फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी Lupin Limited के शेयरों में 2 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में करीब 2–2.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट ऐसे समय आई जब कंपनी ने अपनी सहायक इकाई के जरिए फिलीपींस की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। Multicare Pharma में 43.38% हिस्सेदारी खरीदेगी कंपनी कंपनी की नीदरलैंड्स स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Nanomi B.V. ने Multicare Pharmaceuticals Philippines Inc. (MPPI) में 43.38% हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता किया है। कुल 1,17,94,497 शेयर खरीदे जाएंगे डील की वैल्यू लगभग 39.6 मिलियन डॉलर तक हो सकती है यह अधिग्रहण मई 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है यह कदम Lupin के इंटरनेशनल बिजनेस विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। VISUfarma का अधिग्रहण पूरा एक अन्य अपडेट में कंपनी ने बताया कि Nanomi B.V. ने VISUfarma B.V. का पूर्ण अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 1 अप्रैल 2026 से VISUfarma और उसकी सभी सब्सिडियरी Nanomi की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयां बन गई हैं USFDA से मिली मंजूरी, पाइपलाइन मजबूत हाल ही में कंपनी को US Food and Drug Administration (USFDA) से दो दवाओं के लिए अस्थायी मंजूरी मिली- Sugammadex Injection Pitolisant Tablets Pitolisant टैबलेट्स का उत्पादन नागपुर स्थित प्लांट में किया जाएगा, जिससे कंपनी की प्रोडक्ट पाइपलाइन और मजबूत होगी। शेयर प्रदर्शन और बाजार स्थिति पिछले कारोबारी सत्र में Lupin का शेयर ₹2,273.60 पर बंद हुआ, जो ₹39.10 (1.69%) की गिरावट दर्शाता है। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹2,376 52 हफ्ते का निचला स्तर: ₹1,774 वर्तमान स्तर: हाई से 4.31% नीचे, लो से 28.16% ऊपर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.04 लाख करोड़ है। गिरावट के पीछे क्या कारण? विशेषज्ञों का मानना है कि- विदेशी अधिग्रहण पर शुरुआती लागत और अनिश्चितता निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली शॉर्ट टर्म में जोखिम की आशंका इन वजहों से शेयर में दबाव देखने को मिला है, हालांकि लॉन्ग टर्म में यह डील फायदेमंद साबित हो सकती है।
देश की दिग्गज दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp के शेयरों में गुरुवार को करीब 2% की गिरावट देखने को मिली, जबकि कंपनी ने मार्च 2026 में मजबूत बिक्री आंकड़े पेश किए हैं। बेहतर सेल्स प्रदर्शन के बावजूद शेयर में आई यह गिरावट बाजार के सेंटिमेंट और मुनाफावसूली की ओर इशारा कर रही है। मार्च में बिक्री ने दिखाया दम ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। मार्च 2026 में कुल डिस्पैच 8.8% बढ़कर 5,98,198 यूनिट्स तक पहुंच गया पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 5,49,604 यूनिट्स था रिटेल सेगमेंट में भी कंपनी ने शानदार ग्रोथ दर्ज की- VAHAN रजिस्ट्रेशन 24% बढ़कर 5,42,436 यूनिट्स तक पहुंच गया घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों में बढ़त घरेलू बिक्री 5,52,505 यूनिट्स रही एक्सपोर्ट 15.62% बढ़कर 45,693 यूनिट्स तक पहुंच गया खास बात यह रही कि वित्त वर्ष 2025-26 में एक्सपोर्ट सेगमेंट में करीब 40% की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की गई, जो कंपनी के ग्लोबल विस्तार की ओर मजबूत संकेत देती है। शेयर में गिरावट क्यों? मजबूत आंकड़ों के बावजूद शेयर में गिरावट के पीछे कुछ संभावित कारण हो सकते हैं- निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) पहले से ही अच्छे नतीजों की उम्मीद बाजार में शामिल होना व्यापक बाजार में उतार-चढ़ाव शेयर का प्रदर्शन पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर ₹5,124.15 पर बंद हुआ, जो ₹63.80 या 1.26% की बढ़त के साथ था। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹6,390 52 हफ्ते का निचला स्तर: ₹3,322.60 वर्तमान स्तर: हाई से करीब 19.81% नीचे, लो से 54.22% ऊपर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.03 लाख करोड़ है, जो इसे ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल करता है।
