Market Update

LIC headquarters and stock market visuals highlighting India's largest government stake sale through OFS.
LIC OFS: सरकार ने चुपचाप जुटाए ₹31,522 करोड़, देश के सबसे बड़े OFS से बाजार भी रह गया हैरान

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC में 6.5% हिस्सेदारी बेचकर ₹31,522 करोड़ जुटा लिए हैं। यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, जिससे बाजार में पहले से कोई हलचल नहीं हुई और शेयर की कीमत पर भी बड़ा दबाव नहीं पड़ा। सरकार को पहले से ही LIC में अपनी हिस्सेदारी घटाकर सार्वजनिक शेयरधारिता (Public Shareholding) बढ़ानी थी। सेबी के नियमों के अनुसार मई 2027 तक LIC में कम से कम 10% पब्लिक शेयरहोल्डिंग सुनिश्चित करनी है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अंतिम समय तक OFS की लॉन्च तारीख को पूरी तरह गोपनीय रखा। इसका उद्देश्य यह था कि बड़े ट्रेडर्स और निवेशक पहले से पोजीशन लेकर शेयर की कीमत में गिरावट न ला सकें। यही रणनीति सरकार के लिए फायदेमंद साबित हुई और शुरुआती योजना से कहीं अधिक शेयर बेचने में सफलता मिली। बाजार को नहीं लगी भनक सूत्रों के मुताबिक, इस डील से जुड़े निवेश बैंकों को भी अलग-अलग समय पर जानकारी दी गई। एक बैंक को तो स्टॉक एक्सचेंज में सूचना जारी होने से कुछ समय पहले ही बुलाकर बताया गया कि उसी शाम OFS लॉन्च किया जाएगा। केवल एक छोटी कोर टीम को पूरी योजना की जानकारी थी, जबकि बाकी सलाहकारों को बाजार बंद होने के बाद प्रक्रिया में शामिल किया गया। बिना फीस के काम करने को तैयार हुए बैंक इस डील की एक और खास बात यह रही कि सलाह देने वाले चारों निवेश बैंकों ने कोई एडवाइजरी फीस नहीं ली। बताया गया कि एक बैंक ने शुरुआत में मुफ्त में काम करने की पेशकश की, जिसके बाद बाकी बैंकों ने भी फीस छोड़ने का फैसला किया। सरकारी विनिवेश से जुड़ी डील में अक्सर बैंक बेहद कम या नाममात्र की फीस लेते हैं। सही समय का भी मिला फायदा बाजार को उम्मीद थी कि सरकार LIC के तिमाही नतीजों के बाद OFS लाएगी। लेकिन सरकार ने इससे पहले ही शेयर बिक्री शुरू कर दी। अधिकारियों का मानना था कि निवेशकों को असमंजस में रखने से शेयर की कीमत स्थिर रहेगी और बेहतर प्रतिक्रिया मिलेगी। छोटे ऑफर से शुरू हुई बड़ी डील सरकार ने शुरुआत में केवल 2.5% हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी, जबकि अच्छी मांग मिलने पर अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प रखा गया। यह रणनीति सफल रही। संस्थागत निवेशकों के लिए खुला हिस्सा 3.32 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसके बाद सरकार ने अतिरिक्त शेयर भी जारी कर दिए। रिटेल निवेशकों की ओर से भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली और कुल OFS करीब 1.2 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस बिक्री के बाद LIC में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 10% हो जाएगी, जिससे सेबी की निर्धारित शर्त पूरी हो जाएगी।  

surbhi अगस्त 6, 2026 0
Stock market trading screen showing Sensex and Nifty falling during early trading amid weak global market sentiment.
Share Market Opening: लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,900 के नीचे

Share Market Opening: घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी दिन भी जारी रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर निवेशकों की धारणा पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार सुबह कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 350 अंक से अधिक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,900 के नीचे पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल सुबह 9:28 बजे तक: बीएसई सेंसेक्स 296.65 अंक (0.39%) गिरकर 76,458.40 पर कारोबार कर रहा था। एनएसई निफ्टी 50 69.15 अंक (0.29%) टूटकर 23,927.10 पर पहुंच गया। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1% मजबूत होकर 96.49 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.5650 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल निशान में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के अधिकांश शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: इंडिगो अल्ट्राटेक सीमेंट सन फार्मा एशियन पेंट्स भारती एयरटेल बजाज फिनसर्व पावरग्रिड इंफोसिस रिलायंस इंडस्ट्रीज महिंद्रा एंड महिंद्रा बढ़त वाले प्रमुख शेयर: इटरनल टाटा स्टील अडानी पोर्ट्स बजाज फाइनेंस मारुति सुजुकी सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप लगभग 0.54% फिसला। निफ्टी स्मॉलकैप करीब 0.75% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। सबसे कमजोर सेक्टर: निफ्टी फार्मा निफ्टी रियल्टी निफ्टी हेल्थकेयर बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर: निफ्टी एफएमसीजी निफ्टी ऑटो बाजार पर दबाव की वजह विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।  

surbhi जुलाई 23, 2026 0
ATL Saathi
Google ने भारत के शिक्षकों के लिए 'ATL Saathi' AI प्लेटफॉर्म का किया विस्तार, क्लाउड और AI टूल्स को भी मिला अपग्रेड

नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक दिग्गज Google ने भारत में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'ATL Saathi' AI प्लेटफॉर्म का विस्तार करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल लर्निंग टूल्स का बेहतर प्रशिक्षण और उपयोग उपलब्ध कराया जाएगा।   शिक्षकों को मिलेगा AI का प्रशिक्षण   Google के अनुसार, प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षकों को AI आधारित कंटेंट तैयार करने, स्मार्ट क्लासरूम चलाने और छात्रों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग अनुभव विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है।   क्लाउड और AI टूल्स हुए अपग्रेड   कंपनी ने 'ATL Saathi' में कई नए AI फीचर्स और Google Cloud आधारित सेवाएं जोड़ी हैं। इनकी मदद से शिक्षक लेसन प्लान तैयार करने, क्विज़ बनाने, असाइनमेंट तैयार करने और छात्रों की प्रगति का बेहतर विश्लेषण कर सकेंगे।   अटल टिंकरिंग लैब्स को मिलेगा फायदा   यह पहल अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के तहत संचालित अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) से जुड़े स्कूलों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाएगी। Google का लक्ष्य छात्रों में AI, रोबोटिक्स, कोडिंग और नवाचार से जुड़ी कौशल विकसित करना है।   डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा   विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित शिक्षा प्लेटफॉर्म के विस्तार से भारत के स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इससे शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और छात्रों को आधुनिक तकनीकों के साथ सीखने का अवसर मिलेगा।   नई शिक्षा नीति के अनुरूप पहल   Google ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों के अनुरूप है और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से छात्रों को AI एवं डिजिटल स्किल्स से लैस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

abhishek singh जुलाई 16, 2026 0
Indian stock market display showing Sensex and Nifty trading higher during opening session
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,150 के पार

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन भी मजबूती देखने को मिली। एशियाई बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 250 अंक से अधिक उछल गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,150 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मामूली मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बाजार की स्थिति सुबह करीब 9:24 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 242.70 अंक (0.31%) की बढ़त के साथ 77,428.13 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 62.35 अंक (0.26%) की तेजी के साथ 24,140.85 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 130.49 अंक और निफ्टी 26.45 अंक की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा था। रुपये में भी मामूली मजबूती शेयर बाजार की तेजी के बीच भारतीय मुद्रा में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसे मजबूत होकर 96.24 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स के इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान 20 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सबसे ज्यादा तेजी एचसीएल टेक में देखने को मिली, जिसके शेयर करीब 2.6% तक उछल गए। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाइटन, मारुति सुजुकी, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स और ट्रेंट जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों पर रहा दबाव दूसरी ओर बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टर के शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई। एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और एनटीपीसी के शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी में आईटी शेयरों का दबदबा निफ्टी 50 इंडेक्स में एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी और विप्रो सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर दबाव में रहा और इसमें सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निवेशकों का रुझान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.02% जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.34% की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों की नजर आगे किन बातों पर रहेगी? विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और रुपये की चाल पर बनी रहेगी। यदि आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को आगे भी मजबूती मिल सकती है।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Pritam and Pedro
राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी ने किया बॉलीवुड डेब्यू, बोले- अरशद वारसी मेरे सबसे बड़े मार्गदर्शक रहे

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी ने अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वेब सीरीज़ 'प्रीतम एंड पेड्रो' से की है। डेब्यू के बाद वीर ने अपने सह-कलाकार अरशद वारसी का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान उन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और आत्मविश्वास बढ़ाया।   "अरशद सर ने हर सीन में मेरा साथ दिया"   वीर हिरानी ने कहा कि अभिनय की शुरुआत उनके लिए चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अरशद वारसी ने उन्हें सहज महसूस कराया। उन्होंने बताया, "अरशद सर लगातार मुझे गाइड करते रहे। हर सीन के बाद समझाते थे कि क्या बेहतर किया जा सकता है। उनके साथ काम करना मेरे लिए किसी अभिनय स्कूल से कम नहीं था।"   राजकुमार हिरानी ने नहीं दिया कोई विशेष फायदा   वीर के डेब्यू को लेकर पहले ही राजकुमार हिरानी स्पष्ट कर चुके थे कि बेटे होने का उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिला। उन्होंने वीर से दूसरे कलाकारों की तरह ऑडिशन दिलवाया और भूमिका योग्यता के आधार पर ही मिली। वीर ने भी कई ऑडिशन टेप रिकॉर्ड किए और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें यह मौका मिला।   विक्की कौशल ने भी की तारीफ   अभिनेता विक्की कौशल ने भी वीर हिरानी के अभिनय की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने वीर को 'संजू' के सेट पर एक असिस्टेंट के रूप में काम करते देखा था और अब उन्हें मुख्य भूमिका निभाते देखना बेहद खुशी की बात है। विक्की ने कहा कि वीर ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि उन्होंने मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।   'प्रीतम एंड पेड्रो' को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया   राजकुमार हिरानी की पहली OTT सीरीज़ 'प्रीतम एंड पेड्रो' को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। साइबर क्राइम और कॉमेडी पर आधारित इस सीरीज़ में अरशद वारसी, वीर हिरानी और विक्रांत मैसी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। दर्शकों और समीक्षकों ने वीर के आत्मविश्वासपूर्ण अभिनय की भी सराहना की है।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty decline amid global tensions and investor selling.
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब; जानें गिरावट की बड़ी वजहें

सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया। क्यों टूटा शेयर बाजार? मंगलवार को बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर सीधे शेयर बाजार पर देखने को मिलता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ा दबाव बाजार पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली का भी असर पड़ा। वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ने के कारण विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे भारतीय बाजार में दबाव बढ़ा है। वैश्विक बाजारों से भी मिले कमजोर संकेत एशियाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला। निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। इसका असर भारतीय बाजार की कारोबारी शुरुआत से ही दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतें बनी चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। इससे भारत की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक कारकों से प्रभावित है। ऐसे समय में निवेशकों को घबराहट में निर्णय लेने के बजाय बाजार की दिशा और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखते हुए लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।  

surbhi जुलाई 14, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed in a showroom as precious metal prices fall sharply on July 1, 2026.
Gold Silver Price Today, 1 July 2026: जुलाई के पहले दिन सोना ₹1,600 तक टूटा, चांदी ₹5,700 सस्ती; जानें ताजा भाव

जुलाई महीने की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए गिरावट के साथ हुई है। 1 जुलाई 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोने की कीमत में ₹1,600 से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जबकि चांदी करीब ₹5,700 तक सस्ती हो गई। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में दोनों कीमती धातुओं में लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। सोने का ताजा भाव एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,42,531 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार को बाजार खुलने पर सोना ₹1,41,634 प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसकी कीमत गिरकर ₹1,40,810 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, यानी इसमें ₹1,608 की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:30 बजे तक सोना ₹1,41,196 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹1,335 (0.94%) कम था। चांदी भी हुई सस्ती एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी का पिछला बंद भाव ₹2,28,563 प्रति किलोग्राम था। आज इसकी शुरुआत ₹2,25,000 प्रति किलोग्राम से हुई। शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत गिरकर ₹2,22,901 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, यानी इसमें ₹5,662 की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:30 बजे तक चांदी ₹2,24,325 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से ₹4,238 (1.85%) कम थी। निवेशकों की नजर बाजार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर निवेशकों और आभूषण खरीदारों दोनों पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। यदि गिरावट का यह रुख जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Jasmin Bhasin in a hospital bed during her Dubai birthday trip while Aly Goni holds her hand.
बर्थडे ट्रिप पर अस्पताल पहुंचीं जैस्मिन भसीन, अली गोनी बोले- 'जिंदगी की मर्जी कुछ और थी', फैंस से मांगी दुआ

मुंबई: टीवी अभिनेत्री जैस्मिन भसीन का जन्मदिन इस बार अस्पताल में बीता। अपने बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए दुबई पहुंचीं जैस्मिन अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके बॉयफ्रेंड और अभिनेता अली गोनी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए फैंस से उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने की अपील की। "जिंदगी की मर्जी कुछ और थी" अली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल से एक भावुक तस्वीर साझा की, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के बेड पर लेटी हुई हैं और अली का हाथ थामे नजर आ रही हैं। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, "हैप्पी बर्थडे जैस्मिन। हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और ही थी। जन्मदिन की यादें बनाने के बजाय हम अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें दर्द में देखना इस ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। तुम्हें फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए मैं किसी भी जश्न को छोड़ने को तैयार हूं।" उन्होंने आगे लिखा कि उनकी सबसे बड़ी दुआ यही है कि जैस्मिन जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से मुस्कुराने लगें। गंभीर इन्फेक्शन के कारण हुईं अस्पताल में भर्ती अली गोनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि जैस्मिन को अचानक गंभीर इन्फेक्शन हो गया, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने लिखा, "हम जैस्मिन का जन्मदिन मनाने दुबई आए थे, लेकिन जिंदगी की मर्जी कुछ और थी। वह अचानक बहुत बीमार पड़ गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करनी पड़ी। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बेहद मुश्किल और भावुक रहे।" धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं जैस्मिन अली ने फैंस को राहत देते हुए बताया कि जैस्मिन की तबीयत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, "उन्हें सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल मिल रही है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं। अगर मैं किसी के मैसेज या कॉल का जवाब नहीं दे पाया तो उसके लिए माफ़ी चाहता हूं। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान जैस्मिन के साथ रहने पर है। कृपया उन्हें अपनी दुआओं में याद रखें।" कैसे शुरू हुई थी अली और जैस्मिन की लव स्टोरी? अली गोनी और जैस्मिन भसीन की पहली मुलाकात साल 2018 में खतरों के खिलाड़ी 9 के दौरान हुई थी। अर्जेंटीना में शूटिंग के दौरान दोनों अच्छे दोस्त बने। बाद में बिग बॉस 14 में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया। तब से दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें और वेकेशन की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। फिलहाल फैंस जैस्मिन के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।  

surbhi जून 29, 2026 0
Gold-Silver Price
Gold-Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

