अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 22 मई 2026 को लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ने से बाजार में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि रुपये में हल्की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में कीमतों में बहुत बड़ी छलांग नहीं देखने को मिली है। आज 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली बढ़त हुई है, जबकि चांदी भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव जारी रहने पर आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के दाम और ऊपर जा सकते हैं। आज कितना महंगा हुआ सोना? भारतीय बाजार में आज 24 कैरेट सोने का भाव 15,994 रुपये प्रति ग्राम पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने में भी 1 रुपये प्रति ग्राम की बढ़त दर्ज की गई है। आज का गोल्ड रेट सोने का प्रकार आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट ₹15,994 प्रति ग्राम ₹15,993 +₹1 22 कैरेट ₹14,661 प्रति ग्राम ₹14,660 +₹1 18 कैरेट ₹11,996 प्रति ग्राम ₹11,995 +₹1 प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव लखनऊ ₹16,024 ₹16,023 +₹1 पटना ₹16,014 ₹16,013 +₹1 रांची ₹15,994 ₹15,993 +₹1 New Delhi ₹16,024 ₹16,023 +₹1 Mumbai ₹15,994 ₹15,993 +₹1 Kolkata ₹15,994 ₹15,993 +₹1 गौरतलब है कि इस महीने 14 मई को सोने ने 16,233 रुपये प्रति ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था। मौजूदा कीमतें उस रिकॉर्ड स्तर से थोड़ी नीचे बनी हुई हैं। चांदी में भी जारी है तेजी सोने की तरह चांदी के बाजार में भी मजबूती बनी हुई है। आज चांदी की कीमत में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की गई है। इसके बाद देश में 1 किलो चांदी का भाव 2,85,100 रुपये पहुंच गया है। आज का सिल्वर रेट चांदी आज का रेट कल का रेट बदलाव 1 ग्राम ₹285.10 ₹285.00 +₹0.10 10 ग्राम ₹2,851 ₹2,850 +₹1 1 किलो ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 शहरवार चांदी का रेट (1 किलो) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव लखनऊ ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 पटना ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 रांची ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 New Delhi ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 Mumbai ₹2,85,100 ₹2,85,000 +₹100 Chennai ₹2,90,100 ₹2,90,000 +₹100 बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि सोना और चांदी लगातार मजबूती दिखा रहे हैं।
अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। 16 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हफ्तेभर की तेज उतार-चढ़ाव के बाद बाजार फिलहाल थोड़ा शांत नजर आ रहा है। आज कितना सस्ता हुआ सोना? आज सोने की कीमत में मामूली 1 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखी गई है। आज का गोल्ड रेट कैरेट आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट (1 ग्राम) ₹15,790 ₹15,791 -₹1 22 कैरेट (1 ग्राम) ₹14,474 ₹14,475 -₹1 18 कैरेट (1 ग्राम) ₹11,842 ₹11,843 -₹1 शहरों में 22 कैरेट सोने का भाव शहर आज का रेट बदलाव Patna ₹14,479 -₹1 Lucknow ₹14,489 -₹1 Ranchi ₹14,474 -₹1 New Delhi ₹14,489 -₹1 Mumbai ₹14,474 -₹1 Kolkata ₹14,474 -₹1 चांदी में भी दिखी हल्की गिरावट चांदी की कीमतों में भी आज नरमी देखने को मिली है। 1 किलो चांदी का भाव 100 रुपये घटकर ₹2,89,900 पर पहुंच गया है। आज का सिल्वर रेट यूनिट आज का रेट कल का रेट बदलाव 1 ग्राम ₹289.90 ₹290 -₹0.10 10 ग्राम ₹2,899 ₹2,900 -₹1 1 किलो ₹2,89,900 ₹2,90,000 -₹100 शहरों में चांदी का भाव शहर आज का रेट (1Kg) बदलाव Patna ₹2,89,900 -₹100 Lucknow ₹2,89,900 -₹100 Ranchi ₹2,89,900 -₹100 New Delhi ₹2,89,900 -₹100 Mumbai ₹2,89,900 -₹100 अभी खरीदना सही रहेगा? विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल स्थिर नजर आ रहा है। छोटी खरीदारी करने वालों के लिए यह अच्छा मौका माना जा सकता है। हालांकि बड़ी खरीदारी करने वाले निवेशक 1-2 दिन बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर नजर रख सकते हैं।
