Cricket Update

Virat Kohli during a match after being ruled out of India’s ODI series against Afghanistan due to injury
टीम इंडिया को बड़ा झटका, विराट कोहली अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर, चोट बनी वजह

भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह खबर टीम इंडिया और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निराशाजनक है, क्योंकि इस सीरीज को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा था। आईपीएल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करनी थी वापसी विराट कोहली आईपीएल 2026 के बाद इस सीरीज के जरिए भारतीय टीम में वापसी करने वाले थे। हालांकि चोट के चलते उनकी वापसी फिलहाल टल गई है। 37 वर्षीय कोहली अपनी फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उनका अचानक टीम से बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में रहा शानदार प्रदर्शन कोहली ने हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पूरे सीजन में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 56.25 और स्ट्राइक रेट 165.84 रहा। वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। बीसीसीआई सूत्र ने दी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र ने पुष्टि की है कि हैमस्ट्रिंग चोट के कारण विराट कोहली अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से शुरू होने वाली है। मुकाबलों का आयोजन धर्मशाला में किया जाएगा। टीम इंडिया के लिए क्यों अहम थी यह सीरीज? अफगानिस्तान के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का शुरुआती चरण नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका अनुभवी खिलाड़ियों के संयोजन को मजबूत करना बल्लेबाजी क्रम को स्थिर करना ऐसे में विराट कोहली जैसे वरिष्ठ और अनुभवी बल्लेबाज का बाहर होना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अब किसे मिल सकता है मौका? कोहली की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन किसी युवा बल्लेबाज या रिजर्व खिलाड़ी को मौका दे सकता है। हालांकि उनकी जगह कौन लेगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। चयनकर्ता जल्द ही टीम में बदलाव की घोषणा कर सकते हैं।  

surbhi जून 4, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
धुरंधर वैभव सूर्यवंशी  के निशाने पर दुनिया के सारे बॉलर

