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Gold, silver prices ease after festive rush

अक्षय तृतीया के बाद ठंडा पड़ा सर्राफा बाजार, 20 अप्रैल 2026 को सोना-चांदी में हल्की गिरावट

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed in market after Akshaya Tritiya as prices see slight dip
Gold Silver Price Drop After Akshaya Tritiya

अक्षय तृतीया के दौरान जबरदस्त खरीदारी के बाद सर्राफा बाजार में अब सुस्ती के संकेत दिखाई देने लगे हैं। 20 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के बाद मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों का असर घरेलू कीमतों पर साफ नजर आ रहा है।

सोने की कीमतों में आज मामूली गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना, जो पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,55,780 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, आज ₹10 घटकर ₹1,55,770 पर आ गया है। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में भी ₹10 की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन संकेत देती है कि फिलहाल बाजार स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक लंबे समय के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल हो सकता है। कीमतों में स्थिरता अक्सर निवेश के लिए अच्छा अवसर मानी जाती है, खासकर तब जब बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो।

आज के सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम):

  • 24 कैरेट: ₹1,55,770 (₹10 की गिरावट)
  • 22 कैरेट: ₹1,42,790 (₹10 की गिरावट)
  • 18 कैरेट: ₹1,16,830 (₹10 की गिरावट)

शहरों की बात करें तो पटना और रांची में 24 कैरेट सोना ₹15,741 प्रति ग्राम पर बिक रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह ₹15,577 प्रति ग्राम है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,592 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है।

वहीं चांदी की कीमतों में भी हल्की नरमी देखने को मिली है। आज चांदी ₹100 प्रति किलो सस्ती होकर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव पड़ता है।

आज के चांदी के दाम:

  • 1 ग्राम: ₹274.90
  • 100 ग्राम: ₹27,490
  • 1 किलोग्राम: ₹2,74,900 (₹100 की गिरावट)

शहरों के हिसाब से पटना और रांची में चांदी ₹2,80,000 प्रति किलो के स्तर पर है, जबकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह ₹2,74,900 प्रति किलो पर बनी हुई है।

कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया के बाद बाजार में आई यह हल्की गिरावट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में कीमतें वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर तय होंगी।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार बंद, सेंसेक्स 374 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,636 पर बंद

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बीएसई सेंसेक्स 374 अंक यानी करीब 0.48 फीसदी चढ़कर 78,954.76 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 करीब 11 अंक बढ़कर 24,636 पर पहुंच गया। बाजार में तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, मजबूत तिमाही नतीजों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रगति की उम्मीदों का असर रहा।   सेंसेक्स में 374 अंकों की तेजी   दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स सकारात्मक दायरे में रहा और अंत में 78,954.76 पर बंद हुआ। निफ्टी भी मामूली बढ़त के साथ 24,636 के स्तर पर पहुंचा। दोनों प्रमुख सूचकांकों के बीच बढ़त में अंतर रहा, जिससे बाजार में अलग-अलग शेयरों में मिश्रित रुझान देखने को मिला।   रिलायंस और इन शेयरों में दिखी तेजी   आज रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 3.5 फीसदी चढ़ा। वहीं नवीन फ्लोरीन में लगभग 13.7 फीसदी की तेजी आई। कंपनी के मुनाफे में मजबूत वृद्धि की खबर से शेयर को समर्थन मिला। न्यूलैंड लैब्स भी करीब 8 फीसदी चढ़ा, जबकि टाटा टेक्नोलॉजीज में लगभग 6.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर पावर ग्रिड करीब 3.9 फीसदी नीचे आया। इससे बाजार में तेजी के बावजूद कुछ प्रमुख शेयरों में दबाव भी दिखाई दिया।   कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को सहारा   बाजार की धारणा को सबसे बड़ा सहारा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिला। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने भी निवेशकों की धारणा को मजबूत किया। घरेलू स्तर पर कंपनियों के जून तिमाही के अपेक्षा से बेहतर नतीजों ने भी बाजार को समर्थन दिया। आज 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 में बढ़त दर्ज की गई, जबकि छोटे शेयरों के सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे।   क्लोजिंग के दौरान नए ऑक्शन सिस्टम का असर   आज बाजार में एक और महत्वपूर्ण बात देखने को मिली। सप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दौरान नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (CAS) के कारण सेंसेक्स में आखिरी चरण में उतार-चढ़ाव बढ़ा। बाजार विशेषज्ञों ने इस नई व्यवस्था के तहत लिक्विडिटी और कीमत तय होने की प्रक्रिया पर नजर रखने की जरूरत बताई है।   कुल मिलाकर, गुरुवार का सत्र भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक रहा। सेंसेक्स ने मजबूत बढ़त दर्ज की, जबकि निफ्टी मामूली तेजी के साथ बंद हुआ।

abhishek singh अगस्त 6, 2026 0
RBI Governor Sanjay Malhotra discusses possible UPI merchant fees and digital payment sustainability in India.