8 मई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी देखने को मिली है और उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक के बड़े शहरों में सोना नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। शादी-विवाह के सीजन और वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोने-चांदी की ओर बढ़ता दिख रहा है। जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव, महंगाई को लेकर बनी आशंकाएं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग की वजह से सोना लगातार मजबूत बना हुआ है। यही कारण है कि घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतें ऊंचाई पर बनी हुई हैं। सोना फिर चमका, कीमतों में लगातार तेजी कल की बड़ी बढ़त के बाद आज 24 कैरेट सोने की कीमत में फिर उछाल दर्ज किया गया है। कई शहरों में सोना 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार कारोबार कर रहा है। यूपी और बिहार जैसे राज्यों में मांग ज्यादा होने की वजह से यहां रेट राष्ट्रीय औसत से थोड़े ऊपर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। आपके शहर में आज 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹1,53,160 ₹1,53,000 + ₹160 Patna ₹1,53,060 ₹1,53,000 + ₹60 Delhi ₹1,53,160 ₹1,53,000 + ₹160 Mumbai ₹1,53,010 ₹1,53,000 + ₹10 Kolkata ₹1,53,010 ₹1,53,000 + ₹10 चांदी की चमक भी लगातार बढ़ी सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का सिलसिला जारी है। आज चांदी 100 रुपये की बढ़त के साथ 2,70,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि कुछ शहरों में चांदी ने बाकी बाजारों की तुलना में ज्यादा उछाल दिखाया है। विशेष रूप से Chennai में चांदी की कीमतों में बड़ी छलांग देखने को मिली, जहां रेट करीब 4,900 रुपये तक बढ़ गया। आपके शहर में आज चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹2,70,100 ₹2,70,000 + ₹100 Patna ₹2,70,100 ₹2,70,000 + ₹100 Delhi ₹2,70,100 ₹2,70,000 + ₹100 Mumbai ₹2,70,100 ₹2,70,000 + ₹100 Chennai ₹2,74,900 ₹2,70,000 + ₹4,900 आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश विकल्पों पर बढ़ा है। इसके अलावा– वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता डॉलर और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता शादी और त्योहारों के सीजन में बढ़ती मांग निवेशकों की गोल्ड ETF और बुलियन में रुचि इन सभी कारणों से सोना और चांदी दोनों मजबूत बने हुए हैं। क्या अभी गहना खरीदना सही रहेगा? अगर आप शादी या जरूरी जरूरत के लिए खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार पर नजर बनाए रखना जरूरी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सोना निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प बना रह सकता है।
देशभर के सर्राफा बाजार में 27 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों की तेज उतार-चढ़ाव के बाद बाजार फिलहाल स्थिर नजर आ रहा है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के लिए यह एक अच्छा मौका माना जा रहा है। सोने के ताजा भाव आज सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है— 24 कैरेट सोना: ₹15,403 प्रति ग्राम (₹1,54,030 प्रति 10 ग्राम) 22 कैरेट सोना: ₹14,119 प्रति ग्राम (₹1,41,190 प्रति 10 ग्राम) 18 कैरेट सोना: ₹11,552 प्रति ग्राम (₹1,15,520 प्रति 10 ग्राम) एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल सोने के दाम सीमित दायरे में बने रह सकते हैं और बड़े उछाल की संभावना कम है। प्रमुख शहरों में सोने का भाव Delhi में 24 कैरेट सोना ₹15,418 प्रति ग्राम है, जबकि Mumbai और Kolkata में ₹15,403 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार हो रहा है। Patna और Ranchi में कीमतें थोड़ी ज्यादा यानी ₹15,567 प्रति ग्राम तक पहुंची हुई हैं। चांदी के रेट में भी नरमी चांदी की कीमतों में भी आज गिरावट देखने को मिली है— 1 ग्राम चांदी: ₹259.90 100 ग्राम चांदी: ₹25,990 1 किलो चांदी: ₹2,59,900 (₹100 की गिरावट) शहरों में चांदी का भाव Delhi, Mumbai और Bengaluru में 1 किलो चांदी ₹2,59,900 के करीब है, जबकि Chennai में यह ₹2,69,900 तक पहुंची हुई है। Patna और Ranchi में चांदी ₹2,70,000 प्रति किलो के आसपास बिक रही है। क्या यह सही समय है खरीदारी का? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बीच निवेश या गहनों की खरीदारी के लिए यह अच्छा समय हो सकता है। हालांकि, बड़े निवेश से पहले बाजार के रुझानों और व्यक्तिगत जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है।
कीमती धातुओं के बाजार में आज फिर नरमी देखने को मिली है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए यह अहम अपडेट बन गया है। सोने में 1000 रुपये तक की गिरावट MCX पर 5 जून डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में ₹1,51,761 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो आज गिरकर ₹1,50,750 तक पहुंच गया। सुबह 10:20 बजे यह करीब ₹589 (0.39%) की गिरावट के साथ ₹1,51,172 पर ट्रेड करता नजर आया। चांदी भी 2000 रुपये तक सस्ती चांदी की कीमतों में भी बड़ा झटका देखने को मिला। 