जब भारतीय क्रिकेट की बात होती है तब सबसे पहले सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के नाम सामने आते हैं। लेकिन इन दिनों क्रिकेट जगत में जिस युवा खिलाड़ी की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, वह हैं धुरंधर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव ने अपने खेल से क्रिकेट प्रेमियों, बड़े बड़े  हस्तियों और पूर्व खिलाड़ियों को अपना दीवाना बना  दिया। बिहार के समस्तीपुर का लड़का जिसके पिता संजीव सूर्यवंशी खुद क्रिकेटर बनने  का सपना देखा था लेकिन वो कहीं न  कहीं घर के जिम्मेदारियों के तले दब कर रही गई। लेकिन उन्होंने अपने बेटे में वो प्रतिभा देखी और उसे निखारने के लिए हरसंभव प्रयास किया। वैभव की क्रिकेट यात्रा चार साल की उम्र में शुरू हुई, जब उनके पिता उनके लिए पहला क्रिकेट बैट लेकर आए। धीरे-धीरे उनका खेल के प्रति जुनून बढ़ता गया। नौ साल की उम्र में उनका दाखिला पटना की जैन नेक्स्ट क्रिकेट अकादमी में कराया गया, जहां वह सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन बेटे के सपनों को उड़ान देने के लिए पिता ने अपनी जमीन तक बेच दी। वैभव भी अपने परिवार के संघर्ष को कभी नहीं भूलते। उन्होंने कई बार कहा है कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है।वैभव ने बताया कि उनकी मां रात दो बजे उठकर उनके लिए खाना तैयार करती थीं और पिता ने अपना काम छोड़कर पूरी तरह उनके क्रिकेट करियर पर ध्यान दिया। परिवार के त्याग और विश्वास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। बात करे उनके तूफानी बल्लेबाजी की तो शायद  ही ऐसा कोई बॉलर होगा जो वैभव के ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से बचा होगा। आईपीएल 2026 एक ऐसा सेशन बन गया जिसे  न कोई  भूल पायेगा नहीं वैभव सूर्यवंशी किसको भूलने देंगे। उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाकर नया इतिहास रच दिया। इस दौरान उनके बल्ले से 63 चौके, 72 छक्के, एक शतक और पांच अर्धशतक निकले। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें टूर्नामेंट का सबसे चर्चित खिलाड़ी बना दिया। वैभव आईपीएल के एक सीजन में 700 से अधिक रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही वह किसी भी टी20 टूर्नामेंट के पावरप्ले में 500 या उससे अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बने। अगर आप सोच रहे हैं कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ घरेलू गेंदबाजों पर बरस रहे हैं, तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डालिए। वैभव सूर्यवंशी  ने इस सीजन दुनिया के सबसे महंगे और सफल गेंदबाजों की तसल्ली से धुनाई की है। उनके निशाने पर सबसे ऊपर रहे ऑस्ट्रेलिया के स्टार तेज गेंदबाज पैट कमिंस। वैभव ने कमिंस की महज 16 गेंदों का सामना किया और उन पर 61 रन कूट दिए। यानी कमिंस के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट करीब 380 का रहा। स्विंग के सुल्तान भुवनेश्वर कुमार भी वैभव के कहर से खुद को नहीं बचा पाए। भुवी की 19 गेंदों पर सूर्यवंशी ने 38 रन बटोरे। वहीं, पंजाब के डेथ ओवर स्पेशलिस्ट अर्शदीप सिंह की 13 गेंदों पर इस युवा बल्लेबाज ने 36 रन ठोक डाले। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मोहम्मद सिराज के खिलाफ भी वैभव ने अपना दबदबा बनाए रखा और उनकी 10 गेंदों में 18 रन बटोरे। हद तो तब हो गई जब यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह के सामने भी वैभव बिल्कुल नहीं झिझके और बुमराह की मात्र 5 गेंदों पर 13 रन जड़ दिए.इन आंकड़ों से साफ है कि वैभव ने इस सीजन किसी भी गेंदबाज को संभलने का मौका नहीं दिया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने केवल 29 गेंदों में 97 रन की तूफानी पारी खेलकर सबको चौंका दिया। उनकी इस पारी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली। इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स क्वालिफायर-2 तक पहुंचने में सफल रही। इस मुकाबले में उन्होंने केवल 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक माना जा रहा है। पारी के दौरान उन्होंने 12 छक्के लगाए, जिनमें से 8 छक्के पावरप्ले में ही आए। यह भी एक नया रिकॉर्ड बन गया। वैभव सूर्यवंशी को इस समय क्रिकेट जगत का नया "सिक्सर मशीन" कहा जा रहा है। उन्होंने आईपीएल 2026 में छक्कों की झड़ी लगाकर कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। एक सीजन में 72 छक्के लगाकर उन्होंने Chris Gayle के 59 छक्कों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Andre Russell का एक बड़ा विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इस सीजन उनके कुल रनों का लगभग 89.7 प्रतिशत हिस्सा चौकों और छक्कों से आया, जो किसी भी प्रमुख टी20 लीग में अब तक का सर्वाधिक प्रतिशत माना जा रहा है। आज सोशल मीडिया से लेकर गांव-कस्बों की चाय दुकानों तक वैभव सूर्यवंशी की चर्चा हो रही है। उनकी सफलता केवल क्रिकेट की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, मेहनत और परिवार के त्याग की कहानी भी है।कम उम्र में जिस परिपक्वता और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का सामना किया है, उसने उन्हें देश के करोड़ों युवाओं का प्रेरणास्रोत बना दिया है।इतना ही नहीं अब आतिशी बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी  झारखंड के स्वास्थ्य विभाग का हेल्थ एंबेसडर बनाने जा रहे है।  महज 15 वर्ष की उम्र में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज पर अब पूरे देश की निगाहें हैं। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वैभव भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे और विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन करेंगे।

Unknown मई 30, 2026 0
Hardik Pandya and Rohit Sharma during Mumbai Indians match amid captaincy change speculation
मुंबई इंडियंस में बड़ा बदलाव तय? हार्दिक पंड्या छोड़ सकते हैं टीम, रोहित शर्मा निभाएंगे अहम भूमिका

आईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद Mumbai Indians के भीतर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। टीम के मौजूदा कप्तान Hardik Pandya को कप्तानी से हटाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक हार्दिक पंड्या फ्रेंचाइजी प्रबंधन से रिश्तों में आई खटास के कारण टीम छोड़ने का भी मन बना चुके हैं। मुंबई इंडियंस का इस सीजन प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मैचों में केवल 4 जीत दर्ज कर सकी, जिसके बाद कप्तानी और टीम मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रोहित शर्मा की राय से चुना जाएगा नया कप्तान सूत्रों के अनुसार, अब फ्रेंचाइजी अगला कप्तान चुनने से पहले Rohit Sharma की सहमति और समर्थन को सबसे ज्यादा महत्व देगी। बताया जा रहा है कि टीम प्रबंधन ने हार्दिक को कप्तान बनाने के फैसले से सबक लिया है और अब दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनाना चाहता। हालांकि यह भी साफ कर दिया गया है कि रोहित शर्मा खुद दोबारा मुंबई इंडियंस की कप्तानी नहीं संभालेंगे। लेकिन नए कप्तान के चयन में उनकी भूमिका काफी अहम रहने वाली है। सूत्रों ने दावा किया कि मुंबई इंडियंस अब ऐसा कप्तान चाहती है जिसे टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी और खासकर रोहित शर्मा का पूरा समर्थन मिले। हार्दिक पंड्या कर सकते हैं ट्रांसफर की मांग रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक पंड्या केवल कप्तानी हटाए जाने से नाराज नहीं हैं, बल्कि उनका फ्रेंचाइजी प्रबंधन के साथ संबंध भी बेहतर नहीं चल रहा। इसी वजह से वह आगामी सीजन से पहले टीम बदलने का विकल्प तलाश सकते हैं। बताया जा रहा है कि हार्दिक पंड्या ट्रेड विंडो के जरिए दूसरी टीम में जाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि अभी तक मुंबई इंडियंस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गुजरात टाइटंस से जुड़े नामों पर भी चर्चा रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई इंडियंस को हार्दिक पंड्या के साथ Ashish Nehra जैसे अनुभवी कोच को भी जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि आईपीएल में किसी दूसरे फ्रेंचाइजी के कोच या कप्तान को सीधे अपने साथ जोड़ना आसान नहीं होता। जल्द आ सकता है बड़ा फैसला सूत्रों के मुताबिक अगले कुछ हफ्तों में हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है। ऐसे में आईपीएल 2027 से पहले मुंबई इंडियंस में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।  

surbhi मई 29, 2026 0
Sakib Hussain celebrates after dismissing Virat Kohli during IPL 2026 match between SRH and RCB
विराट कोहली का विकेट लेने के बाद क्या बोले साकिब हुसैन? बयान हुआ वायरल

Indian Premier League 2026 में युवा खिलाड़ियों का जलवा लगातार देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने Royal Challengers Bengaluru को 55 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के तेज गेंदबाज Sakib Hussain की रही, जिन्होंने स्टार बल्लेबाज Virat Kohli का अहम विकेट लिया। कोहली को आउट करने के बाद साकिब का बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साकिब हुसैन ने क्या कहा? मैच के बाद Sakib Hussain ने बताया कि पिच पर गेंद रुककर आ रही थी, इसलिए उनकी रणनीति धीमी गेंदें डालने की थी। उन्होंने कहा कि टीम के कोच Varun Aaron ने उन्हें अपनी ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करने की सलाह दी थी। साकिब ने कहा कि Virat Kohli का विकेट लेना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी अपना 100 प्रतिशत देकर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करते रहेंगे। बिहार के इस गेंदबाज ने मचाई धूम बिहार के गोपालगंज के रहने वाले Sakib Hussain इस सीजन में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। Sunrisers Hyderabad ने उन्हें IPL 2026 ऑक्शन में 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। इससे पहले साल 2024 में Kolkata Knight Riders ने उन्हें स्क्वॉड में जरूर रखा था, लेकिन तब उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला था। 2026 में साकिब ने अपना पहला आईपीएल मैच खेला और डेब्यू मुकाबले में ही 4 विकेट लेकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अब विराट कोहली का विकेट लेकर उन्होंने अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक और नाम जोड़ लिया है। हैदराबाद की जीत, लेकिन टॉप-2 का सपना टूटा Sunrisers Hyderabad ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में Royal Challengers Bengaluru की टीम 200 रन पर सिमट गई। हालांकि हैदराबाद को जीत जरूर मिली, लेकिन टीम आरसीबी को 160 रन के अंदर रोकने में सफल नहीं हो पाई, जिसके कारण टॉप-2 में पहुंचने की उम्मीद खत्म हो गई। अब टीम 27 मई को एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी।  

