Prabowo Subianto

Narendra MODI
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशों की सफल यात्रा पूरी की, भारत लौटे; रक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक सहयोग को मिली नई मजबूती

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी छह दिवसीय तीन देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। इस दौरे के दौरान भारत ने रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की लगभग 40 वर्षों बाद न्यूजीलैंड की पहली द्विपक्षीय यात्रा भी रही।   तीनों देशों के साथ रणनीतिक रिश्ते हुए मजबूत   इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर अहम सहमति बनी। दोनों देशों ने भारत में विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की खरीद से जुड़े रक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाया।   ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीज़ के साथ वार्ता कर रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बैठक में मुक्त व्यापार, कृषि, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।   इंडो-पैसिफिक पर रहा खास फोकस   पूरे दौरे के दौरान भारत ने एक्ट ईस्ट नीति, महासागर (MAHASAGAR) विज़न और मुक्त एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा से भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
UPI
भारत-इंडोनेशिया के बीच UPI भुगतान सेवा का विस्तार, डिजिटल लेनदेन होगा और आसान

जकार्ता, एजेंसियां। भारत और इंडोनेशिया ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को इंडोनेशिया की QRIS (Quick Response Code Indonesian Standard) भुगतान प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति जताई। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है।   पर्यटकों और कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा   UPI-QRIS एकीकरण के बाद भारतीय पर्यटक और कारोबारी इंडोनेशिया में सीधे UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। वहीं इंडोनेशियाई नागरिक भी भारत में अपनी घरेलू डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग कर लेनदेन कर सकेंगे। इससे विदेशी मुद्रा बदलने की आवश्यकता कम होगी और सीमा-पार व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।   2026 के अंत तक लक्ष्य पूरा करने की योजना   दोनों देशों ने वर्ष 2026 के अंत तक UPI और QRIS के पूर्ण एकीकरण का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना पर भारत की NPCI International और इंडोनेशिया की भुगतान एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इसके साथ ही दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।   भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क का बढ़ता वैश्विक विस्तार   इंडोनेशिया के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि UPI की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ने से भारतीय यात्रियों, छात्रों, कारोबारियों और निवेशकों को विदेशों में तेज़ और सुविधाजनक भुगतान की सुविधा मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi addresses the Indonesian Parliament during his official visit to Jakarta, highlighting India-Indonesia strategic partnership and Indo-Pacific cooperation.
इंडोनेशिया की संसद से पीएम मोदी का संदेश: भारत विकास चाहता है, विस्तारवाद नहीं

जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को नई ऊंचाई देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विकास, लोकतंत्र, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार जैसे कई अहम मुद्दों पर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण रखा। भारत विकास में विश्वास रखता है, विस्तारवाद में नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की नीति हमेशा विकास, सहयोग और साझी प्रगति पर आधारित रही है। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि भारत विस्तारवाद की नहीं, बल्कि विकासवाद की सोच पर विश्वास करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का सम्मान करना चाहिए। हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर रखा भारत का पक्ष दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र सभी देशों के लिए खुला, सुरक्षित और स्वतंत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समुद्र किसी को अलग करने का माध्यम नहीं, बल्कि देशों को जोड़ने का रास्ता है। समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। लोकतंत्र को बताया सबसे बड़ी ताकत प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दुनिया के दो बड़े लोकतांत्रिक देश हैं। जब दोनों देश मिलकर आगे बढ़ते हैं तो पूरी दुनिया को यह संदेश मिलता है कि लोकतंत्र विकास और स्थिरता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्य भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करेंगे। आतंकवाद और साइबर खतरों से मिलकर मुकाबला प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद और कट्टरपंथ को वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया इन खतरों से मिलकर मुकाबला करेंगे। उन्होंने साइबर सुरक्षा को भी भविष्य की बड़ी चुनौती बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता दोहराई। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अब संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं में व्यापक सुधार का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संस्थाओं को आज की वास्तविकताओं के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। रक्षा और व्यापार समेत 12 समझौतों पर हस्ताक्षर संसद में संबोधन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं की मौजूदगी में रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल सहयोग और व्यापार सहित करीब 12 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों से दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। तीन देशों की यात्रा पर हैं प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों के दौरे पर हैं। इस यात्रा का पहला चरण इंडोनेशिया है, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे, जहां वे द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi and Indonesian President Prabowo Subianto during bilateral talks in Jakarta after signing key agreements on defence, trade, digital payments and maritime cooperation.
भारत-इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौते, ब्रह्मोस मिसाइल, UPI और सबांग पोर्ट पर बनी सहमति

