July 29 in History

Important Events
Important Events: 29 जुलाई की महत्त्वपूर्ण  घटनाएं

1655 – नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम में विश्व का सबसे बड़ा टाउनहाल खुला। 1786 -  पहला अख़बार पश्चिम के एललेघनी, पिट्स गैजेट में प्रकाशित हुआ। 1858 – अमेरिका और जापान ने हैरिस संघि पर हस्ताक्षर किए। 1876 – भारत में विज्ञान संगठन की स्थापना की गई।  1899 – न्यूयॉर्क में पहली मोटरसाइकिल रेस का आयोजन हुआ। 1937 – जापानी सेना ने चीन के पेकिंग और टिनट्सीन पर कब्जा किया। 1941 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी के घटक जापान ने चीन और भारत पर अधिकार करने के लिए अपने सैनिक इस क्षेत्र के दक्षिणी तट पर उतारे। 1949 – ब्रिटिश ब्राडकॉस्टिंग कार्पोरेशन रेडियो पर प्रसारण शुरू हुआ। 1957 – संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का गठन किया। 1958 – अमेरिकी कांग्रेस ने अपनी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की स्थापना के लिए विधेयक पास किया। 1980 – मॉस्को ओलंपिक में भारत ने हॉकी में स्वर्ण पदक जीता। 1981 – ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स और राजकुमारी डायना की शादी हुई। उस वक्त लगभग 70 करोड़ लोगों ने टीवी पर इस शाही शादी को देखा। 1983 – पहले चालक रहित विमान 'मिनी' ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। 1996 - चीन ने लोपनोर में अपना 45 वां भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। 2000 - सं.रा. अमेरिका द्वारा पैमनसेट-9 नामक संचार उपग्रह उक्रेन के राकेट की सहायता से अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया। 2004 - मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए बिमस्टेक-ईसी सम्मेलन में भाग लेने बैंकॉक रवाना। 2006 - श्रीलंकाई बल्लेबाज माहेला जयवर्धन और कुमार संगाकारा ने 624 रनों की भागीदारी का टेस्ट क्रिकेट में विश्व रिकार्ड बनाया। 2007 - वैज्ञानिकों ने एथेंस में प्री हिस्टोरिका पीरियड के हाथी के दांत की खोज की। 2008 - इस्रायल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने सीरिया के साथ चौथे दौर की शान्ति वार्ता के लिए अपने दो प्रतिनिधि तुर्की भेजे। 2013 – फ्रांस के कांस के एक होटल से 10.3 करोड़ यूरो के हीरे की चोरी हुई। 2019 - भारतीय वायु सेना ने रूस से 1500 करोड़ रुपये की R-27 मिसाइलों को खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये। 2019 - वैज्ञानिकों ने अमेजन के जंगलों में विश्व के सबसे छोटे बंदर के जीवाश्म का पता लगाया। 2019 - गार्डेन रिसर्च शिपबिल्‍डर्स एंड इंजीनियर लिमिटेड का 100वां युद्ध पोत विशाखापत्‍तनम में एलसीयूएल-56 में शामिल। 2019 - भारत और म्यांमार ने अपने सैन्य संबंधों को बढ़ाने और सामरिक सुरक्षा के लिहाज से रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। 2020 - पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप ( हरियाणा के अंबाला वायु सेना स्टेशन पर ) भारत पहुंची । 2020 - COVID-19 महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में मदद के लिए ADB ने 30 लाख डॉलर के अनुदान को मंजूरी दी। 2020 - पेटीएम मनी ने वरुण श्रीधर को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की।  2021 - भारत के 14 बाघ अभयारण्यों को बाघों के बेहतर संरक्षण के लिए वैश्विक सीए/टीएस मान्यता मिली। 2022 - थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल मनोज पांडे भूटान के दौरे पर रवाना हुए। 2022 - प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र का दौरा किया व IFSCA मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। 2022 - पशुपालन और डेयरी विभाग की योजनाओं के लिए "मिनिस्टर्स डैशबोर्ड" का शुभारंभ हुआ। 2022 - भारतीय और फ्रांसीसी नौसेना द्वारा अटलांटिक में सैन्याभ्यास शुरु किया गया। 2023 - महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अमरनाथ यात्रा से लौट रही बस की टक्कर से 6 लोगों की मौत व 21 घायल हुए। 2023 - झारखंड के बोकारो जिले में मुहर्रम पर ताजिया लेकर जा रहे जूलूस में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 13 लोग बुरी तरह झुलसे, 4 की मौत हुई। 2023 - भारतीय नौसेना ने तमिलनाडु तट के पास बीच समुद्र में फंसे 36 मछुआरों को बचाया। 2023 - तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 8 लोगों की मौत व 10 अन्य झुलस गए। 