May 6 events in history

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Important Event: 6 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1529 घाघरा का युद्ध 'भारतीय इतिहास' में लड़े गये प्रसिद्ध युद्धों में से एक था। घाघरा युद्ध मुग़ल बादशाह बाबर और अफ़ग़ानों के मध्य लड़ा गया था। इस युद्ध में बाबर ने महमूद लोदी के नेतृत्व में लड़ रहे अफ़ग़ानों को पराजित किया था। 1672 – ब्रैंडनबर्ग के मोनार्क फ्रेडरिक विलेम ने नीदरलैंड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये। 1733 – पहला अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सिंग मैच खेला गया। 1757 - प्राग की लड़ाई: प्रशिया की सेनाओं ने फ्रेडरिक द्वितीय की ऑस्ट्रियाई सेना को हरा दिया। 1794 – हैती में फ्रांस के खिलाफ विद्रोह शुरु हुआ। 1804 – ब्रिटेन ने सुरीनाम द्वीप को खरीदा। 1833 – जॉन डेरे ने इस्पात का पहला हल बनाया। 1835 – अमेरिकी समाचारपत्र न्यूयॉर्क हेराल्ड का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ। 1840 – ब्रिटेन में पहला डाक टिकट जारी हुआ। 1841 – जोसेफ स्टालिन रूस के प्रधानमंत्री बने।  1882 – जर्मनी के सूक्ष्मजैविकी विशेषज्ञ रॉबर्ट कोच द्वारा, क्षय रोग के जीवाणु की खोज की घोषणा की गयी। 1889 – फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित विश्वप्रसिद्ध एफिल टावर आधिकारिक रूप से जनता के लिए खोला गया। 1910 – ब्रिटिश शासक एडवर्ड सप्तम के निधन के बाद उनका बेटा जार्ज पंचम गद्दी पर बैठा। 1944 – पुणे के आगा खान पैलेस से गांधीजी रिहा हुए। 1967 – ज़ाकिर हुसैन भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति बने। 1976 – उत्तरी इटली के फ्रिउली में आये भीषण भूकंप में 989 लोगों की मौत हुई। 1997 - फ़्रांस की क्रिस्टिन जेनिन ध्रुव पर पैदल पहुँचने वाली विश्व की प्रथम महिला बनी। 2004 - चीन ने सिक्किम को भारत का अंग माना। 2005 - संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन की सूची में डाला।  2006 - दुनिया की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक पोर्टर ग्रास ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया। 2007 - फ़्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में निकोलस सार्कोजी जीते। 2008 - बांग्लादेश में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा जिया के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले में पहली बार आरोप पत्र दाखिल किया। 2010 - सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने सांसदों को मिलने वाली स्थानीय क्षेत्र विकास निधि की संवैधानिक वैधता को यह कहकर बरकरार रखा कि संसद के पास इसके तहत कोष आवंटित करने की वैध शक्तियां हैं। *इस योजना के तहत सांसदों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए दो करोड़ रुपए सालाना मिलते हैं।* 2010 - मुंबई में हुए 26/11 हमले के दोषी अजमल आमिर कसाब को मौत की सज़ा सुनाई गई। 2010 - संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 195 महिलाओं सहित कुल 875 उम्मीदवार सफल हुए।  2010 - जम्मू एवं कश्मीर के कुपव़ाडा के रहने वाले चिकित्सक शाह फैसल ने इसमें सर्वोच्च स्थान हासिल किया। 2019 - भारतीय स्वदेश निर्मित स्कार्पिन क्लास की चौथी पनडुब्बी वेला लाँच। 2020 - बांग्‍लादेश में भारत की तरफ से आपात चिकित्‍सा सहायता की तीसरी खेप सौंपी गई। 2020 - भारत केन्‍द्र सरकार ने फीचर फोन या लैंडलाइन फोन वाले लोगों के लिए आरोग्‍य सेतु आईवीआरएस सेवा शुरू की तथा भारतीय नौसेना ने विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन समुद्र सेतु की शुरूआत की। 2020 - जम्‍मू-कश्‍मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक प्रमुख आतंकी (ऑपरेशनल चीफ कमांडर रियाज़ नैकू ) और उसका साथी मारा गया। 2021 - मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा संसद अध्यक्ष मोहम्मद नशीद एक संदिग्ध बम विस्फोट में घायल हुए। 2021 - रूस ने एक खुराक वाली वैक्सीन (सिंगल डोज वैक्सीन) 'स्पुतनिक लाइट' को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी। 2021 - पुर्तगाल में दुनिया का सबसे लंबा पैदल यात्री हैंगिंग ब्रिज "अरोका (Arouca)" खोला गया। 2022 - आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने 1 महीने में दूसरी बार देश में आपातकाल की घोषणा की। 2022 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार संगठन के वैश्विक शिखर सम्‍मेलन जीतो कनेक्‍ट-2022 का उद्घाटन किया। 2022 - क्यूबा के फाइव स्टार होटल में गैस रिसाव से भयानक विस्फोट में 22 लोगों की मौत व 74 घायल हुए। 