राष्ट्रीय

Jantar Mantar Row: Teen Apologises

जंतर-मंतर विवाद: PM मोदी पर टिप्पणी करने वाली युवती ने मांगी माफी, बोली- 'मुझसे बड़ी गलती हुई, मैं शर्मिंदा हूं'

kalpana अगस्त 1, 2026 0
A teenage girl issues a public apology in a video after controversy over remarks made during the Jantar Mantar protest.
Teen Apologises Over PM Modi Remark During Jantar Mantar Protest

Jantar Mantar Protest Row: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में विवादों में आई एक युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। वीडियो में युवती हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार करती नजर आ रही है। उसने कहा कि वह अपने व्यवहार पर शर्मिंदा है और पूरे देश से क्षमा मांगती है।

'मैं सिर्फ 15 साल की हूं, दूसरों के प्रभाव में आ गई'

वायरल वीडियो में युवती ने दावा किया कि उसकी उम्र 15 वर्ष है। उसने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी और वहीं से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में पहुंच गई। उसके मुताबिक, वहां मौजूद कुछ लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाते देख वह भी उनके प्रभाव में आकर नारे लगाने लगी।

युवती ने कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है और उसने बिना सोचे-समझे ऐसा किया। उसने इसे अपनी "पहली और आखिरी गलती" बताते हुए दोबारा ऐसी गलती न दोहराने का भरोसा दिलाया।

'मुझसे गंभीर गलती हुई, पूरे देश से माफी मांगती हूं'

माफीनामा वीडियो में युवती ने कहा कि उसे एहसास है कि उससे गंभीर भूल हुई है। उसने कहा कि वह अपने व्यवहार से बेहद शर्मिंदा है और देशवासियों से हाथ जोड़कर माफी मांगती है। वीडियो में वह लोगों से उसे माफ करने की अपील भी करती दिखाई देती है।

PM मोदी ने युवाओं को सुधार का मौका देने की कही थी बात

युवती का माफीनामा वीडियो उस समय सामने आया, जब कुछ घंटे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ लगाए गए कथित आपत्तिजनक नारों पर दुख जताया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने और सुधार का अवसर मिलना चाहिए।

नोएडा में दर्ज हुई थी FIR

इस मामले को लेकर 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई।

जांच दिल्ली पुलिस को सौंपी गई

नोएडा पुलिस ने बताया कि घटना दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मामला जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता स्मृति सिंह की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने सोसाइटी में की पूछताछ

पुलिस के मुताबिक, युवती अपनी मां के साथ नोएडा के सेक्टर-168 स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी में रहती थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के बाद से वह अपने फ्लैट पर वापस नहीं लौटी है। पुलिस ने सोसाइटी पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों से पूछताछ भी की है।

CJP ने आपराधिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

इस बीच प्रदर्शन का आयोजन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने युवती के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी की मुख्य न्यायिक समिति के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों में सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, तो उसके लिए मानहानि जैसे कानूनी उपाय उपलब्ध हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

kalpana

राष्ट्रीय

View more
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आंध्र प्रदेश और कर्नाटक दौरे पर, ₹18,000 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में करीब ₹18,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वह कर्नाटक के मैसूरु पहुंचकर कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।   भोगपुरम एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन   प्रधानमंत्री मोदी आंध्र प्रदेश के भोगपुरम (विजयनगरम) में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। करीब ₹5,600 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट राज्य में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।   सेमीकंडक्टर और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा   दौरे के दौरान प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश में सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। करीब ₹460 करोड़ से अधिक निवेश वाली इस परियोजना को भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा कुरनूल क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं और ट्रांसमिशन सिस्टम का भी शुभारंभ किया जाएगा।   सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं की सौगात   प्रधानमंत्री इस दौरे में आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। करीब ₹1,880 करोड़ से अधिक की सड़क परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होने और यात्रा समय कम होने की उम्मीद है।   मैसूरु में विवेक स्मारक का करेंगे उद्घाटन   आंध्र प्रदेश के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के मैसूरु जाएंगे। यहां वह स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र – विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। यह केंद्र युवाओं के लिए शिक्षा, नेतृत्व विकास, योग, ध्यान और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।   दक्षिण भारत के विकास पर केंद्र का फोकस   प्रधानमंत्री का यह दौरा आंध्र प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी, सेमीकंडक्टर उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा और सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं कर्नाटक में युवा विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर सरकार का फोकस रहेगा।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
PM Kisan Yojana

पीएम-किसान योजना का 5 साल के लिए विस्तार, किसानों को मिलती रहेगी ₹6,000 सालाना सहायता

West Bengal Digital Census

बंगाल में डिजिटल जनगणना अभियान शुरू, आज से 15 अगस्त तक घर बैठे दे सकेंगे जानकारी

Jaish-e-Mohammed

बर्धमान से जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, STF ने दबोचा; जांच में मिले अहम सुराग

समुद्र मंथन योजना
ऑफशोर ऊर्जा खोज को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने ₹84,084 करोड़ की ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी दी