जकार्ता: भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल भुगतान, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुई भारत-इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नए दौर में प्रवेश कर रही है और दोनों देश रक्षा, अर्थव्यवस्था तथा तकनीक जैसे क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ेंगे। ब्रह्मोस मिसाइल पर बनी सहमति दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली उपलब्ध कराने पर सहमति बनाई है। हालांकि, मिसाइलों की संख्या और डील से जुड़े अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसके अलावा रक्षा उत्पादन, सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उद्योग सहयोग और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी है। महत्वपूर्ण खनिज और स्टील सेक्टर में निवेश भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए संयुक्त निवेश बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश इस्पात, बिलेट और दुर्लभ स्थायी चुंबकों (रेयर अर्थ मैग्नेट) के निर्माण में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए यह साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। UPI और इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली होगी आपस में जुड़ी बैठक में भारत के डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI को इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जोड़ने पर भी सहमति बनी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों और कारोबारियों के लिए भुगतान प्रक्रिया आसान होगी। सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर सहमति भारत और इंडोनेशिया ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के समुद्री सहयोग और रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संवाद और कूटनीति सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने फलस्तीन मुद्दे पर भारत की दो-राष्ट्र समाधान की नीति और स्थायी शांति के समर्थन को भी दोहराया। साझेदारी का नया अध्याय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध अब नए और मजबूत दौर में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
Raj Kumar Rao
राजकुमार राव बने 'दादा', सौरव गांगुली बायोपिक का फर्स्ट लुक जारी; रिलीज डेट का भी ऐलान

मुंबई, एजेंसियां। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के 54वें जन्मदिन के मौके पर निर्माताओं ने उनकी बहुप्रतीक्षित बायोपिक 'दादा: द सौरव गांगुली स्टोरी' का पहला पोस्टर जारी कर दिया। पोस्टर में राजकुमार राव सौरव गांगुली के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स बालकनी सेलिब्रेशन वाले अंदाज में नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद अपनी टी-शर्ट लहराई थी। साथ ही फिल्म की रिलीज डेट 14 मई 2027 घोषित की गई है।   आइकॉनिक लुक ने बढ़ाया उत्साह   पोस्टर में राजकुमार राव का लुक सौरव गांगुली से काफी मिलता-जुलता दिखाई दे रहा है। फिल्म का टैगलाइन "He Didn't Just Play The Game, He Changed It" भी जारी किया गया है, जिसे फैंस सोशल मीडिया पर खूब पसंद कर रहे हैं।   क्रिकेट के 'दादा' की प्रेरणादायक कहानी   फिल्म में सौरव गांगुली के भारतीय क्रिकेट में योगदान, कप्तानी, टीम इंडिया को नई पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की आक्रामक छवि स्थापित करने की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म का निर्देशन Vikramaditya Motwane कर रहे हैं, जबकि मुख्य भूमिका में Rajkummar Rao नजर आएंगे।   फैंस में जबरदस्त उत्साह   फर्स्ट लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने राजकुमार राव की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने इसे साल 2027 की सबसे बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स बायोपिक बताया और फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार शुरू कर दिया है।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi addresses the Indian community in Jakarta, highlighting India-Indonesia ties and referring to the Bollywood film Kuch Kuch Hota Hai.
इंडोनेशिया में पीएम मोदी का फिल्मी अंदाज, बोले- भारत और इंडोनेशिया मिलें तो 'कुछ कुछ' नहीं, 'बहुत कुछ' होता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को खास अंदाज में पेश करते हुए बॉलीवुड फिल्म 'कुछ कुछ होता है' का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया में यह फिल्म बेहद लोकप्रिय है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मैंने राष्ट्रपति प्रबोवो से भी कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो सिर्फ 'कुछ कुछ' नहीं, बल्कि 'बहुत कुछ' होता है।" उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर जताया आभार प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों और इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच मजबूत मित्रता, विश्वास और लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों का प्रतीक है। राष्ट्रपति प्रबोवो के बयान का किया जिक्र पीएम मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "उनमें भारत का DNA है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि यह डीएनए किसी प्रयोगशाला का नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और आपसी विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो के इस बयान ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। भारत और इंडोनेशिया सिर्फ दोस्त नहीं, पड़ोसी भी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि भौगोलिक रूप से भी बेहद करीब हैं। उन्होंने बताया कि भारत के ग्रेट निकोबार द्वीप और इंडोनेशिया के आचेह प्रांत के बीच केवल 150 किलोमीटर की दूरी है, जो दोनों देशों की निकटता को दर्शाती है। भारत की विकास यात्रा का भी किया जिक्र अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति और बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में देश में शुरू हुई नई रिफाइनरी में इतना स्टील इस्तेमाल हुआ है कि उससे 40 एफिल टावर या 5 बुर्ज खलीफा बनाए जा सकते हैं। वहीं, इसमें लगी केबल की लंबाई इतनी है कि उससे पूरी पृथ्वी को दो बार लपेटा जा सकता है। पीएम ने कहा कि आज भारत रिफाइनिंग क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष चार देशों में शामिल है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी दी जानकारी प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत मात्र 20 रुपये सालाना में 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे करीब 60 करोड़ लोग जुड़े हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि रोजाना करीब डेढ़ रुपये के प्रीमियम पर जीवन बीमा की सुविधा मिल रही है, जो एक कप कॉफी की कीमत से भी कम है। भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को नई गति मिलेगी।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
PM Modi Prabowo Subianto Meeting
प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच वार्ता, ब्रह्मोस समेत कई रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर

जकार्ता, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच जकार्ता में प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, दूरसंचार, स्वास्थ्य और डिजिटल सहयोग सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल से जुड़े रक्षा समझौतों सहित कई अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।   रक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती   बैठक में दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इंडोनेशिया ने ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की खरीद और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई, जिससे दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।   व्यापार और तकनीकी सहयोग पर भी जोर   दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला, इस्पात, कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। दोनों देशों ने मुक्त, समावेशी और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता भी दोहराई।   भारत-इंडोनेशिया संबंधों में नया अध्याय   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। वहीं राष्ट्रपति प्रबोवो ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और आर्थिक सहयोग को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

anjali kumari जुलाई 8, 2026 0
Indian-origin businessman Gaurav Srivastava faces fresh fraud allegations linked to alleged defence deals in Indonesia, according to an international investigative report.
CIA एजेंट बनकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को ठगने का आरोप, भारतवंशी कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर 425 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का दावा

जकार्ता/वॉशिंगटन: अमेरिका में पहले से धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे भारतवंशी कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर अब इंडोनेशिया में भी बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। एक अंतरराष्ट्रीय खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि श्रीवास्तव ने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का विश्वास हासिल किया और रक्षा सौदों के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को अंजाम दिया। OCCRP और टेम्पो की रिपोर्ट में बड़ा दावा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और इंडोनेशियाई पत्रिका Tempo की संयुक्त जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह कथित फर्जीवाड़ा वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुआ। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि गौरव श्रीवास्तव ने इंडोनेशियाई सेना को 36 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और आधुनिक सैन्य कमांड सिस्टम उपलब्ध कराने का दावा किया था। फर्जी कंपनियों के जरिए लिया गया कर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका के एक कथित "गोपनीय सरकारी कार्यक्रम" का हवाला दिया और रक्षा परियोजनाओं के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपये का कथित फर्जी कर्ज मंजूर कराया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इसी धन का इस्तेमाल लॉस एंजिलिस में लगभग 208 करोड़ रुपये की कीमत वाला एक आलीशान बंगला खरीदने के लिए किया गया। राष्ट्रपति का भरोसा जीतने का आरोप रिपोर्ट के अनुसार, गौरव श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का इतना विश्वास जीत लिया था कि वे उन्हें "मिस्टर G" कहकर संबोधित करते थे। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने राष्ट्रपति के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी जानकारियों का इस्तेमाल किया, जो केवल करीबी लोगों को ही मालूम थीं। इनमें यह जानकारी भी शामिल थी कि प्रबोवो अपने घर में मकड़ी के जालों को प्रकृति का हिस्सा मानते हैं और उन्हें हटवाना पसंद नहीं करते। किए कई बड़े दावे रिपोर्ट के अनुसार, गौरव श्रीवास्तव ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने: वर्ष 2002 के बाली बम धमाकों के आरोपियों को पकड़वाने में भूमिका निभाई। राष्ट्रपति प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन की ब्लैकलिस्ट से हटवाने में मदद की। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इंडोनेशियाई सरकार का बयान इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको सिराइत ने कहा कि जिन रक्षा परियोजनाओं पर बातचीत हुई थी, वे अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी रक्षा सौदे को अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी, इसलिए सरकार को कोई प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। जांच जारी यह मामला सामने आने के बाद गौरव श्रीवास्तव की गतिविधियां एक बार फिर जांच के दायरे में आ गई हैं। अमेरिकी और इंडोनेशियाई एजेंसियां रिपोर्ट में किए गए दावों की जांच कर रही हैं। फिलहाल इन आरोपों पर गौरव श्रीवास्तव की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi receives a ceremonial welcome from Indonesian President Prabowo Subianto upon arriving in Jakarta for a three-day official visit.
इंडोनेशिया पहुंचे पीएम मोदी, राष्ट्रपति प्रबोवो ने किया भव्य स्वागत; लड़ाकू विमानों ने किया एयर एस्कॉर्ट

जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंच गए। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने हवाई अड्डे पर स्वयं मौजूद रहकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री के विमान के इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही वहां की वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा घेरे में लेकर एयर एस्कॉर्ट भी प्रदान किया। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। राष्ट्रपति प्रबोवो ने किया व्यक्तिगत स्वागत जकार्ता एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनसे मुलाकात की और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने जताया आभार इंडोनेशिया पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि जकार्ता पहुंचकर उन्हें बेहद खुशी हुई और एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत से वह प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक पहुंचाया था, जिसका लाभ दोनों देशों के नागरिकों को मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से— व्यापार एवं निवेश रक्षा सहयोग समुद्री सुरक्षा डिजिटल अर्थव्यवस्था ऊर्जा सहयोग शिक्षा एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रम्बानन मंदिर परिसर का करेंगे दौरा प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। इस दौरान दोनों नेता भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी जोर देंगे। भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्रवासी भारतीयों से मिलने को लेकर उत्साहित हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम का लिया आनंद हवाई अड्डे पर स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया की पारंपरिक कला और संस्कृति पर आधारित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनंद लिया। कार्यक्रम के माध्यम से दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित किया गया। 6 से 8 जुलाई तक रहेगा दौरा प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2018 में उनकी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचाया था और अब उसी साझेदारी को आगे बढ़ाने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह यात्रा जनवरी 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत यात्रा के बाद दोनों नेताओं की पहली द्विपक्षीय मुलाकात है।  

Deepshikha जुलाई 7, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi departs for Indonesia on a two-day official visit to hold bilateral talks and strengthen strategic, defence and economic ties.
PM मोदी इंडोनेशिया दौरे पर रवाना, राष्ट्रपति प्रबोवो से होगी मुलाकात; ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इंडोनेशिया रवाना हो गए। इस दौरे के दौरान वह इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। इस यात्रा का सबसे अहम एजेंडा भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ के ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम के संभावित रक्षा समझौते को माना जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का भी दौरा करेंगे। ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर रहेगी नजर सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की बैठक में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की खरीद को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यदि यह समझौता होता है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश बन जाएगा। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को नई मजबूती देने के साथ इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा क्षमता को भी बढ़ाएगा। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के डीआरडीओ (DRDO) और रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा किया गया है। इसे दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल किया जाता है। रणनीतिक सहयोग पर होगी चर्चा द्विपक्षीय बैठक में दोनों देश कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे, जिनमें शामिल हैं— रक्षा सहयोग समुद्री सुरक्षा व्यापार एवं निवेश डिजिटल अर्थव्यवस्था कनेक्टिविटी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। मोदी का तीसरा इंडोनेशिया दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले मई 2018 और सितंबर 2023 में इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं। 2018 की यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। उस समय रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समेत 15 से अधिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। वहीं 2023 में प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में आयोजित आसियान-भारत और ईस्ट एशिया समिट में शामिल हुए थे। साबंग पोर्ट पर भी रहेगा फोकस इस यात्रा में इंडोनेशिया के साबंग पोर्ट को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के निकट स्थित यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत और इंडोनेशिया पहले ही साबंग पोर्ट के विकास, समुद्री संपर्क, लॉजिस्टिक सहयोग और नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जता चुके हैं। प्रम्बानन मंदिर का करेंगे दर्शन प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान मध्य जावा स्थित प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे। यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है। करीब 240 मंदिरों वाले इस परिसर में भगवान शिव का मंदिर सबसे ऊंचा और प्रमुख है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। हालांकि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है, फिर भी वहां की सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू और बौद्ध सभ्यताओं का गहरा प्रभाव आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Share Market
फाइनेंस

शेयर बाजार में गिरावट, Sensex 71 अंक टूटा; Nifty 24,400 के नीचे बंद

abhishek singh अगस्त 14, 2026 0