सोमवार, 30 मार्च को भारतीय शेयर बाजार ने बेहद कमजोर शुरुआत की, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। वैश्विक तनाव और मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के असर से बाजार खुलते ही भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 1,137 अंक (करीब 1.55%) गिरकर 72,445 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 भी 336 अंक (1.47%) टूटकर 22,483 के नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा मार आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर देखा गया। Nifty Bank करीब 2.1% तक गिर गया, जो दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। हालांकि, गिरावट के इस माहौल में Nifty Metal ने थोड़ी राहत दी और 0.4% की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना रहा। पिछले हफ्ते से जारी है गिरावट बाजार में कमजोरी का यह सिलसिला नया नहीं है। पिछले सप्ताह भी सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.27% की गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को भी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे निवेशकों का भरोसा पहले से ही कमजोर था। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया: Nikkei 225 4.65% तक गिरा Kospi 3.51% टूटा Hang Seng Index 1.84% नीचे ASX 200 1.18% कमजोर मिडिल-ईस्ट तनाव और तेल की कीमतों का असर विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजार पर गहरा असर डाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान के तेल को “जब्त” करने वाले बयान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा, जहां Brent Crude $116 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI भी $102 से ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।
सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Waaree Energies के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली। कंपनी के बोर्ड द्वारा ₹3,900 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी देने और सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ाने के फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। BSE पर सुबह 09:18 बजे कंपनी का शेयर ₹3,140.25 पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹54.40 या 1.76% की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले यह ₹3,085.85 पर बंद हुआ था। ग्लास मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश कंपनी के बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Waaree Green Glass के जरिए 2,500 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाले ग्लास मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ₹3,900 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश कर्ज (debt) और आंतरिक संसाधनों (internal accruals) के मिश्रण से किया जाएगा। यह कदम कंपनी की वैल्यू चेन को मजबूत करने और सोलर सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ी इसके साथ ही कंपनी ने अपनी एक अन्य सहायक इकाई Waaree Transpower में हिस्सेदारी 64.04% से बढ़ाकर 75.10% करने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी को संचालन पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं को गति मिलेगी। शेयर का प्रदर्शन कंपनी का शेयर 12 सितंबर 2025 को ₹3,864.40 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 7 अप्रैल 2025 को ₹1,808.65 के निचले स्तर को छुआ था। वर्तमान में यह अपने हाई से 20.15% नीचे, लेकिन लो से 70.62% ऊपर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹88,761.67 करोड़ है, जो इसे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मजबूत कंपनियों में शामिल करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े निवेश और विस्तार योजनाएं कंपनी के दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को और मजबूत कर सकती हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Ceigall India के शेयरों में बुधवार को मजबूती देखने को मिली। कंपनी को ₹297 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे शेयर करीब 3% तक उछल गया। BSE पर कंपनी का शेयर ₹273.95 पर ट्रेड करता नजर आया, जो ₹8.95 यानी 3.38% की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले के सत्र में यह ₹265.00 पर बंद हुआ था। दो बड़े प्रोजेक्ट्स से मिला बूस्ट कंपनी को Purvah Green Power से दो अहम ऑर्डर मिले हैं। पहला ऑर्डर ₹119.96 करोड़ का है, जिसमें 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और सिविल वर्क समेत टर्नकी प्रोजेक्ट शामिल है। दूसरा और बड़ा ऑर्डर ₹177.93 करोड़ का है, जो आंध्र प्रदेश के रल्ला में 300.3 मेगावाट के हाइब्रिड (विंड) पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट में 91 विंड टर्बाइन जनरेटर (WTGs) के फाउंडेशन, एक्सेस रोड और अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स को कंपनी 10 महीने के भीतर पूरा करेगी, जिससे भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद बढ़ गई है। सब्सिडियरी को मिला झटका हालांकि, कंपनी की सहायक इकाई Ceigall Infra Projects को एक झटका भी लगा है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड का ₹207 करोड़ का टेंडर प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया। फिर भी ऑर्डर बुक मजबूत इसके बावजूद कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है। हाल ही में National Highways Authority of India ने कंपनी की सब्सिडियरी को ₹603 करोड़ का प्रोजेक्ट दिया है। साथ ही, कंपनी की जॉइंट वेंचर ने Ministry of Road Transport and Highways से ₹274.08 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। शेयर का प्रदर्शन कंपनी का शेयर 10 फरवरी 2026 को ₹308.30 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 9 दिसंबर 2025 को ₹223.00 के निचले स्तर को छुआ था। वर्तमान में यह अपने हाई से 14.04% नीचे और लो से 18.83% ऊपर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹4,616.43 करोड़ है, जो निवेशकों के बीच इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (18 मार्च 2026) को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे दिन बाजार हरे निशान में खुला, जिससे निवेशकों में उत्साह देखा गया। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त सुबह 9:16 बजे के आसपास: Nifty 50 23,683 के स्तर पर पहुंच गया, जो करीब 102 अंकों (0.43%) की बढ़त है BSE Sensex 76,389 के स्तर पर रहा, जिसमें 319 अंकों (0.42%) की तेजी दर्ज की गई इससे पहले मंगलवार को भी बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों का बड़ा योगदान रहा: अमेरिकी बाजारों में बढ़त, खासकर ट्रैवल सेक्टर में खरीदारी एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख कच्चे तेल की कीमतों में नरमी विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब वैश्विक तनाव के बावजूद स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? वी के विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, Geojit Investments Limited के अनुसार: बाजार में अनिश्चितता के बावजूद रिकवरी देखने को मिल रही है कच्चा तेल $120 के पार नहीं गया, इससे राहत मिली आगे बाजार अच्छे और बुरे खबरों पर सीमित प्रतिक्रिया देगा सेक्टर में बदल रहा निवेश का रुख रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब कुछ सेक्टरों में अपनी रणनीति बदल रहे हैं: IT और महंगे FMCG से पैसा निकल रहा है टेलीकॉम, फार्मा, डिफेंस और फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है इससे टेलीकॉम जैसे सेक्टर में मजबूती देखी जा रही है। FII-DII का अलग-अलग रुख मंगलवार के आंकड़ों के अनुसार: विदेशी निवेशक (FII) ने ₹4,741 करोड़ की बिकवाली की घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने ₹5,225 करोड़ की खरीदारी की यानी घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया। तेल और सोने का हाल कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट अमेरिका में क्रूड स्टॉक बढ़ने के संकेत सोने की कीमतें स्थिर, निवेशक सतर्क आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि: बाजार में फिलहाल हल्की सकारात्मक धारणा बनी रह सकती है वैश्विक घटनाओं और फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर रहेगी निवेशक सतर्क रहकर ही निवेश कर रहे हैं
शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। ब्रोकरेज फर्म Geojit Financial Services ने V-Guard Industries Ltd के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹392 तय किया है। रिपोर्ट में कंपनी के मजबूत ग्रोथ आउटलुक और आने वाले समय में बेहतर कमाई की उम्मीद जताई गई है। Q3 में अच्छा प्रदर्शन, लेकिन मार्जिन पर दबाव रिपोर्ट के अनुसार, Q3FY26 में कंपनी की आय में 11% सालाना (YoY) वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिकल सेगमेंट में 26% की मजबूत ग्रोथ केबल, वायर और अन्य प्रोडक्ट्स की डिमांड में बढ़ोतरी कॉपर की कीमत बढ़ने से भी रेवेन्यू को सपोर्ट हालांकि, ग्रॉस मार्जिन 35.9% पर आ गया (22 बेसिस पॉइंट की गिरावट) EBITDA मार्जिन 8.8% (60 बेसिस पॉइंट की गिरावट) इसका कारण महंगे इनपुट कॉस्ट और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव बताया