मुंबई, एजेंसियां। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिला। बिकवाली के दबाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा सोना शुरुआती कारोबार में 1,44,180 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला, लेकिन जल्द ही गिरकर करीब 1,43,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,43,454 रुपये का निचला स्तर भी छुआ। वहीं सितंबर वायदा चांदी भी गिरावट के साथ 2,23,174 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी और इंट्राडे में 2,22,641 रुपये तक फिसल गई। इस गिरावट से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिली है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिखा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 0.41 प्रतिशत गिरकर 4,078 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंकाओं, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग सीमित रही।   बाजार की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की घटनाओं से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ खुला, जबकि ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और रोजगार संबंधी आंकड़ों पर है। इन आर्थिक संकेतकों के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय होने की संभावना है। वहीं, विभिन्न शहरों में जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण आभूषणों के खुदरा दामों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Fuel station display showing updated petrol and diesel prices for June 23, 2026.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ बड़ा बदलाव, जानें 23 जून 2026 के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today 23 June 2026: देशभर में आज के लिए पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 23 जून 2026 को ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ शहरों में कुछ पैसों की बढ़ोतरी और गिरावट जरूर दर्ज की गई है। पिछले कुछ समय से अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही थी, लेकिन हालिया कूटनीतिक प्रगति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आई है। इसके बावजूद तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल घरेलू कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। पेट्रोल के ताजा रेट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। पेट्रोल का ताजा भाव (₹ प्रति लीटर) शहर आज का रेट बदलाव लखनऊ ₹101.92 +₹0.03 पटना ₹113.37 -₹0.17 भागलपुर ₹114.78 +₹0.64 दरभंगा ₹113.90 -₹0.17 गया ₹114.40 -₹0.32 मुजफ्फरपुर ₹114.16 +₹0.06 देवघर ₹105.05 +₹0.10 धनबाद ₹105.27 -₹0.21 जमशेदपुर ₹105.22 -₹0.25 रांची ₹105.26 स्थिर दिल्ली ₹102.12 स्थिर कोलकाता ₹113.47 -₹0.04 मुंबई ₹111.21 +₹0.03 चेन्नई ₹107.76 -₹0.11 गुरुग्राम ₹102.97 +₹0.17 नोएडा ₹102.08 -₹0.01 बेंगलुरु ₹111.68 +₹1.07 भोपाल ₹114.65 +₹0.20 डीजल के ताजा रेट दिल्ली में डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। डीजल का ताजा भाव (₹ प्रति लीटर) शहर आज का रेट बदलाव लखनऊ ₹95.41 +₹0.05 पटना ₹99.36 -₹0.18 भागलपुर ₹100.68 +₹0.60 गया ₹100.35 -₹0.30 दरभंगा ₹99.86 -₹0.16 मुजफ्फरपुर ₹100.11 +₹0.06 देवघर ₹100.25 +₹0.10 धनबाद ₹100.49 -₹0.17 जमशेदपुर ₹100.42 -₹0.23 रांची ₹100.49 स्थिर दिल्ली ₹95.20 स्थिर कोलकाता ₹99.82 स्थिर मुंबई ₹97.83 स्थिर चेन्नई ₹99.55 -₹0.10 गुरुग्राम ₹95.64 +₹0.17 नोएडा ₹95.56 +₹0.02 बेंगलुरु ₹99.56 +₹1.02 भोपाल ₹99.74 +₹0.18 क्यों स्थिर हैं ईंधन के दाम? रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर अस्थायी छूट दिए जाने और स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के सकारात्मक संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद बनी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इसके बावजूद तेल कंपनियां फिलहाल घरेलू बाजार में कीमतों में बदलाव करने से बच रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं? ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें शामिल हैं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT)

surbhi जून 23, 2026 0
Display of gold and silver jewelry with updated bullion prices for June 23, 2026.
सोना पहुंचा ₹1,46,520 पर, चांदी हुई सस्ती; खरीदारी से पहले जान लें 23 जून 2026 के ताजा भाव

Gold-Silver Rate Today: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ताजा कीमतों की जानकारी लेना आपके लिए जरूरी है। 23 जून 2026 को सोने की कीमत में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में मामूली गिरावट देखने को मिली है। बाजार के शुरुआती रुझानों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 10 रुपये महंगा होकर ₹1,46,520 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 100 रुपये सस्ती होकर ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। सोने की कीमत में मामूली बढ़त आज 24 कैरेट सोने का भाव 10 रुपये बढ़कर ₹1,46,520 प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये की तेजी के साथ ₹1,34,310 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। हालांकि, जून महीने की शुरुआत की तुलना में सोने की कीमत अभी भी लगभग 6 प्रतिशत नीचे बनी हुई है। 24 कैरेट सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹1,46,570 ₹1,46,560 ▲ ₹10 लखनऊ ₹1,46,670 ₹1,46,660 ▲ ₹10 रांची ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 दिल्ली ₹1,46,670 ₹1,46,660 ▲ ₹10 मुंबई ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 कोलकाता ₹1,46,520 ₹1,46,510 ▲ ₹10 चेन्नई ₹1,48,360 ₹1,48,350 ▲ ₹10 चांदी के दाम में आई नरमी सोने के मुकाबले चांदी की कीमत में आज गिरावट दर्ज की गई है। एक किलोग्राम चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,49,900 पर आ गया है। जून महीने में अब तक चांदी की कीमत में करीब 10.75 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। चांदी का ताजा भाव (प्रति किलो) शहर आज का भाव कल का भाव बदलाव पटना ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 लखनऊ ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 रांची ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 दिल्ली ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 मुंबई ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 कोलकाता ₹2,49,900 ₹2,50,000 ▼ ₹100 चेन्नई ₹2,54,900 ₹2,55,000 ▼ ₹100 बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू मांग के आधार पर आने वाले दिनों में सोना और चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले ताजा रेट जरूर जांच लें।  

surbhi जून 23, 2026 0
Falling stock market graph representing the sharp decline in Indian IT shares and investor losses.
IT Stock Crash: आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, निवेशकों के ₹1.35 लाख करोड़ डूबे, टीसीएस और इन्फोसिस पहुंचे 52 हफ्ते के निचले स्तर पर

