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Technician inspecting AC cooling coil and refrigerant system to prevent gas leakage and improve performance
AC की गैस बार-बार खत्म हो जाती है? यह सस्ता उपाय बचा सकता है हजारों रुपये, जानिए पूरा सच

गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) अब केवल सुविधा नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। लेकिन कई लोगों को कुछ वर्षों बाद एक आम और महंगी समस्या का सामना करना पड़ता है—एसी की गैस का बार-बार लीक होना। जब एसी की कूलिंग अचानक कम हो जाती है और तकनीशियन जांच करता है, तो अक्सर पता चलता है कि रेफ्रिजरेंट गैस लीक हो गई है। गैस रीफिल कराने में हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं और यदि समस्या बार-बार हो तो खर्च लगातार बढ़ता जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एसी की गैस लीकेज के पीछे सबसे बड़ी वजह कूलिंग कॉयल पर लगने वाली जंग होती है। एसी की कॉयल लगातार नमी, धूल, प्रदूषण और वातावरण में मौजूद रासायनिक तत्वों के संपर्क में रहती है। समय के साथ धातु की सतह कमजोर होने लगती है और उसमें बेहद छोटे छेद बन सकते हैं। यही छेद बाद में गैस लीकेज का कारण बनते हैं। क्या है कॉयल प्रोटेक्शन स्प्रे? बाजार में उपलब्ध कॉयल प्रोटेक्शन या कॉयल सेवर स्प्रे इन समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। ये स्प्रे कॉयल की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत तैयार करते हैं, जो नमी और जंग से बचाव में मदद कर सकती है। कई उत्पाद धूल और गंदगी को कम चिपकने देने का दावा भी करते हैं, जिससे कॉयल अपेक्षाकृत साफ बनी रहती है। इन स्प्रे की कीमत आमतौर पर 300 रुपये से शुरू होती है, जो संभावित गैस रीफिल खर्च की तुलना में काफी कम है। क्या सच में बढ़ सकती है AC की उम्र? तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय-समय पर कॉयल की सुरक्षा की जाए और नियमित सर्विसिंग कराई जाए, तो जंग लगने की संभावना कम हो सकती है। इससे कॉयल की लाइफ बढ़ सकती है और गैस लीकेज का जोखिम भी घट सकता है। हालांकि केवल स्प्रे का इस्तेमाल करना ही पर्याप्त समाधान नहीं है। एसी की नियमित सफाई, फिल्टर मेंटेनेंस और समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण भी बेहद जरूरी है। बिजली बिल में भी हो सकती है बचत जब एसी में रेफ्रिजरेंट गैस का स्तर सही रहता है, तो कंप्रेसर को अतिरिक्त दबाव में काम नहीं करना पड़ता। इससे मशीन की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहती है और बिजली की खपत भी नियंत्रित रहती है। दूसरी ओर, गैस लीकेज वाले एसी को समान कूलिंग देने के लिए अधिक समय तक चलना पड़ता है, जिससे बिजली बिल बढ़ सकता है। खरीदने से पहले रखें ये सावधानियां कॉयल प्रोटेक्शन स्प्रे खरीदते समय केवल कम कीमत देखकर फैसला न करें। विश्वसनीय ब्रांड का उत्पाद चुनें, उसके निर्देश ध्यान से पढ़ें और आवश्यकता होने पर अधिकृत एसी तकनीशियन से सलाह लें। सही उत्पाद, नियमित सर्विसिंग और समय पर मेंटेनेंस का संयोजन ही एसी को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रख सकता है। कुल मिलाकर, कॉयल प्रोटेक्शन स्प्रे एसी की सुरक्षा में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें नियमित रखरखाव का विकल्प नहीं बल्कि एक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के रूप में देखना चाहिए।  

surbhi जून 3, 2026 0
AC tonnage models displayed
AC में Ton का क्या मतलब होता है? जानिए सही जानकारी, वरना खरीद सकते हैं गलत मॉडल

