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Zodiac wheel with all 12 zodiac signs and planetary positions representing the daily horoscope for 28 July 2026.
आज का राशिफल 28 जुलाई 2026: मिथुन, मकर और कुंभ राशि वालों को करियर-कारोबार में मिलेगा लाभ, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

28 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए नई शुरुआत, साहस और अवसर लेकर आया है। आज चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे गंडमूल दोष समाप्त हो गया है। वहीं सूर्य और गुरु की युति से हंस पंचमहापुरुष योग तथा गुरु आदित्य योग का प्रभाव बना हुआ है, जो नेतृत्व क्षमता, शिक्षा, प्रशासन, आध्यात्म और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करेगा। हालांकि शनि मीन राशि में वक्री हैं, इसलिए लंबे समय के बड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। मिथुन, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए आज करियर और कारोबार में विशेष लाभ के संकेत हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशि आज नई शुरुआत के लिए दिन अनुकूल रहेगा। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। शिक्षा या किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए समय शुभ है। परिवार में सम्मान बढ़ेगा। हालांकि बड़े निवेश या दीर्घकालिक फैसलों में जल्दबाजी न करें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 9 उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और बूंदी का प्रसाद बांटें। वृष राशि रुके हुए दस्तावेज या कानूनी मामलों में प्रगति मिल सकती है। ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा। किसी बड़े निर्णय से पहले पूरी योजना बनाकर आगे बढ़ें। शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 2 उपाय: अपने पास साफ सफेद रेशमी रुमाल रखें। मिथुन राशि जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ नई शुरुआत करने के लिए दिन शानदार है। साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार में लाभ के अवसर बनेंगे। आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे सकारात्मक सुधार होगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 7 उपाय: गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं। कर्क राशि नौकरी और स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान देने का समय है। नई दिनचर्या अपनाने से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। करियर से जुड़े बड़े फैसले सोच-समझकर लें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 1 उपाय: पानी की बर्बादी से बचें। सिंह राशि प्रेम संबंध, शिक्षा और संतान से जुड़े मामलों में खुशखबरी मिल सकती है। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। दोस्तों का सहयोग मिलेगा और नए अवसर सामने आएंगे। शुभ रंग: मस्टर्ड शुभ अंक: 9 उपाय: लाल या सुनहरे रंग के वस्त्र धारण करें। कन्या राशि घर-परिवार में शुभ कार्य की शुरुआत हो सकती है। माता का सहयोग मिलेगा। करियर में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। साझेदारी के मामलों में धैर्य बनाए रखें। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 10 उपाय: हरे रंग का रुमाल अपने पास रखें। तुला राशि छोटी यात्रा लाभदायक रहेगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और संवाद बेहतर होगा। नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 7 उपाय: शुक्रवार को सुहाग सामग्री का दान करें। वृश्चिक राशि आर्थिक स्थिति मजबूत करने के नए अवसर मिलेंगे। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। निवेश से पहले पूरी जानकारी अवश्य लें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 9 उपाय: अपने पास लाल रंग का रुमाल रखें। धनु राशि नई शुरुआत के लिए दिन बेहद शुभ है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 1 उपाय: गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करें। मकर राशि विदेश से जुड़े कार्यों, नई योजनाओं और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। करियर और कारोबार में लाभ के संकेत हैं। कर्मचारियों के साथ व्यवहार अच्छा रखें। शुभ रंग: काला शुभ अंक: 12 उपाय: शनिवार को शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। कुंभ राशि पुरानी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। मित्रों के सहयोग से नए काम शुरू होंगे। करियर में अच्छे अवसर मिलेंगे और आय बढ़ने के संकेत हैं। शुभ रंग: स्लेटी शुभ अंक: 11 उपाय: अपने जूते-चप्पलों को हमेशा साफ रखें। मीन राशि करियर में आगे बढ़ने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने का सही समय है। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। बड़े फैसलों में धैर्य बनाए रखें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 5 उपाय: किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें।  

surbhi जुलाई 28, 2026 0
Daily horoscope for July 2, 2026 with zodiac-wise predictions, lucky numbers, lucky colors, and astrological guidance for all 12 signs.
आज का राशिफल 2 जुलाई 2026: वृष और मिथुन राशि वाले नई डील से बचें, मकर-कुंभ के लिए निवेश के अच्छे संकेत