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली। एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार दबाव में रहे और इसका सबसे बड़ा असर आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि देश की दिग्गज आईटी कंपनियां टीसीएस और इन्फोसिस अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गईं। इस तेज गिरावट से निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग ₹1.35 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई। टीसीएस और इन्फोसिस को सबसे बड़ा झटका देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर करीब 7 प्रतिशत टूटकर ₹2,060.50 तक पहुंच गया, जो इसका 52 सप्ताह का निचला स्तर है। वहीं इन्फोसिस का शेयर लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,030.35 पर पहुंच गया। इस गिरावट से कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब ₹40,000 करोड़ की कमी आई और उसका कुल मार्केट कैप घटकर लगभग ₹3.63 लाख करोड़ रह गया। अन्य आईटी कंपनियों में भी बिकवाली केवल टीसीएस और इन्फोसिस ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भी भारी दबाव देखने को मिला। विप्रो के शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक गिरावट एचसीएल टेक में 5 प्रतिशत से ज्यादा कमजोरी टेक महिंद्रा में भी 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? इस बिकवाली की मुख्य वजह ग्लोबल आईटी दिग्गज Accenture का कमजोर आउटलुक माना जा रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान की ऊपरी सीमा को 5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा चौथी तिमाही के लिए कंपनी का राजस्व अनुमान भी बाजार की अपेक्षाओं से कम रहा। इससे निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ गई कि वैश्विक कंपनियां आईटी कंसल्टिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स पर खर्च कम कर सकती हैं। भारतीय आईटी कंपनियों पर क्यों पड़ा असर? भारतीय आईटी कंपनियों का बड़ा कारोबार उत्तरी अमेरिका से आता है। ऐसे में यदि अमेरिकी और वैश्विक कंपनियां तकनीकी सेवाओं पर खर्च घटाती हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों की आय पर पड़ सकता है। इसी आशंका के कारण निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली की। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 6% की गिरावट शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे कमजोर सेक्टर इंडेक्स रहा। निवेशकों की चिंता और वैश्विक संकेतों के दबाव में पूरे आईटी सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी बाजार और वैश्विक आईटी खर्च से जुड़े संकेतों पर बनी रहेगी।  

surbhi जून 19, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty decline amid geopolitical tensions and oil price surge.
Share Market Update: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई और बाजार दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,100 के स्तर के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 73,983.18 अंक पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 73,615.99 अंक पर खुला। सुबह करीब 9:21 बजे सेंसेक्स 289.38 अंक यानी 0.39 फीसदी की गिरावट के साथ 73,693.80 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी 75.30 अंक यानी 0.32 फीसदी टूटकर 23,139.65 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान रुपया भी दबाव में दिखा और डॉलर के मुकाबले 35 पैसे कमजोर होकर 95.60 पर खुला। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 गिरावट के साथ खुले। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: एचसीएल टेक इन्फोसिस टेक महिंद्रा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) महिंद्रा एंड महिंद्रा टाइटन टाटा स्टील एशियन पेंट्स ट्रेंट एचसीएल टेक का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 2.96 फीसदी तक टूट गया। इन शेयरों में रही तेजी बाजार की कमजोरी के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। तेजी वाले प्रमुख शेयर: पावरग्रिड आईसीआईसीआई बैंक सन फार्मा भारती एयरटेल ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.62 फीसदी फिसला। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी से अधिक की कमजोरी रही। ऑटो, केमिकल और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टरों में भी गिरावट देखी गई। हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूती बनी रही। क्यों टूटा शेयर बाजार? अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 1.72 फीसदी बढ़कर 94.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ 91.82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और बाजार में बिकवाली बढ़ गई।  

surbhi जून 11, 2026 0
Gold and silver price board showing sharp decline in bullion rates on June 10, 2026.
Gold Silver Price Today 10 June 2026: बाजार खुलते ही धड़ाम हुए सोना-चांदी, चांदी ₹4,500 और सोना ₹2,900 हुआ सस्ता

नई दिल्ली: 10 जून 2026 को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी के दाम में करीब ₹4,500 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना लगभग ₹2,900 तक सस्ता हो गया। कीमती धातुओं में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। क्यों गिरे सोना और चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की आशंका बढ़ गई है। उच्च ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव बनाता है। इसी वजह से निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। MCX पर शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट चांदी: करीब ₹4,500 की गिरावट सोना: लगभग ₹2,900 सस्ता हालांकि, दिनभर के कारोबार के दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और अंतिम बंद भाव शुरुआती स्तर से अलग हो सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, और डॉलर की चाल सोना और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में फिर से तेजी भी लौट सकती है।  

surbhi जून 10, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed with latest bullion prices across major Indian cities
सोना और चांदी हुए सस्ते, खरीदारी से पहले जान लें अपने शहर के ताजा भाव