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और तेल-गैस के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ₹84,084 करोड़ की ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस के नए भंडार की खोज को तेज करना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना है। सरकार के इस फैसले को देश की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   ऑफशोर क्षेत्रों में बढ़ेगी तेल-गैस की खोज   ‘समुद्र मंथन’ योजना के तहत देश के अपतटीय यानी समुद्र के भीतर स्थित संभावित क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ऐसे क्षेत्रों में अन्वेषण गतिविधियों को तेज करना है, जहां अभी तक उपलब्ध संसाधनों का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाया है। इससे भविष्य में घरेलू तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।   ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश   भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में घरेलू तेल और गैस भंडार की खोज बढ़ाना सरकार की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है। योजना के जरिए नए संसाधनों को उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, जिससे आने वाले वर्षों में आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा की बचत करने में मदद मिल सकती है।   निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद   सरकार की इस बड़ी पहल से तेल एवं गैस क्षेत्र में नए निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अन्वेषण, ड्रिलिंग, तकनीकी सेवाओं और संबंधित उद्योगों में गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘समुद्र मंथन’ योजना भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ घरेलू तेल-गैस उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर सकती है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 1, 2026 0
Chandrashekhar Azad announcing Azad Samaj Party assembly in-charges for Uttar Pradesh elections 2027

UP चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी आजाद समाज पार्टी, 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी

Indore-Manmad railway line project connecting Madhya Pradesh and Maharashtra

इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन पर बड़ा अपडेट, 309 किमी के नए रूट से मुंबई का सफर होगा आसान; 8 घंटे में पहुंचेगी ट्रेन

Collapsed Kohinoor building in Bhiwandi after a deadly accident killing 10 people

भिवंडी बिल्डिंग हादसे में बड़ा एक्शन, 10 मौतों के बाद मालिक और ठेकेदार पर FIR दर्ज

Sanjay Raut criticizes Amit Shah over Jammu and Kashmir Kulgam terror attack
'गृहमंत्रालय नहीं, गैंग चला रहे हैं', अमित शाह पर संजय राउत का हमला; कुलगाम आतंकी हमले पर मांगा इस्तीफा

Sanjay Raut On Amit Shah: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पुणे दौरे, संसद में 'वंदे मातरम्' पर चर्चा और जम्मू-कश्मीर में हालिया आतंकी घटनाओं को लेकर राउत ने सरकार को घेरते हुए गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की। अमित शाह के पुणे दौरे पर साधा निशाना मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने कहा, "रात के अंधेरे में गृह मंत्री पुणे आए। भारतीय जनता पार्टी ने उनके स्वागत में बड़े-बड़े बैनर लगाए कि देश के चाणक्य का पुणे में आगमन हुआ है।" उन्होंने आगे कहा, "यह सवाल गृह मंत्री से पूछा जाना चाहिए। वह गृह मंत्रालय नहीं चला रहे हैं, बल्कि गैंग चला रहे हैं। वह व्यापारियों और गुंडों के गैंग को चला रहे हैं और विपक्ष को खत्म करने का काम कर रहे हैं।" जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर उठाए सवाल राउत ने जम्मू-कश्मीर में हालिया आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की मौत और आतंकियों की घुसपैठ के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, आतंकी लगातार घुसपैठ कर रहे हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी देश के गृह मंत्री की है।" 'वंदे मातरम्' पर सरकार को घेरा संजय राउत ने संसद में 'वंदे मातरम्' पर हुई चर्चा का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस विषय पर चर्चा हो रही थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा, "वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष सत्र बुलाया गया, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चर्चा के दौरान सदन में नहीं थे। क्या यह वंदे मातरम् का अपमान नहीं है?" राउत ने आगे कहा कि यदि सरकार राष्ट्रभक्ति की बात करती है, तो उसे ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर सदन में उपस्थित रहना चाहिए था। कुलगाम आतंकी हमले पर मांगा इस्तीफा जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि इस मामले पर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमने पुलवामा देखा, पहलगाम देखा और अब कुलगाम में फिर लोग मारे गए। इसके बावजूद गृह मंत्री इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। अब उन्हें सरकार में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।" संजय राउत के इन बयानों के बाद एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल गृह मंत्री अमित शाह या भारतीय जनता पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

kalpana अगस्त 1, 2026 0
Heavy rainfall and flood situation in Gujarat and Kerala after IMD red alert

गुजरात-केरल में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट, 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; कई जिलों में बाढ़ का खतरा

Opposition MPs stage a symbolic protest over the Ram Mandir donation controversy in Parliament premises.

'मंदिर दान' प्रदर्शन पर घिरे पप्पू यादव, संसद परिसर में एक्टिंग के बाद थाने में दर्ज हुई शिकायत

Security personnel conduct a search operation after a terror attack in Jammu and Kashmir's Kulgam district.

जम्मू-कश्मीर में 10 दिन में दूसरा आतंकी हमला, तीन की मौत; सुरक्षा व्यवस्था और सख्त

0 Comments

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?