नई दिल्ली: 2 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज चंद्रमा धनु-मकर गंडांत पार कर मकर राशि में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र को दृढ़ संकल्प, स्थिरता और विजय का प्रतीक माना जाता है। वहीं शुक्र पुष्कर नवांश में होने से प्रेम, रिश्तों और सौहार्द में शुभता बनी रहेगी। हालांकि बुध वक्री होने के कारण नए अनुबंध, नई डील या महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल। मेष राशि आज करियर में आपकी मेहनत और व्यावहारिक सोच रंग लाएगी। कार्यस्थल पर लिए गए निर्णय लंबे समय तक लाभ देंगे। पारिवारिक माहौल धार्मिक और सकारात्मक रहेगा। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं, लेकिन वाणी पर संयम रखें। पुराने दस्तावेजों की समीक्षा करना फायदेमंद रहेगा। शुभ रंग: केसरिया शुभ अंक: 1 उपाय: हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखें। वृष राशि भाग्य आपका साथ देगा, लेकिन नई डील या नया समझौता करने से बचें। पुराने संपर्कों और अधूरे कार्यों की समीक्षा करना अधिक लाभदायक रहेगा। बातचीत में संयम रखें और कठोर शब्दों से बचें। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 9 उपाय: मां लक्ष्मी को गुलाब का फूल और मिश्री अर्पित करें। मिथुन राशि आर्थिक मामलों में लाभ के योग हैं, लेकिन बड़ी खरीदारी या नई डील करने के लिए दिन अनुकूल नहीं है। किसी पुराने वित्तीय मामले का समाधान मिल सकता है। परिवार में पुरानी बातों पर चर्चा हो सकती है। शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 8 उपाय: पुराने निवेश और आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करें। कर्क राशि साझेदारी और रिश्तों के लिए आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में भी आपकी छवि मजबूत होगी। शुभ रंग: क्रीम शुभ अंक: 7 उपाय: मां लक्ष्मी को सफेद मिठाई अर्पित करें। सिंह राशि आज अनुशासन और नियमित दिनचर्या अपनाने से लाभ मिलेगा। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और परिवार, खासकर मां का सम्मान करें। शुभ रंग: नारंगी शुभ अंक: 6 उपाय: सूर्यदेव को जल अर्पित करें। कन्या राशि लाभ और नेटवर्किंग के लिहाज से दिन अच्छा रहेगा। पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। मनोरंजन और रचनात्मक गतिविधियों में समय बीतेगा। धार्मिक यात्रा के भी योग बन रहे हैं। शुभ रंग: हल्का हरा शुभ अंक: 5 उपाय: हरी मूंग का दान करें। तुला राशि करियर में पुराने प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने के लिए दिन शानदार है। हालांकि बुध वक्री होने के कारण नया अनुबंध करने से बचें। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 4 उपाय: मां का आशीर्वाद लेकर कार्य शुरू करें। वृश्चिक राशि आज आपकी बातचीत कई पुराने विवादों को सुलझा सकती है। भाग्य का साथ मिलेगा और महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे। कागजी कार्रवाई करते समय सावधानी रखें। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 3 उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। धनु राशि आर्थिक मामलों में स्थिरता बनी रहेगी। कोई पुराना राज या छिपी हुई बात सामने आ सकती है। जल्दबाजी में कोई बड़ा खर्च या खरीदारी करने से बचें। शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 2 उपाय: मंदिर में पीला प्रसाद चढ़ाएं। मकर राशि आज आत्मविश्वास और कार्यक्षमता दोनों बढ़ेंगे। निवेश और साझेदारी से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। हालांकि अपने व्यवहार में जिद से बचें और कूटनीतिक रवैया अपनाएं। शुभ रंग: काला शुभ अंक: 3 उपाय: शनिदेव को तेल और काले तिल अर्पित करें। कुंभ राशि आज एकांत में बैठकर भविष्य की योजनाएं बनाने का उत्तम समय है। निवेश और करियर से जुड़े फैसलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार महसूस होगा। अपने नए आइडिया फिलहाल दूसरों से साझा न करें। शुभ रंग: कॉफी कलर शुभ अंक: 12 उपाय: ध्यान और मेडिटेशन करें। मीन राशि प्रेम, रचनात्मक कार्य और करियर तीनों क्षेत्रों में सफलता मिलने के योग हैं। धार्मिक यात्रा या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। पुराने अधूरे वादे पूरे करने का समय है। शुभ रंग: सिल्वर शुभ अंक: 10 उपाय: तुलसी के पास दीपक जलाकर पूजा करें।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Palm with a triangle mark highlighted in palmistry symbolising prosperity and good fortune.
हथेली में इस स्थान पर बना त्रिभुज का निशान माना जाता है बेहद शुभ, मिलता है धन, भूमि और वाहन का सुख

