Jharkhand Weather Update: झारखंड में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। चार दिनों तक इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी 23 जुलाई: रांची, खूंटी, गुमला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लातेहार और लोहरदगा में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। 24 जुलाई: रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 25 जुलाई: रांची, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 26 जुलाई: रांची, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को कहां कितनी हुई बारिश? बुधवार को राज्य में सबसे अधिक बहरागोड़ा में 41 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा: रांची – 4 मिमी जमशेदपुर – 12 मिमी मेदिनीनगर – 1 मिमी बोकारो – 3 मिमी खूंटी – 13 मिमी हजारीबाग – 10 मिमी सरायकेला – 20 मिमी जगन्नाथपुर – 4 मिमी अब भी सामान्य से कम हुई है बारिश राज्य में मानसून सक्रिय होने के बावजूद अब तक सामान्य से 28 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 22 जुलाई के बीच जहां सामान्य वर्षा 414.9 मिमी होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 299.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में दर्ज हुई है। वहीं राजधानी रांची में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। लोगों के लिए सलाह खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में सोमवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से आने वाले घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में मंगलवार, 21 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। सोमवार को कहां कितनी हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से सोमवार को राज्य के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। रांची – 3 मिमी जगन्नाथपुर – 13 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी खूंटी – 5 मिमी देवघर – 2 मिमी कोडरमा – 7 मिमी हजारीबाग – 2 मिमी देर रात भी राज्य के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश यहां पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हजारीबाग – 139.2 मिमी लोहरदगा – 112 मिमी कांके – 80.2 मिमी जामताड़ा – 56 मिमी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पहला सिस्टम रोहतक, हरदोई, वाराणसी, मेदिनीनगर, पुरुलिया और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर झारखंड, बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की दिशा में सक्रिय है। इन्हीं दोनों मौसम प्रणालियों के कारण झारखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। सामान्य से अब भी 33 प्रतिशत कम बारिश हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन के आंकड़े अभी भी सामान्य से पीछे हैं। 1 जून से 20 जुलाई तक सामान्य वर्षा: 319.8 मिमी अब तक हुई वर्षा: 261.4 मिमी कमी: 33 प्रतिशत रांची में भी इस अवधि के दौरान सामान्य 406.4 मिमी के मुकाबले केवल 331.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 19 प्रतिशत कम है। तापमान में आई गिरावट बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। रांची – 29.8°C जमशेदपुर – 33.4°C मेदिनीनगर – 30.2°C मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में न रहें। वज्रपात के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रांची: झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव (Low Pressure Area) का असर झारखंड के मौसम पर पड़ने की संभावना है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने किसानों और आम लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के मुताबिक 16 जुलाई को रांची, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 17 जुलाई को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसांवा के कई हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही मौसमी गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। रांची समेत कई इलाकों में हुई बारिश मंगलवार को राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बहरागोड़ा में 22 मिमी जबकि जमशेदपुर में 4.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो मंगलवार को: रांची का अधिकतम तापमान 32.1°C जमशेदपुर का 32.4°C मेदिनीनगर का 35.4°C बोकारो का 32.1°C दर्ज किया गया। अब भी सामान्य से 41% कम हुई बारिश हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद झारखंड में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच राज्य में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां सामान्य रूप से 326 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 193.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। राजधानी रांची की बात करें तो यहां भी सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। 14 जुलाई तक रांची में सामान्यतः 336.3 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 263.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिससे वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, आंधी, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसून और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है। 70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं IMD के मुताबिक कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना भी जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून रहेगा सक्रिय IMD के अनुसार, उत्तर भारत के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा। आने वाले दिनों में कई राज्यों में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। जून महीने में कमजोर रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 जुलाई तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी तट तक बारिश का असर आईएमडी के मुताबिक, अगले तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून में मॉनसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से बारिश में कमी आई थी, लेकिन अब इसके दोबारा सक्रिय होने से बारिश का दौर तेज होगा। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है। मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में भी भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, कोंकण-गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 6 और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का मिजाज अधिक अनिश्चित होता जा रहा है। कम समय में अत्यधिक बारिश से बाढ़ और लंबे समय तक बारिश की कमी से सूखे जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लंदन: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK), बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के विरोध में यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन में रविवार को हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों के साथ-साथ बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की सेना पर आम नागरिकों के अधिकारों के दमन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाए। लंदन कश्मीर मिलियन मार्च में उमड़ी भीड़ जानकारी के अनुसार, लंदन में आयोजित "कश्मीर मिलियन मार्च" संसद परिसर (Parliament Square) से शुरू होकर पाकिस्तान हाई कमीशन तक निकाला गया। आयोजकों का दावा है कि मार्च में करीब 50 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाई और गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आजादी के समर्थन में नारे लगाए और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख शौकत नवाज मीर समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया। बलोच और पश्तून समुदाय ने भी जताई एकजुटता इस मार्च में बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना उनके क्षेत्रों में भी नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा—तीनों क्षेत्रों में आम लोगों को दमन और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के एक राजनीतिक कार्यकर्ता महमूद कश्मीरी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने टट्टापानी, सेंहसा और कोटली जैसे इलाकों में आम लोगों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में रहने वाले कश्मीरी अब इन घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना था कि पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए और क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार देने चाहिए। गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक नेताओं की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि सभी गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हिरासत में लिए गए युवाओं के शव उनके परिजनों को सौंपने और गिरफ्तार नागरिकों की रिहाई की भी मांग की। PoK में जारी है विरोध प्रदर्शन लंदन में हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है और इसके बाद अनेक राजनीतिक नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में विदेशों में रहने वाले कश्मीरी, बलोच और पश्तून समुदाय भी अब खुलकर आवाज उठा रहे हैं.
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, लेकिन राज्य के सभी जिलों में अभी तक समान रूप से बारिश नहीं हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के दौरान बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है और भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। 2 जुलाई को इन 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इनमें शामिल हैं— लातेहार लोहरदगा गुमला सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 से 6 जुलाई तक भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 और 4 जुलाई को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी। 5 जुलाई को राजधानी रांची सहित कई जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं— रांची खूंटी लोहरदगा गुमला पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां सिमडेगा इसके अलावा अन्य जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 6 जुलाई को भी रांची समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रांची में बढ़ा तापमान, जल्द मिलेगी राहत पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी रांची के अधिकतम तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेदिनीनगर के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और बहरागोड़ा में अच्छी बारिश बुधवार को राज्य के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— रामगढ़ – 60.5 मिमी कोडरमा – 20 मिमी जमशेदपुर – 4 मिमी चाईबासा – 2 मिमी लोहरदगा – 2 मिमी गुमला – 1 मिमी सरायकेला – 1 मिमी सबसे अधिक वर्षा बहरागोड़ा में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 84.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 1 जुलाई तक झारखंड में कुल 99.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 197.8 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, दुमका ऐसा जिला है जहां सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं राजधानी रांची में अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक वर्षा की कमी गढ़वा और साहिबगंज जिलों में दर्ज की गई है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की गई है।
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके असर से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने 1 और 2 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसे देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 1 और 2 जुलाई को निम्न जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है— देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो धनबाद लोहरदगा गुमला रामगढ़ रांची खूंटी सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों के लिए वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश से तापमान में आई बड़ी गिरावट मानसून की बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। राजधानी रांची में सोमवार की तुलना में मंगलवार को अधिकतम तापमान में करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। रांची का अधिकतम तापमान: 28.4°C अनुमानित न्यूनतम तापमान: 21°C मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान: 36.6°C तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली है। सबसे ज्यादा बारिश मेदिनीनगर में मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— मेदिनीनगर: 67.4 मिमी रांची: 20 मिमी चाईबासा: 14 मिमी बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया। 