Indian Cricket Team

India and Afghanistan will play a three-match T20I series in Delhi, with young batter Vaibhav Suryavanshi attracting attention.
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में एक्शन में दिख सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, 13 सितंबर से शुरू होगा मुकाबला

नई दिल्ली: श्रीलंका के बाद भारतीय क्रिकेट टीम का अगला बड़ा मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ होने जा रहा है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सितंबर में भारत के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की तारीखों का ऐलान किया है। खास बात यह है कि पूरी सीरीज नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जाएगी। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेगी। हालांकि उनकी टीम में जगह और प्लेइंग इलेवन में चयन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन को देखते हुए इस सीरीज में उनके संभावित एक्शन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। 13, 15 और 17 सितंबर को होंगे मुकाबले अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अनुसार भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। तारीख मुकाबला स्थान 13 सितंबर 2026 पहला टी20 अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली 15 सितंबर 2026 दूसरा टी20 अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली 17 सितंबर 2026 तीसरा टी20 अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली यानी क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर में लगातार तीन बड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे। भारत में ही अफगानिस्तान करेगा ‘होम’ सीरीज की मेजबानी इस सीरीज की सबसे खास बात इसका आयोजन है। अफगानिस्तान भारत की जमीन पर ही भारत के खिलाफ अपनी ‘होम’ सीरीज की मेजबानी करेगा। अफगानिस्तान पहले भी भारत को अपने घरेलू मुकाबलों के लिए वैकल्पिक होम वेन्यू के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। लखनऊ, देहरादून और ग्रेटर नोएडा में अफगानिस्तान ने अन्य टीमों के खिलाफ मुकाबले खेले हैं। लेकिन भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करना उसके लिए नया अनुभव होगा। वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। ऐसे में आगामी टी20 सीरीज में उनके संभावित चयन को लेकर फैंस के बीच खास उत्साह है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें भारतीय टीम की अंतिम सूची में जगह मिलेगी या वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनेंगे। इसलिए फिलहाल उनकी भागीदारी को संभावित माना जाना चाहिए, आधिकारिक नहीं। बांग्लादेश दौरे पर भी पड़ा असर अफगानिस्तान के खिलाफ सितंबर में होने वाली सीरीज का असर भारत के प्रस्तावित बांग्लादेश दौरे पर भी पड़ सकता है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 1 से 13 सितंबर के बीच भारत के खिलाफ वनडे और टी20 मैचों की योजना बनाई थी। अब अफगानिस्तान सीरीज की तारीखें सामने आने के बाद दोनों कार्यक्रमों में टकराव की स्थिति बन रही है। ऐसे में भारतीय टीम के बांग्लादेश दौरे की संभावना कमजोर मानी जा रही है। क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर होगा खास भारत-अफगानिस्तान सीरीज टी20 क्रिकेट के लिहाज से खास रहने वाली है। एक तरफ भारतीय टीम अपनी युवा प्रतिभाओं को आजमाने की कोशिश कर सकती है, वहीं अफगानिस्तान की टीम राशिद खान समेत अपने टी20 विशेषज्ञ खिलाड़ियों के साथ कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। दिल्ली में होने वाले तीनों मुकाबले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।  

surbhi अगस्त 12, 2026 0
Gautam Gambhir statement
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले गौतम गंभीर का बड़ा बयान, बोले- 15 अगस्त आने दीजिए, हर सवाल का जवाब देंगे