Air Conditioner अब सिर्फ लग्जरी नहीं बल्कि गर्मियों में जरूरत बन चुका है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोग नए AC खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन AC खरीदते समय सबसे बड़ा कन्फ्यूजन होता है - 1 टन, 1.5 टन और 2 टन AC का असली मतलब क्या है? अधिकांश लोग सोचते हैं कि AC में लिखा “टन” उसके वजन को दर्शाता है, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। AC में टन का मतलब उसकी कूलिंग क्षमता यानी वह एक घंटे में कमरे से कितनी गर्मी बाहर निकाल सकता है, उससे होता है। सही टन वाला AC चुनना न सिर्फ बेहतर कूलिंग देता है, बल्कि बिजली का बिल कम रखने में भी मदद करता है। AC में Ton का असली मतलब क्या है? एयर कंडीशनर में इस्तेमाल होने वाला “टन” शब्द उसकी Cooling Capacity को दर्शाता है। आसान भाषा में समझें तो AC जितनी ज्यादा गर्मी बाहर निकाल सकता है, उसकी टन क्षमता उतनी ज्यादा होगी। अलग-अलग टन वाले AC की क्षमता 1 Ton AC : लगभग 12,000 BTU प्रति घंटा 1.5 Ton AC : करीब 18,000 BTU प्रति घंटा 2 Ton AC : लगभग 24,000 BTU प्रति घंटा BTU यानी British Thermal Unit, जिससे यह मापा जाता है कि AC कितनी तेजी से कमरे को ठंडा कर सकता है। यह पूरा कॉन्सेप्ट उस ऊर्जा पर आधारित है, जो 24 घंटे में एक टन बर्फ को पिघलाने के लिए जरूरी होती है। इसी वजह से AC की कूलिंग क्षमता को “टन” में मापा जाता है। कमरे के हिसाब से कौन-सा AC सही रहेगा? सही टन क्षमता वाला AC चुनना बेहद जरूरी है। अगर कमरे के हिसाब से कम क्षमता वाला AC लगाया जाए, तो वह लगातार चलने के बावजूद सही कूलिंग नहीं देगा। वहीं जरूरत से ज्यादा बड़ा AC कमरे को जल्दी ठंडा तो करेगा, लेकिन नमी को ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाएगा। कमरे के आकार के अनुसार AC चुनें कमरे का आकार सही AC क्षमता 100-150 वर्ग फीट 0.8 से 1 Ton 150-250 वर्ग फीट 1.5 Ton 250 वर्ग फीट से ज्यादा 2 Ton या उससे अधिक गलत AC चुनने से क्या नुकसान हो सकता है? बिजली का बिल ज्यादा आ सकता है कूलिंग सही नहीं मिलेगी AC पर अतिरिक्त लोड पड़ेगा कमरे में नमी और चिपचिपाहट बढ़ सकती है मशीन की लाइफ कम हो सकती है बिजली बचाने के लिए किन बातों का रखें ध्यान? अगर आप बिजली का बिल कम रखना चाहते हैं, तो सिर्फ टन ही नहीं बल्कि स्टार रेटिंग पर भी ध्यान दें। AC खरीदते समय इन बातों को जरूर देखें कमरे का सही साइज मापें कमरे में धूप कितनी आती है, इसे समझें कमरे में कितने लोग रहते हैं, यह भी मायने रखता है हमेशा 5-Star Rating वाला मॉडल चुनने की कोशिश करें जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट की सलाह लें आजकल इन्वर्टर टेक्नोलॉजी वाले AC भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि वे बिजली की खपत कम करते हैं और लंबे समय तक बेहतर कूलिंग देते हैं।  

surbhi मई 25, 2026 0
Amazon India Summer Sale banner showing Samsung Galaxy S25 Ultra, ACs, TVs and electronic deals
Amazon India Summer Sale शुरू, Samsung Galaxy S25 Ultra से लेकर AC और टीवी तक पर भारी छूट