कीमती धातुओं की कीमतों में गुरुवार, 4 जून 2026 को मामूली नरमी देखने को मिली है। सोने और चांदी दोनों के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कीमतों में बदलाव बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन निवेशकों और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए ताजा रेट जानना जरूरी है। सोने की कीमत में कितनी आई गिरावट? आज 24 कैरेट सोने की कीमत 10 रुपये घटकर 1,56,210 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये सस्ता होकर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी सोने को सहारा दे रही है, जबकि घरेलू बाजार में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का भाव पटना ₹1,56,260 लखनऊ ₹1,56,360 कोलकाता ₹1,56,210 मुंबई ₹1,56,210 दिल्ली ₹1,56,360 चेन्नई ₹1,58,170 चांदी की कीमत में भी नरमी चांदी के दाम में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। आज एक किलोग्राम चांदी 100 रुपये सस्ती होकर 2,79,900 रुपये पर पहुंच गई है। हालांकि वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है, लेकिन घरेलू बाजार में फिलहाल दबाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) शहर आज का भाव पटना ₹2,79,900 लखनऊ ₹2,79,900 कोलकाता ₹2,79,900 मुंबई ₹2,79,900 दिल्ली ₹2,79,900 चेन्नई ₹2,89,900 आगे क्या रह सकता है रुख? अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,450 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी भी मजबूत स्थिति में बनी हुई है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें डॉलर की चाल, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं। फिलहाल घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं में केवल मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।  

surbhi जून 4, 2026 0
Rajesh Exports shares hit lower circuit after SEBI action over alleged financial irregularities
राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी की बड़ी कार्रवाई, रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप के बाद शेयर में लगा लोअर सर्किट

  राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी की बड़ी कार्रवाई, रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप के बाद शेयर में लगा लोअर सर्किट सोने की रिफाइनिंग और आभूषण निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Rajesh Exports को बड़ा झटका लगा है। बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (सेबी) ने कंपनी और इसके प्रमोटर Rajesh Mehta के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी करते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत किया है। सेबी की कार्रवाई के बाद गुरुवार को कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और बाजार खुलते ही शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। शेयर में 5 प्रतिशत की गिरावट बीएसई पर राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 110.15 रुपये पर बंद हुआ था। सेबी के आदेश के बाद शेयर करीब 5 प्रतिशत गिरकर 104.65 रुपये पर खुला और लोअर सर्किट में फंस गया। कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 239 रुपये और न्यूनतम स्तर 80.11 रुपये रहा है। सेबी की जांच में क्या सामने आया? सेबी द्वारा 3 जून को जारी अंतरिम आदेश के अनुसार, जांच और फोरेंसिक ऑडिट के दौरान कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। नियामक का आरोप है कि कंपनी ने अपने राजस्व (रेवेन्यू) को लगभग 97 से 99 प्रतिशत तक बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया। सेबी ने इस मामले को अत्यंत गंभीर और असाधारण प्रकृति का बताया है। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने जांच के दौरान अपेक्षित सहयोग भी नहीं किया और कई महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं कराईं। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच मार्च 2024 में सेबी को कंपनी के खातों में दिखाए गए बड़े पैमाने के ट्रेड रिसीवेबल्स को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद नियामक ने अप्रैल 2020 से मार्च 2024 तक की अवधि की विस्तृत जांच शुरू की। मामले की गहराई से जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिट भी कराया गया, जिसमें वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के साथ हुए लेन-देन की समीक्षा की गई। प्रमोटर पर लगा बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में राजेश मेहता को अगले आदेश तक कंपनी के शेयरों में किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से रोक दिया है। इसका मतलब है कि वे फिलहाल कंपनी के शेयर खरीद, बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा कंपनी को 30 दिनों के भीतर जांच से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। विदेशी सहायक कंपनियों की भी हुई जांच सेबी ने केवल भारत में कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच नहीं की, बल्कि सिंगापुर और स्विट्जरलैंड स्थित राजेश एक्सपोर्ट्स की सहायक कंपनियों की वित्तीय रिपोर्टिंग की भी समीक्षा की है। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के उत्पादों की बिक्री करती है और "शुभ जूलर्स" ब्रांड के तहत आभूषण स्टोर भी संचालित करती है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि नियामकीय जांच और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के लिए गंभीर मामला होते हैं। ऐसे मामलों में निवेशकों को आधिकारिक सूचनाओं और नियामक संस्थाओं के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।  

surbhi जून 4, 2026 0
Investors monitor falling stock market indices amid West Asia tensions and rising crude oil prices.
पश्चिम एशिया संकट का असर: शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों में बढ़ी चिंता