कोलंबो, एजेंसियां। श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टीम की तैयारियों को लेकर आत्मविश्वास जताया है। सीरीज से पहले उठ रहे सवालों और टीम संयोजन को लेकर गंभीर ने साफ संकेत दिया कि मैदान पर भारतीय टीम अपने प्रदर्शन से जवाब देने के लिए तैयार है।   15 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज   भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से शुरू होना है। इससे पहले भारतीय टीम श्रीलंका XI के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच खेल रही है। अभ्यास मुकाबले का उद्देश्य खिलाड़ियों को श्रीलंकाई परिस्थितियों में ढालना और टेस्ट सीरीज के लिए टीम संयोजन को अंतिम रूप देना है।   गंभीर ने टीम की तैयारी पर जताया भरोसा   टेस्ट सीरीज से पहले टीम के सामने बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी संयोजन और परिस्थितियों के मुताबिक रणनीति जैसे कई सवाल हैं। गंभीर ने इन सवालों पर ज्यादा अटकलों के बजाय सीरीज शुरू होने का इंतजार करने का संकेत दिया। उनके बयान का संदेश साफ है कि भारतीय टीम मैदान पर अपने प्रदर्शन के जरिए सभी सवालों का जवाब देना चाहती है।   शुभमन गिल की चोट पर भी नजर   वॉर्म-अप मैच से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल की उंगली में चोट की खबर ने टीम की चिंता बढ़ाई है। गिल अभ्यास मैच के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे और उनकी जगह केएल राहुल ने कप्तानी संभाली। अब टीम प्रबंधन की नजर गिल की फिटनेस पर रहेगी, क्योंकि 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।   श्रीलंका के खिलाफ होगी बड़ी परीक्षा   श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। वहीं भारतीय गेंदबाजों को भी पिच और मौसम के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।   ऐसे में 15 अगस्त से शुरू होने वाली सीरीज गंभीर और भारतीय टीम के लिए अहम परीक्षा होगी। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि वॉर्म-अप मैच से मिली जानकारी का फायदा टेस्ट मुकाबलों में मिलेगा।

anjali kumari अगस्त 7, 2026 0
Rohit Sharma emotional
टी. दिलीप की विदाई पर रोहित शर्मा हुए भावुक, बोले- ‘आपने जादू कर दिया’

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप के विदाई के मौके पर भावुक संदेश साझा किया। पांच साल तक भारतीय टीम के साथ रहे दिलीप के योगदान को याद करते हुए रोहित ने उनकी जमकर तारीफ की और कहा कि उन्होंने टीम के साथ “जादू कर दिया”।   पांच साल का यादगार सफर हुआ पूरा   टी. दिलीप का भारतीय टीम के फील्डिंग कोच के रूप में करीब पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम की फील्डिंग में काफी सुधार देखने को मिला और उन्होंने खिलाड़ियों के बीच फिटनेस, कैचिंग और मैदान पर चुस्ती को लेकर विशेष संस्कृति विकसित की।   दिलीप ने विदाई संदेश में टीम के साथ बिताए समय और खिलाड़ियों के साथ जुड़ी यादों को साझा किया। उन्होंने विशेष रूप से टीम की चर्चित ‘फील्डिंग मेडल’ परंपरा को अपने कार्यकाल की खास याद बताया।   रोहित ने की दिलीप की जमकर तारीफ   रोहित शर्मा ने सोशल मीडिया पर दिलीप के योगदान को याद करते हुए उनके लिए सम्मान और आभार जताया। उन्होंने दिलीप के काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने टीम के साथ “You created magic” यानी “आपने जादू कर दिया”।   रोहित के इस संदेश से दोनों के बीच मजबूत पेशेवर रिश्ते और टीम के लिए दिलीप के योगदान का अंदाजा लगाया जा सकता है।   नए फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे सुभदीप घोष   टी. दिलीप के जाने के बाद भारतीय टीम के फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी सुभदीप घोष को दी गई है। अब भारतीय टीम के नए कोचिंग सेटअप में घोष पर फील्डिंग के मजबूत स्तर को बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।

anjali kumari अगस्त 4, 2026 0
T. Dilip farewell
भारतीय टीम से टी. दिलीप की विदाई, फील्डिंग कोच के रूप में खत्म हुआ कार्यकाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप का टीम के साथ कार्यकाल समाप्त हो गया है। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने फील्डिंग के स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और कई बड़े टूर्नामेंटों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।   लंबे समय तक टीम के साथ रहे टी. दिलीप   टी. दिलीप भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। उन्होंने खिलाड़ियों की फील्डिंग क्षमता, कैचिंग और मैदान पर चुस्ती बढ़ाने के लिए काम किया। टीम के अभ्यास सत्रों में फील्डिंग को बेहतर बनाने के लिए उनके कई नए तरीकों की चर्चा भी होती रही।   टीम के प्रदर्शन में फील्डिंग का रहा अहम योगदान   दिलीप के कार्यकाल में भारतीय टीम की फील्डिंग को कई मौकों पर सराहा गया। महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार कैच और तेज क्षेत्ररक्षण ने टीम को अतिरिक्त रन बचाने और दबाव बनाने में मदद की। खिलाड़ियों के साथ उनके तालमेल और फील्डिंग को लेकर उनकी आक्रामक सोच को भी टीम के भीतर काफी पसंद किया गया।

anjali kumari अगस्त 4, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi named East Zone vice-captain for Duleep Trophy 2026 ahead of red-ball cricket challenge
Duleep Trophy 2026: वैभव सूर्यवंशी को मिली उपकप्तानी, रेड-बॉल क्रिकेट में रिकॉर्ड चिंताजनक; अब होगी बड़ी परीक्षा