surbhi मई 23, 2026 0
KL Rahul batting for Delhi Capitals during IPL 2026 as Orange Cap race intensifies among top scorers
IPL 2026 Orange Cap: KL राहुल दूसरे स्थान पर पहुंचे, ऑरेंज कैप की रेस हुई रोमांचक

Indian Premier League में प्लेऑफ की रेस के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की जंग भी बेहद दिलचस्प होती जा रही है। Delhi Capitals के स्टार बल्लेबाज KL Rahul ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के बाद ऑरेंज कैप की सूची में एक स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि राहुल इस मुकाबले में बड़ी पारी नहीं खेल सके और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनके कुल रन 477 हो गए हैं। उन्होंने इस सीजन 12 पारियों में 177.98 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ऑरेंज कैप की रेस में कांटे की टक्कर KL Rahul अब ऑरेंज कैप की दौड़ में दूसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी यह स्थिति ज्यादा सुरक्षित नहीं मानी जा रही। Sunrisers Hyderabad के विस्फोटक बल्लेबाज Abhishek Sharma 475 रन के साथ बेहद करीब हैं, जबकि Gujarat Titans के कप्तान Shubman Gill 462 रन के साथ पीछे चल रहे हैं। ऑरेंज कैप फिलहाल Heinrich Klaasen के पास है। Sunrisers Hyderabad के इस बल्लेबाज ने 11 पारियों में 494 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157.32 का रहा है। Orange Cap टॉप बल्लेबाज स्थान खिलाड़ी टीम रन पारी स्ट्राइक रेट 1 Heinrich Klaasen सनराइजर्स हैदराबाद 494 11 157.32 2 KL Rahul दिल्ली कैपिटल्स 477 12 177.98 3 Abhishek Sharma सनराइजर्स हैदराबाद 475 11 - 4 Shubman Gill गुजरात टाइटंस 462 11 - पर्पल कैप में भुवनेश्वर कुमार का जलवा गेंदबाजी में Bhuvneshwar Kumar ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। Royal Challengers Bengaluru के अनुभवी तेज गेंदबाज ने Mumbai Indians के खिलाफ 23 रन देकर 4 विकेट झटके और पर्पल कैप की दौड़ में अपनी बढ़त मजबूत कर ली। 36 साल के भुवनेश्वर इस सीजन लगातार शानदार लय में नजर आ रहे हैं। यह इस सीजन उनका छठा तीन विकेट हॉल था और पहली बार उन्होंने चार विकेट लेने का कारनामा किया। अब उनके नाम 21 विकेट हो चुके हैं। पर्पल कैप की रेस भी बेहद दिलचस्प Kagiso Rabada 18 विकेट के साथ भुवनेश्वर के पीछे बने हुए हैं। वहीं Anshul Kamboj ने Chennai Super Kings के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए 19 विकेट पूरे कर लिए हैं और कुछ समय के लिए वह शीर्ष पर भी पहुंच गए थे। सीजन के आखिरी चरण में अब बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह मुकाबला और रोमांचक होने वाला है।  

surbhi मई 12, 2026 0
IPL 2026
IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी को लगा बड़ा झटका, शून्य पर आउट होते ही छीना गया ऑरेंज कैप