5 मई डिलीवरी वाली चांदी ₹2,41,513 प्रति किलो से गिरकर ₹2,39,200 तक आ गई। सुबह के कारोबार में यह करीब ₹713 (0.30%) की गिरावट के साथ ₹2,40,800 पर ट्रेड कर रही थी। क्यों आई कीमतों में गिरावट? विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सोने-चांदी पर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर मिश्रित संकेत मिलने से निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सराफा बाजार में भी नरमी राष्ट्रीय राजधानी New Delhi के सराफा बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट सोना करीब ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया, जबकि चांदी ₹2.55 लाख प्रति किलो के आसपास रही। प्रमुख शहरों में सोने के दाम (24 अप्रैल 2026) दिल्ली: 24K ₹153700 | 22K ₹140900 | 18K ₹115310 मुंबई: 24K ₹153550 | 22K ₹140750 | 18K ₹115160 कोलकाता: 24K ₹153550 | 22K ₹140750 | 18K ₹115160 चेन्नई: 24K ₹154480 | 22K ₹141600 | 18K ₹118100 पटना: 24K ₹153600 | 22K ₹140800 | 18K ₹115210 आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी। निवेशकों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को कीमती धातुओं का रुझान एक बार फिर अलग-अलग दिशा में नजर आया। जहां सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई, वहीं चांदी अब भी दबाव में बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में ताजा भाव अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज (COMEX) पर सोना 4,837.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो मजबूती का संकेत देता है। इसके विपरीत, चांदी की कीमत 79.515 डॉलर प्रति औंस पर बनी रही, जो हालिया गिरावट से उबर नहीं पाई है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में 20 अप्रैल के बंद भाव के अनुसार, सोना 1,53,902 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,52,574 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई। कीमतों में उतार-चढ़ाव की प्रमुख वजहें 1. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का प्रभाव पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता जारी है। इस कूटनीतिक पहल से मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे महंगाई के दबाव में कुछ नरमी आई है। हालांकि, इस राहत ने बुलियन बाजार में मिश्रित संकेत पैदा किए हैं। 2. डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड का दबाव वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि देखी गई है। इससे सोने में निवेश की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बना रहता है। चांदी पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। 3. फेडरल रिजर्व की सख्त नीति अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अब भी सख्त बनी हुई है। ब्याज दरों में संभावित वृद्धि और सख्ती भरे रुख ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे सोने-चांदी दोनों की तेजी सीमित हो रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव भविष्य में महंगाई को फिर बढ़ा सकता है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना अनिश्चितता के माहौल में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्कता के साथ कदम उठाने की जरूरत है। रणनीति क्या हो? बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक “बाय ऑन डिप्स” की रणनीति अपनाएं। यानी कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे निवेश करना लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है।
अक्षय तृतीया के दौरान जबरदस्त खरीदारी के बाद सर्राफा बाजार में अब सुस्ती के संकेत दिखाई देने लगे हैं। 20 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के बाद मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों का असर घरेलू कीमतों पर साफ नजर आ रहा है। सोने की कीमतों में आज मामूली गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोना, जो पिछले कारोबारी सत्र में ₹1,55,780 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, आज ₹10 घटकर ₹1,55,770 पर आ गया है। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में भी ₹10 की हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन संकेत देती है कि फिलहाल बाजार स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक लंबे समय के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल हो सकता है। कीमतों में स्थिरता अक्सर निवेश के लिए अच्छा अवसर मानी जाती है, खासकर तब जब बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव न हो। आज के सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम): 24 कैरेट: ₹1,55,770 (₹10 की गिरावट) 22 कैरेट: ₹1,42,790 (₹10 की गिरावट) 18 कैरेट: ₹1,16,830 (₹10 की गिरावट) शहरों की बात करें तो पटना और रांची में 24 कैरेट सोना ₹15,741 प्रति ग्राम पर बिक रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह ₹15,577 प्रति ग्राम है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,592 