Duleep Trophy 2026: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। 15 सदस्यीय टीम की कप्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे। हाल ही में भारत के लिए डेब्यू करने और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव के सामने अब रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की चुनौती है। 15 साल के वैभव ने टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी सुर्खियां बटोरी हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने दो अर्धशतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी जीता। लेकिन दलीप ट्रॉफी का फॉर्मेट पूरी तरह अलग है। यहां नई लाल गेंद की स्विंग और सीम, लंबी पारियां खेलने की चुनौती और धैर्य की परीक्षा बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होती है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा है वैभव का रिकॉर्ड? टी20 क्रिकेट में धमाल मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी का फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड अभी उतना प्रभावशाली नहीं रहा है। बिहार की ओर से खेलते हुए उन्होंने अब तक 8 फर्स्ट क्लास मैचों की 12 पारियों में 207 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 17.25 है और स्ट्राइक रेट करीब 90 का है। उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सिर्फ एक अर्धशतक है। ये आंकड़े बताते हैं कि रेड-बॉल क्रिकेट में वैभव को अभी लंबा सफर तय करना है। हालांकि, उनकी कम उम्र और सीमित अनुभव को देखते हुए दलीप ट्रॉफी उनके लिए खुद को बेहतर बनाने और बड़े स्तर पर अपनी बल्लेबाजी साबित करने का महत्वपूर्ण मंच हो सकता है। यूथ टेस्ट में दिखा है वैभव का दम फर्स्ट क्लास क्रिकेट के आंकड़े भले ही अभी बहुत प्रभावशाली नहीं हैं, लेकिन यूथ टेस्ट क्रिकेट में वैभव ने अपनी क्षमता जरूर दिखाई है। 2024 और 2025 में उन्होंने 6 यूथ टेस्ट खेले और 331 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत करीब 33 रहा, जबकि स्ट्राइक रेट 137 का था। उनके नाम दो शतक भी हैं और सर्वोच्च स्कोर 113 रन रहा। ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार उदाहरण पेश किया था। दलीप ट्रॉफी में क्यों महत्वपूर्ण होगी वैभव की भूमिका? दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी मिलना वैभव के लिए सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। ईस्ट जोन की टीम में उनसे रन बनाने के साथ-साथ नेतृत्व समूह में योगदान की भी उम्मीद होगी। रेड-बॉल क्रिकेट में उन्हें अपनी बल्लेबाजी की शैली में बदलाव करना पड़ सकता है। सीम और स्विंग के खिलाफ नई गेंद को संभालना, लंबे समय तक क्रीज पर टिकना और धैर्य के साथ रन बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। अगर वैभव इस टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं तो यह उनके रेड-बॉल करियर के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। 23 अगस्त से शुरू होगी दलीप ट्रॉफी दलीप ट्रॉफी 2026 की शुरुआत 23 अगस्त से होगी। टूर्नामेंट में पांच जोन की टीमें हिस्सा लेंगी। पहला मुकाबला ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच होगा, जबकि दूसरा मैच नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन के बीच खेला जाएगा। इन दोनों मुकाबलों को क्वार्टर फाइनल के तौर पर खेला जाएगा। वहीं सेंट्रल जोन और साउथ जोन को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 6 सितंबर से खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी का रेड-बॉल रिकॉर्ड फर्स्ट क्लास मैच: 8 पारियां: 12 रन: 207 औसत: 17.25 अर्धशतक: 1 यूथ टेस्ट: 6 यूथ टेस्ट रन: 331 यूथ टेस्ट शतक: 2 सर्वोच्च यूथ टेस्ट स्कोर: 113 अब सवाल यह है कि टी20 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी रेड-बॉल क्रिकेट की परीक्षा में कितना सफल हो पाते हैं। दलीप ट्रॉफी उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खुद को लंबे फॉर्मेट के लिए तैयार साबित करने का बड़ा मौका होगी।  

surbhi जुलाई 30, 2026 0
Fielding Coach
टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव, खराब फील्डिंग के बाद फील्डिंग कोच टी. दिलीप की छुट्टी तय