भारत समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर साफ दिखाई देने लगा है। एक दिन की राहत भरी तेजी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों की चिंता बढ़ने से शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 803.13 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,846.71 अंक पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 209.35 अंक यानी 0.89 प्रतिशत गिरकर 23,274.20 अंक पर पहुंच गया। इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मंगलवार को बाजार में मामूली रिकवरी देखने को मिली थी, लेकिन वैश्विक तनाव ने फिर से निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। आईटी शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट बाजार की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 27 लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। आईटी दिग्गज कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। सबसे अधिक गिरावट टीसीएस के शेयर में दर्ज की गई, जो 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईटीसी, बजाज फाइनेंस और अन्य बड़े शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा देने की कोशिश की। भारती एयरटेल, टाटा स्टील और एशियन पेंट्स में मजबूती देखने को मिली, लेकिन यह बढ़त समग्र बाजार की कमजोरी को संतुलित नहीं कर सकी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी सबसे कमजोर रहा, जहां 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा रियल्टी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में भी दबाव बना रहा। दूसरी ओर मेटल सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। रुपया भी कमजोर, डॉलर के मुकाबले फिसला शेयर बाजार में गिरावट के साथ-साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव दिखाई दिया। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ खुला और 95.45 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 95.36 पर बंद हुआ था। आखिर बाजार में गिरावट की वजह क्या है? बाजार की इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बयान ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। उनके अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बड़े हिस्से में माइन बिछा दी है और कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर फायरिंग की घटनाएं भी सामने आई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई, व्यापार घाटे और कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव बढ़ा सकती हैं। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। आगे निवेशकों की नजर किस पर रहेगी? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम बाजार की चाल तय करेंगे। यदि तनाव और बढ़ता है तो शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। वहीं किसी सकारात्मक कूटनीतिक समाधान की खबर बाजार को राहत दे सकती है।  

surbhi जून 3, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty gains amid strong buying in Indian equity markets.
बाजार में लौटी रौनक: सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 23,750 के पार

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। सोमवार को शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजार ने जिस तरह वापसी की थी, उसी तेजी को आज भी जारी रखा गया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 400 अंकों की मजबूती के साथ 75,700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि NIFTY 50 100 अंकों की तेजी के साथ 23,750 के पार पहुंच गया। बाजार में चौतरफा खरीदारी के चलते निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखा। आईटी शेयरों में लगातार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मजबूती आईटी सेक्टर में देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी जारी रही। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशक आईटी कंपनियों के लंबे समय के ग्रोथ आउटलुक को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। इसी वजह से इस सेक्टर में लगातार निवेश बढ़ रहा है। हालांकि दूसरी तरफ Nifty Private Bank इंडेक्स पर दबाव बना रहा। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहे। Hang Seng Index में 0.24% की बढ़त दर्ज की गई। Nikkei 225 में 0.64% की गिरावट रही। KOSPI में 3% से ज्यादा की बड़ी कमजोरी देखने को मिली। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती बनाए रखी। अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार बीती रात अमेरिकी बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। Dow Jones Industrial Average 160 अंक चढ़कर बंद हुआ। Nasdaq Composite में गिरावट रही। S&P 500 लगभग सपाट बंद हुआ। टेक शेयरों में दबाव और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता अमेरिकी बाजारों पर असर डालती दिखी। विदेशी निवेशकों की वापसी बनी बड़ा सहारा भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत विदेशी निवेशकों की वापसी मानी जा रही है। काफी समय से लगातार बिकवाली कर रहे Foreign Institutional Investors (FII/FPI) सोमवार को खरीदारी करते नजर आए। निवेशकों की स्थिति कैटेगरी सोमवार की स्थिति FII/FPI ₹1,329 करोड़ की खरीदारी DII ₹1,959 करोड़ की बिकवाली हालांकि पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशक अब भी बिकवाल बने हुए हैं, लेकिन हालिया खरीदारी ने बाजार को बड़ा समर्थन दिया है। निवेशकों की नजर अब किस पर? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में: वैश्विक बाजारों का रुख अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत विदेशी निवेशकों का फ्लो आईटी और बैंकिंग सेक्टर की चाल भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में लौटती मजबूती ने निवेशकों का भरोसा जरूर बढ़ाया है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Silver Import Rules
चांदी के आयात नियम सख्त, बढ़ सकती हैं कीमतें; एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत सरकार ने चांदी के आयात नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली चांदी की सिल्लियों और अर्ध-निर्मित चांदी उत्पादों को प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। इस फैसले के बाद बाजार में चांदी की सप्लाई प्रभावित होने और कीमतों में तेज उछाल आने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में घरेलू बाजार में चांदी और महंगी हो सकती है।   क्या है सरकार का नया फैसला? सरकार ने 16 मई 2026 से चांदी की सिल्लियों और अन्य सेमी-फिनिश्ड सिल्वर उत्पादों के आयात पर सख्ती लागू कर दी है। पहले इनका आयात आसानी से हो जाता था, लेकिन अब केवल चुनिंदा एजेंसियों को ही आयात की अनुमति होगी। इनमें RBI से जुड़े बैंक, DGFT-अनुमोदित संस्थाएं और बुलियन एक्सचेंज से संबद्ध एजेंसियां शामिल हैं।   क्यों उठाया गया यह कदम? सरकार का उद्देश्य बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर दबाव को कम करना है। मिडिल ईस्ट तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी के कारण भारत का आयात खर्च तेजी से बढ़ा है। व्यापार मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने चांदी आयात पर करीब 12 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4.8 अरब डॉलर था।   अप्रैल में आयात में भारी उछाल अप्रैल 2026 में चांदी आयात में 157 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और चीन से चांदी आयात करता है।   क्या महंगी होगी चांदी? कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई सीमित होने से घरेलू बाजार में प्रीमियम बढ़ सकता है, जिससे ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। फिलहाल भारत में 1 किलो चांदी की कीमत लगभग ₹2.80 लाख तक पहुंच चुकी है। मई 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Unknown मई 18, 2026 0
Sugar company shares fall after India extends ban on sugar exports till September 2026
चीनी निर्यात पर रोक का असर, Balrampur Chini समेत शुगर शेयरों में बड़ी गिरावट

