रांची। झारखंड में मौसम एक साथ दो अलग दिशाओं में बढ़ता दिख रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान तेजी से चढ़ रहा है, जबकि दूसरे इलाकों में मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर सतर्क किया है। तापमान का दबाव बढ़ा, कई शहर गर्मी की चपेट में दिन के तापमान में बढ़ोतरी साफ तौर पर महसूस की जा रही है। डाल्टनगंज में पारा सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, वहीं कोल्हान क्षेत्र के शहरों में भी गर्मी का असर तेज हुआ है। राजधानी रांची अपेक्षाकृत थोड़ी राहत में है, लेकिन यहां भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम का ग्राफ रहेगा अस्थिर मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि यह बढ़ती गर्मी लगातार नहीं रहने वाली। पहले तापमान में हल्की बढ़त होगी, फिर गिरावट दर्ज की जाएगी और उसके बाद दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है। यानी आने वाले दिनों में मौसम स्थिर रहने के बजाय लगातार बदलता रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग चेतावनी मध्य झारखंड के कई जिलों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में ओलावृष्टि को लेकर खास अलर्ट जारी किया गया है, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है। तेज हवाएं और वज्रपात बढ़ा सकते हैं जोखिम मौसम के इस बदलाव के साथ तेज हवाओं का दौर भी जुड़ सकता है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने खास तारीख को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में भी रहेगा असर मौसम का यह पैटर्न अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में बादल, बारिश और गर्जन की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं, जबकि राजधानी और आसपास के इलाकों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है।
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में 25 और 26 मार्च को आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम का यह अस्थिर रुख जारी रहेगा, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ त्योहारों और खेती पर भी असर पड़ सकता है। रामनवमी पर बारिश की संभावना इस बार रामनवमी के अवसर पर मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहने वाला है। विभाग का अनुमान है कि इस दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे भगवान श्रीराम का “प्राकृतिक जलाभिषेक” भी माना जा रहा है, लेकिन इससे जुलूस और आयोजन प्रभावित हो सकते हैं। 27-28 मार्च को येलो अलर्ट मौसम केंद्र ने 27 और 28 मार्च के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। लोगों को खुले स्थानों, खासकर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। 29 को राहत, 30 को फिर बदलेगा मौसम 29 मार्च को मौसम कुछ हद तक राहत देगा। हालांकि बादल बने रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। वहीं 30 मार्च को एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री रहा। मेदिनीनगर और सरायकेला जैसे इलाकों में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में तापमान 4 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। जमशेदपुर में भी बारिश के संकेत जमशेदपुर में भी मौसम ने राहत दी है। 27, 28 और 30 मार्च को यहां बारिश के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान साहिबगंज जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवा ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, मक्का, सरसों, मटर, मसूर और चना जैसी फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। छोटे और सीमांत किसान इस नुकसान से आर्थिक संकट में आ गए हैं। जिलों में तापमान का अनुमान उत्तर-पूर्वी जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम 19 से 21 डिग्री तक रहने की संभावना है। रांची, हजारीबाग और बोकारो जैसे इलाकों में तापमान थोड़ा कम रहेगा। वहीं दक्षिणी जिलों में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच सकता है। त्योहार और मौसम की चुनौती कुल मिलाकर, झारखंड में इस सप्ताह मौसम पूरी तरह अस्थिर बना रहेगा। रामनवमी जैसे बड़े त्योहार के दौरान बारिश और तेज हवाएं प्रशासन और आम लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।
रांची। झारखंड में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हो रही है, वहीं कुछ जगहों पर वज्रपात की घटनाएं भी सामने आई हैं। खराब मौसम के चलते अब तक आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। तापमान में गिरावट लगातार हो रही बारिश का सीधा असर तापमान पर देखने को मिला है। दिन का तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जबकि रात के तापमान में भी लगभग 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी पिछले एक सप्ताह से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका प्रभाव पूरे झारखंड में देखने को मिल रहा है। सोमवार को भी राजधानी रांची समेत कई जिलों में गरज और बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के मुताबिक 24 मार्च से मौसम साफ होने लगेगा और बारिश का दौर थम जाएगा। इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और गर्मी फिर से अपना असर दिखा सकती है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 25 और 26 मार्च को आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि तापमान धीरे-धीरे 30 से 34 डिग्री के बीच पहुंच सकता है। हालांकि मौसम ज्यादा दिनों तक स्थिर नहीं रहेगा। 27 और 28 मार्च को एक बार फिर मौसम बदलने के संकेत हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ बारिश और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले सात वर्षों में मार्च महीने में इतनी बारिश और ठंड पहली बार दर्ज की गई है, जो इसे एक असामान्य मौसमीय घटना बनाता है।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है। इन जिलों में तेज असर की चेतावनी राज्य के रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग में 60–70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन जिलों में भी अलर्ट इसके अलावा खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा और वज्रपात हो सकता है। तापमान में बदलाव मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में तापमान 3–4 डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होगी। किसानों को सतर्क रहने की सलाह ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे फसलों को नुकसान हो सकता है। 22 मार्च से मिलेगी राहत लगातार खराब मौसम के बीच राहत की खबर यह है कि 22 मार्च से मौसम साफ होने की संभावना है और इसके बाद तापमान सामान्य होने लगेगा। पिछले 24 घंटे का हाल नावाडीह में सबसे ज्यादा 43 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 37.8°C और लातेहार में न्यूनतम तापमान 17.6°C रहा। तेज बारिश और वज्रपात के खतरे को देखते हुए लोगों से घर में सुरक्षित रहने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