नई दिल्ली, एजेंसियां। टीम इंडिया की लगातार खराब फील्डिंग का असर अब कोचिंग स्टाफ पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फील्डिंग कोच टी. दिलीप का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और श्रीलंका दौरे से पहले उनकी जगह नए फील्डिंग कोच की नियुक्ति की जाएगी। भारतीय टीम की कैचिंग और फील्डिंग में लगातार गिरावट के बाद यह फैसला लिया गया है।   शुभदीप घोष संभाल सकते हैं जिम्मेदारी   रिपोर्ट्स के अनुसार, शुभदीप घोष टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। वह इससे पहले भारत-ए और महिला टीम के साथ काम कर चुके हैं। माना जा रहा है कि श्रीलंका दौरा उनके लिए टीम इंडिया के साथ पहला बड़ा असाइनमेंट हो सकता है।   खराब फील्डिंग बनी बड़ी चिंता   हाल के महीनों में भारतीय टीम ने कई आसान कैच छोड़े हैं, जिसका असर मैचों के नतीजों पर भी पड़ा। इंग्लैंड दौरे और टी20 विश्व कप के बाद टीम की फील्डिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। बीसीसीआई अब फील्डिंग के स्तर में सुधार के लिए नए सिरे से तैयारी करना चाहता है।   श्रीलंका दौरे से पहले होगा बदलाव   सूत्रों के मुताबिक, टी. दिलीप श्रीलंका दौरे पर टीम के साथ नहीं जाएंगे। बीसीसीआई जल्द ही नए फील्डिंग कोच के नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि इस बदलाव से खिलाड़ियों की फील्डिंग में सुधार आएगा और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन बेहतर होगा।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Shubman Gill
छात्रों के समर्थन में शुभमन गिल का भावुक संदेश, बोले— शिक्षा और शांतिपूर्ण संवाद से ही बनेगा देश का भविष्य

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्र प्रदर्शनों के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल ने सोशल मीडिया पर छात्रों के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा को भारत के भविष्य की सबसे मजबूत नींव बताया।   शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और आपसी सम्मान पर दिया जोर   शुभमन गिल ने अपने संदेश में लिखा कि उन्हें उन सभी युवाओं का सम्मान है जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को करुणा, आपसी सम्मान और संवाद के साथ आगे बढ़ना चाहिए तथा हर निर्णय में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हालांकि उन्होंने अपने संदेश में किसी राजनीतिक दल, संगठन, छात्र आंदोलन या नीट विवाद का सीधे उल्लेख नहीं किया।   सोशल मीडिया पर संदेश की हुई व्यापक चर्चा   गिल का यह संदेश सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे छात्रों के पक्ष में सकारात्मक संदेश बताया, जबकि कुछ ने कहा कि उन्होंने किसी विशेष मुद्दे पर प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की। फिलहाल शुभमन गिल का यह बयान शिक्षा, युवाओं के भविष्य और शांतिपूर्ण संवाद के महत्व पर केंद्रित माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 24, 2026 0
Krishnamachari Srikkanth
गौतम गंभीर पर भड़के पूर्व चीफ सेलेक्टर, बोले- 'केएल राहुल का करियर बर्बाद मत करिए'

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को टीम चयन और खिलाड़ियों के इस्तेमाल को लेकर पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने निशाने पर लिया है। श्रीकांत ने कहा कि यदि टीम मैनेजमेंट ने केएल राहुल को लगातार स्पष्ट भूमिका नहीं दी, तो उनका करियर भी संजू सैमसन की तरह प्रभावित हो सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों के चयन और टीम संयोजन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।   'राहुल जैसे खिलाड़ी को बार-बार बदलना ठीक नहीं'   श्रीकांत का कहना है कि केएल राहुल एक अनुभवी और भरोसेमंद बल्लेबाज हैं, लेकिन उन्हें लगातार अलग-अलग भूमिकाओं में खिलाया जा रहा है। इससे खिलाड़ी का आत्मविश्वास प्रभावित होता है और वह अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाता। उन्होंने टीम प्रबंधन से राहुल की भूमिका स्पष्ट करने की अपील की।   संजू सैमसन का भी दिया उदाहरण   पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि संजू सैमसन के साथ भी लंबे समय तक यही स्थिति रही। उन्हें नियमित अवसर नहीं मिले और टीम में उनकी जगह लगातार बदलती रही। श्रीकांत ने चेतावनी दी कि यदि यही रणनीति केएल राहुल के साथ अपनाई गई, तो भारतीय टीम एक अनुभवी बल्लेबाज को खो सकती है।   टीम चयन पर तेज हुई बहस   हाल के समय में भारतीय टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के चयन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में श्रीकांत का यह बयान क्रिकेट जगत में नई बहस का विषय बन गया है। हालांकि, बीसीसीआई, मुख्य कोच गौतम गंभीर या टीम मैनेजमेंट की ओर से इस टिप्पणी पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
Ravichandran Ashwin
कुलदीप को बाहर रखने पर अश्विन ने उठाए सवाल, टीम मैनेजमेंट पर साधा निशाना