गर्मी के मौसम में नया स्मार्टफोन, AC, टीवी या होम अप्लायंस खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। Amazon India ने अपनी Summer Sale शुरू कर दी है, जिसमें प्रीमियम स्मार्टफोन्स, मोबाइल एक्सेसरीज, AC, फ्रिज और कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। खास बात यह है कि कई फ्लैगशिप डिवाइसेज अपनी लॉन्च कीमत से काफी कम दाम में उपलब्ध हैं। बैंक ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट EMI जैसी सुविधाओं ने इन डील्स को और भी आकर्षक बना दिया है। Samsung Galaxy S25 Ultra पर बड़ी कीमत कटौती इस सेल में सबसे ज्यादा चर्चा Samsung Galaxy S25 Ultra की हो रही है। यह प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन पिछले साल करीब ₹1.30 लाख की कीमत में लॉन्च हुआ था, लेकिन अब इसे लगभग ₹94 हजार तक में खरीदा जा सकता है। बैंक डिस्काउंट और अन्य ऑफर्स के बाद यह डील प्रीमियम एंड्रॉयड स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए काफी आकर्षक मानी जा रही है। स्मार्टफोन और मोबाइल एक्सेसरीज पर भी शानदार ऑफर्स सेल के दौरान Samsung, realme, Redmi और Vivo जैसे ब्रांड्स के स्मार्टफोन्स पर भी अच्छी छूट मिल रही है। इसके अलावा मोबाइल एक्सेसरीज पर 40 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। चार्जर, ईयरबड्स, पावर बैंक और मोबाइल कवर जैसे प्रोडक्ट्स कम कीमत में उपलब्ध हैं। गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन से जुड़े गैजेट्स पर भी ऑफर्स मिल रहे हैं। AC, फ्रिज और टीवी खरीदने का मौका गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर और कूलिंग प्रोडक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। Summer Sale में विंडो और स्प्लिट AC दोनों कैटेगरी में बड़े ऑफर्स दिए जा रहे हैं। इसके अलावा स्मार्ट टीवी, फ्रिज और किचन अप्लायंसेज पर भी कीमतों में कटौती की गई है। कई प्रोडक्ट्स पर नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर भी मिल रहे हैं, जिससे ग्राहक कम बजट में अपग्रेड कर सकते हैं। बैंक ऑफर और कैशबैक से अतिरिक्त बचत Amazon India इस सेल में चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 10 प्रतिशत तक का इंस्टेंट कैशबैक भी दे रहा है। इससे ग्राहकों को डिस्काउंट के ऊपर अतिरिक्त बचत का मौका मिल रहा है। कई प्रोडक्ट्स पर एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे पुराने डिवाइस देकर नया प्रोडक्ट कम कीमत में खरीदा जा सकता है। Dashcam और गैजेट्स पर भी भारी छूट इस बार की सेल में Dashcam जैसे ऑटोमोबाइल गैजेट्स पर भी शानदार डील्स मिल रही हैं। कंपनी के मुताबिक कुछ Dashcam मॉडल्स पर 60 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। कार यूजर्स, ट्रैवल व्लॉगर्स और रोड ट्रिप पसंद करने वालों के बीच इन गैजेट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह ऑफर काफी लोगों को आकर्षित कर सकता है।  

surbhi मई 9, 2026 0
IIT Delhi and Optimist launch a high-performance split AC designed to cool efficiently even at 50 degrees Celsius
IIT Delhi और भारतीय स्टार्टअप का इनोवेशन: 50°C में भी कूलिंग देगा नया Split AC, जानें पूरी डिटेल