3 से 5 जुलाई तक क्या रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 5 जुलाई के बीच भारी बारिश में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। वहीं 6 जुलाई से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के आसार हैं और राज्य के कई हिस्सों में दोबारा भारी बारिश हो सकती है। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश हालांकि मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन जून महीने में झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 30 जून तक के आंकड़े: पूरे झारखंड में सामान्य से 54% कम बारिश रांची में सामान्य से 26% कम बारिश रांची में जहां सामान्य तौर पर इस अवधि में 197.6 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार केवल 146.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे चिंताजनक स्थिति दुमका की रही, जहां पूरे जून महीने में बारिश लगभग नहीं के बराबर दर्ज की गई। लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तेज बारिश और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में इस वर्ष मानसून की धीमी शुरुआत का असर अब साफ-साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 पिछले 100 वर्षों का तीसरा सबसे सूखा जून बनने की ओर अग्रसर है। महीने के अंत तक देशभर में सामान्य से करीब 42% कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे खेती, जलाशयों और पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खेती पर सबसे ज्यादा असर कम बारिश का सबसे बड़ा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा है। 25 जून तक खरीफ फसलों की बुआई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23% कम रही। धान, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई में अच्छी बारिश नहीं हुई तो इस साल कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कई राज्यों में गंभीर वर्षा की कमी मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। हालांकि कुछ राज्यों में हाल के दिनों में बारिश बढ़ने से स्थिति में आंशिक सुधार देखने को मिला है, लेकिन देश के बड़े हिस्से में अब भी वर्षा का कम होना सबक बना हुआ है। जुलाई से सुधार की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह से मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। यदि अगले कुछ दिनों में व्यापक और लगातार बारिश होती है तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और खरीफ सीजन को राहत मिल सकती है। सरकार और राज्यों की तैयारी कमजोर मानसून को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने कृषि एवं जल संसाधन विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसानों को कम पानी वाली फसलों, जल संरक्षण और वैकल्पिक कृषि उपाय अपनाने की भी सलाह दी जा रही है ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।
Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक ओर कई जिलों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, तो दूसरी ओर पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में 28 जून तक मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश से तापमान में आई गिरावट मॉनसून की सक्रियता के कारण राजधानी रांची और मेदिनीनगर के अधिकतम तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चाईबासा का तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस कम हुआ है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में 23, 24 और 25 जून को लू चलने की संभावना जताई गई है। वज्रपात से तीन लोगों की मौत सोमवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई। हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ क्षेत्र के नावाडीह टोला में बकरियां चराने गए 68 वर्षीय गोवर्धन महतो की वज्रपात से मौत हो गई। गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के विकताम गांव में 53 वर्षीय ममता कुंवर की जान चली गई। सिमडेगा जिले के केरसई थाना क्षेत्र के भंडारटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। कई जिलों में हुई हल्की से मध्यम बारिश सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की और मध्यम बारिश दर्ज की गई। चाईबासा (जगन्नाथपुर) – 14 मिमी सिमडेगा – 10 मिमी खूंटी – 4 मिमी देवघर – 2 मिमी सरायकेला – 2 मिमी बहरागोड़ा – 2.5 मिमी लोहरदगा – 1 मिमी रांची में भी छिटपुट बारिश दर्ज की गई। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान रांची – 28.4°C जमशेदपुर – 31.8°C मेदिनीनगर – 37.1°C बोकारो – 36.1°C चाईबासा – 30.8°C झारखंड में अब तक 60 प्रतिशत कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 जून से 22 जून 2026 के बीच राज्य में सामान्य रूप से 112.1 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 44.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में सामान्य से थोड़ा अधिक वर्षापात हुआ है। यहां 115.6 मिमी के मुकाबले 118.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं राज्य के 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति गढ़वा जिले की रही, जहां सामान्य से 99 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में मॉनसून के और सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है।
रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब से बिहार तक सक्रिय टर्फ और झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक बने दूसरे टर्फ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। गुमला में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 40.2 मिलीमीटर बारिश गुमला जिले के चैनपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा— रांची में 35.6 मिमी बारिश बोकारो में 35.5 मिमी बारिश नामकुम में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी झारखंड और राजधानी क्षेत्र के आसपास के जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 23 जून से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में— गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात, और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
