Indonesia

इंडोनेशिया में 6.1 तीव्रता के भूकंप की खबर
इंडोनेशिया में 6.1 तीव्रता का भूकंप, पहले आए 7.7 तीव्रता के झटकों के बाद फिर हिली धरती

जकार्ता, एजेंसियां। इंडोनेशिया में हालिया बड़े भूकंप के बाद 6.1 तीव्रता का एक तेज झटका भी दर्ज किया गया। यह झटका फ्लोरेस क्षेत्र में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद महसूस किए गए कई आफ्टरशॉक्स में शामिल था। वहीं, 18 अगस्त को सुमात्रा के तट के पास भी 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई है।   7.7 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही   इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में 15 अगस्त को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने खास तौर पर फ्लोरेस द्वीप और पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में भारी तबाही मचाई। ताजा रिपोर्टों के अनुसार इस आपदा में कम से कम 68 लोगों की मौत हुई है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।   लगातार आफ्टरशॉक्स से बढ़ी चिंता   बड़े भूकंप के बाद क्षेत्र में लगातार आफ्टरशॉक्स महसूस किए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों में भी इन झटकों के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं। कई इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हैं और प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी हो रही है।   हजारों लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर   भूकंप से घरों और सार्वजनिक इमारतों को नुकसान पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्थायी शिविरों और खुले स्थानों में रह रहे हैं। स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी नुकसान पहुंचा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में स्थित होने के कारण भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील देश है। लगातार आ रहे झटकों के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 19, 2026 0
इंडोनेशिया में यात्री फेरी KM Putri Yasmin में लगी भीषण आग
इंडोनेशिया में यात्री फेरी में भीषण आग, एक महिला की मौत; 200 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

जकार्ता, एजेंसियां। इंडोनेशिया में बाली से लोम्बोक जा रही यात्री फेरी KM Putri Yasmin में भीषण आग लगने से अफरातफरी मच गई। हादसा बुधवार सुबह लोम्बोक जलडमरूमध्य में हुआ। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।   बाली से लोम्बोक जा रही थी फेरी   KM Putri Yasmin फेरी ने बाली के पादांगबाई बंदरगाह से लोम्बोक के लेम्बर बंदरगाह के लिए यात्रा शुरू की थी। समुद्र में सफर के दौरान अचानक फेरी में आग लग गई। आग लगते ही यात्रियों में दहशत फैल गई और बचाव अभियान शुरू किया गया।   एक महिला की मौत, 200 से ज्यादा सुरक्षित   बचाव अभियान में 212 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि एक महिला यात्री की मौत हुई है। कुछ रिपोर्टों में 172 लोगों के बचाए जाने का शुरुआती आंकड़ा भी दिया गया है, इसलिए बचाव अभियान के आंकड़ों में अपडेट के साथ अंतर दिखाई दे रहा है।   तेज लहरों के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन   हादसे के समय समुद्र में तेज लहरें थीं, जिससे राहत और बचाव अभियान मुश्किल हो गया। 200 से ज्यादा बचावकर्मियों और कई बचाव नौकाओं को अभियान में लगाया गया। फेरी में आग लगने की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।   यात्रियों की संख्या को लेकर भी सवाल   हादसे के बाद फेरी के यात्री मैनिफेस्ट को लेकर भी सवाल उठे हैं। अधिकारियों के मुताबिक मैनिफेस्ट में 114 यात्री और 17 चालक दल के सदस्य दर्ज थे, जबकि बचाए गए लोगों की संख्या इससे अधिक बताई गई है। इस विसंगति की भी जांच की जा रही है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 13, 2026 0
Passenger ferry engulfed in flames near Madura Island as rescue teams search for missing passengers.
इंडोनेशिया में समुद्र के बीच नौका में भीषण आग, 5 लोगों की मौत; 41 यात्री लापता, राहत अभियान जारी