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 (Indian Premier League) में ऑरेंज कैप की दौड़ और रोमांचक हो गई है। अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे Vaibhav Sooryavanshi को बड़ा झटका लगा है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में वे पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए, जिससे वे सीधे पहले स्थान से तीसरे नंबर पर खिसक गए।   हेनरिक क्लासेन बने नए नंबर-1 इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए Heinrich Klaasen ने ऑरेंज कैप पर कब्जा कर लिया। उन्होंने 26 गेंदों में 40 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें एक चौका और तीन छक्के शामिल थे। क्लासेन अब 5 मैचों में 224 रन बनाकर टॉप पर पहुंच गए हैं, उनका स्ट्राइक रेट और औसत भी प्रभावशाली है।   ईशान किशन की दमदार छलांग सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान Ishan Kishan ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया है। उन्होंने उसी मैच में 44 गेंदों पर 91 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। अब उनके कुल रन 213 हो गए हैं।   सूर्यवंशी तीसरे स्थान पर वैभव सूर्यवंशी अब 5 मैचों में 200 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। उनका स्ट्राइक रेट 263.16 का रहा है, जो अब तक का सबसे तेज माना जा रहा है, लेकिन हालिया मैच में शून्य पर आउट होने का खामियाजा उन्हें रैंकिंग में गिरावट के रूप में भुगतना पड़ा।   आगे और बदल सकती है तस्वीर ऑरेंज कैप की रेस अभी खुली हुई है और आने वाले मैचों में इसमें और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ है, जहां सूर्यवंशी के पास वापसी का मौका होगा।

Unknown अप्रैल 14, 2026 0
IPL 2026
IPL 2026 से पहले तेज गेंदबाजों पर संकट, टीम मैनेजमेंट की बढ़ी चिंता

IPL 2026 की शुरुआत से ठीक पहले कई फ्रेंचाइज़ियों को अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख तेज गेंदबाजों की चोट या उपलब्धता पर अनिश्चितता ने टीमों की रणनीति और संतुलन दोनों को प्रभावित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार खास तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जैसी टीमों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इन टीमों के प्रमुख पेसर या तो चोटिल हैं या पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट को आखिरी समय में संयोजन बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। तेज गेंदबाज किसी भी टी20 टीम की रीढ़ माने जाते हैं, खासकर पावरप्ले और डेथ ओवर्स में। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम के लिए “स्लीपलेस नाइट्स” जैसी स्थिति पैदा कर रही है। अब टीमों को बैकअप खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा या नए विकल्प तलाशने होंगे। KKR को लगा बड़ा झटका कोलकाता नाइट राइडर्स को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है, क्योंकि युवा तेज गेंदबाज Harshit Rana चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उन्होंने घुटने की सर्जरी करवाई थी और समय पर फिट नहीं हो पाएंगे। रणनीति पर पड़ेगा असर इन चोटों का असर सिर्फ प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी टीम रणनीति प्रभावित होगी। कई टीमें अब ऑलराउंडर्स या विदेशी तेज गेंदबाजों पर ज्यादा निर्भर हो सकती हैं। साथ ही, युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने की संभावना भी बढ़ गई है। LSG से आगे बढ़ा संकट जहां पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) लगातार ऐसी समस्याओं से जूझती रही थी, वहीं इस बार अन्य टीमें भी इसी स्थिति में नजर आ रही हैं।