नई दिल्ली: हस्तरेखा शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र में हथेली की रेखाओं, पर्वतों और विभिन्न चिह्नों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि हथेली पर बने कुछ निशान व्यक्ति के स्वभाव, करियर, धन और भविष्य से जुड़े संकेत देते हैं। इनमें त्रिभुज का चिह्न विशेष रूप से शुभ माना जाता है। अलग-अलग स्थानों पर बना यह निशान अलग-अलग प्रकार के फल प्रदान करता है। पर्वतों पर त्रिभुज के निशान का महत्व गुरु पर्वत पर त्रिभुज यदि गुरु पर्वत पर त्रिभुज का निशान बना हो तो ऐसे व्यक्ति समाजहित के कार्यों में रुचि रखते हैं। उन्हें करियर में उच्च पद और सम्मान मिलने की संभावना रहती है। शनि पर्वत पर त्रिभुज शनि पर्वत पर बना त्रिभुज व्यक्ति को ज्योतिष, रहस्य और गुप्त विद्याओं की ओर आकर्षित करता है। ऐसे लोग शोध और आध्यात्मिक विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। सूर्य पर्वत पर त्रिभुज सूर्य पर्वत पर यह निशान शुभ माना जाता है। ऐसे व्यक्ति कला, विज्ञान, चिकित्सा और शिल्प के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। बुध पर्वत पर त्रिभुज बुध पर्वत पर त्रिभुज का चिह्न व्यवसाय, राजनीति, विज्ञान और गहन अध्ययन में सफलता का संकेत माना जाता है। मंगल पर्वत पर त्रिभुज मंगल स्थान पर बना यह निशान व्यक्ति को आत्मविश्वासी और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने वाला बनाता है। ऐसे लोग दृढ़ निश्चयी होते हैं। शुक्र पर्वत पर त्रिभुज शुक्र पर्वत पर त्रिभुज का निशान होने पर व्यक्ति गणित और तार्किक विषयों में अच्छा माना जाता है। इंद्र क्षेत्र में त्रिभुज ऐसे लोगों की रुचि गुप्त विद्याओं और रहस्यमयी विषयों में अधिक हो सकती है। रेखाओं पर त्रिभुज का क्या होता है अर्थ? पितृ रेखा पर त्रिभुज यह पैतृक संपत्ति या परिवार की ओर से मिलने वाले लाभ का संकेत माना जाता है। मातृ रेखा पर त्रिभुज ऐसे लोगों को ननिहाल पक्ष से सहयोग और लाभ मिलने की संभावना रहती है। आयु रेखा पर त्रिभुज सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यह सबसे शुभ संकेतों में से एक माना जाता है। ऐसे व्यक्ति अपनी मेहनत और प्रयास से धन, भूमि, वाहन और सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं। मणिबंध रेखा पर त्रिभुज हथेली के निचले हिस्से में मणिबंध रेखा पर बना त्रिभुज वृद्धावस्था में धन और सम्मान मिलने का संकेत देता है। भाग्य रेखा पर त्रिभुज भाग्य रेखा पर बना त्रिभुज आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। त्रिभुज जितना बड़ा होगा, धन लाभ की संभावनाएं उतनी अधिक मानी जाती हैं। नोट: हस्तरेखा और सामुद्रिक शास्त्र से जुड़ी मान्यताएं पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं। इनके परिणाम व्यक्ति विशेष और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।  

surbhi जून 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 12, 2026 0