Indonesia Boat Fire: इंडोनेशिया के मदुरा द्वीप के पास रविवार सुबह एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ। सुराबाया से सुलावेसी द्वीप जा रही यात्रियों से भरी 'केएमपी मुटियारा सेंटोसा 2' नौका में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 यात्री अब भी लापता हैं। नौका पर चालक दल सहित करीब 250 लोग सवार थे। यात्रा के कुछ घंटे बाद लगी आग अधिकारियों के मुताबिक, नौका तंजुंग पेराक बंदरगाह (सुराबाया) से रवाना होकर मकासार जा रही थी। यात्रा शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद कप्तान ने आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को जहाज में आग लगने की सूचना दी। इसके तुरंत बाद नौका से संपर्क टूट गया। सुराबाया खोज एवं बचाव (SAR) कार्यालय ने बताया कि हादसे के समय नौका सपुदी द्वीप से लगभग 19 समुद्री मील उत्तर में थी। जान बचाने के लिए समुद्र में कूदे यात्री सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि आग तेजी से पूरी नौका में फैल गई और उससे घना काला धुआं उठने लगा। घबराए यात्री लाइफ जैकेट पहनकर जहाज के एक हिस्से में इकट्ठा हो गए, जबकि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए जलती नौका से सीधे समुद्र में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई जहाज राहत अभियान में जुटे हादसे की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद जहाज तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। सुराबाया खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख नानंग सिगिट ने बताया कि टीबी हसनूर 26 और ब्रिटिश मेंटर नामक जहाज समुद्र में कूदे यात्रियों को सुरक्षित निकाल रहे हैं। इसके अलावा चार अन्य जहाज भी राहत और बचाव अभियान में लगाए गए हैं। बचाव दल लापता यात्रियों की तलाश में लगातार समुद्र में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। आग लगने के कारणों की जांच शुरू फिलहाल नौका में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इंडोनेशियाई समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों का पता लगाने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। इंडोनेशिया हजारों द्वीपों वाला देश है, जहां समुद्री परिवहन लोगों की आवाजाही का प्रमुख साधन है। हालांकि, सुरक्षा मानकों में कमी और खराब मौसम के कारण वहां समय-समय पर इस तरह के समुद्री हादसे सामने आते रहे हैं।  

kalpana अगस्त 3, 2026 0
Narendra MODI
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशों की सफल यात्रा पूरी की, भारत लौटे; रक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक सहयोग को मिली नई मजबूती

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी छह दिवसीय तीन देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। इस दौरे के दौरान भारत ने रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की लगभग 40 वर्षों बाद न्यूजीलैंड की पहली द्विपक्षीय यात्रा भी रही।   तीनों देशों के साथ रणनीतिक रिश्ते हुए मजबूत   इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर अहम सहमति बनी। दोनों देशों ने भारत में विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की खरीद से जुड़े रक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाया।   ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीज़ के साथ वार्ता कर रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बैठक में मुक्त व्यापार, कृषि, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।   इंडो-पैसिफिक पर रहा खास फोकस   पूरे दौरे के दौरान भारत ने एक्ट ईस्ट नीति, महासागर (MAHASAGAR) विज़न और मुक्त एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा से भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Indian-origin businessman Gaurav Srivastava faces fresh fraud allegations linked to alleged defence deals in Indonesia, according to an international investigative report.
CIA एजेंट बनकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को ठगने का आरोप, भारतवंशी कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर 425 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का दावा