UPI पर मर्चेंट फीस की चर्चा तेज, RBI गवर्नर बोले- "किसी न किसी को लागत उठानी होगी", लेकिन अभी फैसला जल्दबाजी

LIC headquarters and stock market visuals highlighting India's largest government stake sale through OFS.

LIC OFS: सरकार ने चुपचाप जुटाए ₹31,522 करोड़, देश के सबसे बड़े OFS से बाजार भी रह गया हैरान

RBI GDP growth forecast

RBI ने FY 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7% किया

Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में हल्की तेजी, Sensex 200 अंक चढ़ा; Nifty 24,600 के ऊपर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 200 अंक चढ़कर 78,782 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 0.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,641 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रगति और कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों के बीच आई है।   वैश्विक संकेतों से बाजार को मिला सहारा   बाजार में शुरुआती तेजी के पीछे वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक संकेतों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर उम्मीद बढ़ने से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना बनी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है और Brent crude 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।   9:15 बजे तक Sensex-Nifty की स्थिति   शुरुआती कारोबार में Nifty 50 करीब 24,641 और Sensex करीब 78,782 के स्तर पर पहुंचा। Reuters के अनुसार 9:15 बजे तक Nifty में करीब 0.07% और Sensex में करीब 0.26% की बढ़त थी। इस दौरान 16 प्रमुख सेक्टरों में से 9 सेक्टर बढ़त में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक व्यापक नजर आई।   तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर   बाजार की दिशा तय करने में कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजों की भी अहम भूमिका है। अब तक आए कई नतीजों ने निवेशकों की धारणा को सहारा दिया है। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतें भी आज के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगी।   आगे बाजार की चाल पर नजर   विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में फिलहाल सकारात्मक रुख है, लेकिन Nifty के ऊपरी स्तरों पर टिके रहने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के नतीजों से दिन के दौरान बाजार की दिशा बदल सकती है।

anjali kumari अगस्त 6, 2026 0
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शेयर बाजार की क्लोजिंग: सेंसेक्स 152 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,650 के करीब; उतार-चढ़ाव के बीच बाजार हरे निशान में बंद

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Repo Rate Unchanged

RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार, MPC का फैसला सर्वसम्मति से; EMI में तत्काल राहत नहीं

Amazon के 3 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू की प्रतीकात्मक तस्वीर
Amazon 3 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू क्लब में शामिल, AI और AWS ग्रोथ से शेयरों में उछाल

अमेज़न का 3 ट्रिलियन डॉलर क्लब में प्रवेश, AI और AWS की तेज ग्रोथ से शेयरों में जोरदार उछाल न्यूयॉर्क, एजेंसियां। ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Amazon ने बाजार पूंजीकरण के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के बाजार मूल्यांकन के स्तर को पार कर गई। इसके साथ ही Amazon दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है, जिनका बाजार पूंजीकरण 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।   मजबूत नतीजों के बाद शेयर में तेजी     Amazon के शेयरों में तेज उछाल के पीछे कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। कंपनी के शेयर में करीब 5 फीसदी की तेजी आई और यह लगभग 285 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। इस तेजी ने Amazon के बाजार पूंजीकरण को 3 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।     AWS और AI बनी बड़ी ताकत     Amazon की क्लाउड इकाई AWS (Amazon Web Services) की तेज वृद्धि ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर की मांग में तेजी आई है, जिसका फायदा AWS को मिल रहा है।   Amazon ने AI से जुड़ी बुनियादी संरचना में बड़े निवेश की योजना भी बनाई है। बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि AI से जुड़ा खर्च आने वाले वर्षों में AWS के कारोबार और कंपनी की कमाई को और मजबूत कर सकता है।   3 ट्रिलियन डॉलर क्लब में पांचवीं कंपनी     Amazon के 3 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करने के साथ ही वह इस स्तर तक पहुंचने वाली पांचवीं कंपनी बन गई है। इससे पहले Apple, Microsoft, Nvidia और Alphabet जैसी कंपनियां इस क्लब में शामिल हो चुकी हैं।   Amazon ने जून 2024 में 2 ट्रिलियन डॉलर का बाजार मूल्यांकन हासिल किया था। करीब दो साल बाद कंपनी ने 3 ट्रिलियन डॉलर का स्तर पार कर लिया है। यह उपलब्धि कंपनी के ई-कॉमर्स कारोबार के साथ-साथ क्लाउड और AI क्षेत्र में बढ़ती ताकत को भी दर्शाती है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 5, 2026 0
Ardee Industries IPO

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Indian stock market rises sharply as Sensex gains 500 points and rupee strengthens ahead of RBI policy decision

Share Market Update: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला; रुपया भी मजबूत

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जम्मू-कश्मीर में 10 दिन में दूसरा आतंकी हमला, तीन की मौत; सुरक्षा व्यवस्था और सख्त

kalpana अगस्त 1, 2026 0

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