चांदी के ताजा भाव (1 किलो) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 रांची ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 लखनऊ ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 दिल्ली ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 मुंबई ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 कोलकाता ₹2,44,900 ₹2,45,000 -₹100 चेन्नई ₹2,49,900 ₹2,50,000 -₹100 खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें? सोने और चांदी के दाम शहर, टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के हिसाब से थोड़ा अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय सर्राफा बाजार या ज्वेलर से ताजा कीमत की पुष्टि जरूर कर लें।
Petrol Diesel Price Today 23 June 2026: देशभर में आज के लिए पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 23 जून 2026 को ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ शहरों में कुछ पैसों की बढ़ोतरी और गिरावट जरूर दर्ज की गई है। पिछले कुछ समय से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही थी, लेकिन हालिया कूटनीतिक प्रगति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आई है। इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल घरेलू कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। पेट्रोल के ताजा रेट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। पेट्रोल का ताजा भाव (₹ प्रति लीटर) शहर आज का रेट बदलाव लखनऊ ₹101.92 +₹0.03 पटना ₹113.37 -₹0.17 भागलपुर ₹114.78 +₹0.64 दरभंगा ₹113.90 -₹0.17 गया ₹114.40 -₹0.32 मुजफ्फरपुर ₹114.16 +₹0.06 देवघर ₹105.05 +₹0.10 धनबाद ₹105.27 -₹0.21 जमशेदपुर ₹105.22 -₹0.25 रांची ₹105.26 स्थिर दिल्ली ₹102.12 स्थिर कोलकाता ₹113.47 -₹0.04 मुंबई ₹111.21 +₹0.03 चेन्नई ₹107.76 -₹0.11 गुरुग्राम ₹102.97 +₹0.17 नोएडा ₹102.08 -₹0.01 बेंगलुरु ₹111.68 +₹1.07 भोपाल ₹114.65 +₹0.20 डीजल के ताजा रेट दिल्ली में डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। डीजल का ताजा भाव (₹ प्रति लीटर) शहर आज का रेट बदलाव लखनऊ ₹95.41 +₹0.05 पटना ₹99.36 -₹0.18 भागलपुर ₹100.68 +₹0.60 गया ₹100.35 -₹0.30 दरभंगा ₹99.86 -₹0.16 मुजफ्फरपुर ₹100.11 +₹0.06 देवघर ₹100.25 +₹0.10 धनबाद ₹100.49 -₹0.17 जमशेदपुर ₹100.42 -₹0.23 रांची ₹100.49 स्थिर दिल्ली ₹95.20 स्थिर कोलकाता ₹99.82 स्थिर मुंबई ₹97.83 स्थिर चेन्नई ₹99.55 -₹0.10 गुरुग्राम ₹95.64 +₹0.17 नोएडा ₹95.56 +₹0.02 बेंगलुरु ₹99.56 +₹1.02 भोपाल ₹99.74 +₹0.18 क्यों स्थिर हैं ईंधन के दाम? रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर अस्थायी छूट दिए जाने और स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के सकारात्मक संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद बनी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इसके बावजूद तेल कंपनियां फिलहाल घरेलू बाजार में कीमतों में बदलाव करने से बच रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं? ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT)
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उर्वरक और कच्चा माल लेकर भारत आ रहे करीब 10 से 12 मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने से ठीक पहले इस रणनीतिक मार्ग को पार करने में सफल रहे हैं। इससे देश में संभावित खाद संकट फिलहाल टलता नजर आ रहा है। व्यापार जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन जहाजों में यूरिया, डीएपी और अमोनिया जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक और कच्चा माल लदा हुआ है। इनकी समय पर आवाजाही से खरीफ सीजन के दौरान किसानों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। युद्ध की शुरुआत में फंस गए थे 16 जहाज ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत के लिए रवाना हुए कुल 16 जहाज प्रभावित हुए थे। इनमें शामिल थे— 8 जहाज यूरिया से लदे हुए 4 जहाज डीएपी (DAP) लेकर जा रहे थे 1 जहाज अमोनिया से भरा था 3 जहाज सल्फर लेकर आ रहे थे इन जहाजों के फंसने से भारत में उर्वरकों की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई थी। खरीफ सीजन के लिए अहम है यह आपूर्ति पश्चिम एशिया भारत के लिए उर्वरकों और उनके कच्चे माल का प्रमुख स्रोत है। जून से शुरू होने वाले खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। यदि यह आपूर्ति बाधित होती, तो किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो सकती थी और बाजार में खाद की कीमतों में भी तेजी आ सकती थी। घरेलू उत्पादन पर भी पड़ा था असर होर्मुज मार्ग में व्यवधान के कारण एलएनजी (LNG) की आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिससे देश में यूरिया उत्पादन भी धीमा पड़ गया था। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने अतिरिक्त एलएनजी की व्यवस्था की और वैश्विक बाजार से यूरिया खरीदने के लिए नए टेंडर जारी किए। कीमतों में मिल सकती है राहत विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी रहती है, तो अमोनिया और सल्फर जैसे कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे उर्वरकों की कीमतों में धीरे-धीरे नरमी देखने को मिल सकती है। हालांकि, पूरी सप्लाई चेन के सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