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी हल्की नरमी देखने को मिली है। आज चांदी ₹100 प्रति किलो सस्ती होकर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव पड़ता है। आज के चांदी के दाम: 1 ग्राम: ₹274.90 100 ग्राम: ₹27,490 1 किलोग्राम: ₹2,74,900 (₹100 की गिरावट) शहरों के हिसाब से पटना और रांची में चांदी ₹2,80,000 प्रति किलो के स्तर पर है, जबकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में यह ₹2,74,900 प्रति किलो पर बनी हुई है। कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया के बाद बाजार में आई यह हल्की गिरावट खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में कीमतें वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग के आधार पर तय होंगी।
भारतीय सर्राफा बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। 11 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है। ऐसे में अगर आप आज ज्वेलरी खरीदने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो ताजा रेट्स जानना बेहद जरूरी हो जाता है। सोने के दाम में हल्की बढ़त आज सोने की कीमतों में प्रति ग्राम करीब 1 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 24 कैरेट सोना अब 15,236 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और बदलते भू-राजनीतिक हालात ने सोने को सहारा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सोना अब भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है, हालांकि आगे कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। 10 ग्राम सोने का ताजा भाव 24 कैरेट: ₹1,52,360 (₹10 की बढ़त) 22 कैरेट: ₹1,39,660 (₹10 की बढ़त) 18 कैरेट: ₹1,14,270 (₹10 की बढ़त) प्रमुख शहरों में सोने का रेट (प्रति ग्राम) मुंबई: ₹15,236 दिल्ली: ₹15,251 चेन्नई: ₹15,410 कोलकाता: ₹15,236 बेंगलुरु: ₹15,236 पटना: ₹15,464 रांची: ₹15,464 चांदी की कीमत में भी उछाल चांदी के दाम में भी आज तेजी देखने को मिली है। कीमत में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के साथ चांदी 2,60,100 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर चांदी की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। चांदी का ताजा रेट 1 ग्राम: ₹260.10 100 ग्राम: ₹26,010 1 किलोग्राम: ₹2,60,100 शहरों में चांदी का भाव मुंबई/दिल्ली/कोलकाता/बेंगलुरु: ₹2,60,100 प्रति किलो चेन्नई: ₹2,65,100 प्रति किलो पटना/रांची: ₹2,65,000 प्रति किलो क्या है संकेत? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों में यह तेजी वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों के सुरक्षित विकल्प की ओर झुकाव को दर्शाती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
पश्चिम एशिया तनाव और मजबूत डॉलर का असर, सर्राफा बाजार में बिकवाली तेज हफ्ते की शुरुआत सर्राफा बाजार के लिए कमजोर रही। सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Gold और Silver दोनों ही दबाव में नजर आए, जिससे निवेशकों में हलचल बढ़ गई है। MCX पर सोना-चांदी के ताजा भाव घरेलू वायदा बाजार में Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी की कीमत में जबरदस्त गिरावट देखी गई। चांदी ₹13,606 टूटकर करीब ₹2.13 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई सोना ₹7,135 गिरकर लगभग ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट वैश्विक बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। COMEX पर सोना करीब 3% गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया चांदी भी करीब 3% टूटकर 67.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गई गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सोने में करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। आखिर क्यों गिर रहे हैं दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे Federal Reserve समेत अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में इसकी मांग घट जाती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड भी सोने-चांदी के लिए नकारात्मक संकेत दे रहे हैं। पश्चिम एशिया तनाव का असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार को अस्थिर कर दिया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया है। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस टकराव से तेल बाजार में उथल-पुथल और बढ़ गई है, जिसका असर अन्य कमोडिटी पर भी पड़ा है। निवेशकों का बदलता रुख रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में निवेशक अब सुरक्षित लेकिन रिटर्न देने वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोना और चांदी दबाव में बने हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।