Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 20 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को: Bokaro Giridih Dhanbad Deoghar Jamtara Dumka Godda Sahibganj Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात और बारिश की संभावना है। रांची समेत कई जिलों में बारिश के आसार Ranchi सहित: Hazaribagh Koderma Chatra Ramgarh Khunti Saraikela Jamshedpur West Singhbhum में बादल छाए रहने, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। 21 और 22 मई को लू का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 मई को: Garhwa Palamu Chatra Latehar में लू चलने की संभावना जताई है। हालांकि बाकी जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। 22 मई को भी मौसम का यही पैटर्न बने रहने की संभावना है। 23 मई को फिर तेज आंधी-बारिश की चेतावनी 23 मई को: रांची रामगढ़ हजारीबाग बोकारो चतरा कोडरमा गिरिडीह धनबाद जामताड़ा देवघर दुमका पाकुड़ साहिबगंज में दोपहर बाद तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में भी तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 25 मई तक पूरे झारखंड में येलो अलर्ट जारी किया है। रांची और मेदिनीनगर का तापमान पिछले 24 घंटों में: रांची का अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 37.4°C दर्ज किया गया Medininagar का तापमान 42.4°C रहा जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 40.4°C रिकॉर्ड किया गया वहीं सरायकेला में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई और खूंटी समेत कई इलाकों में तेज हवा चली।
Jharkhand में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 16 से 21 मई तक झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए 17 और 18 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 17 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को Ranchi समेत धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। स्थिति को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश व वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 मई को भी खराब रहेगा मौसम 18 मई को भी मौसम में ज्यादा राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने रांची, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए इन क्षेत्रों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन जिलों में लू का असर एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी जारी रहेगा। Garhwa, Palamu और Latehar में 16 से 18 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 17 मई को चतरा जिले में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। मेदिनीनगर के तापमान में बड़ी गिरावट लगातार मौसम बदलने के बीच Medininagar के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन अगले 24 घंटों में तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
झारखंड की राजधानी Ranchi में मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। अप्रैल की तेज गर्मी के बीच सुबह-सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों को राहत दी, वहीं आसमान में घने बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ऑरेंज अलर्ट के साथ मौसम विभाग की चेतावनी India Meteorological Department के अनुसार, रांची में आज गर्जन, वज्रपात और तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बदला मौसम सोमवार को झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला नजर आया। Bokaro और Dhanbad में हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि Medininagar में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे गर्मी का असर बरकरार रहा। अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 और 30 अप्रैल को भी रांची समेत राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा 3 मई तक राज्य में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के आसार हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
झारखंड में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 15 से 18 मार्च 2026 के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के 24 में से 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 और 14 मार्च को मौसम रहेगा साफ मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मार्च को राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन में गर्मी का असर बढ़ेगा, जबकि रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। 15 मार्च से बदलेगा मौसम 15 मार्च से राज्य के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र India Meteorological Department के अनुसार कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इन 20 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़, साहेबगंज, रांची, धनबाद और हजारीबाग शामिल हैं। इन जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। पुटकी में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान Putki में सबसे अधिक 19 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कुछ इलाकों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मेदिनीनगर रहा सबसे गर्म राज्य में गुरुवार को Medininagar सबसे गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। प्रमुख शहरों का तापमान Ranchi: अधिकतम 33.6°C, न्यूनतम 19.1°C Jamshedpur: अधिकतम 36.5°C, न्यूनतम 24.2°C Chaibasa: अधिकतम 37.4°C, न्यूनतम 21.8°C मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी, बिजली और बारिश के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। तेज हवा और मेघ गर्जन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मार्च की शुरुआत में मौसम ने ली करवट मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही झारखंड में मौसम का रुख बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को खासकर उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य जिलों में आंशिक से लेकर घने बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि इन दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ जगहों पर वज्रपात की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदला हुआ मौसम लगभग दो दिनों तक बना रह सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार पूर्वानुमान के मुताबिक 9 मार्च को बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 10 मार्च को बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में आंशिक बादल रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवा चलने और गर्जना होने की भी स्थिति बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मौसम में आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रहा है। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बनने और बारिश की स्थिति बन रही है। रांची में भी दो दिन बदला रहेगा मौसम राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले दो दिनों तक मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। यहां आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। रांची का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 11 मार्च के बाद बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग के मुताबिक 11 मार्च से राज्य में आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 12 मार्च तक अधिकतर जिलों में साफ मौसम रहने की संभावना है। इसके बाद तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि मार्च के तीसरे सप्ताह लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने गरज-चमक और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।