देश में हर साल बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच एयर कंडीशनर अब सिर्फ लग्ज़री नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। ऐसे में IIT Delhi और भारतीय स्टार्टअप Optimist ने मिलकर एक ऐसा 1.5 Ton 5 Star Split AC तैयार किया है, जो 50 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी कूलिंग देने का दावा करता है। यह इनोवेशन खासतौर पर भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। एक्सट्रीम हीट के लिए बना खास AC भारत के कई हिस्सों में गर्मियों में तापमान 45°C से ऊपर पहुंच जाता है, जहां पारंपरिक AC की क्षमता कम होने लगती है। इस नए AC की खासियतें: 50°C तक भी स्थिर और प्रभावी कूलिंग हाई-एंबिएंट कूलिंग टेक्नोलॉजी लंबे समय तक लगातार चलने की क्षमता गर्म हवा में भी कंप्रेसर की बेहतर परफॉर्मेंस कंपनी का दावा है कि यह AC सिर्फ ठंडी हवा नहीं देता, बल्कि कठिन मौसम में भी लगातार परफॉर्म करता है, जो इसे बाकी मॉडलों से अलग बनाता है। रिसर्च-बेस्ड टेक्नोलॉजी, IIT का साथ इस प्रोजेक्ट को मजबूत बनाने में IIT Delhi की अहम भूमिका रही है। लंबे समय तक रिसर्च और डेवलपमेंट एडवांस लैब टेस्टिंग रियल वर्ल्ड कंडीशन्स में ट्रायल स्टार्टअप Optimist का कहना है कि इस AC को सिर्फ सैद्धांतिक नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है। संभावित एडवांस फीचर्स (रिपोर्ट्स के आधार पर) हालांकि कंपनी ने सभी टेक्निकल डिटेल्स सार्वजनिक नहीं की हैं, लेकिन इसमें कुछ आधुनिक फीचर्स होने की उम्मीद है: इन्वर्टर टेक्नोलॉजी (कम बिजली खपत) बेहतर हीट एक्सचेंज सिस्टम मजबूत कंप्रेसर, जो हाई टेम्परेचर में भी काम करे एनर्जी एफिशिएंसी के लिए 5-स्टार रेटिंग कीमत और वैल्यू फॉर मनी कीमत: लगभग ₹44,490 कैटेगरी: प्रीमियम सेगमेंट इस कीमत में 50°C तक कूलिंग देने का दावा इसे खास बनाता है। आम तौर पर इस रेंज में मिलने वाले AC इतने एक्सट्रीम तापमान के लिए डिजाइन नहीं होते। किन इलाकों के लिए बेस्ट? यह AC खासतौर पर उन जगहों के लिए उपयोगी है जहां गर्मी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचती है: दिल्ली-एनसीआर राजस्थान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्से औद्योगिक या गर्म वातावरण वाले इलाके इसके अलावा, जिन लोगों को 24x7 कूलिंग चाहिए, उनके लिए भी यह एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है। भारतीय AC मार्केट पर असर अगर यह टेक्नोलॉजी बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो इसके कई बड़े प्रभाव हो सकते हैं: भारतीय कंपनियों की टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी विदेशी ब्रांड्स को कड़ी टक्कर मिलेगी एक्सट्रीम वेदर के लिए नए स्टैंडर्ड सेट होंगे रिसर्च-बेस्ड प्रोडक्ट्स का ट्रेंड बढ़ेगा यह इनोवेशन “मेक इन इंडिया” और “डिजाइन इन इंडिया” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा सकता है। ध्यान रखने वाली बातें हालांकि यह AC काफी एडवांस बताया जा रहा है, लेकिन खरीदने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है: आपके कमरे का साइज (1.5 टन उपयुक्त है या नहीं) बिजली की खपत और बिल सर्विस नेटवर्क और वारंटी आपके इलाके का वास्तविक तापमान

surbhi मई 2, 2026 0
Xiaomi smart refrigerator with cross-door design, large 508L capacity and digital display in modern kitchen
Xiaomi का नया स्मार्ट फ्रिज लॉन्च: 508 लीटर क्षमता, डुअल कूलिंग और 55 मिनट में आइस मेकिंग फीचर