नई दिल्ली: 10 जून 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के दाम में करीब ₹4,500 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना लगभग ₹2,900 तक सस्ता हो गया। कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। क्यों गिरे सोना और चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका बढ़ गई है। उच्च ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बनाता है। इसी वजह से निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट चांदी: करीब ₹4,500 की गिरावट सोना: लगभग ₹2,900 सस्ता हालांकि, दिनभर के कारोबार के दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और अंतिम बंद भाव शुरुआती स्तर से अलग हो सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, और डॉलर की चाल सोना और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में फिर से तेजी भी लौट सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत सरकार ने चांदी के आयात नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली चांदी की सिल्लियों और अर्ध-निर्मित चांदी उत्पादों को प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। इस फैसले के बाद बाजार में चांदी की सप्लाई प्रभावित होने और कीमतों में तेज उछाल आने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में घरेलू बाजार में चांदी और महंगी हो सकती है। क्या है सरकार का नया फैसला? सरकार ने 16 मई 2026 से चांदी की सिल्लियों और अन्य सेमी-फिनिश्ड सिल्वर उत्पादों के आयात पर सख्ती लागू कर दी है। पहले इनका आयात आसानी से हो जाता था, लेकिन अब केवल चुनिंदा एजेंसियों को ही आयात की अनुमति होगी। इनमें RBI से जुड़े बैंक, DGFT-अनुमोदित संस्थाएं और बुलियन एक्सचेंज से संबद्ध एजेंसियां शामिल हैं। क्यों उठाया गया यह कदम? सरकार का उद्देश्य बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर दबाव को कम करना है। मिडिल ईस्ट तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी के कारण भारत का आयात खर्च तेजी से बढ़ा है। व्यापार मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने चांदी आयात पर करीब 12 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4.8 अरब डॉलर था। अप्रैल में आयात में भारी उछाल अप्रैल 2026 में चांदी आयात में 157 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और चीन से चांदी आयात करता है। क्या महंगी होगी चांदी? कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई सीमित होने से घरेलू बाजार में प्रीमियम बढ़ सकता है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। फिलहाल भारत में 1 किलो चांदी की कीमत लगभग ₹2.80 लाख तक पहुंच चुकी है। मई 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी का रुख जारी है। निवेशकों के बदलते मूड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव में कमी की खबरों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। 23 अप्रैल को भी कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आज सोने के दाम में प्रति ग्राम लगभग 1 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को आगे बढ़ाती है। दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 15,475 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बना हुआ है। प्रति 10 ग्राम सोने के ताजा रेट: 24 कैरेट: ₹1,54,740 (– ₹10) 22 कैरेट: ₹1,41,840 (– ₹10) 18 कैरेट: ₹1,16,050 (– ₹10) 18 अप्रैल को बने हालिया उच्च स्तर की तुलना में सोने की कीमतों में अब अच्छी-खासी नरमी आ चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं आता, तब तक कीमतें इसी दायरे में बनी रह सकती हैं। प्रमुख शहरों में सोने के दाम (प्रति ग्राम) पटना: 24K ₹15,638 | 22K ₹14,335 दिल्ली: 24K ₹15,489 | 22K ₹14,199 मुंबई: 24K ₹15,474 | 22K ₹14,184 चेन्नई: 24K ₹15,545 | 22K ₹14,249 चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। चांदी के ताजा रेट: 1 ग्राम: ₹264.90 100 ग्राम: ₹26,490 1 किलोग्राम: ₹2,64,900 अप्रैल की शुरुआत में जहां चांदी 2.55 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास थी, वहीं 18 अप्रैल को यह 2.75 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। अब इसमें मुनाफावसूली देखने को मिल रही है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है। क्या यह खरीदारी का सही समय है? विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच हालात कुछ सामान्य होने से सोने की मांग पर दबाव पड़ा है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर के रूप में देखी जा सकती है। हालांकि, गहने खरीदते समय ग्राहकों को जीएसटी और मेकिंग चार्ज जैसी अतिरिक्त लागतों को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि ये कीमतें बेस रेट होती हैं।