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने स्पिनर कुलदीप यादव को लगातार अंतिम एकादश से बाहर रखने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अश्विन ने कहा कि टीम मैनेजमेंट के इस फैसले से ऐसा लगता है कि कुलदीप पर पूरा भरोसा नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी को बार-बार बाहर बैठाना उसके आत्मविश्वास पर भी असर डालता है।   'कुलदीप जैसा गेंदबाज बेंच पर क्यों?'   अश्विन ने कहा कि कुलदीप यादव मौजूदा समय में भारत के सबसे प्रभावी स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं और उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम को विकेट दिलाए हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को टीम में चुना गया है, तो उसे पर्याप्त मौके भी मिलने चाहिए।   टीम चयन पर उठे सवाल   अश्विन ने टीम संयोजन को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका कहना था कि विदेशी परिस्थितियों में सही संतुलन बनाना जरूरी है, लेकिन यदि किसी खिलाड़ी को लगातार नजरअंदाज किया जाए तो उसका मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों के साथ स्पष्ट संवाद बनाए रखना चाहिए ताकि वे अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से समझ सकें।   चयन नीति पर शुरू हुई बहस   अश्विन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में टीम इंडिया की चयन नीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि कुलदीप यादव जैसे अनुभवी स्पिनर को लगातार बाहर रखना भविष्य की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस मामले पर बीसीसीआई या टीम मैनेजमेंट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
Indian Cricket Team
टीम इंडिया में लगातार हैमस्ट्रिंग इंजरी पर BCCI गंभीर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की लगातार बढ़ रही हैमस्ट्रिंग चोटों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चिंता बढ़ा दी है। हाल के महीनों में कई प्रमुख खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने के बाद बोर्ड ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट की समीक्षा शुरू कर दी है।   लगातार चोटों ने बढ़ाई चिंता   सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के कई तेज गेंदबाज और बल्लेबाज हाल के दौर में हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझते रहे हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद खिलाड़ियों के फिटनेस कार्यक्रम, रिकवरी प्रक्रिया और ट्रेनिंग मॉड्यूल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ियों की फिटनेस पर और अधिक वैज्ञानिक तरीके से काम करने की जरूरत है।   सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की होगी समीक्षा   बीसीसीआई अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनाई जा रही फिटनेस और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया का विस्तृत आकलन करेगा। इसमें खिलाड़ियों के वर्कलोड, रिकवरी प्लान, मेडिकल सपोर्ट और ट्रेनिंग सिस्टम की समीक्षा की जाएगी। बोर्ड यह भी देखेगा कि लगातार क्रिकेट खेलने के कारण खिलाड़ियों पर पड़ रहे शारीरिक दबाव को कैसे कम किया जा सकता है।   फिटनेस प्रबंधन में हो सकते हैं बदलाव   क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के कारण खिलाड़ियों पर फिटनेस का दबाव बढ़ा है। ऐसे में बीसीसीआई आने वाले समय में वर्कलोड मैनेजमेंट, रोटेशन नीति और चोट से बचाव के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। बोर्ड की कोशिश खिलाड़ियों को लंबे समय तक फिट बनाए रखने और बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार रखने की है।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
IND VS ZIM
भारत का जिम्बाब्वे दौरा 23 जुलाई से शुरू, तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम चयन पर सबकी नजर

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे के समापन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलेगी। सभी मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होंगे। इस सीरीज के लिए युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने की संभावना के चलते टीम चयन पर क्रिकेट प्रशंसकों की खास नजर बनी हुई है।   23 जुलाई से होगी सीरीज की शुरुआत   भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहला टी20 मुकाबला 23 जुलाई, दूसरा 25 जुलाई और तीसरा 26 जुलाई को खेला जाएगा। तीनों मैच हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होंगे।   युवा खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका   टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने की रणनीति अपना सकते हैं।   सीनियर खिलाड़ियों को मिल सकता है आराम   इंग्लैंड दौरे के व्यस्त कार्यक्रम के बाद कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिए जाने की चर्चा है। ऐसे में टीम प्रबंधन बेंच स्ट्रेंथ को परखने और नए संयोजन तैयार करने पर जोर दे सकता है।   सीरीज पर रहेंगी सभी की निगाहें   जिम्बाब्वे दौरा भारतीय टीम के लिए नए खिलाड़ियों को परखने और आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की विशेष नजर रहेगी।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Rohit Sharma
रोहित शर्मा के भविष्य पर बढ़ीं अटकलें, रिपोर्ट में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' खत्म होने का दावा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन और चयन समिति अब 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में यह भी कहा गया है कि रोहित शर्मा अब टीम में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' नहीं रहेंगे और उनके चयन का फैसला प्रदर्शन व भविष्य की योजनाओं के आधार पर होगा। हालांकि, BCCI की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।   2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर बन रही रणनीति   रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की दिशा में विचार कर रहे हैं। इसी वजह से अनुभवी खिलाड़ियों के चयन पर भी प्रदर्शन और फिटनेस के आधार पर फैसला लेने की बात सामने आई है।   लॉर्ड्स वनडे को लेकर भी चर्चा तेज   कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी वनडे मुकाबला हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में न तो रोहित शर्मा और न ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि की है।   टीम मैनेजमेंट ने जताया भरोसा   इन अटकलों के बीच भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि दो मैचों में रन नहीं बनने का मतलब यह नहीं कि रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव है। कोटक ने भरोसा जताया कि रोहित निर्णायक मुकाबले में बड़ी पारी खेल सकते हैं।   आधिकारिक घोषणा का इंतजार   फिलहाल रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सामने आई सभी बातें मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों पर आधारित हैं। अंतिम फैसला चयन समिति और BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे और उसके बाद होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिकी हुई है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Healthy stuffed idli with vegetable and paneer filling served with coconut chutney for breakfast.
सिंपल इडली को दें जापानी सुशी जैसा ट्विस्ट, सब्जियों और पनीर की स्टफिंग से बनाएं हेल्दी Stuffed Idli; बच्चों के टिफिन से लेकर ब्रेकफास्ट तक के लिए परफेक्ट

Japanese Sushi जैसी लेयर्ड स्टफिंग वाली यह Stuffed Idli स्वाद, पोषण और प्रेजेंटेशन का शानदार कॉम्बिनेशन है। कम तेल में स्टीम होकर तैयार होने वाली यह रेसिपी हेल्दी ब्रेकफास्ट, टिफिन और हल्के डिनर के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर आप रोज एक जैसी इडली खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार उसे नया और आकर्षक ट्विस्ट दें। Stuffed Idli की यह रेसिपी अपनी लेयर्ड स्टफिंग और खूबसूरत प्रेजेंटेशन की वजह से जापानी सुशी जैसी दिखती है। हालांकि यह सुशी नहीं है, लेकिन इसकी स्टफिंग और सर्विंग स्टाइल इसे बेहद खास बनाती है। इस रेसिपी में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बन जाती है। स्टीम होने के कारण इसमें तेल भी बहुत कम लगता है, इसलिए यह हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 15 मिनट स्टीम करने का समय: 12–15 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 Stuffed Idli) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम फैट: 6–8 ग्राम आवश्यक सामग्री 2 कप इडली बैटर 1 गाजर (कद्दूकस) ½ कप शिमला मिर्च ¼ कप स्वीट कॉर्न 2 बड़े चम्मच उबले मटर 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर अदरक-हरी मिर्च पेस्ट नमक और काली मिर्च हरा धनिया 1 छोटा चम्मच तेल बनाने की आसान विधि सबसे पहले हल्के तेल में अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सभी सब्जियां 2–3 मिनट तक भून लें। इसमें पनीर, नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। अब इडली मोल्ड में पहले थोड़ा बैटर डालें, फिर स्टफिंग रखें और ऊपर से दोबारा बैटर डाल दें। 12–15 मिनट तक स्टीम करें और गरमागरम परोसें। किसके साथ करें सर्व? नारियल की चटनी मूंगफली की चटनी टमाटर की चटनी सांभर घी और मिलगई पोड़ी कब खाएं? सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन ऑफिस लंच शाम का हेल्दी स्नैक हल्का डिनर क्यों करें ट्राई? सिंपल इडली का नया और आकर्षक ट्विस्ट जापानी सुशी जैसी लेयर्ड प्रेजेंटेशन कम तेल और स्टीम में तैयार प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हेल्दी विकल्प ध्यान दें: यह रेसिपी सुशी नहीं है। "सुशी जैसा" शब्द केवल इसकी लेयर्ड स्टफिंग और आकर्षक प्रेजेंटेशन की तुलना के लिए इस्तेमाल किया गया है।  