झारखंड में मॉनसून के सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं वज्रपात और एक हादसे में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए 25 जून तक येलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा वर्षा शुक्रवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 18 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में सुबह और शाम के दौरान लगभग 3 मिमी बारिश हुई, जबकि मेदिनीनगर में करीब 2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वज्रपात और हादसों में चार लोगों की मौत मौसम की मार सबसे ज्यादा गढ़वा, गुमला, लातेहार और कोडरमा जिलों में देखने को मिली। गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र के तेतमा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 18 वर्षीय चंदा कुमारी की मौत हो गई। टेढ़ी हरैया गांव के तौहीद अंसारी घायल हो गए। कोडरमा के डोमचांच क्षेत्र के फुलवरिया गांव में ईंट की दीवार गिरने से 40 वर्षीय आरती देवी की जान चली गई। लातेहार के मारी गांव में वज्रपात से 35 वर्षीय सरोज गंझू की मौत हो गई। गुमला जिले के चिरोडीह गांव में वृद्ध सैबू भोगता की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं पलामू के पाटन साप्ताहिक बाजार में वज्रपात से पांच लोग घायल हो गए। 25 जून तक येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 25 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में: मेघ गर्जन वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाएं चलने की संभावना है। गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में तापमान बढ़ सकता है, जबकि बाकी इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश 1 जून से 19 जून तक झारखंड में केवल 37.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 83.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तापमान में भी आई गिरावट मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.8 डिग्री कम हुआ। रांची का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसमें 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते रांची समेत 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 और 19 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 और 19 जून को दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची के अलावा खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची का तापमान कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना होने की संभावना है। 20 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी झारखंड के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जून में सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 67 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा सामान्य से 56 प्रतिशत कम रही। ऐसे में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
रांची: झारखंड में दो दिनों की सुस्ती के बाद एक बार फिर मॉनसून सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 17 जून को तेज हवा, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर के बाद मौसम अचानक बदल सकता है। इन इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद तापमान में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 18 जून को भी लगभग ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। 19 जून से और बिगड़ सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक 19 जून से मौसम का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। रांची समेत राज्य के 17 जिलों में तीन दिनों तक तेज आंधी, वज्रपात और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसको देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ कोडरमा गिरिडीह बोकारो धनबाद पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां देवघर जामताड़ा दुमका पाकुड़ साहिबगंज गोड्डा इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ी गर्मी पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण राज्य के कई जिलों में तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। मेदिनीनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में बहुत कम वर्षा हुई और केवल कांके क्षेत्र में एक मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि 22 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है और कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ एल नीनो भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि एल नीनो (El Nino) की स्थिति विकसित हो चुकी है और दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है। मौसम विभाग की इस चेतावनी ने कृषि, जल संसाधन और तापमान को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं। IMD की जून 2026 की ENSO और इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) बुलेटिन के अनुसार, मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है। इसके साथ ही वातावरण ने भी इस समुद्री गर्मी पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है, जो एल नीनो की पूर्ण सक्रियता का संकेत माना जाता है। मानसून पर पड़ सकता है असर भारत में एल नीनो का इतिहास अक्सर कमजोर मानसून, लंबे शुष्क दौर, अधिक गर्मी और कुछ क्षेत्रों में सूखे की स्थिति से जुड़ा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि एल नीनो और मजबूत होता है तो कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है। IMD ने बताया कि जून-अगस्त के दौरान मध्य प्रशांत क्षेत्र में समुद्री तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा और जुलाई से यह प्रभाव पूर्वी प्रशांत तक और अधिक फैल सकता है। मॉडल पूर्वानुमानों के अनुसार इस बार मानसून सीजन के बड़े हिस्से में मध्यम से मजबूत एल नीनो प्रभाव देखने को मिल सकता है। किन शहरों और राज्यों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत एल नीनो की स्थिति में उत्तर-पश्चिम, मध्य और कुछ दक्षिणी राज्यों में गर्मी और बारिश की कमी का खतरा बढ़ सकता है। इनमें प्रमुख रूप से: Delhi Jaipur Ahmedabad Nagpur Hyderabad Bengaluru Rajasthan Madhya Pradesh Maharashtra Gujarat इन क्षेत्रों में हीटवेव, जल संकट और फसलों पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। क्या राहत भी मिल सकती है? हालांकि IMD ने कहा है कि वर्तमान में हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) तटस्थ स्थिति में है और मानसून के अधिकांश समय तक ऐसा ही रहने की संभावना है। लेकिन Japan Meteorological Agency का अनुमान है कि जुलाई के आसपास सकारात्मक IOD विकसित हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह एल नीनो के नकारात्मक प्रभावों को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है और भारत में मानसूनी बारिश को सहारा मिल सकता है। किसानों और आम लोगों के लिए क्या है संकेत? विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो का मतलब हर बार सूखा नहीं होता, लेकिन यह मानसून की अनिश्चितता बढ़ा देता है। इसलिए किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह पर ध्यान देने और जल संरक्षण उपायों को अपनाने की जरूरत होगी। आने वाले हफ्तों में मानसून की प्रगति और एल नीनो की तीव्रता पर मौसम विभाग लगातार नजर रखेगा। यदि इसकी ताकत बढ़ती है तो देश के कई हिस्सों में बारिश का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।