जकार्ता/वॉशिंगटन: अमेरिका में पहले से धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे भारतवंशी कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर अब इंडोनेशिया में भी बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। एक अंतरराष्ट्रीय खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि श्रीवास्तव ने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का विश्वास हासिल किया और रक्षा सौदों के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया। OCCRP और टेम्पो की रिपोर्ट में बड़ा दावा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और इंडोनेशियाई पत्रिका Tempo की संयुक्त जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह कथित फर्जीवाड़ा वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुआ। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि गौरव श्रीवास्तव ने इंडोनेशियाई सेना को 36 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और आधुनिक सैन्य कमांड सिस्टम उपलब्ध कराने का दावा किया था। फर्जी कंपनियों के जरिए लिया गया कर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका के एक कथित "गोपनीय सरकारी कार्यक्रम" का हवाला दिया और रक्षा परियोजनाओं के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपये का कथित फर्जी कर्ज मंजूर कराया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इसी धन का इस्तेमाल लॉस एंजिलिस में लगभग 208 करोड़ रुपये की कीमत वाला एक आलीशान बंगला खरीदने के लिए किया गया। राष्ट्रपति का भरोसा जीतने का आरोप रिपोर्ट के अनुसार, गौरव श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का इतना विश्वास जीत लिया था कि वे उन्हें "मिस्टर G" कहकर संबोधित करते थे। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने राष्ट्रपति के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी जानकारियों का इस्तेमाल किया, जो केवल करीबी लोगों को ही मालूम थीं। इनमें यह जानकारी भी शामिल थी कि प्रबोवो अपने घर में मकड़ी के जालों को प्रकृति का हिस्सा मानते हैं और उन्हें हटवाना पसंद नहीं करते। किए कई बड़े दावे रिपोर्ट के अनुसार, गौरव श्रीवास्तव ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने: वर्ष 2002 के बाली बम धमाकों के आरोपियों को पकड़वाने में भूमिका निभाई। राष्ट्रपति प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन की ब्लैकलिस्ट से हटवाने में मदद की। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इंडोनेशियाई सरकार का बयान इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको सिराइत ने कहा कि जिन रक्षा परियोजनाओं पर बातचीत हुई थी, वे अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी रक्षा सौदे को अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी, इसलिए सरकार को कोई प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। जांच जारी यह मामला सामने आने के बाद गौरव श्रीवास्तव की गतिविधियां एक बार फिर जांच के दायरे में आ गई हैं। अमेरिकी और इंडोनेशियाई एजेंसियां रिपोर्ट में किए गए दावों की जांच कर रही हैं। फिलहाल इन आरोपों पर गौरव श्रीवास्तव की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi departs for Indonesia on a two-day official visit to hold bilateral talks and strengthen strategic, defence and economic ties.
PM मोदी इंडोनेशिया दौरे पर रवाना, राष्ट्रपति प्रबोवो से होगी मुलाकात; ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इंडोनेशिया रवाना हो गए। इस दौरे के दौरान वह इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ के ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम के संभावित रक्षा समझौते को माना जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का भी दौरा करेंगे। ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर रहेगी नजर सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की बैठक में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की खरीद को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यदि यह समझौता होता है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश बन जाएगा। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को नई मजबूती देने के साथ इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी बढ़ाएगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के डीआरडीओ (DRDO) और रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा किया गया है। इसे दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल किया जाता है। रणनीतिक सहयोग पर होगी चर्चा द्विपक्षीय बैठक में दोनों देश कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे, जिनमें शामिल हैं— रक्षा सहयोग समुद्री सुरक्षा व्यापार एवं निवेश डिजिटल अर्थव्यवस्था कनेक्टिविटी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। मोदी का तीसरा इंडोनेशिया दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले मई 2018 और सितंबर 2023 में इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। 2018 की यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। उस समय रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समेत 15 से अधिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। वहीं 2023 में प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में आयोजित आसियान-भारत और ईस्ट एशिया समिट में शामिल हुए थे। साबंग पोर्ट पर भी रहेगा फोकस इस यात्रा में इंडोनेशिया के साबंग पोर्ट को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के निकट स्थित यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत और इंडोनेशिया पहले ही साबंग पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जता चुके हैं। प्रम्बानन मंदिर का करेंगे दर्शन प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान मध्य जावा स्थित प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे। यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है। करीब 240 मंदिरों वाले इस परिसर में भगवान शिव का मंदिर सबसे ऊंचा और प्रमुख है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। हालांकि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, फिर भी वहां की सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू और बौद्ध सभ्यताओं का गहरा प्रभाव आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh अगस्त 14, 2026 0