2023 - ब्रिटिश महाराजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला का लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में औपचारिक राज्याभिषेक संपन्न हुआ। 2023 - कश्मीर घाटी में दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने व बिजली गिरने से एक दंपति सहित 4 लोगों की मौत हुई। 2023 - IPL में इतिहास रचते हुए 7000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने विराट कोहली। 2023 - मालदीव के जलक्षेत्र से बचाए गए दस भारतीय मछुआरों को विशाखापत्तनम लाया गया। 2023 - पेरू में सोने की खदान में आग से 27 की मौत हुई। 2024 - तुर्किये ने इराक में हवाई हमले से 16 आतंकवादी मारे। 2024 - भारत पर्यटन मंत्रालय ने दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्ट 2024 में भाग लिया (06 से 09 मई)।   6 मई को जन्मे व्यक्ति   1856 – आस्ट्रियाई मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड का जन्म। 1861 - मोतीलाल नेहरू- स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ। 1925 - रहमान राही ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कश्मीर के प्रमुख कवि थे। 1937 - सम पिरोज भरुचा भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 30वें भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश रहे। 1942 - लल थनहवला- प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ एवं मिज़ोरम के तीसरे मुख्यमंत्री। 1953 – पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का जन्म हुआ। 1964 - खजान सिंह - भारत के प्रसिद्ध तैराकों में से एक हैं। 1972 - आबिद ख़ान - भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों में से एक थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। 1983 - गगन नारंग भारत के एक राईफ़ल निशानेबाज खिलाड़ी व लंदन ऑलंपिक्स हेतु अर्हता लेने वाले प्रथम भारतीय।   6 मई को हुए निधन   1589 – महान संगीतकार मियां तानसेन का निधन हुआ (कन्फर्म नहीं)। 1859 – जर्मनी के प्रसिद्ध भूगोल शास्त्री एलेक्ज़ेन्डर हमबोल्ड का 90 वर्ष की आयु में निधन हुआ।  1922 - राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मराठा के भोंसले राजवंश के राजा और कोल्हापुर की भारतीय रियासतों के महाराजा थे। 1946 - भूलाभाई देसाई - प्रख्यात विधिवेत्ता, प्रमुख संसदीय नेता तथा महात्मा गांधी के विश्वस्त सहयोगी थे। 1949 – बेल्जियम के भौतिकशास्त्री एवं लेखक मोरिस मायटरलिंक (87) का  निधन हुआ। 1973 - शिव कुमार 'बटालवी' पंजाबी भाषा के एक विख्यात कवि थे। 1976 - कोका सुब्बा राव - भारत के 8वें पूर्व मुख्य न्यायधीश थे। 1985 - द्वितीय विश्वयुद्ध में बैली पुलों के आविष्कारकर्ता सर डोनाल्ड बैली का इंग्लैंड में निधन। 2005 - श्‍याम लाल यादव, भारत के उत्तर प्रदेश की दूसरी विधानसभा सभा में विधायक रहे। 2006 - टाइटेनिक के डूबने की घटना की आखिरी चश्मदीद गवाह अमेरिकी नागरिक लिलियन एस्प्लंट का निधन। 2010- गोविंद मुनीस, भोजपुरी फ़िल्म निर्देशक (नदिया के पार)। 2021 -  चौधरी अजीत सिंह - एक भारतीय राजनीतिज्ञ व पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र थे। 2021 - मशहूर सितारवादक प्रतीक चौधरी का कोरोना से निधन हुआ। 2021 - गुजरात के पूर्व वित्त मंत्री श्री प्रतापभाई शाह का आकस्मिक निधन हुआ। 2021 - उर्दू समीक्षक, लेखक और कवि प्रोफेसर शमीम हनफ़ी का नई दिल्‍ली में निधन हुआ। 2022 - अमेरिकी चित्रकार जॉर्ज पेरेज़ (67) का निधन हुआ। 2023 - संघीय संचार आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके अमेरिकी वकील न्यूटन नॉर्मन माइनो (97) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी बेसबॉल पिचर विदा रोशेल ब्लू जूनियर (73) का निधन हुआ। 2023 - बेक्स आर्ट्स ट्रायो के सह-संस्थापक पियानोवादक मेनाहेम प्रेसलर (98) का निधन हुआ। 2024 - इंग्लिश-अमेरिकी बैडमिंटन खिलाड़ी ज्यूडी डेवलिन (88) का निधन हुआ।   6 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   श्री हरि जयन्ती। श्री रामनाथस्वामी यात्रा - बढोणा (अमरावती)। पं. मोतीलाल नेहरू जयन्ती। लांस नायक शहीद आबिद ख़ान जयन्ती। श्री लल थनहवला जयन्ती। राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज स्मृति दिवस। विश्व अस्थमा दिवस (मई के पहले मंगलवार को)। अंतर्राष्ट्रीय आहार निषेध दिवस (International No Diet Day)। कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की  कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Anjali Kumari मई 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Mamata Banerjee Exit
ओपिनीयन

दीदी, स्टालिन व वाम की विदाई

Anjali Kumari मई 5, 2026 0