रांची: झारखंड में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 जून से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, झारखंड में मानसून के अगले चार दिनों में संताल परगना के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद जताई गई है। बुधवार शाम राजधानी रांची समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। खूंटी में 11 मिमी और रांची व आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। 11 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 12 जून को भारी बारिश के आसार 12 जून को बोकारो, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और दुमका में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में आंधी, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 13 जून को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दुमका, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रांची: झारखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, वज्रपात और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, 15 से 17 जून के बीच संताल परगना क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के झारखंड में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 जून को 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए राज्य के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, वज्रपात होने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले हैं: रांची खूंटी रामगढ़ धनबाद हजारीबाग कोडरमा गिरिडीह देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। 12 जून को भी जारी रहेगा असर 12 जून को भी राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि ऐसी स्थिति 15 जून तक बनी रह सकती है। मॉनसून की स्थिति क्या है? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंच सकता है। झारखंड में मॉनसून का प्रवेश संताल परगना क्षेत्र से होने की संभावना जताई गई है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 17 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रवेश की संभावना है। हालांकि उससे पहले भी अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं और कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। आज इन जिलों में बारिश की संभावना 9 जून को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़, बोकारो, रांची, गुमला और खूंटी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 10 जून को इन इलाकों में तेज हवाओं का अनुमान 10 जून को उत्तर-पश्चिमी और आसपास के मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य हिस्सों में वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। 11 और 12 जून से मौसम में बड़ा बदलाव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 11 जून से झारखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 11 जून को धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में— 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, वज्रपात, और बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 जून से अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। 24 घंटे में बढ़ा तापमान बारिश की संभावना के बावजूद सोमवार को राज्य के कई शहरों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रांची: 37.2°C (2.6 डिग्री की बढ़ोतरी) मेदिनीनगर: 43.1°C (2.2 डिग्री की बढ़ोतरी) जमशेदपुर: 41.3°C (4.5 डिग्री की बढ़ोतरी) बोकारो: 37.1°C (0.6 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा: 40.8°C (4 डिग्री की बढ़ोतरी) हालांकि रामगढ़ में सोमवार को 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। 17 जून तक मॉनसून की दस्तक की उम्मीद मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 17 जून तक मॉनसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है। मॉनसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
Jharkhand Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ झारखंड के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के मुताबिक, 6 जून को झारखंड के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक कैसा रहेगा मौसम? 7 जून राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। 8 जून उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश पाकुड़ जिले में हुई, जहां करीब 80 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
MP-राजस्थान समेत 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दावा किया है कि मानसून की केरलम में एंट्री हो गई है। इसके असर से केरलम के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर अगले 7 दिन भारी बारिश हो सकती है। इस बार मानसून 3 दिन लेट है। आमतौर पर यह 1 जून को केरलम पहुंचता है। इसके बाद डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। मौसम विभाग ने पहले अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरलम पहुंचेगा। इन राज्यों में प्री मानसून का असर इधर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून एक्टिव है। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड्स यहां 50 से 70kmph की रफ्तार से आंधी-बारिश करवा सकते हैं। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड या CB क्लाउड (बादल) मौसम के पावरहाउस माने जाते हैं। तेज आंधी, बिजली और गरज वाले तूफान इन्हीं बादलों के कारण बनते हैं। गर्मी से झुलस रहे ये राज्य हालांकि, देश के कई राज्यों में अभी भी गर्मी कम नहीं हुई है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।