रांची। झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 जून से 3 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 1 जुलाई को रांची में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। हालांकि पलामू, चतरा और गढ़वा जैसे जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बने रहने की संभावना है। सामान्य से काफी कम हुई जून की बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 26 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में सामान्य बारिश 149.8 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 59 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से करीब 61 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में भी 158.2 मिमी के मुकाबले केवल 125.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। वज्रपात से चार लोगों की मौत शुक्रवार को झारखंड में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा में बकरी चरा रही एक महिला की आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई। वहीं कुडू, लातेहार के बालूमाथ और चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र में भी वज्रपात की चपेट में आने से तीन अन्य लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। तापमान में आएगी गिरावट 27 से 30 जून के दौरान राज्य में मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
जामताड़ा, एजेंसियां। बुधवार देर रात एक शादी समारोह में खुशियां मनाते लोगों पर आसमान से मौत बनकर बिजली गिरी। जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र के चरकादाहा गांव में वज्रपात से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। देखते ही देखते शादी का खुशनुमा माहौल गम और सन्नाटे में बदल गया। बारिश से बचने के लिए शेड में थे सभी, तभी गिरी बिजली चरकादाहा गांव में शादी समारोह चल रहा था और गांव के सभी लोग उत्सव में शामिल थे। देर रात अचानक तेज आंधी और बारिश आ गई। बारिश से बचने के लिए लोग शेड का सहारा लेने लगे, लेकिन तभी जोरदार गरज के साथ वज्रपात हुआ जिसने दो लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अफरातफरी में अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना के बाद समारोह में अफरातफरी मच गई। गांव वालों ने किसी तरह मृतकों और घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दो को मृत घोषित किया। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस मौके पर, मुआवजे का आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार ने बताया कि मृतक परिजनों और घायलों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है और इसके असर से राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार सोमवार (22 जून) को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान जताया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इन जिलों में जारी हुआ विशेष अलर्ट मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा और धनबाद के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कहीं-कहीं वज्रपात के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 23 और 24 जून को भी रहेगा बारिश का असर मौसम विभाग के मुताबिक 23 और 24 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान वज्रपात और तेज हवाओं की भी संभावना बनी रहेगी। मानसूनी सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधियां विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून, सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ) और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बादलों का निर्माण हो रहा है और आने वाले दिनों में भी मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। रविवार को डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रांची, जमशेदपुर और बोकारो में अपेक्षाकृत कम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
झारखंड में मॉनसून के सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं वज्रपात और एक हादसे में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए 25 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा वर्षा शुक्रवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 18 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में सुबह और शाम के दौरान लगभग 3 मिमी बारिश हुई, जबकि मेदिनीनगर में करीब 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वज्रपात और हादसों में चार लोगों की मौत मौसम की मार सबसे ज्यादा गढ़वा, गुमला, लातेहार और कोडरमा जिलों में देखने को मिली। गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र के तेतमा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 18 वर्षीय चंदा कुमारी की मौत हो गई। टेढ़ी हरैया गांव के तौहीद अंसारी घायल हो गए। कोडरमा के डोमचांच क्षेत्र के फुलवरिया गांव में ईंट की दीवार गिरने से 40 वर्षीय आरती देवी की जान चली गई। लातेहार के मारी गांव में वज्रपात से 35 वर्षीय सरोज गंझू की मौत हो गई। गुमला जिले के चिरोडीह गांव में वृद्ध सैबू भोगता की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं पलामू के पाटन साप्ताहिक बाजार में वज्रपात से पांच लोग घायल हो गए। 25 जून तक येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 25 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में: मेघ गर्जन वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाएं चलने की संभावना है। गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में तापमान बढ़ सकता है, जबकि बाकी इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश 1 जून से 19 जून तक झारखंड में केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 83.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तापमान में भी आई गिरावट मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.8 डिग्री कम हुआ। रांची का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रनवे पर खड़े अमीरात एयरलाइंस के विमान के पास काम कर रहे दो ग्राउंड स्टाफ अचानक आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और दोनों कर्मचारियों को तत्काल चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब अमीरात एयरलाइंस की एक फ्लाइट कोलकाता हवाई अड्डे पर उतर चुकी थी और ग्राउंड स्टाफ विमान से यात्रियों का सामान उतारने के कार्य में जुटे थे। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ अचानक बिजली गिरी, जिसकी चपेट में दोनों कर्मचारी आ गए। विमान और उसमें मौजूद यात्रियों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट इस बीच, अलीपुर मौसम विभाग ने कोलकाता सहित पूरे दक्षिण बंगाल में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के 10 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सप्ताहांत में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। शनिवार और रविवार को कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है, जबकि यह स्थिति अगले सप्ताह मंगलवार तक बनी रह सकती है। जलजमाव से प्रभावित हुआ जनजीवन लगातार हो रही बारिश के कारण कोलकाता के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति से निपटने के लिए कोलकाता नगर निगम ने विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) सक्रिय कर दिया है। सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और विभिन्न इलाकों की निगरानी सीसीटीवी तथा ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।