2024 - दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPWD) के तहत राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEEPID) और हंस फाउंडेशन ने मोबाइल थेरेपी बस पहल शुरू करने की घोषणा की। 2025 - भारत को 'प्रलय' मिसाइल के परीक्षण में मिली सफलता, डीआरडीओ ने कहा- लक्ष्य पर सटीक हमला किया।   29 जुलाई को जन्मे व्यक्ति   1883 – इटली के एक मध्यम वर्ग के परिवार में फासीवादी दल की आधारशिला रखने वाले तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी (Benito Mussolini) का जन्म हुआ। 1894 - एडवर्ड गोबर्ट पुडुचेरी के पहले मुख्यमंत्री।  1904 - जे. आर. डी. टाटा - आधुनिक भारत की बुनियाद रखने वाली औद्योगिक हस्तियों में जे. आर. डी. टाटा का नाम सर्वोपरि है। 1905 - डैग हैमरस्क्जोंल्ड - संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव थे। 1922 - बलवन्त मोरेश्वर पुरन्दरे उपाख्य बाबासाहेब पुरन्दरे मराठी साहित्यकार, नाटककार तथा इतिहास लेखक थे। 1927 - माधव सिंह सोलंकी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दल के नेता । भारत के पूर्व विदेश मंत्री रह चुके व चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। 1931 - सी. नारायण रेड्डी - ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित तेलुगु भाषा के प्रख्यात कवि। 1960 - उत्पल कुमार सिंह - सेवानिवृत्त आईएएस एवं लोकसभा के महासचिव। 1990 - एली एवराम स्वीडिश हिन्दी अभिनेत्री।   29 जुलाई को हुए निधन   1890 - विन्सेंट वैन गो - नीदरलैण्ड के प्रसिद्ध चित्रकारों में से एक थे। 1891 - ईश्वर चन्द्र विद्यासागर - प्रसिद्ध समाज सुधारक, शिक्षाशास्त्री और स्वाधीनता सेनानी का निधन कलकत्ता में हुआ। 1996 - अरुणा आसफ़ अली - 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' में योगदान देने वाली प्रमुख महिलाओं में से एक। 2001 - एडवर्ड गिरेक - पौलैण्ड के प्रथम सचिव थे। 2003 - जॉनी वॉकर, भारत के एक सुप्रसिद्ध हास्य अभिनेता। 2009 - महारानी गायत्री देवी, जयपुर की महारानी। 2015 - वसुंधरा कोमकली, जिन्हें वसुंधरा ताई के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय शास्त्रीय संगीतकार थीं। 2017 - स्नेहमयी चौधरी - प्रसिद्ध हिन्दी कवयित्री। 2019 - गुजरात के दिग्गज पाटीदार नेता और पूर्व सांसद विट्ठल रादडिया का निधन । 2019 - वरिष्ठ कांग्रेस नेता और आंध्र प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश गौड़ का निधन। 2022 - मेघालय के पूर्व गृह मंत्री और वयोवृद्ध राजनीतिज्ञ आर. जी. लिंगदोह (62) का निधन हुआ। 2023 - वेल्श रग्बी यूनियन फुटबॉलर और कोच डैनियल क्लाइव थॉमस रोलैंड्स (85) का निधन हुआ। 2023 - स्कॉटिश खेल लेखक डेविड डब्ल्यू॰ पॉटर (74) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ी जॉर्ज विल्सन (81) का निधन हुआ। 2024 - पोलिश एथलीट जोज़ेफ़ स्ज़्मिड्ट की 89 वर्ष की आयु में कैंसर से मृत्यु हो गई। 2025 - प्रसिद्ध भारतीय-मूल के दिग्गज अर्थशास्त्री और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य मेघनाद देसाई (85) का लंदन में निधन हुआ‌।   29 जुलाई के महत्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   मेला श्री काहवाल (गुरदासपुर, पंजाब)। मेला श्री रुद्रगंगा (चंद्रेणीदेसा, डोडा)। महर्षि वेदव्यास जयन्ती (आषाढ़ी पूर्णिमा)। गुरु श्री प्रेमानन्द जी जयन्ती (आषाढ़ पूर्णिमा)। तेरापंथ स्थापना दिवस (जैन , आषाढ़ी / गुरु पूर्णिमा)। मुनि श्री संधान सागर जी मुनि दीक्षा (जैन , आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा)। सारनाथ में बौद्ध भिक्षुओं का धर्म चक्र प्रवर्तन दिवस। श्री जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा जयन्ती। श्री एडवर्ड गोबर्ट जयन्ती। श्री माधव सिंह सोलंकी जन्म दिवस। श्री ईश्वर चन्द्र विद्यासागर स्मृति दिवस। विश्व वर्षा दिवस (World Rain Day)। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari जुलाई 29, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Prime Minister Narendra Modi announces fast-track courts and strict action against those involved in paper leak cases.
राष्ट्रीय

PM मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक के दोषियों पर सख्ती, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा

kalpana जुलाई 23, 2026 0