अक्षय तृतीया के दौरान जबरदस्त खरीदारी के बाद सर्राफा बाजार में अब सुस्ती के संकेत दिखाई देने लगे हैं। 20 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के बाद मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों का असर घरेलू कीमतों पर साफ नजर आ रहा है। सोने की कीमतों में आज मामूली गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना, जो पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,55,780 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, आज ₹10 घटकर ₹1,55,770 पर आ गया है। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में भी ₹10 की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन संकेत देती है कि फिलहाल बाजार स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक लंबे समय के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल हो सकता है। कीमतों में स्थिरता अक्सर निवेश के लिए अच्छा अवसर मानी जाती है, खासकर तब जब बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो। आज के सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम): 24 कैरेट: ₹1,55,770 (₹10 की गिरावट) 22 कैरेट: ₹1,42,790 (₹10 की गिरावट) 18 कैरेट: ₹1,16,830 (₹10 की गिरावट) शहरों की बात करें तो पटना और रांची में 24 कैरेट सोना ₹15,741 प्रति ग्राम पर बिक रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह ₹15,577 प्रति ग्राम है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,592 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी हल्की नरमी देखने को मिली है। आज चांदी ₹100 प्रति किलो सस्ती होकर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव पड़ता है। आज के चांदी के दाम: 1 ग्राम: ₹274.90 100 ग्राम: ₹27,490 1 किलोग्राम: ₹2,74,900 (₹100 की गिरावट) शहरों के हिसाब से पटना और रांची में चांदी ₹2,80,000 प्रति किलो के स्तर पर है, जबकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह ₹2,74,900 प्रति किलो पर बनी हुई है। कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया के बाद बाजार में आई यह हल्की गिरावट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में कीमतें वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर तय होंगी।
पश्चिम एशिया तनाव और मजबूत डॉलर का असर, सर्राफा बाजार में बिकवाली तेज हफ्ते की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए कमजोर रही। सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Gold और Silver दोनों ही दबाव में नजर आए, जिससे निवेशकों में हलचल बढ़ गई है। MCX पर सोना-चांदी के ताजा भाव घरेलू वायदा बाजार में Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी की कीमत में जबरदस्त गिरावट देखी गई। चांदी ₹13,606 टूटकर करीब ₹2.13 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई सोना ₹7,135 गिरकर लगभग ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट वैश्विक बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। COMEX पर सोना करीब 3% गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया चांदी भी करीब 3% टूटकर 67.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गई गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सोने में करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे Federal Reserve समेत अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में इसकी मांग घट जाती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड भी सोने-चांदी के लिए नकारात्मक संकेत दे रहे हैं। पश्चिम एशिया तनाव का असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार को अस्थिर कर दिया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया है। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस टकराव से तेल बाजार में उथल-पुथल और बढ़ गई है, जिसका असर अन्य कमोडिटी पर भी पड़ा है। निवेशकों का बदलता रुख रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में निवेशक अब सुरक्षित लेकिन रिटर्न देने वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोना और चांदी दबाव में बने हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।