रांची। मानसून की सक्रियता के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में वज्रपात और हादसों की घटनाएं भी सामने आई हैं। गढ़वा, कोडरमा, गुमला और लातेहार में वज्रपात से चार लोगों की मौत हो गई। गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय चंदा कुमारी की जान चली गई। वहीं एक अन्य युवक घायल हो गया। कोडरमा में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। लातेहार और गुमला में भी वज्रपात से लोगों की जान गई। पलामू के पाटन क्षेत्र में वज्रपात से पांच लोग झुलस गए। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। पलामू, गढ़वा और चतरा में उमस वाली गर्मी मौसम विभाग ने 25 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं पलामू फिलहाल भीषण गर्मी से झुलस रहा है। यहां का पारा 40 डिग्री सेसि के आसपास रह रहा है। तेज हवाएं चलेंगी मौसम विभाग के अनुसार आनेवाले दिनों में अधिकांश क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी जिलों पलामू, गढ़वा और चतरा में कहीं-कहीं गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। 56 प्रतिशत कम वर्षा जारी आकड़ों के अनुसार 1 से 19 जून के बीच राज्य में सामान्य से 56 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, लेकिन अब मानसून के सक्रिय होने से स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बड़कागांव और इचाक प्रखंड में आकाशीय बिजली गिरने से एक आंगनबाड़ी सेविका और दो किसानों की मौत हो गई। हादसों के बाद प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है। महुआ के पेड़ के पास गिरी बिजली, सेविका की मौत बड़कागांव प्रखंड की आंगो पंचायत के फटरियापानी गांव निवासी शांति देवी, जो झिकझोर आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका थीं, गुरुवार शाम घर के पास महुआ के पेड़ पर डोरही तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। खेत में काम कर रहे किसान की गई जान बड़कागांव के पलांडू गांव निवासी किशुन महतो गुरुवार दोपहर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गर्जना के बीच बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और तीन पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इचाक में भी वज्रपात का शिकार बना किसान इचाक प्रखंड के बरवा गांव निवासी सुरेश प्रसाद मेहता उर्फ चौधरी मेहता (55) की भी खेत में काम करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से राहत की मांग लगातार हुई इन दुखद घटनाओं के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को आपदा राहत योजना के तहत शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही लोगों से बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों तथा खेतों में काम करने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
रांची: झारखंड में मानसून के आगमन से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। वज्रपात ने ली तीन लोगों की जान गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय क्रमु कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी 30 वर्षीय राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार भी वज्रपात की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। कई जिलों में हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हुई। सबसे अधिक 70.3 मिमी बारिश सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। पिछले 24 घंटे का मौसम सर्वाधिक अधिकतम तापमान: 37.6°C (डाल्टनगंज) न्यूनतम तापमान: 21.9°C (लातेहार-AWS) सर्वाधिक वर्षा: 70.3 मिमी (थर्थाइटांगर, सिमडेगा) कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी India Meteorological Department (आईएमडी) रांची केंद्र ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक फैला ट्रफ सक्रिय है। इसी वजह से झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है और आगामी दिनों में भी बारिश तथा वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 9 जून को इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 9 जून को: रांची बोकारो रामगढ़ गुमला खूंटी सहित दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई इलाकों में मेघगर्जन, तेज हवा और बारिश की संभावना है। इसके अलावा रांची में 10 और 11 जून को भी गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। लोगों को बरतनी होगी सावधानी मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों तक वज्रपात की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
रांची। झारखंड में मानसून पूर्व गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के कई जिलों में हुई बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है , वहीं वज्रपात की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे कई परिवारों में मातम छा गया। सबसे दुखद घटना गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड के परासपानी कला गांव में हुई, जहां 12 वर्षीय क्रमु कुमार की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं रामगढ़ जिले के गंडके पाहन टोला निवासी 30 वर्षीय राजू मुंडा और कुजू क्षेत्र के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार भी आकाशीय बिजली का शिकार बन गए। कई जिलों में झमाझम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सिमडेगा जिले के थर्थाइटांगर में सबसे अधिक 70.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से काफी राहत महसूस हुई है। राज्य में सबसे अधिक तापमान डाल्टनगंज में 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम के इस बदलाव ने वातावरण को अपेक्षाकृत सुहावना बना दिया है। येलो अलर्ट जारी, सावधानी बरतने की अपील मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक फैले ट्रफ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण झारखंड में मौसम सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। साथ ही, मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।