सरकार द्वारा सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाने के फैसले के बाद गुरुवार को शुगर सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही कई प्रमुख चीनी कंपनियों के स्टॉक्स दबाव में आ गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर पड़ा जिनका कारोबार निर्यात पर काफी हद तक निर्भर माना जाता है। शुरुआती कारोबार में Balrampur Chini के शेयर में करीब 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Dalmia Bharat Sugar and Industries, EID Parry India और अन्य शुगर कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सितंबर 2026 तक निर्यात पर लगी रोक केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से चीनी निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह रोक 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। हालांकि सरकार ने यूरोपीय यूनियन (EU) और अमेरिका को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था के तहत होने वाले निर्यात को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है। यानी इन विशेष समझौतों के तहत सीमित मात्रा में चीनी का निर्यात जारी रहेगा। पहले से भेजे जा रहे माल को मिली राहत सरकार ने उन निर्यात खेपों को राहत दी है जो पहले से निर्यात प्रक्रिया में शामिल हैं। यानी जिन शिपमेंट्स की प्रक्रिया पहले शुरू हो चुकी थी, उन्हें कुछ शर्तों के साथ निर्यात की अनुमति दी जा सकती है। इस फैसले से घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन शेयर बाजार में निवेशकों ने इसे शुगर कंपनियों के मुनाफे पर असर डालने वाला कदम माना। शुगर शेयरों में कैसा रहा हाल? सरकारी फैसले के बाद कई प्रमुख शुगर कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई— Balrampur Chini के शेयर में करीब 4% तक की कमजोरी EID Parry India करीब 1.40% फिसलकर 794 रुपये के आसपास पहुंचा Dalmia Bharat Sugar and Industries भी दबाव में दिखा अन्य चीनी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल रहा क्यों अहम है सरकार का यह फैसला? विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बढ़ती मांग और संभावित उत्पादन दबाव को देखते हुए सरकार घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहती है। चीनी निर्यात पर रोक से घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि दूसरी तरफ इस फैसले से चीनी कंपनियों की एक्सपोर्ट कमाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर उनके शेयरों पर दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर सरकार की आगे की नीति और घरेलू चीनी उत्पादन के आंकड़ों पर बनी रहेगी।  

surbhi मई 14, 2026 0
Bajaj Finance stock displayed on trading screen with Emkay Global target price and rating
Bajaj Finance पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार, Emkay Global का टारगेट ₹950–मजबूत नतीजों के बावजूद सतर्क रहने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने Bajaj Finance के शेयर पर ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखते हुए ₹950 का टारगेट प्राइस तय किया है। 30 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कंपनी ने तिमाही नतीजों को मजबूत बताया, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर बजाज फाइनेंस ने इस तिमाही में ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और क्रेडिट कॉस्ट तीनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स): ₹54.6 अरब यह आंकड़ा ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर और बाजार के अनुमान के करीब रहा क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.6% पर आ गई, जो मुख्य वजह रही कंपनी प्रबंधन का मानना है कि 3MOB, 6MOB और 9MOB कोहोर्ट्स में सुधार के चलते क्रेडिट क्वालिटी आगे भी बेहतर हो सकती है। FY27 के लिए क्या है कंपनी का आउटलुक? कंपनी ने अगले वित्त वर्ष के लिए सकारात्मक गाइडेंस दी है: AUM (Assets Under Management) ग्रोथ: 22–24% PAT ग्रोथ: AUM से थोड़ा ज्यादा मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद ऑपरेटिंग खर्च (Opex/NTI) में 25–40 बेसिस पॉइंट सुधार क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस: 1.45–1.60% (पहले 1.65–1.75%) यह संकेत देता है कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और क्रेडिट क्वालिटी में सुधार के रास्ते पर है। EPS अनुमान में बढ़ोतरी Q4 प्रदर्शन और मैनेजमेंट के सकारात्मक संकेतों को ध्यान में रखते हुए, ब्रोकरेज ने FY27–FY28 के EPS (Earnings Per Share) अनुमान में 4–8% तक की बढ़ोतरी की है। फिर भी ‘Reduce’ रेटिंग क्यों? हालांकि कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, लेकिन Emkay का मानना है कि: मौजूदा वैल्यूएशन पहले से ही काफी ऊंचा है भविष्य की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा शेयर प्राइस में शामिल हो चुका है ऐसे में निवेशकों को मुनाफावसूली (profit booking) पर विचार करना चाहिए

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो को धरना स्थल आने की अनुमति देने की मांग, 12वें दिन भी भूख हड़ताल जारी

kalpana अगस्त 14, 2026 0