गया है। मुनाफे में उछाल, 31% की बढ़ोतरी एक बार के खर्च (one-off provisions) को छोड़कर कंपनी का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) 31.5% YoY बढ़ा है। यह संकेत देता है कि कंपनी की मूल कमाई मजबूत बनी हुई है, भले ही मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा हो। Sunflame बिजनेस में गिरावट कंपनी के Sunflame सेगमेंट में 10% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे कारण बताए गए: बढ़ती प्रतिस्पर्धा डिस्ट्रीब्यूशन चैनल की कमजोरी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च में देरी हालांकि, FY27 से इसमें सुधार की उम्मीद जताई गई है। गर्मी बढ़ेगी तो बढ़ेगी बिक्री! रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसम विभाग द्वारा तेज गर्मी के संकेत और शुरुआती गर्म मौसम के चलते Q4 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। फैन, कूलर, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी सीजनल सेल्स से रेवेन्यू में तेजी आएगी आगे क्या है ग्रोथ का प्लान? Geojit के अनुसार: FY26 से FY28 के बीच कंपनी की कमाई 24% CAGR से बढ़ सकती है प्राइस हाइक और वॉल्यूम ग्रोथ से फायदा टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से डिमांड सपोर्ट ₹392 का टारगेट, क्यों दिया ‘Buy’ रेटिंग? ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS पर 35x P/E वैल्यूएशन के आधार पर ₹392 का टारगेट तय किया है। हालांकि, मार्जिन में अस्थिरता बिजनेस इंटीग्रेशन से जुड़े जोखिम को देखते हुए वैल्यूएशन में हल्का डिस्काउंट भी रखा गया है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? कंपनी का ब्रांड मजबूत है इलेक्ट्रिकल सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है लंबी अवधि में ग्रोथ के अच्छे मौके
रिलायंस समूह की वित्तीय सेवा कंपनी Jio Financial Services के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने सकारात्मक रुख जताया है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर “Buy” रेटिंग के साथ कवरेज शुरू करते हुए 320 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा कीमत करीब 236 रुपये के आसपास है, यानी यहां से इसमें करीब 36% तक तेजी की संभावना जताई गई है। पिछले एक साल में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में करीब 5% की बढ़त देखने को मिली है और कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। टेक्नोलॉजी आधारित फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म ब्रोकरेज के अनुसार जियो फाइनेंशियल एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से उभर रही है। कंपनी लेंडिंग, पेमेंट्स, एसेट मैनेजमेंट, बीमा और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। जियो और रिलायंस नेटवर्क का फायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी को Reliance Industries के विशाल नेटवर्क का बड़ा फायदा मिल सकता है। इसके पास Jio के 50 करोड़ से अधिक ग्राहकों का आधार है और Reliance Retail का बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी उपलब्ध है। इससे ग्राहकों को जोड़ने की लागत अन्य पारंपरिक वित्तीय कंपनियों की तुलना में कम हो सकती है। जियो क्रेडिट बनेगा ग्रोथ इंजन ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की लेंडिंग यूनिट जियो क्रेडिट आने वाले समय में प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बन सकती है। शुरुआती चरण में कंपनी ने होम लोन और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसे सुरक्षित रिटेल प्रोडक्ट्स में अच्छी शुरुआत की है। दिसंबर 2025 तक जियो क्रेडिट का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 19,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जो लेंडिंग बिजनेस के तेजी से विस्तार का संकेत देता है। AI और डेटा का इस्तेमाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा का उपयोग करके एक स्केलेबल फाइनेंशियल इकोसिस्टम बना सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए ग्राहकों के लिए पर्सनलाइज्ड क्रेडिट असेसमेंट सिस्टम तैयार किया जा सकता है। मुनाफे में तेज वृद्धि का अनुमान ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 48% CAGR की दर से बढ़ सकता है। हालांकि निकट अवधि में कंपनी का मुनाफा सीमित रह सकता है, क्योंकि फिलहाल वह लेंडिंग, पेमेंट्स और इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों में विस्तार के लिए निवेश कर रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज