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Jharkhand Weather Update
Jharkhand Weather Update: झारखंड में फिर सक्रिय होगा मानसून, मौसम विभाग ने पांच जिलों में भारी बारिश का जारी किया अलर्ट

रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 और 3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।   पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 और 4 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का यही रुख बना रहेगा। इसके अलावा 5 जुलाई को रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।   तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जगह हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट आई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।   बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को रामगढ़ में 60.5 मिमी, कोडरमा में 20 मिमी, जमशेदपुर में 4 मिमी और बहरागोड़ा में सर्वाधिक 84.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, 1 जून से 1 जुलाई तक राज्य में सामान्य 197.8 मिमी के मुकाबले केवल 99.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। रांची में अब भी 13 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि गढ़वा और साहिबगंज में सबसे कम बारिश होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड में मौसम ने बदली करवट, 6 जून तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

रांची। झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची मौसम केंद्र के अनुसार, 1 जून से 6 जून तक राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इस अवधि में अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।   गरज-चमक और तेज हवाओं का रहेगा असर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रांची सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज हवा भी चल सकती है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। रांची और आसपास के क्षेत्रों में 2 जून से आंशिक रूप से बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश और बादलों के कारण तापमान में अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।   डालटनगंज सबसे गर्म शहर रहा रविवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान डालटनगंज में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रांची का अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री, जमशेदपुर का 34.4 डिग्री, बोकारो का 35.5 डिग्री और देवघर का 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों से अगले कुछ दिनों तक मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।

Unknown जून 1, 2026 0
Jharkhand weather update
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 8 मई से लेकर 11 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।   कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी रांची स्थित मौसम केंद्र के मुताबिक राज्य के उत्तर-पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। जिन जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है उनमें धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी और जामताड़ा शामिल हैं। वहीं दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बारिश और बादल छाए रहने के संकेत हैं।   11 मई तक मौसम रहेगा सुहाना मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 और 10 मई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 11 मई तक आंशिक बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।   तापमान में आई गिरावट बारिश और बादलों के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। डालटनगंज में सबसे अधिक 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री रहा। बोकारो में तापमान सामान्य से करीब 9 डिग्री कम दर्ज किया गया। वहीं कांके में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो राज्य में सबसे कम रहा।   कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। हजारीबाग के कोनार क्षेत्र में सबसे अधिक 42.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा बोकारो थर्मल, पंचेत और शिकारीपाड़ा में भी अच्छी बारिश हुई है।

Unknown मई 8, 2026 0
jharkhand weather today
Jharkhand weather: झारखंड में बारिश-तूफान का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

रांची। झारखंड में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और लू से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। राज्य में कई दिनों से तेज धूप और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित किया था, लेकिन अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 25 अप्रैल से राज्य में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी और धीरे-धीरे मौसम ठंडा होने लगेगा।   पारा 43 डिग्री के पार, कई जिलों में रिकॉर्ड गर्मी पिछले 24 घंटों में पलामू में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं बोकारो में 43.5 डिग्री और जमशेदपुर में 41 डिग्री से ऊपर तापमान पहुंच गया। राजधानी रांची में भी पारा करीब 40 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को दिनभर गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ा।   5 दिनों तक मौसम रहेगा अस्थिर मौसम विभाग ने 25 से 30 अप्रैल तक झारखंड के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। 26 से 28 अप्रैल के बीच संताल परगना, मध्य और दक्षिणी झारखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार तेज रहने की संभावना है और कई जगहों पर आंधी भी चल सकती है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह 29 और 30 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले में न रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन आंधी-तूफान और वज्रपात को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा।

Unknown अप्रैल 25, 2026 0
Elephant attack in Koderma
हाथियों के हमले से कोडरमा में अफरा-तफरी, दो की मौत

कोडरमा। कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह गांव में बीती रात जंगली हाथियों के झुंड ने कहर बरपा दिया। ईंट भट्टे के पास रह रहे मजदूरों की झोपड़ियों पर अचानक हमला होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन भगदड़ में कई लोग फंस गए। हाथियों ने कच्चे मकानों को तोड़ते हुए भारी नुकसान पहुंचाया।   दो लोगों की दर्दनाक मौत इस हमले में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान बिहार के फतेहपुर निवासी 32 वर्षीय राजकुमार मांझी और 12 वर्षीय लवकुश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान एक बच्चा झोपड़ी में फंस गया था। उसे बचाने की कोशिश में परिजन दौड़े, लेकिन अफरा-तफरी में बच्चा हाथियों के करीब पहुंच गया और उनकी चपेट में आ गया।   घायलों का इलाज जारी घायलों में राजकुमार मांझी की पत्नी गौरी देवी, लवकुश की मां कारी देवी और एक डेढ़ वर्षीय बच्चा शामिल हैं। सभी को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।   गांव में मातम और डर का माहौल घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है। आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई है। ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।   वन विभाग पर उठे सवाल ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

Unknown अप्रैल 22, 2026 0
Weather changes in Bihar-Jharkhand
बिहार-झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कहीं लू तो कहीं बारिश

रांची/पटना, एजेंसियां। 22 अप्रैल को बिहार और झारखंड में मौसम ने दोहरा रूप दिखाया है। एक तरफ भीषण गर्मी और लू का प्रकोप है, तो दूसरी ओर कई इलाकों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।   गया बना सबसे गर्म शहर   बिहार में गर्मी का असर सबसे ज्यादा गया में देखा गया, जहां तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी Patna समेत कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हालात चुनौतीपूर्ण रहने की चेतावनी दी है। हालांकि 24-25 अप्रैल के आसपास हल्की बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है।   झारखंड में हीट वेव के साथ ठनका का अलर्ट झारखंड में मौसम का विरोधाभासी स्वरूप देखने को मिल रहा है। जहां कुछ जिलों में लू चलने की चेतावनी है, वहीं Ranchi मौसम केंद्र ने गुमला, खूंटी, सिमडेगा और जमशेदपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश और ठनका (वज्रपात) का अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति जान-माल के लिए खतरा बन सकती है।   देशभर में गर्मी का असर उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में लू का असर लगातार बढ़ रहा है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के कारण राहत मिल रही है। पश्चिम बंगाल और बिहार के कई क्षेत्रों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।   बचाव के जरूरी उपाय बढ़ती गर्मी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और खाली पेट घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही, तबीयत खराब होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की भी हिदायत दी गई है।

Unknown अप्रैल 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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