चीन की दिग्गज टेक कंपनी Xiaomi ने अपने स्मार्ट होम पोर्टफोलियो को और मजबूत करते हुए नया प्रीमियम रेफ्रिजरेटर Xiaomi Mijia Refrigerator Pro Premium Cross-Door 508L लॉन्च किया है। यह फ्रिज एडवांस टेक्नोलॉजी, बड़ी स्टोरेज और स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है, जिसे खासतौर पर मॉडर्न किचन जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। कीमत और उपलब्धता कंपनी ने इस फ्रिज की कीमत करीब 9999 युआन (लगभग 1.3–1.4 लाख रुपये) रखी है। फिलहाल इसे चीन में लॉन्च किया गया है और यह Ice Crystal White, Star Silver और Apricot Glass जैसे प्रीमियम कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। 508 लीटर की बड़ी स्टोरेज इस फ्रिज में कुल 508 लीटर कैपेसिटी मिलती है, जिसमें: 297L फ्रिज सेक्शन 35L वैरिएबल टेम्परेचर जोन 176L फ्रीजर अलग-अलग स्टोरेज जोन होने से खाने-पीने की चीजों को व्यवस्थित तरीके से रखना आसान हो जाता है।  डुअल कूलिंग सिस्टम इसमें डुअल कूलिंग टेक्नोलॉजी दी गई है, जिसमें फ्रिज और फ्रीजर के लिए अलग-अलग सिस्टम काम करते हैं। स्मेल मिक्स नहीं होती टेम्परेचर ज्यादा स्थिर रहता है खाने की फ्रेशनेस लंबे समय तक बनी रहती है  एडवांस हाइजीन और प्योरिफिकेशन फ्रिज में Ion Purification 4.0 टेक्नोलॉजी दी गई है, जो: बदबू को तेजी से खत्म करती है बैक्टीरिया, फंगस और वायरस को खत्म करने में मदद करती है सिल्वर आयन एंटीबैक्टीरियल प्रोटेक्शन भी मिलता है  55 मिनट में आइस मेकिंग इसमें ऑटोमैटिक आइस मेकिंग सिस्टम दिया गया है, जो: लगभग 55 मिनट में बर्फ तैयार करता है पानी और आइस स्टोरेज के लिए स्मार्ट अलर्ट देता है  स्मार्ट फीचर्स और कनेक्टिविटी HyperOS Connect सपोर्ट इनबिल्ट स्मार्ट डिस्प्ले मोबाइल के जरिए कंट्रोल की सुविधा केवल 31dB नॉइज लेवल, यानी बेहद शांत ऑपरेशन

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Person using remote control to operate air conditioner in a home during summer heat
AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना सही या गलत? जानिए गर्मियों में इस्तेमाल का सही तरीका

गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में कई लोग बिजली बचाने के लिए AC को हर 10–15 मिनट में ऑन-ऑफ करते रहते हैं। लेकिन क्या यह तरीका सही है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकती है। क्या बार-बार AC ऑन-ऑफ करना सही है? टेक्निकल तौर पर AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना गलत माना जाता है। जब भी AC चालू किया जाता है, उसका कंप्रेसर (compressor) शुरुआत में ज्यादा बिजली खपत करता है। ऐसे में अगर आप इसे बार-बार बंद करके फिर चालू करते हैं, तो हर बार स्टार्टिंग लोड बढ़ता है, जिससे कुल बिजली खपत ज्यादा हो जाती है। क्यों बढ़ जाता है बिजली बिल? हर बार ON करने पर कंप्रेसर को ज्यादा पावर चाहिए होती है बार-बार स्टार्ट होने से यूनिट को कमरे को फिर से ठंडा करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है इससे बिजली की खपत कम होने के बजाय बढ़ जाती है AC को नुकसान कैसे होता है? कंप्रेसर पर बार-बार दबाव पड़ता है मशीन के पार्ट्स जल्दी घिसने लगते हैं AC की लाइफ कम हो सकती है खराब होने की संभावना बढ़ जाती है सही तरीका क्या है? AC को बार-बार ऑन-ऑफ करने के बजाय लगातार चलने दें तापमान 24–26°C के बीच सेट रखें (यह सबसे ऊर्जा-कुशल माना जाता है) टाइमर या स्लीप मोड का इस्तेमाल करें कमरे को पूरी तरह बंद रखें ताकि कूलिंग बनी रहे नियमित सर्विसिंग कराते रहें AC को बार-बार ऑन-ऑफ करना बिजली बचाने का तरीका नहीं है, बल्कि इससे बिजली बिल बढ़ सकता है और मशीन पर भी बुरा असर पड़ता है। सही उपयोग और सेटिंग्स अपनाकर ही आप बेहतर कूलिंग के साथ   

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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