anmol जुलाई 17, 2026 0
Sitanshu Kotak Statement
रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर कोच का बड़ा बयान, कहा- कोई दबाव नहीं है

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता।   'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।”   लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं।   2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Ryan ten Doeschate
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव संभव, रयान टेन डोशेट के भविष्य पर सस्पेंस

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट के इंग्लैंड दौरे के बाद अपने पद से अलग होने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वह इसे आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं।   पारिवारिक कारणों से छोड़ सकते हैं जिम्मेदारी   रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरों और व्यस्त कार्यक्रम के कारण अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। उनकी पत्नी और तीन बच्चे लंदन में रहते हैं, इसलिए वह ऐसा पद चाहते हैं जिसमें यात्रा कम करनी पड़े। इसी वजह से उन्होंने टीम इंडिया के साथ अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।   गौतम गंभीर की टीम को लग सकता है झटका   रयान टेन डोशेट को मुख्य कोच गौतम गंभीर की पसंद पर जुलाई 2024 में भारतीय टीम के सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया गया था। यदि वह पद छोड़ते हैं, तो यह गंभीर के कोचिंग स्टाफ के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्कल के भविष्य को लेकर भी चर्चा चल रही है।   BCCI जल्द ले सकता है अंतिम फैसला   बीसीसीआई फिलहाल सपोर्ट स्टाफ में संभावित बदलावों पर विचार कर रहा है। इंग्लैंड वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद बोर्ड नए कोचिंग संयोजन पर फैसला ले सकता है। हालांकि, अभी तक बीसीसीआई या रयान टेन डोशेट की ओर से आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा नहीं की गई है।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
IND VS ENG 1st ODI
भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, शुभमन गिल की कप्तानी में वनडे सीरीज का विजयी आगाज़

बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। एजबेस्टन में खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।   शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी   कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। हालांकि पारी के दौरान उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।   अक्षर पटेल बने जीत के हीरो   ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 विकेट झटके और फिर नाबाद 57 रन की पारी खेली। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।   इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 61 रन तक बिना विकेट गंवाने के बाद उसने तेजी से विकेट खो दिए। जो रूट (76)* और लियाम डॉसन (68) ने पारी संभालते हुए टीम को 258 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारत के सामने कम साबित हुआ। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर इंग्लैंड के एजबेस्टन में लंबे समय से चले आ रहे वनडे दबदबे को भी खत्म कर दिया।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
Team India Coaching
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में हो सकता है बड़ा बदलाव, इंग्लैंड दौरे के बाद BCCI करेगी समीक्षा