surbhi मार्च 18, 2026 0
मेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड जीतने वाला खिलाड़ी, विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं
विराट-रोहित नहीं! यह क्रिकेटर बने मेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने नमन अवॉर्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा कर दी है। इस बार भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज Shubman Gill को साल 2025 के शानदार प्रदर्शन के लिए मेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया है। वहीं महिला क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए Smriti Mandhana को बेस्ट वीमेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिया जाएगा।यह सम्मान समारोह 15 मार्च को आयोजित किया जाएगा, जहां खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। पॉली उमरीगर अवॉर्ड से सम्मानित होंगे गिल मेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड पॉली उमरीगर अवॉर्ड के नाम से भी जाना जाता है। यह पुरस्कार हर साल उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया हो।शुभमन गिल के लिए यह उपलब्धि खास है क्योंकि यह दूसरी बार है जब उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। पिछले साल उन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया और टीम इंडिया के लिए अहम भूमिका निभाई। 2025 में रहा गिल का शानदार प्रदर्शन साल 2025 में शुभमन गिल का बल्ला खूब चला। उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में कुल 983 रन बनाए और साल के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। खासतौर पर इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्होंने 754 रन बनाकर सभी को प्रभावित किया।वनडे क्रिकेट में भी गिल का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 11 वनडे मैचों में 490 रन बनाए और कई अहम पारियां खेलीं। इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें इस साल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जा रहा है। स्मृति मंधाना ने भी दोहराई सफलता महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना का प्रदर्शन भी लगातार शानदार रहा है। उन्हें लगातार दूसरे साल बेस्ट वीमेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया है। यह कुल पांचवीं बार है जब मंधाना को यह सम्मान मिलने जा रहा है। उन्होंने पिछले साल कई अहम मुकाबलों में भारतीय महिला टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। टी20 टीम से बाहर होने के बाद भी बड़ी उपलब्धि हालांकि हाल ही में हुए ICC Men's T20 World Cup 2026 से पहले शुभमन गिल को टी20 टीम से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उस समय उनका टी20 फॉर्म कुछ खास नहीं था। बावजूद इसके टेस्ट और वनडे में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उन्हें साल का सबसे बड़ा अवॉर्ड मिल गया।गौरतलब है कि भारतीय टीम ने उस टूर्नामेंट के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

Unknown मार्च 14, 2026 0
सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पूरे किए 5 साल, फैंस के लिए शेयर किया खास वीडियो
सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में पूरे किए 5 साल, फैंस के लिए शेयर किया खास वीडियो

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने अब तक के क्रिकेट सफर को याद करते हुए फैंस और टीम के साथियों का आभार जताया। सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च को यह वीडियो पोस्ट किया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके लिए एक सपना था, जो पांच साल पहले सच हुआ। उन्होंने इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि पांच साल पहले उनका एक सपना हकीकत में बदला था और टीम इंडिया के लिए खेलना आज भी उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव है।   टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद बढ़ा सूर्या का कद हाल ही में Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारतीय टीम ने ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब अपने नाम किया था। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रही और इसके बाद सूर्या की कप्तानी की भी काफी सराहना हुई।वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्या फिलहाल छोटे ब्रेक पर हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही Indian Premier League 2026 की तैयारियों में जुट जाएंगे।   इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन सूर्यकुमार यादव ने अपने इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन किया है। अब तक उन्होंने भारत के लिए 37 वनडे, 113 टी20 इंटरनेशनल और एक टेस्ट मैच खेला है। इन मैचों में उन्होंने वनडे क्रिकेट में 773 रन बनाए हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस फॉर्मेट में 3272 रन बनाए हैं और कई मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने एक मैच खेला है, जिसमें आठ रन बनाए थे।   कप्तानी में भी शानदार रिकॉर्ड बतौर कप्तान भी सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 52 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इनमें से 40 मैचों में भारत को जीत मिली है, जबकि सिर्फ आठ मैचों में हार का सामना करना पड़ा।इस तरह उनका जीत प्रतिशत करीब 76.94 रहा है, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी कप्तान के लिए बेहद शानदार माना जाता है।   फैंस के लिए खास संदेश टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी सूर्यकुमार यादव ने फैंस के लिए एक भावुक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यह जीत सिर्फ टीम की नहीं बल्कि पूरे भारत की है।

Unknown मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0