रांची। झारखंड में अचानक मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार को तेज धूप के बाद दोपहर में आसमान में घने बादल छा गए और कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले चार दिनों तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना जताई है और अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात का खतरा राजधानी रांची समेत खूंटी, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, गुमला, लोहरदगा और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन वज्रपात का खतरा भी बढ़ गया है।IMD के अनुसार 21 मार्च तक रांची, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ समेत कई जिलों में तेज हवा, बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। दोपहर बाद बदला मौसम, तेज हवाओं ने बढ़ाई ठंडक मंगलवार दोपहर तक जहां तेज गर्मी थी, वहीं शाम होते-होते मौसम पूरी तरह बदल गया। रांची में दोपहर तीन बजे के बाद 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और इसके बाद बारिश शुरू हो गई।मोरहाबादी, कांके, नामकुम और इटकी जैसे इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। धनबाद में भी कई स्थानों पर ओले गिरने की खबर है। तापमान में गिरावट, लोगों को गर्मी से राहत बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रांची में यह करीब 19 डिग्री रहा।पहले जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था, अब यह घटकर 34-36 डिग्री के बीच आ गया है। इससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। किसानों को भारी नुकसान जहां एक ओर बारिश से आम लोगों को राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर आई है। गुमला, धनबाद और लोहरदगा जिलों में ओलावृष्टि से गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम में 37.2 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी और धनबाद में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 22 मार्च के बाद फिर बदलेगा मौसम IMD का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम फिर से साफ हो सकता है और तापमान में दोबारा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
रांची। झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र के अनुसार 16 मार्च को राज्य के कई जिलों में तेज हवा, मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर बाद अचानक बदला मौसम रविवार दोपहर के बाद झारखंड के कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए और कई स्थानों पर तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। राजधानी रांची में भी मेघ गर्जन के साथ बारिश दर्ज की गई। देर रात तक तेज हवा और बादलों की गर्जना का दौर जारी रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को रांची का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 16 मार्च के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें रांची, खूंटी, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहें। पूरे राज्य में दिख सकता है असर मौसम विभाग के अनुसार 16 मार्च को झारखंड के लगभग सभी 24 जिलों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई जगहों पर वज्रपात और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। 17 और 19 मार्च को भी मौसम रहेगा सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार 17 मार्च को भी राज्य के अधिकांश जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। वहीं 19 मार्च को एक बार फिर राज्य में मौसम सक्रिय हो सकता है और कई इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। तापमान का अनुमान अगले पांच दिनों में झारखंड के कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 15 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। रांची में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।
रांची। रांची समेत पूरे झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य में आसमान साफ और मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में कई जिलों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में वज्रपात और तेज हवा को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिमी झारखंड में हीट वेव की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 14 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान साफ दिखाई देगा। हालांकि उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में उष्ण लहर यानी हीट वेव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। बढ़ते तापमान के कारण लोगों को दिन के समय गर्मी का ज्यादा एहसास हो सकता है। 15 मार्च से बदलेगा मौसम मौसम विभाग का कहना है कि 15 मार्च से राज्य के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य जिलों में आंशिक बादल छाने के साथ मेघ गर्जन और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। 16 और 17 मार्च को भी रहेगा असर मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 मार्च को भी राज्य के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे। इन दिनों भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही तेज हवा और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राजधानी Ranchi और आसपास के क्षेत्रों में भी 15 मार्च से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। सामान्य से अधिक दर्ज हो रहा तापमान मौसम केंद्र रांची के अनुसार मार्च के मध्य में ही राज्य में गर्मी का असर बढ़ गया है। कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया गया है। रांची में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री और न्यूनतम 17.3 डिग्री दर्ज किया गया। कई शहरों में तेज गर्मी औद्योगिक शहर जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5.6 डिग्री ज्यादा है। वहीं डालटनगंज में पारा 39.0 डिग्री तक पहुंच गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री दर्ज किया गया।इसके अलावा चाईबासा में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री रहा, जबकि सरायकेला में सबसे ज्यादा 39.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 13.1 डिग्री दर्ज किया गया।
मार्च की शुरुआत में मौसम ने ली करवट मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही झारखंड में मौसम का रुख बदलने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को खासकर उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य जिलों में आंशिक से लेकर घने बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। तेज हवा और वज्रपात को लेकर चेतावनी मौसम विभाग ने बताया है कि इन दो दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ जगहों पर वज्रपात की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदला हुआ मौसम लगभग दो दिनों तक बना रह सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार पूर्वानुमान के मुताबिक 9 मार्च को बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 10 मार्च को बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में आंशिक बादल रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवा चलने और गर्जना होने की भी स्थिति बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मौसम में आया यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रहा है। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बनने और बारिश की स्थिति बन रही है। रांची में भी दो दिन बदला रहेगा मौसम राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले दो दिनों तक मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। यहां आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। रांची का अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 11 मार्च के बाद बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग के मुताबिक 11 मार्च से राज्य में आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 12 मार्च तक अधिकतर जिलों में साफ मौसम रहने की संभावना है। इसके बाद तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान है कि मार्च के तीसरे सप्ताह लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम वैज्ञानिकों ने गरज-चमक और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।