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI इंग्लैंड दौरा खत्म होने के बाद सपोर्ट स्टाफ की व्यापक समीक्षा करेगी और कुछ अहम पदों पर नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं।   सपोर्ट स्टाफ के कई सदस्यों का भविष्य अधर में   रिपोर्ट्स के अनुसार, असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भविष्य पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। टी. दिलीप का कार्यकाल इंग्लैंड दौरे के साथ समाप्त हो रहा है और उन्हें विस्तार मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। वहीं गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्केल को बनाए रखने के पक्ष में बोर्ड दिखाई दे रहा है।   गौतम गंभीर पर फिलहाल पूरा भरोसा   हालांकि टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं माना जा रहा। BCCI का फोकस सपोर्ट स्टाफ में सुधार कर टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर है। बोर्ड का मानना है कि मुख्य कोच को अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए और समय दिया जाना चाहिए।   नई जिम्मेदारियों पर भी हो रहा विचार   सूत्रों के मुताबिक, BCCI टीम के सपोर्ट स्टाफ को और मजबूत बनाने के लिए कुछ नई नियुक्तियों पर भी विचार कर रही है। हाल ही में सैराज बहुतुले को भारतीय टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया था और अब अन्य विभागों में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। बोर्ड इंग्लैंड दौरे के बाद प्रदर्शन रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लेगा।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
India vs England Series
इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड  ने टीम इंडिया के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करने का फैसला किया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि इंग्लैंड दौरा समाप्त होते ही खिलाड़ियों, टीम संयोजन और कोचिंग स्टाफ के प्रदर्शन का विस्तृत आकलन किया जाएगा।   खिलाड़ियों और रणनीति की होगी समीक्षा   BCCI के अनुसार, समीक्षा बैठक में खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन, टीम चयन, बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति के साथ-साथ विदेशी परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन का भी विश्लेषण किया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए टीम को और मजबूत बनाना है।   कोचिंग स्टाफ भी रहेगा समीक्षा के दायरे में   सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा में खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ के कामकाज का भी मूल्यांकन किया जाएगा। हालांकि, फिलहाल मुख्य कोच गौतम गंभीर को हटाने जैसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। उनका अनुबंध 2027 तक जारी रहने की बात कही गई है।   लगातार हार के बाद बढ़ा दबाव   श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया को हालिया T20 सीरीज में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम चयन, रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते BCCI ने समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।   भविष्य की योजनाओं पर रहेगा फोकस   BCCI का कहना है कि यह समीक्षा किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के लिए नहीं, बल्कि टीम की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के उद्देश्य से की जाएगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और एशिया कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड आवश्यक बदलावों पर फैसला ले सकता है।

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0
IND VS ENG 4th T20
करो या मरो की टक्कर! इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगी टीम इंडिया

ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले जाने वाले चौथे टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड से भिड़ेगी। पांच मैचों की सीरीज में भारत अब तक जीत दर्ज नहीं कर सका है। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था, जबकि दूसरे और तीसरे टी20 में इंग्लैंड ने जीत हासिल कर सीरीज में बढ़त बना ली है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा माना जा रहा है।   सीरीज बचाने के लिए जीत जरूरी   यदि भारत चौथा टी20 हार जाता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा। ऐसे में भारतीय टीम के सामने सीरीज में बने रहने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। कप्तान और टीम प्रबंधन पर सही प्लेइंग इलेवन चुनने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।   तीसरे टी20 की हार भुलाना होगी चुनौती   नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। टीम केवल 76 रन पर सिमट गई और इंग्लैंड ने 125 रन से बड़ी जीत दर्ज की। यह भारत की टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी हारों में से एक रही, जिसके बाद टीम की बल्लेबाजी और रणनीति पर सवाल उठे हैं।   बल्लेबाजों पर होगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी   चौथे मुकाबले में भारत को शीर्ष क्रम से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। पिछले मैच में बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके थे। वहीं गेंदबाजों को भी पावरप्ले और डेथ ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा ताकि इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सके।   ब्रिस्टल की पिच पर हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद   ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम परिस्थितियों को देखते हुए पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकती है।   भारतीय टीम पर होगी वापसी की नजर   लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम चौथे टी20 में बेहतर खेल दिखाकर सीरीज में वापसी करेगी और मुकाबले को निर्णायक पांचवें मैच तक ले जाएगी।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
India vs England 3rd T20
भारत-इंग्लैंड तीसरा टी20 आज, सीरीज में वापसी के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

नॉटिंघम ,एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में खेला जाएगा। पहले मैच के बारिश की भेंट चढ़ने और दूसरे टी20 में चार विकेट की हार के बाद भारतीय टीम इस सीरीज में 0-1 से पीछे है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अहम होगा ताकि सीरीज में बराबरी की उम्मीद कायम रह सके।   गेंदबाजी में सुधार की चुनौती   दूसरे टी20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190/7 का मजबूत स्कोर बनाया था, लेकिन इंग्लैंड ने 191/6 बनाकर मैच जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं और तीसरे मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।   इंग्लैंड ने बरकरार रखी विजयी टीम   मेजबान इंग्लैंड ने तीसरे टी20 के लिए अपनी विजयी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। कप्तान हैरी ब्रूक की अगुआई में टीम लगातार दूसरी जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी।   रात 10 बजे से शुरू होगा मुकाबला   भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे शुरू होगा। ट्रेंट ब्रिज की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है और यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi during a cricket match as Ravi Shastri backs his early India debut.
'वैभव सूर्यवंशी बेंच गर्म करने के लिए नहीं बना', टीम चयन पर रवि शास्त्री ने उठाए सवाल; बोले- जितनी जल्दी हो सके खिलाइए

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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